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Himachal PradeshShimla
Heavy Rainfall In Shimla And Other Parts Of Himachal


शिमला में मूसलाधार बारिश, सात जिलों पर भारी पड़ सकते हैं अगले कुछ घंटे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 26 Jul 2019 04:12 PM IST


heavy rainfall in shimla and other parts of himachal

- फोटो : अमर उजाला


मौसम विभाग की चेतावनी के बीच शुक्रवार को शिमला समेत राज्य के अन्य भागों में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई।
शिमला में मूसलाधार बारिश से नाले उफान पर हैं और सड़कें पानी से लबालब हो गईं हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
विभाग के अनुसार चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, सिरमौर और शिमला में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
भारी बारिश से शहर में कई जगह बड़ी मात्रा में मलबा सड़कों पर आ गया हैं।

विकासनगर में एक स्कूटर मलबे में दब गया।
वहीं, भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन से प्रदेश भर में छोटी-बड़ी करीब 50 सड़कों पर यातायात प्रभावित है।
झमाझम बारिश के कारण प्रदेश में नदी-नाले उफान पर हैं। खराब मौसम के कारण प्रदेश के तीनों हवाई अड्डों हवाई उड़ानें प्रभावित हैं।

बारिश-बर्फबारी के चलते करीब 24 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित किन्नर कैलाश की पवित्र यात्रा को भी रोक दिया गया है।
एक अगस्त से शुरू होने वाली यात्रा पर इस बार जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है।




शिमला में मूसलाधार बारिश, सात जिलों पर भारी पड़ सकते हैं अगले कुछ घंटे
 

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Four Passes Of The Western Himalayas Laden With Snow Even In July

हिमाचल के दर्रों पर जुलाई में भी पांच फीट तक बर्फ, देखें तस्वीरें

अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति), Updated Thu, 25 Jul 2019 12:29 PM IST

शिंकुला दर्रा

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शिंकुला दर्रा - फोटो : अमर उजाला
Shinku La

जुलाई गुजरने को है, लेकिन ऊंचे दर्रों पर बर्फ की चादर जस की तस है। रोहतांग, बारालाचा, कुंजम और शिंकुला दर्रे पर ऐसा दो दशक बाद हो रहा है जब जुलाई में भी बर्फ नहीं पिघली।
July is just going to finish but Snow is as it is.
This is happening after 2 decades.



शिंकुला दर्रा

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शिंकुला दर्रा- फोटो : अमर उजाला

पश्चिमी हिमालय के इन दर्रों में अब तक बर्फ पिघल जाती थी। इस बार बर्फ के जमे रहने से 16500 फीट ऊंचा शिंकुला दर्रा अभी तक खुल नहीं पाया। यहां चारों तरफ अभी भी चार से पांच फीट बर्फ की चादर बिछी है। आवाजाही के लिहाज से बर्फ का जमे रहना परेशानी का सबब जरूर है, लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से यह शुभ संकेत है।



शिंकुला दर्रा

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शिंकुला दर्रा- फोटो : अमर उजाला

पिछले तीन चार दिनों से घाटी में पारा सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है, लेकिन बर्फ नहीं पिघली। बताया जा रहा है कि शिंकुला, बारालाचा समेत अन्य दर्रों में करीब दो दशक बाद ऐसा हो रहा है। वहीं देश में सबसे कम बारिश वाले लाहौल-स्पीति में इस बार सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है।


रोहतांग दर्रा

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रोहतांग दर्रा- फोटो : अमर उजाला

पर्यावरण वैज्ञानिकों का मानना है कि सर्दियों में इस बार पश्चिमी हिमालय में दशकों बाद रिकॉर्ड बर्फबारी हुई है। यही वजह है कि जुलाई अंत तक दर्रों पर बर्फ पिघली नहीं है। हालांकि रोजाना हजारों वाहनों से निकलने वाले धुएं के चलते रोहतांग दर्रे से अब बर्फ गायब होने लगी है। वहीं 16800 फीट ऊंचे बारालाचा दर्रे और शिंकुला दर्रे में पांच फीट मोटी बर्फ की परत जमी हुई है।


बारालाचा दर्रा

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बारालाचा दर्रा- फोटो : अमर उजाला

