adsatinder

explorer
Manali - Keylong - Leh Route is closed due to snowfall & Bad weather since Sunday.

Tourist Visiting Himachal Due To Air Pollution In Delhi-NCR

दिल्ली-एनसीआर में घुट रहा दम, साफ हवा के लिए रोहतांग तक पहुंच गए लोग, तस्वीरें


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला, Updated Mon, 04 Nov 2019 03:29 PM IST


Tourist visiting himachal due to air pollution in delhi-NCR

1 of 11
- फोटो : अमर उजाला

राजधानी दिल्ली समेत देश के मैदानी राज्यों में धुएं और प्रदूषण से सांस लेना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में हजारों लोग साफ हवा के लिए हिमाचल की वादियों का रुख कर रहे हैं। लोग रोहतांग तक पहुंच गए हैं।



2 of 11
- फोटो : अमर उजाला

यहां वाहनों का जमावड़ा लग रहा है। पिछले एक हफ्ते के दौरान हजारों लोगों ने हिमाचल का रुख किया है। ज्यादातर लोग दिल्ली एनसीआर, यूपी इलाकों के हैं जहां आजकल प्रदूषण ने लोगों को बेहाल कर रखा है। इन इलाकों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है जबकि हिमाचल की वादियों में अभी वायु प्रदूषण न के बराबर है।



3 of 11
- फोटो : अमर उजाला

साफ हवा के लिए लोग हिमाचल के अलग अलग हिस्सों में पहुंच रहे हैं। राजधानी शिमला में भी लगातार सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। उधर, हिमाचल की चोटियों पर इन दिनों बर्फबारी का दौर जारी है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले चार दिन से हिमाचल की चोटियों पर बर्फबारी हो रही है।





4 of 11
- फोटो : अमर उजाला

रोहतांग, चंबा और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। इसके कारण ठंड भी बढ़ी है। लेकिन सैलानी इसकी परवाह किए बगैर इन इलाकों तक पहुंच रहे हैं।




5 of 11
- फोटो : अमर उजाला



सैलानियों को इन वादियों में न सिर्फ साफ हवा-पानी नसीब हो रहा है। साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देखने को मिल रहा है। रविवार से मनाली-केलांग-लेह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद है लेकिन लोग मनाली पहुंचकर साफ मौसम का लुत्फ ले रहे हैं।



6 of 11
- फोटो : अमर उजाला

लाहौल और चंबा के पर्वतीय इलाके बर्फ से लकदक हो गए हैं। बारालाचा, कुंजुम पास, भरमौर और पांगी में भी ताजा बर्फबारी हुई है। वहीं, चंद्रा वैली के कोकसर, सिस्सू, खांगसर तथा गोंधला पंचायत के रिहायशी इलाकों में झमाझम बारिश हुई है।



7 of 11
- फोटो : अमर उजाला

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को मौसम साफ रहेगा। ऐसे में लोग खासकर सैलानी इन इलाकों में पहुंच सकते हैं।



8 of 11
- फोटो : अमर उजाला

देखें बर्फ से ढकी वादियों की ये मनमोहक तस्वीरें



9 of 11
- फोटो : अमर उजाला

देखें बर्फ से ढकी वादियों की ये मनमोहक तस्वीरें





10 of 11
- फोटो : अमर उजाला

देखें बर्फ से ढकी वादियों की ये मनमोहक तस्वीरें





11 of 11
- फोटो : अमर उजाला

देखें बर्फ से ढकी वादियों की ये मनमोहक तस्वीरें


दिल्ली-एनसीआर में घुट रहा दम, साफ हवा के लिए रोहतांग तक पहुंच गए लोग, तस्वीरें
 

SHEKHAR 257

Be a Good person but Don't try to Prove.
@SHEKHAR 257
Please give some technical details on Cold Mix Technology....



Himachal PradeshChambaTissa Saikothi Road Taring With Cold Mix Technology




I will not go much in technical details to keep it simple-

Mainly there are 2 technologies for carpeting (Top Layer of road), one is hot mix & another is cold mix. Hot mix is generally prevalent.

Hot mix is generally Asphalt. There are actually two basic ingredients in asphalt. The first are aggregates; this is a mix of crushed stone, gravel, and sand. Aggregates make up about 95% of hot mix asphalt pavement. The other 5% is bitumen (We call it as coal tar in general terms). Bitumen is basically the binder material which binds the mix of stone, gravel & sand. It needs to be heated to nearly 170 degrees in hot mix plant then only the proper binding occurs. This hot mix is then loaded in dumpers.Everybody has seen dumpers carrying hot mix and dumping the mix in paver machines who spread the hot mix evenly on road followed by compaction by rollers who run behind the paver machine.

In Cold Mix technology, for biding the mix we use emulsions & additives which do not require heating and can be used in cold state. Cold mix is generally used to repair potholes, Cracks or minor repair works. Cold mix technology is in transformation stage where its abilities are not proven fully. Generally it is thought that Cold mix roads have lesser life than hot mix used roads.

