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Rampur Bushahar › Road Damage on NH 5

एनएच पांच पर नौ घंटे थमे रहे वाहनों के पहिये

Updated Wed, 25 Sep 2019 10:18 PM IST

रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में रली के पास पहाड़ी दरकने से एनएच पांच पर लगभग नौ घंटे वाहनों के पहिये थमे रहे। एनएच प्राधिकरण ने कड़ी मशक्कत के बाद बाधित एनएच को बुधवार सुबह यातायात के लिए बहाल कर दिया। एनएच बहाल होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली है।

जानकारी के अनुसार रली के पास मंगलवार देर रात 10 बजे पहाड़ी दरकने से नेशनल हाईवे पांच अवरुद्ध हो गया, जिसके चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। एनएच बाधित होने से रिकांगपिओ और शिमला से पूह-काजा और पूह-काजा से शिमला की ओर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। पहाड़ी से सड़क पर भारी भरकम चट्टानें आने के कारण दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। इससे लोगों को आवाजाही में भारी असुविधाएं झेलनी पड़ीं। बाधित मार्ग की सूचना मिलते ही एनएच प्राधिकरण ने सड़क खोलने को बहाल करने की कोशिश की लेकिन बार-बार चट्टानें खिसकने से मार्ग नहीं खुल पाया। बुधवार सुबह 7 बजे एनएच प्राधिकरण ने कड़ी मशक्कत के बाद अवरुद्ध हाईवे को यातायात के लिए बहाल किया। मार्ग बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। रात भर सडक़ खुलने की इंतजार में वहां मौजूद लोगों में पंकज, सतेंद्र, अमीर सिंह, रमेश, सूरत सिंह, नरेश कुमार और सागर नेगी ने बताया कि सड़क बाधित होने के बाद परिवहन निगम द्वारा ट्रांसीमिट के लिए बसों की सुविधा न होने पर उन्हें परेशानी हुई।
पथ परिवहन निगम क्षेत्रीय प्रबंधक रिकांगपिओ अजेंद्र चौधरी ने बताया कि देर रात को सड़क बंद होने पर वहां पर बसों की कमी होने से लोगों को ट्रांसमिट करने के लिए बस की सुविधा देना मुश्किल था। वहीं, एनएच प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता पीसी नेगी ने बताया कि देर रात को रली के पास एनएच-5 बंद हो गया था। बार-बार भूस्खलन होने के कारण सड़क को बहाल करने में काफी मुश्किलें पेश आईं। बुधवार सुबह सात बजे एनएच-5 को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया गया।


एनएच पांच पर नौ घंटे थमे रहे वाहनों के पहिये
 

J.Ravi

Petrol Powered + Diesel Driven
We visited Sach Pass on 27/09. Left Bairagarh at 8:15 am, arrived Sach Pass at 10:30 am, had tankful of diesel at IOC, Tandi and reached HPTDC The Chandrabhaga, Keylong at 9 pm. The road was bad, very bad and the worst upto Udaipur. Had good food at Bhandari Bhojnalaya at Udaipur. Now, we are at Leh.
 

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Today Rohtang pass has received six inches of snow and consequently some HRTC buses have stuck in the ensuing snowfall. All the passengers have been evacuated and traffic has been regulated so as not to create any chaos at the rohtang top. The personnal manning the gulaba barrier and those stationed at Marhi have been instructed to be on high alert.Anyone planning to move to lahaul spiti and ladakh to kindly postpone their plans till the situation attains normalcy. This snowfall is the harbinger of the onset of winters in manali and as such all the stakeholders of manali are requested to sensitise the tourists about the same. The administration is continuosly monitoring the situation and would require the assistance of all so as to no unsavoury situation arises due to any negligence..thanks
- *this message was posted on SDM Manali FB page*
 