बर्फ का देर तक टिकना शुभ संकेत: सामंत
वरिष्ठ पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. एसएस सावंत ने कहा कि दशकों बाद जुलाई में भी बर्फ का टिकना पर्यावरण संतुलन साधने में मददगार साबित होगा। इन दर्रों में करीब दो दशक बाद जुलाई के अंत तक बर्फ टिकी है।


हिमाचल के दर्रों पर जुलाई में भी पांच फीट तक बर्फ, देखें तस्वीरें
 

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Machail yatra stopped due to tight liped security advisory issued to Kishtwar distt administration
No yatra vehicle is being allowed from Kishtwar chopper service also suspended due to security reasons
 
Last edited:

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Rampur Bushahar
Landslides at many Places due to Heavy Rains last night.
As news is showing on TV.
Punjab News TV Channel.
Tree fallen in NH.
Vehicles facing difficulty in moving on NH
Village Routes affected.
 

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HomeHimachal PradeshRampur Bushahar › Landslide

खरोगला नाला में एक बार फिर आई बाढ़
Updated Thu, 08 Aug 2019 10:18 PM IST


किन्नौर जिले के खरोगला नाला में बाढ़ आने से सेब बगीचों के लिए बना खतरा


किन्नौर जिले के खरोगला नाला में बाढ़ आने से सेब बगीचों के लिए बना खतरा - फोटो : RAMPUR-HP


सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के रक्षम के नजदीक खरोगला नाला में बार-बार बाढ़ आने से बटसेरी गांव को खतरा बना हुआ है। 17 दिन पहले नाला में बाढ़ आने से रक्षम और बटसेरी के दर्जनों बागवानों के बगीचे तबाह हो गए थे। वहीं खरोगला नाला में बुधवार देर रात को एक बार फिर से बाढ़ आने से बटसेरी गांव के बागवानों को काफी नुकसान हुआ है। करीब 10 बीघा जमीन पर 300 सेब से लदे पौधों को नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ आने से चिस्पान के वोनसारंग से लेकर बटसेरी के टांगचो बाले तक बागवानों के बगीचे पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। वहीं समूचा बटसेरी गांव ही खतरे के जद में आ गया है। प्रभावित बागवान देवराज लोक्टस, ठाकुर सिंह लोक्टस, प्रताप सिंह लोक्टस और राकेश लोक्टस की करीब 10 बीघा जमीन को भारी नुकसान हुआ है। इस जमीन में सेब से लदे करीब 300 पौधे लगे थे।

इसके अतिरिक्त सूरज सिंह नेगी, स्वरूप सिंह नेगी, इंद्रभगत नेगी, दामोदर नेगी, मुकेश नेगी, राधा कृष्ण नेगी, सुरेंद्र नेगी, बद्री विशाल नेगी, निर्मल सिंह नेगी, सतीश नेगी, बलबीर लोक्टस, पंकज नेगी, रामप्रकाश नेगी, शिवलाल नेगी, मदन मोहन नेगी और मुकेश नेगी का सेब बगीचा भी बहने की कगार पर है। बागवानों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी बाढ़ आने से करोड़ों का नुकसान हुआ, लेकिन अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिल पाया है न ही सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किया गया है। वहीं तहसीलदार सांगला विक्रमजीत सिंह ने बताया कि बाढ़ आने की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। नुकसान का आकलन किया जाएगा। प्रशासन हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

खरोगला नाला में एक बार फिर आई बाढ़
 

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Cloud Burst In Kinnaur, National Highway Closed And Car Washed Away

किन्नौर में बादल फटा, कार बही, नेशनल हाईवे ठप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सांगला (किन्नौर) Updated Thu, 08 Aug 2019 09:57 PM IST


cloud burst in kinnaur, national highway closed and car washed away


- फोटो : अमर उजाला


किन्नौर जिले के पूह उपमंडल के मूरंग और कानम-लाबरंग नाले के बीच गुरुवार देर शाम दो बादल फटने से नालों में बाढ़ आ गई। इसमें दो दोगरियां(मकान) और एक कार बह गई है। कुछ लोगों के घरों में पानी और मलबा घुस गया है।