There are advantages & disadvantages of both such as -
1) Cold mix is 5-10% costlier but progress is fast.
2) Cold mix is a Green Technology as no heating of aggregate and binder is required emitting zero pollution.
3) Cold mix saves lot of fuel cost as dumpers need not go to hot mix plant from site of construction and fuel burnt to heat the mix is saved.
4) Cold mix technology can be executed throughout the year permitting all weather construction.
 

adsatinder

explorer
@SHEKHAR 257

I will not go much in technical details to keep it simple-

Mainly there are 2 technologies for carpeting (Top Layer of road), one is hot mix & another is cold mix. Hot mix is generally prevalent.

Hot mix is generally Asphalt. There are actually two basic ingredients in asphalt. The first are aggregates; this is a mix of crushed stone, gravel, and sand. Aggregates make up about 95% of hot mix asphalt pavement. The other 5% is bitumen (We call it as coal tar in general terms). Bitumen is basically the binder material which binds the mix of stone, gravel & sand. It needs to be heated to nearly 170 degrees in hot mix plant then only the proper binding occurs. This hot mix is then loaded in dumpers.Everybody has seen dumpers carrying hot mix and dumping the mix in paver machines who spread the hot mix evenly on road followed by compaction by rollers who run behind the paver machine.

In Cold Mix technology, for biding the mix we use emulsions & additives which do not require heating and can be used in cold state. Cold mix is generally used to repair potholes, Cracks or minor repair works. Cold mix technology is in transformation stage where its abilities are not proven fully. Generally it is thought that Cold mix roads have lesser life than hot mix used roads.

There are advantages & disadvantages of both such as -
1) Cold mix is 5-10% costlier but progress is fast.
2) Cold mix is a Green Technology as no heating of aggregate and binder is required emitting zero pollution.
3) Cold mix saves lot of fuel cost as dumpers need not go to hot mix plant from site of construction and fuel burnt to heat the mix is saved.
4) Cold mix technology can be executed throughout the year permitting all weather construction.
 

adsatinder

explorer
Orange alert issued for 6 districts including Shimla snowfall in Rohtang in Himachal Pradesh


हिमाचल / रोहतांग में डेढ़ फीट बर्फबारी, शिमला समेत 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी


रोहतांग में ताजा बर्फबारी से जगह-जगह जाम की स्थिति रही। पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


रोहतांग में ताजा बर्फबारी से जगह-जगह जाम की स्थिति रही। पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Orange alert issued for 6 districts including Shimla snowfall in Rohtang in himachal pradesh

Orange alert issued for 6 districts including Shimla snowfall in Rohtang in himachal pradesh



  • हिमाचल में पिछले पांच दिनों से बर्फबारी हो रही है
  • मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों में बर्फ गिरने के साथ बर्फबारी हो सकती है

Dainik Bhaskar
Nov 05, 2019, 08:56 AM IST

शिमला/ मनाली. हिमाचल में पिछले पांच दिनों से भारी बर्फबारी हो रही है। सोमवार को रोहतांग में डेढ़ फीट बर्फ गिरी। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में बर्फ गिरने के साथ बर्फबारी हो सकती है। 7 नवंबर को पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है। शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, सोलन और सिरमौर में 115 मिमी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने शिमला, मंडी, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस बीच, सोमवार को लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों और रोहतांग दर्रे में ताजा हिमपात हुआ है। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से गिर कर 8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। कुफरी का 6, कल्पा का 2, मनाली में 4, डलहौजी में 6 और केलांग का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस मापा गया।

लाहुल घाटी का मनाली से संपर्क कटा, दर्जनों वाहन रास्ते में फंसे
सोमवार को रोहतांग दर्रे में डेढ़ फीट बर्फबारी होने से लाहुल घाटी का मनाली से संपर्क कट गया है। रोहतांग दर्रे के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए। लाहौल की ओर जाने वाले दर्जनों वाहन भी गुलाबा में रुके हुए हैं, जबकि लाहुल की ओर से आने वाले वाहनों को कोकसर में रोका गया है। बारालाचा दर्रे सहित शिंकुला दर्रे में एक से डेढ़ फीट हिमपात हुआ है। इससे लेह मार्ग भी बंद हो गया है और जांस्कर घाटी का भी केलांग से संपर्क कट गया है। कुंजम दर्रे में भी बर्फबारी होने से स्पीति घाटी मनाली और लाहुल से कट गई है।

बीआरओ ने दर्रे को बहाल करने का काम किया शुरू
बीआरओ ने दर्रे के दोनों ओर सड़क बहाली का कार्य शुरू कर दिया है। मनाली की ओर मढ़ी से जबकि लाहुल की ओर कोकसर से सड़क बहाली शुरू कर दी है। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि रोहतांग दर्रे में डेढ़ फीट के करीब बर्फ पड़ी है।
https://dbapp.in/2Y49NMm

रोहतांग में डेढ़ फीट बर्फबारी, शिमला समेत 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
 

rameshtahlan

Super User
WEATHER UPDATE
Keep a check on the advance of this WD that should arrive by 20 Nov and 21 Nov, Wed and Thurs,
It appears to be huge.
By today evening or tomorrow morning we will come to know till where it may bring snowfall.

So for all guy wanting to see snowfall,
reach the location a day before the WD arrives,
so that you wake up and see snow snowfall taking place.

Have fun.

we 20.png


th 21.png
 
Top