Bhai wearther and land slide ki chinta hai kinnuar mai.
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Rohtang Grandfu road became swamp

दलदल बना रोहतांग-ग्रांफु सड़क मार्ग, वाहन चालकों की बढ़ी दिक्कतें

Publish Date:Thu, 05 Sep 2019 02:46 PM (IST)

दलदल बना रोहतांग-ग्रांफु सड़क मार्ग, वाहन चालकों की बढ़ी दिक्कतें


बारिश और भूस्खलन के कारण मनाली लेह मार्ग पर रोहतांग और ग्रांफु के बीच सड़क दलदल में बदल चुकी है जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।



मनाली, जेएनएन।
मनाली लेह मार्ग पर रोहतांग और ग्रांफु के बीच सड़क की हालत खस्ता हो गई है। मढ़ी के समीप भी भूस्खलन का क्रम लगातार जारी है। सड़क की हालत खस्ता होने से वाहन चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मनाली-लेह मार्ग करीब 12 जगहों पर दलदल का रूप धारण कर चुका है।
रोहतांग से ग्राफुं तक तो हालत और भी खराब है। बीआरओ ने दस साल पहले मनाली-लेह के सरचू तक 224 किमी लंबी इस सड़क की चौड़ाई का काम शुरू किया था। इतना लंबा समय बीतने के बाद भी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मनाली लेह मार्ग की हालत नही सुधर पाई है। लेह से सरचू तक बीआरओ की हिमांक परियोजना सड़क कार्य देख रही है जबकि सरचू से मनाली तक दीपक परियोजना को जिम्मा दिया गया है।




हिमांक परियोजना ने चार साल पहले ही सड़क को चकाचक कर लिया था लेकिन दीपक परियोजना दस
साल बाद भी सरचू मनाली सड़क को चकाचक नहीं कर पाया है। वाहन चालक नरेंद्र व दोरजे ने बताया कि रोहतांग से ग्रांफु तक 12 किमी सड़क की हालत दयनीय हो गई है। वाहन कीचड़ में धंस रहे है। इस कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बीआरओ से आग्रह किया कि रोहतांग ग्रांफु सड़क की हालत शीघ्र सुधारी जाए। लेह मार्ग पर चलने वाले वाहन चालक दीपक, टशी, पलजोर, सोनम और राहुल ने बताया

कि बीआरओ की हिमांक व दीपक परियोजना ने एक साथ मनाली लेह मार्ग को बेहतर बनाने का कार्य शुरू किया था। लेह की ओर से सड़क की हालत बेहतर हो गई है जबकि मनाली की ओर से 10 साल बीतने के बाद सड़क की हालत दयनीय है। उन्होंने बीआरओ से आग्रह किया कि सरचू मनाली सड़क को भी समय पर बेहतर बनाया जाए।

बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि बरसात अधिक होने से सड़क की हालत खस्ता हुई है। बीआरओ ने सभी जगह सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू कर रखा है। मनाली सरचू मार्ग पर 80 प्रतिशत

सड़क को चकाचक कर लिया है। शेष भाग पर युद्धतर पर कार्य जारी है।


दलदल बना रोहतांग-ग्रांफु सड़क मार्ग, वाहन चालकों की बढ़ी दिक्कतें
 

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Kangra heavy rain in himachal pradesh and flood in rivers

हिमाचल में भारी बारिश की संभावना, रातभर जमकर बरसे मेघ, नदी-नाले उफान पर

Publish Date:Thu, 05 Sep 2019 08:55 AM (IST)

हिमाचल में भारी बारिश की संभावना, रातभर जमकर बरसे मेघ, नदी-नाले उफान पर


Heavy Rain in Himachal हिमाचल प्रदेश के अधिकतर इलाकों में रातभर भारी बारिश हुई इससे नदी नाले उफान पर हैं।

धर्मशाला/शिमला, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर इलाकों में रातभर भारी बारिश हुई, इससे नदी नाले उफान पर हैं। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्‍त होने की सूचना भी है। मौसम विभाग ने आज व कल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। सात सितंबर को कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश में आठ व नौ सितंबर को मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
बुधवार को धर्मशाला में सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। बुधवार को दिन में धर्मशाला में 18 मिलीमीटर, सोलन के चायल में तीन मिलीमीटर और राजगढ़ व सराहन में दो-दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में बारिश व भूस्खलन के कारण 48 सड़कें बंद हैं। जिन सड़कों पर यातायात बाधित है, उन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में बुधवार को सबसे अधिक तापमान ऊना में 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में इस बार बरसात में अब तक करीब 1189 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। लोक निर्माण विभाग को 584 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

कहां कितना रहा तापमान

  • स्थान,,न्यूनतम,अधिकतम
  • शिमला,17.4,24.7
  • सुंदरनगर,23.4,31.9
  • भुंतर,21.5,32.6
  • कल्पा,12.4,24.0
  • धर्मशाला,22.4,27.2
  • ऊना,24.5,35.8
  • नाहन,18.5,26.6
  • सोलन,20.7,30.2
  • बिलासपुर,20.0,32.5 (तापमान डिग्री सेल्सियस में)

Posted By: Rajesh Sharma


हिमाचल में भारी बारिश की संभावना, रातभर जमकर बरसे मेघ, नदी-नाले उफान पर
 

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Himachal PradeshKangra › Alert

Pong Dam Full
Water Level above Danger Mark

खतरे के निशान पर पौंग का जलस्तर, 19 पंचायतों में अलर्ट
Updated Thu, 05 Sep 2019 12:48 AM IST

ठाकुरद्वारा (कांगड़ा)। पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। पानी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 19 पंचायतों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने अलर्ट किया है कि बांध में पानी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इसे में बांध प्रबंधन की ओर से कभी डैम से पानी छोड़ा जा सकता है। लोगों को ब्यास नदी के किनारे न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से इंदौरा उपमंडल की 15 और फतेहपुर उपमंडल की चार पंचायतों के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार पौंग डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन के अनुसार अब यह खतरे के निशान तक पहुंच गया है। डैम से कभी भी पानी को छोड़ा जा सकता है। इसलिए लोग नदी के नजदीक न जाएं।

एसडीएम फतेहपुर बलवान सिंह ने कहा कि इंदौरा उपमंडल के ब्यास नदी के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा पौंग बांध प्रबंधन के अनुसार डैम में पानी का स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। ऐसे में डैम से किसी भी समय पानी छोड़ा जा सकता है। प्रशासन ने इंदौरा उपमंडल के बडूखर, भोग्रवा, पलाख, सुरड़वा, काठगढ़, घड़रा, इंदौरा, सनौर, मड़मियानी, मीलवां, उलैहड़िया और पराल पंचायत के लोगों को सचेत रहने के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा फतेहपुर उपमंडल की चार पंचायतों के लोगों को भी नदी के किनारे न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इन पंचायतों के लोगों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और इन्हें बार-बार चेतावनी भी दी जा रही है।
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खतरे के निशान पर पौंग का जलस्तर, 19 पंचायतों में अलर्ट
 
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