2019 Manali-Leh Road Status

adsatinder

explorer
Today Rohtang pass has received six inches of snow and consequently some HRTC buses have stuck in the ensuing snowfall. All the passengers have been evacuated and traffic has been regulated so as not to create any chaos at the rohtang top. The personnal manning the gulaba barrier and those stationed at Marhi have been instructed to be on high alert.Anyone planning to move to lahaul spiti and ladakh to kindly postpone their plans till the situation attains normalcy. This snowfall is the harbinger of the onset of winters in manali and as such all the stakeholders of manali are requested to sensitise the tourists about the same. The administration is continuosly monitoring the situation and would require the assistance of all so as to no unsavoury situation arises due to any negligence..thanks
- *this message was posted on SDM Manali FB page*
 

adsatinder

explorer
Home » HP-1Top Newsकुल्लू » रोहतांग में बर्फ़बारीः धर्मशाला-त्रिलोकीनाथ बस सहित कई वाहन फंसे

रोहतांग में बर्फ़बारीः धर्मशाला-त्रिलोकीनाथ बस सहित कई वाहन फंसे
मनाली लेह मार्ग बंद, सैलानियों के लिए बंद किया रोहतांग दर्रा

Update: Monday, October 7, 2019 @ 11:09 AM

रोहतांग में बर्फ़बारीः धर्मशाला-त्रिलोकीनाथ बस सहित कई वाहन फंसे



कुल्लू। रोहतांग दर्रे पर आधा फुट तक बर्फबारी होने से दर्जनों वाहन फंस गए हैं , इनमें एचआरटीसी की एक बस भी है। प्रशासन ने फिलहाल वाहनों के लिए रोहतांग दर्रे को बंद कर दिया है। मनाली-लेह मार्ग सहित मनाली जास्कर मार्ग पर भी वाहनों के पहिए थम गए हैं। रोहतांग दर्रे के पास एचआरटीसी की धर्मशाला-त्रिलोकीनाथ बस भी फंस गई है, साथ ही कई ट्रक व अन्‍य छोटे वाहन भी फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है सवारियां मढ़ी में सुरक्षित स्‍थान पर आ गई हैं। रोहतांग दर्रे में बर्फबारी होती देख एचआरटीसी ने केलांग-मनाली रूट पर फिलहाल बस सेवा बंद कर दी है।

शिंकुला व बारालाचा दर्रा बंद होने से लेह जाने वाले सैलानी व लोग दारचा में फंस गए हैं। बारालाचा दर्रे सहित शिंकुला दर्रे में पौना फुट हिमपात हो चुका है। पहाड़ों पर हुई बर्फ़बारी व घाटी में हुई बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। रोहतांग दर्रे में अब तक आधा फुट, राहनीनाला व ग्रांफ़ू में 4 इंच, मढ़ी में दो इंच, ब्यासनाला, चुंबक मोड़, राहलाफाल, फातरु और गुलाबा में बर्फ की हल्की परत बिछ गई है।
लाहुल व पांगी घाटी से कुल्लू दशहरा देखने के लिए आ रहे लोग भी कोकसर में फंसे हैं। कुछ पर्यटक व वाहन चालक दारचा में फंसे हुए हैं। स्‍पीति जाने वाली एक बस और केलंग जाने वाली चार बसें भी मनाली में रुक गई हैं। रोहतांग दर्रे सहित अन्य जोत धुंधी जोत, सेवन सिस्टर पीक, हनुमान टिब्बा मकरवेद व शिकरवेद की पहाड़ियों, भृगु व दशौहर की पहाड़ियों, पतालसू जोत, इंद्र किला, लदाखी पीक, सहित लाहुल व कुल्लू की चोटियों घेपन पीक, लेड़ी आफ केलंग, कुंजुम जोत, दारचा की पहाड़ियों, शिला पीक, बढ़ा व छोटा शिंगरी ग्लेशियर, नील कंठ जोत, सभी धौलाधार की पहाड़ियों में बर्फबारी हुई है।