खेतों में फसल को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, हिंदुस्तान-तिब्बत नेशनल हाईवे-5 बंद हो गया है। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि लोग सुरक्षित हैं।

डीसी किन्नौर गोपाल चंद बादल फटने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार सुबह ही बचाव व राहत कार्यों के लिए टीमें मौके पर पहुंच जाएंगी। उधर, जिला प्रशासन ने अलर्ट भी घोषित कर दिया है। लोगों को सतलुज नदी किनारे न जाने की सलाह दी है।




किन्नौर में बादल फटा, कार बही, नेशनल हाईवे ठप
 

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Cloudburst In Katagla Village Manikaran Valley Kullu Himachal Pradesh

कुल्लू में बादल फटा, घरों को छोड़कर जान बचाकर भागे लोग, तस्वीरों में देखें तबाही

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/कुल्लू, Updated Fri, 09 Aug 2019 11:54 AM IST

cloudburst in Katagla village manikaran valley Kullu Himachal Pradesh

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- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपा दिया है। लोगों के लिए बारिश अब आफत बन गई है। कुल्लू में दो दिनों से हो रही बारिश से घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऊझी घाटी के बाद अब मणिकर्ण वैली के कटागला में आज सुबह के समय बादल फटा है। बादल फटने से यहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपा दिया है। लोगों के लिए बारिश अब आफत बन गई है। कुल्लू में दो दिनों से हो रही बारिश से घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऊझी घाटी के बाद अब मणिकर्ण वैली के कटागला में आज सुबह के समय बादल फटा है। बादल फटने से यहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई।


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- फोटो : अमर उजाला

नाले का रौद्र रूप देखकर लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। सुबह करीब 11 बजे तक नाले में बाढ़ का प्रवाह कम हुआ। इसके बाद ही लोगों ने चैन की सांस ली। बादल फटने से तेज गर्जना के बीच लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागे। गौरतलब है कि बीते वर्ष भी कटागला में बादल फट गया था जिससे लाखों का नुकसान हुआ था।




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- फोटो : अमर उजाला

लगातार दूसरे वर्ष बादल फटने की घटना से यहां के बाशिंदे दशहत में हैं। वहीं काइस नाला में भी भारी बारिश से बाढ़ आने से मनाली कुल्लू लेफ्ट बैंक करीब तीन घंटों तक बंद रहा। नाले का पानी अचानक बढ़ गया।




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- फोटो : अमर उजाला

जिसके बाद कुल्लू मनाली के बीच वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। पानी घटने के बाद ही मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। बारिश से एक दर्जन सड़कें भी भूस्खलन से प्रभावित हो गई हैं। भुंतर हवाई अड्डे में हवाई उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।




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- फोटो : अमर उजाला

कुल्लू-मनाली आने वाले सैलानियों और आम लोगों को संवदेनशील क्षेत्रों की ओर न जाने की हिदायत दी गई है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के मयाड़ नाले में मटर से भरी पिकअप गाड़ी गिर गई।




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- फोटो : अमर उजाला

करपट गांव के पास मटर से भरी पिकअप गाड़ी सड़क से करीब 80 फीट नीचे मयाड़ नाले में जा गिरी। गाड़ी में रखीं मटर की 25 बोरियां भी पानी में बह गईं। गाड़ी लाहौल से कुल्लू की तरफ आ रही थी। हादसे में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।






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- फोटो : अमर उजाला

बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश से सड़कों को 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। भारी बारिश से क्षेत्र के कोठी जंगल मल्होट, मरोतन धनी, बड़गांव री रडोह, बछेरटू बड़गांव लठयानी सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं। चंबा जिले में बनीखेत-खैरी रोड पर छो नाला के पास भूस्खलन होने से सड़क मार्ग अवरूद्ध हो गया है।



कुल्लू में बादल फटा, घरों को छोड़कर जान बचाकर भागे लोग, तस्वीरों में देखें तबाही
 

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Kalpa to Nako is closed today due to cloud burst in couple of locations.
As heard and a message received on whatsapp.
 

Der_Sim

New Member
Hello, first of all thank you for sharing these valuable pieces of information about the road status.
How is the road between Manali and Kaza?
And then between Kaza and keylongh?

Thank you!
Simon
 
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