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एनएच-707 पर पहले आईं दरारें और फिर हुआ कुछ ऐसा, बैठ गया पहाड़ी का बड़ा हिस्सा
सड़क सहित पहाड़ी धंसने से सतौन के समीप एनएच बंद, सैकड़ों वाहन फंसे
Update: Sunday, October 6, 2019 @ 4:38 PM
एनएच-707 पर पहले आईं दरारें और फिर हुआ कुछ ऐसा, बैठ गया पहाड़ी का बड़ा हिस्सा



नाहन। नेशनल हाईवे-707 पर आज सुबह कुछ ऐसा हुआ कि सड़क (Road) का बड़ा हिस्सा ही पूरी तरह धंस गया। ये सारा नजारा किसी भूकंप (Earthquake) जैसे खतरे से कम नहीं था। पहले सड़क पर मोटी और भारी दरार पड़ गई। सड़क का हिस्सा कुछ ही देर बाद अलग थलग पड़ने लगा। देखते ही देखते सड़क का बहुत बड़ा हिस्सा धंसकर अलग हो गया। अब सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। यहां बात हो रही है पांवटा-शिलाई-गुम्मा नेशनल हाईवे 707 की। सतौन के पास कच्ची ढांक के समीप रविवार सुबह अचानक दरारें आना शुरू हुई। इसके बाद करीब 11:30 बजे नेशनल हाईवे पर आई दरारें टूट कर करीब 200 मीटर हाईवे का हिस्सा गिरि नदी की ओर जाने लगा। इसके चलते सतौन के समीप 200 मीटर का हिस्सा नेशनल हाईवे से दर्जनों फीट की गहराई तक कट चुका है।

लिहाजा, नेशनल हाईवे के दोनों तरफ सैंकड़ों गाड़ियों के पहिए रूक गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही नाहन नेशनल हाईवे मंडल के अधिशासी अभियंता भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मौके का जायजा लिया। नेशनल हाईवे नाहन मंडल के अधिशासी अभियंता अनिल शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, वहां पर देखा कि सतौन के समीप करीब 150 से 200 मीटर का हिस्सा लगातार धंस रहा है। साथ ही पहाड़ी से पत्थर भी गिर रहे हैं।

जब तक यह हिस्सा धंसना बंद नहीं होगा, तब तक मार्ग को बहाल करने का कार्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे हैं। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर सतौन के समीप से गिरि नदी से होते हुए करीब एक किलोमीटर का मार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। देर शाम तक ही छोटे वाहनों के लिए गिरि नदी से होते हुए मार्ग बहाल किया जाएगा।






एनएच-707 पर पहले आईं दरारें और फिर हुआ कुछ ऐसा, बैठ गया पहाड़ी का बड़ा हिस्सा
 
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नाहन-शिमला एनएच पर भारी भूस्खलन, पांच घंटे बंद रहा हाईवे

लादू के समीप पहाड़ी दरकने से सड़क पर आया सारा मलबा, अस्थाई तौर पर बहाल
Update: Monday, October 7, 2019 @ 10:47 AM


नाहन-शिमला एनएच पर भारी भूस्खलन, पांच घंटे बंद रहा हाईवे



नाहन। नाहन-सोलन-शिमला एनएच पर भारी भूस्खलन से हाईवे (highway) पांच घंटे बंद रहा। लादू के समीप पहाड़ी दरकने से सारा मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके चलते सैकड़ों वाहन सड़क के दोनों ओर फंस गए। करीब साढ़े 8 बजे सड़क को अस्थाई तौर पर आवाजाही के लिए बहाल किया गया।

जानकारी मुताबिक अल सुबह करीब तीन बजे लादू के समीप भारी भूस्खलन (Heavy landslide) से नाहन-सोलन-शिमला नेशनल हाईवे बंद हो गया। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की कतारें लग गईं। ऐसे में शिमला, सोलन, नाहन, पांवटा और कालाअंब की तरफ की जाने वाले कर्मचारियों समेत कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। हाईवे बंद होने की सूचना अधिकारियों को देने के बाद मशीन से मलबा साफ कर हाईवे को अस्थाई तौर पर (Temporarily) बहाल किया गया।