प्रशासन ने सैलानियों के लिए बंद किया रोहतांग
रोहतांग दर्रे बर्फ़बारी होती देख मनाली प्रशासन ने दर्रा सैलानियों के लिए फिलहाल बंद कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से सैलनियों के वाहनो को गुलाबा बैरियर में रोक लिया गया है। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने बताया मौसम के हालात सामान्य होने के बाद ही सैलानियों को गुलाबा व मढ़ी से आगे भेजा जाएगा। उन्होंने लाहुल की ओर जाने वाले लोगो से भी मौसम के हालात देखकर ही रोहतांग पर करने की सलाह दी है। उधर एचआरटीसी के आरएम मंगल चन्द मनेपा ने बताया दर्रे में बर्फ़बारी होती देख लाहुल जाने वाली बसों को मनाली में ही रोक दिया गया है। उन्होंने भी लोगों से आग्रह किया है कि वो हालात ठीक होने के बाद ही दर्रा पार करें।








रोहतांग में बर्फ़बारीः धर्मशाला-त्रिलोकीनाथ बस सहित कई वाहन फंसे


हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें ….
 

adsatinder

explorer
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बदहाल, एक दूसरे पर थोपी जा रही जिम्मेदारी
सड़क पूरी तरह से गड्ढों में हुई तबदील, नालियां भी हुई जाम

Update: Monday, October 7, 2019 @ 11:13 AM

चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बदहाल, एक दूसरे पर थोपी जा रही जिम्मेदारी



मंडी। कीरतपुर से मनाली तक फोरलेन का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चला हुआ है। यही कारण है कि यहां का मौजूदा नेशनल हाईवे अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। फोरलेन के निर्माण कार्य में बरती जा रही ढिलाई और मौजूदा एनएच का उचित रख रखाव न होने के कारण स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। मंडी जिला के पंडोह के पास एनएच इतनी खस्ताहालत में पहुंच गया है कि यहां यही पता नहीं चलता कि सड़क कहां पर है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं और साथ लगती नालियां पूरी तरह से जाम हो गई हैं। हाईवे पर चारों तरफ पानी ही पानी भर गया है। स्थानीय निवासी बंटू और बालक राम ने बताया कि उन्होंने इस बारे में एनएच विभाग, एनएचएआई और यहां फोरलेन का कार्य कर रही केएमसी कंपनी के पास गुहार लगाई लेकिन तीनों एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं। इन्होंने सरकार व प्रशासन को चेतावनी दी हे कि अगर एक सप्ताह में नेशनल हाईवे की दशा नहीं सुधारी गई तो फिर सभी स्थानीय लोग मिलकर चक्का जाम कर देंगे।


जब इस बारे में केएमसी कम्पनी के प्रबंधक राज शेखर से की गई तो उनका कहना था कि यहां नेशनल हाईवे की मरम्मत का कार्य एनएचएआई ने किसी और ठेकेदार को दे दिया है और वही ठेकेदार इस कार्य को करेंगे। बता दें कि हाल ही में सीएम जयराम ठाकुर ने अपने मंडी दौरे के दौरान एनएच की दुर्दशा पर एनएचएआई के आरओ को मंडी तलब करके उनके एनएच की दशा सुधारने की सख्त हिदायत दी थी। सीएम ने पत्रकारों से बातचीत में बताया था कि दशहरे के दौरान बेहतर सड़क सुविधा मुहैया करवाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सीएम के इन सख्त आदेशों का एनएचएआई ने अभी तक पालन करना तो शुरू नहीं किया है लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही इस ओर ध्यान देकर इस दुर्दशा को सुधारा जाएगा।

चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बदहाल, एक दूसरे पर थोपी जा रही जिम्मेदारी
 

adsatinder

explorer
मंडीः ट्रैफिक भी नहीं रोका और टनल भी निकाल दी

औट में एफकॉन कंपनी ने मिलाए दो टनलों के कनेक्टर
Update: Sunday, October 6, 2019 @ 1:22 PM

मंडीः ट्रैफिक भी नहीं रोका और टनल भी निकाल दी



मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के निर्माण कार्य में मंडी जिला में पंडोह से औट तक बन रही 10 टनलों का कार्य सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन इस चुनौती को निर्माण कार्य में लगी एफकॉन कंपनी काफी गंभीरता से पूरा कर रही है। बीती 5 अगस्त को 2.9 किमी की सबसे लंबी टनल के दोनों छोर समय से पहले मिलाने के बाद अब कंपनी ने दोनों टनलों के कनेक्टर समय से पहले मिला दिए। कनेक्टर मिलाने के साथ कंपनी का यह दावा भी है कि देश के इतिहास में पहली बार किसी टनल का ट्रैफिक रोके बीना यह कार्य किया गया है। दरअसल औट के पास पहले से ही तीन किमी लंबी टनल मौजूद है। कुल्लू-मनाली का सारा ट्रैफिक इसी टनल से जाता है। फोरलेन के लिए इसके समानांतर 2.9 किमी की एक और टनल बनाई गई है। इन दोनों टनलों को बीच में तीन जगह कनैक्ट करने के लिए कनैक्टर बनाए जाने हैं। इस कार्य को आदित्य भूषण इंफ्रा प्रा.लि. द्वारा करवाया जा रहा है।

