2019 Manali-Leh Road Status

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Road Block
पागलनाला में चार घंटे बंद रही सड़क
Updated Sun, 12 Jan 2020 09:36 PM IST

सैंज-लारजी सड़क पर पागलनाला में मलबा आने से लगा जाम।

सैंज-लारजी सड़क पर पागलनाला में मलबा आने से लगा जाम। - फोटो : Kullu


सैंज (कुल्लू)। पागलनाला ने रविवार को सैंज घाटी की जनता पर कहर बरपाया। लारजी-सैंज सड़क पर रविवार को नाले का भारी मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ। सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक नाले ने घाटी की रफ्तार रोके रखी।

लोनिवि की जेसीबी आने के बाद सड़क को यातायात के लिए बहाल किया गया। इस दौरान नाले के दोनों ओर दर्जनों वाहनों की कतारें लगी रही। कड़ाके की ठंड में लोग गाड़ियों के अंदर ठिठुरते रहे। बारिश होने पर शनिवार रात से नाले में मलबा आना शुरू हो गया था। इसके चलते रविवार सुबह सड़क पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई। बारिश से सैंज घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सैंज-न्यूली, सैंज-धाउगी, सैंज-देहुरी, सैंज-शांघड़ और सैंज-कनौन सड़कों पर भी बसें नहीं चल पाई। कई पैदल रास्ते मलबा गिरने से बाधित हुए हैं। सैंज घाटी के दीपू ठाकुर, बालमकुंद, हरभजन, दीपक, ऐले राम, रोशन लाल, विद्या प्रकाश नेगी, महेंद्र सिंह शर्मा, मोती राम ठाकुर, पूर्णचंद, प्रेम सिंह और सेस राम ने कहा कि पागलनाला बंद होने से उन्हें हर बार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, लोक निर्माण विभाग बंजार के अधिशासी अभियंता चमन लाल ठाकुर ने कहा कि पागलनाला में मलबा हटाने के लिए मशीन लगाई गई है। बारिश होने से नाले में मलबा आ रहा है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने ग्रामीणों को नदी-नाले और भूस्खलन संभावित क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी है। क्षेत्र में बिजली, पानी और यातायात बहाल रखने के लिए सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं।

पागलनाला में चार घंटे बंद रही सड़क
 

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Kullu › Landslide started due to delayed Four Lane Road work between Jia - Ramshila in and around Khrahal area.

जिया-रामशिला के बीच हो रहा भूस्खलन
Updated Sun, 12 Jan 2020 09:36 PM IST


कुल्लू। लगातार बारिश से जिया-रामशिला के बीच भूस्खलन हो रहा है। फोरलेन कटिंग से जमीनों में लंबी दरारें पड़ रही हैं। जिया-रामशिला के बीच फोरलेन का निर्माण लटकने से समस्या बढ़ रही है। कई मकानों और लोगों की जमीन भूस्खलन की चपेट में आ सकती हैं। खराहल के देवधार में आधा दर्जन से अधिक परिवार पहले ही उजड़ चुके हैं।

जिया से लेकर रामशिला तक फोरलेन के लिए कुछ जगहों पर पहले ही कटिंग की गई है। कुछ जगहों पर काम चल रहा है। गौर रहे कि खराहल के निचले इलाकों में दलदल वाली मिट्टी पानी की अधिक मात्रा होने पर खिसकने लगती है। इससे लोगों की जमीनों का नुकसान बढ़ सकता है। रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। बारिश से ताजा कटिंग वाली जगहों में मिट्टी खिसकना शुरू हो गई है। आगामी 19 जनवरी तक कुल्लू में खराब मौसम रहने का अंदेशा जताया गया है। ऐसे में आगामी पांच-छह दिनों तक लगातार बारिश होती है तो भूस्खलन से नुकसान बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक फोरलेन निर्माण में देरी का खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। घाटीवासी राम सिंह ठाकुर, चमन लाल, राकेश कुमार, दिनेश ठाकुर ने कहा कि खराहल क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां पर कटिंग के साथ-साथ डंगे लगाने का कार्य भी पूरा किया जाना चाहिए। फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी ने खुदाई कर सड़क छोड़ दी है। बारिश के चलते जिया से रामशिला के बीच भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसमें जानमाल का नुकसान भी हो सकता है।


जिया-रामशिला के बीच हो रहा भूस्खलन
 

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Himachal Pradesh › Tourist Stranded For Hours After Landslides On The Chandigarh Manali Nh, Avalanche In Lahaul

भूस्खलन से मंडी-कुल्लू हाईवे बंद, सैकड़ों सैलानी फंसे, लाहौल में गिरा हिमखंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगवाईं(मंडी)/लाहौल Updated Mon, 13 Jan 2020 03:30 PM IST


चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर गिरे पत्थर


चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर गिरे पत्थर - फोटो : अमर उजाला