नाहन-शिमला एनएच पर भारी भूस्खलन, पांच घंटे बंद रहा हाईवे
 

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चूड़धार की राह हुई आसान, अब जंगल में नहीं भटकेंगे श्रद्धालु
पुलिस ने वन विभाग व चूड़ेश्वर मंदिर कमेटी के सहयोग से लगाए साइन बोर्ड

Update: Sunday, October 6, 2019 @ 1:16 PM

चूड़धार की राह हुई आसान, अब जंगल में नहीं भटकेंगे श्रद्धालु



नाहन। चूड़धार के जंगलों में रास्ता भटकने के कई मामले सामने आने के बाद अब तीर्थ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत वाली खबर है। अब साइन बोर्ड श्रद्धालुओं के लिए मार्गदर्शक बनेंगे। इसके लिए पुलिस महकमे की ओर से नौहराधार से चूड़धार तक के रास्ते में जगह-जगह साइन बोर्ड लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। पहले चरण में करीब 40 साइन बोर्ड रास्ते पर जगह-जगह लगाए जाएंगे।

एसपी सिरमौर के निर्देशों के बाद पुलिस विभाग, तहसीलदार नौहरा, चूड़ेश्वर सेवा समिति और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया था कि नौहराधार से चूड़धार महादेव मंदिर तक जंगल में चिन्हित स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएं। इसके लिए चूड़ेश्वर मंदिर कमेटी और वन विभाग के सहयोग से 40 साइन बोर्ड तैयार किए गए हैं। ये साइन बोर्ड अब यात्रियों के लिऐ काफी हद तक मददगार साबित होंगे।

बता दें कि चूड़धार की यात्रा पर जाने वाले कई श्रद्धालु रास्ता भटककर जंगल की ओर चले जाते हैं, जिससे वे कई बार हादसे का भी शिकार हो जाते हैं। पिछले दिनों शिमला जिले की श्रुति नामक बच्ची भी लापता हो गई थी। कुछ महीनों के बाद उसका शव मिला था। जबकि, इस वर्ष भी रास्ता भटक जाने से छह सैलानी जंगल की ओर चले गए थे। एक लड़का और एक लड़की को तो हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू करना पड़ा। हादसों से बचने के लिए शुरू किये गए इस कार्य की प्रशंसा की जा रही है।


चूड़धार की राह हुई आसान, अब जंगल में नहीं भटकेंगे श्रद्धालु
 

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बर्फ में फंसे 24 लोगों का प्रशासन ने रात ढाई बजे किया रेस्क्यू
बर्फ में फंसे 24 लोगों का प्रशासन ने रात ढाई बजे किया रेस्क्यू
घाटी मुख्यालय किलाड़ से बस भेज कर बगोटू में फंसे लोगों को बाहर निकाला
Update: Saturday, October 5, 2019 @ 2:18 PM
बर्फ में फंसे 24 लोगों का प्रशासन ने रात ढाई बजे किया रेस्क्यू



चंबा। पांगी-चंबा मार्ग (Pangi-Chamba Road) के बीच आते साच दर्रे पर शुक्रवार को आधा फुट बर्फबारी (Snowfall) होने की वजह से 24 लोग मौके पर फंस गए। इसके बाद उक्त लोग किसी तरह वापस बगोटू पहुंचे और वहां मौजूद एक होटल में पनाह ली। मौसम बेहद खराब था, जिसके चलते रात को बगोटू में रुकना इन लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं था लेकिन पांगी वापस पैदल पहुंच पाना भी संभव नहीं था।