कंपनी ने 5 महीने पहले यह कार्य शुरू किया था और बीते कल पहले कनैक्टर का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। हालांकि जब लास्ट ब्लास्ट किया गया तो उस वक्त पूरी सावधानी बरती गई। खास बात यह रही कि इस दौरान टनल का ट्रैफिक नहीं रोका गया। न तो कार्य में कोई बाधा उत्पन्न हुई और न ही ट्रैफिक डिस्टर्ब हुआ। कंपनी के एजीएम रंजीत सिंह अत्री ने बताया कि ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ है और इस कार्य को मात्र पांच महीनों के भीतर पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि टनलों के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।


मंडीः ट्रैफिक भी नहीं रोका और टनल भी निकाल दी
 

adsatinder

explorer
Vehicles crossed Rohtang who were stuck.
Snow is on road at both side of Rohtang Pass.

वाहनों के लिए बहाल हुआ रोहतांग दर्रा, पर खतरा अभी भी बरकरार

सड़क के दोनों और जमी है बर्फ,एचआरटीसी बसों सहित 100 वाहनों ने किया पार

Update: Tuesday, October 8, 2019 @ 3:06 PM

वाहनों के लिए बहाल हुआ रोहतांग दर्रा, पर खतरा अभी भी बरकरार



मनाली। बर्फबारी के कारण बंद हुआ रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass) आज वाहनों के लिए बहाल हो गया है। लेकिन सड़क के दोनों और बर्फ जमी होने के कारण खतरा अभी भी बना हुआ है। रोहतांग दर्रे में करीब आधा फीट से अधिक बर्फ़बारी (Snowfall) हुई है। मनाली प्रशासन ने बीआरओ और स्थानीय युवाओं की मदद से रोहतांग दर्रे में फंसे 150 वाहनों को बीते रोज ही निकाल लिया था।

आज सुबह मौसम साफ होने पर दोनों ओर से 100 से अधिक वाहनों सहित एचआरटीसी की बसों(HRTC Bus) ने रोहतांग दर्रे को आर-पार किया। फिलहाल सैलानियों के लिए अभी तक रोहतांग दर्रा बंद है। दर्रे के बहाल होने से घाटी के लोगों को कुल्लू दशहरे में आने में आसानी होगी।

इसके साथ ही घाटी के लोगों ने सर्दियों के लिए खाद्य सामग्री सहित जीवन यापन की अन्य सभी जरूरी चीजों के भंडारण का क्रम भी शुरू कर दिया है। सैलानियों के लिए अभी तक रोहतांग दर्रा ( Rohtang Pass ) बंद है। बावजूद इसके मंगलवार को 100 से अधिक छोटे व बड़े वाहनों ने दर्रे को आर पार किया है। इसमें मनाली से लाहुल जाने वाले लोगों की संख्या कम है। जबकि लाहुल से मनाली आने वालों की तादाद अधिक है। इसका एक कारण कुल्लू दशहरा है, जिसका आज आगाज हो गया है। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि बीआरओ ने सड़क बहाल कर ली है। उन्होंने कहा मनाली दारचा के बीच बीआरओ का सड़क निर्माण कार्य जारी है। मनाली एसडीएम रमन घरसंगी ने बताया आज मंगलवार को बीआरओ का मेटिनेस-डे है, जिस कारण सैलानियों के लिए आज रोहतांग दर्रा बंद रहा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि मौसम के हालात जानकर ही दर्रे को आर-पार करें।



वाहनों के लिए बहाल हुआ रोहतांग दर्रा, पर खतरा अभी भी बरकरार
 

anoop0

Member
A bit off topic but, just found out progress about Rohtang Tunnel.