हिमाचल में बारिश-बर्फबारी का दौर सोमवार को एक बार फिर शुरू हो गया। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के ठोलंग गांव के समीप वामतट की पहाड़ी पर मिजली नाला में हिमखंड गिरने से चिनाब नदी का बहाव पांच घंटे तक रुका रहा। चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर बनाला के पास चट्टानें आने से मार्ग करीब एक घंटा बाधित रहा। इससे सैकड़ों सैलानियों के वाहन फंस गए। एक घंटे बाद हाईवे बहाल किया।

लेकिन पहाड़ी से रुक-रुक कर भूस्खलन हो रहा है, जिस कारण दिनभर यहां जाम लगता रहा। इसको देखते हुए प्रशासन ने हाईवे को मंगलवार सुबह आठ बजे तक के लिए बंद कर दिया है। बनाला में शनिदेव मंदिर के पास लगातार भूस्खलन हो रहा है। भारी बर्फबारी के बाद लाहौल घाटी के स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। सोमवार को पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हुई, जबकि मैदानों में बादल झमाझम बरसे।

शिमला में दोपहर से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। प्रदेश में 359 सड़कें बंद रहीं। कई क्षेत्रों में बिजली और पानी का संकट है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 16 जनवरी को भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। 19 तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। लाहौल में बीते तीन दिनों से बर्फबारी जारी है। चोटियों से हिमखंड गिर रहे हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि वे नदी और दूरदराज इलाकों में न जाएं।

रविवार रात करीब साढ़े तीन बजे गिरे हिमखंड से सोमवार सुबह नौ बजे चिनाब नदी का पानी धीरे-धीरे सामान्य हुआ। लाहौल घाटी में केलांग-उदयपुर, केलांग-दारचा, केलांग-गुफा होटल सहित 134 संपर्क मार्ग बंद हैं। लाहौल प्रशासन ने स्कूलों में दो दिन की छुट्टी कर दी है। कुल्लू जिले में सड़कें, बिजली, पानी और दूरसंचार सेवा ठप है। किन्नौर, रामपुर और आउटर सिराज में भी बर्फबारी हुई।


लोनिवि को 107 करोड़ का नुकसान


शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे सोमवार को भी बंद रहा। जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई। नौहराधार, हरिपुरधार, राजगढ़ व रोनहाट क्षेत्रों की पांच दर्जन पंचायतों में पांच दिन बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई है। चंबा जिला में पांगी-भरमौर की ऊपरी चोटियों में सोमवार सुबह हल्की बर्फबारी हुई। जिला कांगड़ा में धौलाधार की पहाड़ियों पर भी ताजा बर्फबारी हुई। मौसम खराब रहने के चलते गगल एयरपोर्ट पर शाम चार बजे आने वाली फ्लाइट भी नहीं पहुंची।

हिमाचल में भारी बर्फबारी और बारिश से लोक निर्माण विभाग को करीब 8 दिन में 107 करोड़ रुपये की चपत लगी है। प्रदेश में बर्फबारी के चलते 1037 सड़कें यातायात के लिए बाधित रहीं। इनमें से अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्ति हुई हैं। शिमला जोन को सर्वाधिक 1915.38 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि मंडी जोन को 1320.66 लाख, कांगड़ा जोन को 6997.71 लाख अन्य नेशनल हाईवे में 499.02 लाख रुपये का नुकसान होने का आकलन है।


न्यूनतम तापमान और बर्फबारी




क्षेत्र बर्फबारी (सेंटीमीटर में)
रोहतांग दर्रा 150
कोकसर 90
केलांग 60
दारचा 40
गोंधला 35
जाहलमा 30
उदयपुर 15

क्षेत्र न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
केलांग - 6.0
कल्पा - 3.3
मनाली - 0.8
डलहौजी 4.2
धर्मशाला 4.8
कुफरी 5.0
शिमला 7.7

पागलनाले में मलबा आने से फिर बंद रही आवाजाही
पागलनाला के रौद्र रूप ने सैंज घाटी की रफ्तार फिर रोक दी है। लारजी-न्यूली सड़क पर तलाड़ा के पास पागलनाले में सोमवार को भी भारी मलबा आने से तीन घंटे यातायात बंद रहा। हालांकि लोक निर्माण विभाग की मशीन मलबे को हटाने के लिए स्थायी रूप से लगाई गई है। लगातार मलबा आने से समस्या खड़ी हो रही है।

तीन दिन से हो रही बारिश के कारण सैंज घाटी में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सैंज-धाउगी, सैंज-देहुरी और सैंज-कनौन सड़कों पर बसें नहीं चल रही हैं। कई पैदल रास्ते मलबा गिरने से बाधित हुए हैं। लारजी-न्यूली सड़क बंद रहने से पागलनाला के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पैदल पार करना पड़ा।