क्योंकि उनकी दोनों गाडिय़ां बीच रास्ते में बर्फबारी की वजह से फंस गई थीं। इसके बाद जब किसी तरह से इस स्थिति के बारे में पांगी प्रशासन को शाम करीब 6 बजे सूचना मिली, जिस पर प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए घाटी मुख्यालय किलाड़ से बस भेज कर बगोटू में फंसे इन लोगों को रात 2.30 बजे रेस्क्यू (Rescue) कर वापस किलाड़ पहुंचाया।
5 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित किलाड़ पहुंचाया

पांगी प्रशासन ने कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद यह सफलता हासिल की है। बताया जा रहा है कि ये लोग 2 टैक्सियों में सवार होकर पांगी से चंबा आ रहे थे कि रास्ते में बर्फबारी शुरू हो गई लेकिन इसे हल्के में लेते हुए ये लोग साच दर्रे की ओर बढ़ते चले गए। आधा फुट ताजा हिमपात होने की वजह से गाड़ियों को आगे व पीछे ले जाना संभव नहीं हो पाया। इसी के चलते इन लोगों की जान आफत में फंस गई थी।एसडीएम पांगी विश्रुत भारती ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दो पर्यटक वाहन बर्फबारी के बीच साच जोत पर फंस गए थे। इसकी सूचना मिलने के तुरंत बाद एक बस के माध्यम से फंसे हुए 24 लोगों को सुरक्षित पांगी पहुंचाया गया।



बर्फ में फंसे 24 लोगों का प्रशासन ने रात ढाई बजे किया रेस्क्यू
 

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मौसम: भरमौर, लक्कड़मंडी, डलहौज़ी में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड के आगोश में हिमाचल

मौसम: भरमौर, लक्कड़मंडी, डलहौज़ी में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड के आगोश में हिमाचल

प्रदेश के मैदानी इलाकों में खिली धूप से लोगों ने ली राहत की सांस

Update: Wednesday, October 9, 2019 @ 5:01 PM


मौसम: भरमौर, लक्कड़मंडी, डलहौज़ी में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड के आगोश में हिमाचल



शिमला / चंबा। हिमाचल में मौसम पल-पल रंग बदल रहा है। बुधवार को जहां मैदानी इलाकों में धूप खिली रही। वहीं, चंबा (Chamba) के भरमौर व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल डलहौज़ी के समीप स्थित लक्कड़मंडी में सीज़न की पहली बर्फबारी (Snowfall) हुई है। इसके अलावा भरमौर की ऊपरी चोटियों कुगती पास, चोबिया पास, मणिमहेश डल झील में छह इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है। इस बर्फबारी से पूरा क्षेत्र ठंड की चपेट में आ गया है।


हालांकि सुबह के समय जनजातीय क्षेत्र भरमौर (Bharmaur) में मौसम साफ था, लेकिन अचानक दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और बर्फबारी का दौर जारी हो गया। वहीं मौसम विभाग (weather department) के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिन तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने अगले 13 और 14 अक्तूबर को प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की आशंका जताई है।

बुधवार को राजधानी समेत प्रदेश भर में धूप खिली रही। जिससे राजधानी शिमला सहित कुल्लू-मनाली, धर्मशाला, मैक्लोडगंज में पर्यटकों (Tourist) ने सुहाने मौसम में खूबसूरत वादियों का आनंद लिया। वहीं धूप खिलने से स्थानीय लोगों को कुछ हद तक ठंड से भी निजात मिली है। प्रदेश के किसानों ने पक चुकी धान की फसल और पशुओं के चारे की कटाई का काम भी तेजी से शुरू कर दिया है। जबकि बागबानी क्षेत्रों में किसान नगदी फसलों की बुआई में जुट गए हैं। हांलाकि प्रदेश में कुछ दिन पहले तक हुई जोरदार बारिश और पहाड़ों पर हुई बर्फबारी ने लोगों की दिक्कतों को बढ़ा दिया है। पूरा प्रदेश ठंड की चपेट में आ गया है।


मौसम: भरमौर, लक्कड़मंडी, डलहौज़ी में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड के आगोश में हिमाचल
 
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