  • To be opened for emergency traffic by Oct-2019 end
  • 100 meters work yet to be finished. To be opened for emergency traffic by Oct-2019 end. To be opened for general traffic by Sep-2020
Once completed, it is going to be world longest tunnel at an altitude above 3,000 m or 10,000 ft .
 

adsatinder

explorer
New tourist destinations to ease pressure on Rohtang
With the National Green Tribunal (NGT) having refused to relax the ban on commercial activities at the Rohtang Pass and its surrounding areas, the Himachal Pradesh government is now mulling to create new tourist destinations to divert the heavy influx of tourists to the snow-covered gateway to Lahaul and Spiti district.
PUNJAB Updated: Mar 24, 2017 18:07 IST

Gaurav Bisht

Gaurav Bisht
Hindustan Times



With the National Green Tribunal (NGT) having refused to relax the ban on commercial activities at the Rohtang Pass and its surrounding areas, the Himachal Pradesh government is now mulling to create new tourist destinations to divert the heavy influx of tourists to the snow-covered gateway to Lahaul and Spiti district.
Additional chief secretary (forest) Tarun Shridhar recently visited Rohtang and Manali and held deliberations with the stakeholders, majority of who stressed upon developing new tourist destinations close to Manali.
The NGT ban on July 6 has affected an estimated 4,000 families residing in nine villages of the area. For the past many years, these locals were engaged – legally or illegally – in providing snow scooter, ATV, horse riding and paragliding services besides running ‘dhabas’ (makeshift roadside eateries) to tourists at various places like Solang, Marhi, Vashishth and the Rohtang Pass.
An average number of 3,000 tourists visited the mighty Rohtang Pass during peak tourist season. But the tourist arrivals declined after the NGT ban, leaving the stakeholders, including hotel owners, dhabas, taxi operators, and those engaged in tourism activities high and dry.
“We are planning new tourist destinations to ease pressure on the Rohtang Pass and provide new avenues of employment to those affected by the ban,” Shridhar told Hindustan Times.
Earlier, the principal NGT bench comprising justice Swatanter Kumar and expert member Dr Devendra K Aggarwal had directed the Himachal Pradesh government to submit a plan for the rehabilitation of families whose livelihood was affected by the ban. The tribunal had also asked the government to hold consultations with stakeholders before compiling its report.
Meanwhile, the government has decided not to issue new permits for taxis and snow scooters. “Protecting the environment is the responsibility of all involved in the tourism business,” Shridhar said, adding that the stakeholders conceded the fact.
The government also discussed the traffic plans for Rohtang Pass after the 8.8km tunnel below it was completed. While work on the tunnel, located 51 km from Manali, began in June 2010, it is expected to complete by 2017.
Besides the ban, the NGT bench had directed the government to issue computerised permits to vehicle owners intending to visit the Rohtang Pass. NGT had made it mandatory to maintain a record of visitors, including photo identity, and those found indulging in malpractices would be debarred from plying vehicles on the Manali-Rohtang Pass. It also directed to allow each vehicle only one trip to the Rohtang Pass per day.

First Published: Sep 09, 2015 10:45 IST


New tourist destinations to ease pressure on Rohtang
 

adsatinder

explorer
Himachal: Snowfall In Rohtang, Hailstorm In Kullu Damages Crops
हिमाचल: रोहतांग में बर्फबारी, कुल्लू और मंडी में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/ मनाली (कुल्लू), Updated Fri, 18 Oct 2019 10:36 AM IST
कुल्लू की गड़सा घाटी में ओलावृष्टि व चोटियों पर बर्फबारी

1 of 7
कुल्लू की गड़सा घाटी में ओलावृष्टि व चोटियों पर बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला













हिमाचल में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। गुरुवार को 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे सहित मनाली की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ। कुल्लू की गड़सा घाटी के तहत आने वाले हवाई शियाह में भारी ओलावृष्टि हुई। राजधानी शिमला में दोपहर बाद से बादल छा गए। शुक्रवार को भी मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और चोटियों पर हिमपात के आसार हैं। 19 अक्तूबर से मौसम साफ रहने की संभावना है।
 

adsatinder

explorer
Rohtang & Barlachla have snow cover after Light Snowfall but vehicles are running.
Police / Administration is suggestion to avoid this route Rohtang and ahead with precaution of weather news.
Similar warning is issued for Manali - Kaza, Darcha-Padum via Shinku La also.

रोहतांग व बारालाचा दर्रे पर बिछी बर्फ की परत, हिमपात के बीच मनाली-लेह हाईवे पर दौड़ रहे वाहन

Publish Date:Sat, 19 Oct 2019 03:52 PM (IST)

रोहतांग व बारालाचा दर्रे पर बिछी बर्फ की परत, हिमपात के बीच मनाली-लेह हाईवे पर दौड़ रहे वाहन


हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति में पहाड़ों की चोटियों सहित रोहतांग दर्रे पर बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। रोहतांग पास बर्फ से सफेद हो गया है।

मनाली, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति में पहाड़ों की चोटियों सहित रोहतांग दर्रे पर बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। रोहतांग पास बर्फ से सफेद हो गया है। हालांकि, वाहनों की आवाजाही सुचारू है, लेकिन क्रम ऐसा ही रहा तो वाहनों के पहिये थम सकते हैं। शनिवार सुबह मनाली की ओर से दर्जनों वाहन लाहुल की ओर रवाना हुए, जबकि सैलानियों ने भी रोहतांग का रुख किया। शुक्रवार को भी यहां हल्की बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी को देखने का पर्यटक भी रोहतांग का रुख कर रहे हैं।

बर्फ़बारी होने से पर्यटन व्यवसायी खुश
बर्फबारी होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग काफी खुश हैं। होटल व्यवसायी सुशील चंदेल, रवि ब्यास, वंशी, राजू और किशन राणा ने बताया दीवाली का त्योहार आने वाला है और इसके साथ ही आज बर्फबारी होना काफी शुभ संकेत हैं। उम्मीद है काफी तादाद में पर्यटक इस बार यहां बर्फबारी देखने आएंगे। वहीं, टैक्सी चालक मेहर व नरेंद्र का कहना है कुछ सालों से पर्यटकों को बर्फ के दीदार के लिए दिसंबर तो कभी जनवरी तक इंतजार करना पड़ा है। लेकिन इस बार अक्टूबर में ही यहां बर्फबारी अच्छा संकेत है। बर्फबारी होने से ठंड भी बढ़ने लगी है।

इन पहाड़ियों पर हो रही बर्फ़बारी
बारालाचा दर्रे सहित जिंगजिंगबार, दारचा की पहाड़ियों, मयाड़ घाटी, घेपन पीक, लेड़ी ऑफ केलंग, कुजुंम जोत, दारचा की पहाड़ियों, शिला पीक, बढ़ा व छोटा शिंगरी ग्लेशियर, नील कंठ जोत सहित समस्त ऊंची चोटियों में बर्फ गिर रही है। इधर, रोहतांग दर्रे सहित राहनीनाला, मढ़ी सहित धुंधी जोत, पतालसू जोत, इंद्र किला, लदाखी पीक, सेवन सिस्टर पीक, हनुमान टिब्बा मकरवेद व शिकरवेद की पहाड़ियों, भृगु व दशौहर की पहाडि़यों, सहित सभी धौलाधार की पहाड़ियो में बर्फ के फाहे गिरने का क्रम शुरू हो गया है।

लेह मार्ग पर जारी है अभी वाहनों की आवाजाही
बारालाचा दर्रे सहित शिंकुला व कुंजम जोत में भी बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। दर्रो में हालांकि कल से हल्की बर्फ़बारी का दौर जारी है। लेकिन मनाली-लेह सहित मनाली जांस्कर ओर मनाली काजा मार्ग में वाहनों की आवाजाही फिलहाल जारी है। लेकिन बर्फ़बारी का क्रम ऐसे ही जारी रहा तो सभी दर्रे वाहन चालकों की दिक्कत बढ़ा सकते हैं।


जोखिम न उठाएं वाहन चालक
एसडीएम केलंग अमर नेगी ने कहा 15 अक्टूबर से केलांग-सरचू मार्ग के बीच स्थापित चेक पोस्ट हटा ली गई है। उन्होंने वाहन चालकों से आग्रह किया है कि वह मौसम की परिस्थिति से अवगत होने के बाद ही बारालाचा व शिंकुला दर्रे को पार करे।

हल्की बर्फ़बारी होने पर जारी रहेगी वाहनों की आवाजाही
बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया पहाड़ों में बर्फ़बारी का क्रम शुरू हो गया है। हल्की बर्फ़बारी के बीच वाहनों की आवाजाही सुचारू रखी जाएगी। बीआरओ दारचा व आसपास के क्षेत्र में मरम्मत कार्य को अंजाम दे रहा है।

Posted By: Rajesh Sharma


रोहतांग व बारालाचा दर्रे पर बिछी बर्फ की परत, हिमपात के बीच मनाली-लेह हाईवे पर दौड़ रहे वाहन
 
Top