सड़क पर वाहन बंद रहने से सोमवार को कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क बंद होने से विद्युत परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर भी खासा असर पड़ा। अधिकतर मजदूर और कर्मचारी समय पर साइटों तक नहीं पहुंच पाए। बता दें कि घाटी की पंद्रह पंचायतों को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। पागलनाला घाटी में लंबे समय से सर दर्द बना हुआ है। जनता यहां पुल बनाने की मांग कर रही है।

दिनेश कुमार, ऐले राम, अशोक, नरेंद्र, ओम प्रकाश, राम दास, सेस राम, रोशन लाल, प्रकाश नेगी, महेंद्र सिंह, मोती राम, पूर्ण चंद और प्रेम सिंह ने कहा कि पागलनाला में रविवार रात से लगातार मलबा आ रहा है। नाले में विभाग ने जेसीबी मशीन लगाई है। लेकिन नाले से लगातार मलबा आ रहा है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रवि डीसी चंदेल ने कहा कि पागलनाला में मलबा हटाने के लिए मशीन लगाई है। लगातार बारिश होने से नाले में मलबा आ रहा है।


भूस्खलन से मंडी-कुल्लू हाईवे बंद, सैकड़ों सैलानी फंसे, लाहौल में गिरा हिमखंड
 

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Chd-Manali NH shut after big landslide near Mandi

Traffic disrupted since morning | Alternative road also blocked after snowfall

  • Posted: Jan 14, 2020 07:14 AM (IST)
  • Updated : 2 hours ago
  • 149
Chd-Manali NH shut after big landslide near Mandi


Vehicles stuck in a jam following a massive landslide on the Chandigarh-Manali national highway near Mandi. File

Dipender Manta
Tribune News Service
Mandi, January 13

Commuters were stranded near Banala on the Chandigarh-Manali highway for long hours because of a massive landslide today.
In the morning hours, a landslide occurred near Shanidev Temple, blocking the road. The road was cleared but later, another massive landslide took place again.
A huge traffic jam occurred near Banala. Due to continuous landslides, traffic could not be restored till evening. Manu Sharma, a resident of Manali, who was on his way from Chandigarh, was stuck around 3 pm. He was waiting for the clearance of the road but in evening, he was forced to take shelter in a nearby village.

Like Manu Sharma, hundreds of locals and tourists had been stuck in the area for hours along with children. The situation had become worse for the commuters because the alternative route via Katola between Mandi and Kullu was also blocked because of heavy snowfall.
The tourists, who were visiting Kullu-Manali, said the journey had become a nightmare for them because of the long traffic jam. They said this had ruined all the charm of the trip.
Additional Superintendent of Police Puneet Raghu said in view of the public safety, a majority of people had been shifted to safer places. The vehicles, plying towards Manali, would be stopped at Mandi till Tuesday morning, while vehicles coming from Manali be stopped at Kullu. In view of the public safety, the traffic had been stopped on the route till 8am tomorrow.
Deputy Commissioner Rugved Thakur said no one would be left stranded on the road during the night and a team of the district administration was on job to shift the people to safer places.
Efforts were on to restore the road to traffic as soon as possible but in view of the public safety, it had been closed till Tuesday morning.



Chd-Manali NH shut after big landslide near Mandi
 

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Landslide just after Aut on way to Kullu.
Near Banala
And this week three snowstorms back to back with gap of two days between each. So be very careful
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Heavy Snowfall Again In Himachal, Roads Blocked, Flights Canceled, Woes Increased
हिमाचल में फिर बर्फबारी, तीन एनएच समेत 332 सड़कें बंद, हवाई उड़ानें भी रद्द
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/कुल्लू, Updated Tue, 21 Jan 2020 11:47 AM IST
Heavy snowfall again in Himachal, roads blocked, flights canceled, woes increased

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- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के मुख्य पर्यटन स्थलों कुफरी, मनाली और डलहौजी में मंगलवार सुबह फिर हिमपात हुआ। प्रदेश में ताजा हिमपात से शिमला-रामपुर, आनी-जलोड़ी-कुल्लू और मनाली-लेह नेशनल हाईवे समेत 332 सड़कें बंद हो गईं। राजधानी शिमला में भी सोमवार रात बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। रात भर नारकंडा में एनएच पर वाहनों के पहिये थमे रहे।


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- फोटो : अमर उजाला

चंबा जिले के डलहौजी, खज्जियार, लक्कड़मंडी, आहला, सलूणी, किहार, तीसा, भरमौर और पांगी में ताजा बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चंबा में करीब 50 सड़कें बंद होने से एक दर्जन बसें विभिन्न स्थानों पर फंस गई हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता होने के बाद कुल्लू व लाहौल-स्पीति में एक बार फिर ताजा हिमपात हुआ है। बर्फबारी के बाद कुल्लू जिला की पहाड़ियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र हिमपात से लकदक हो गए हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

वहीं, दूसरी ओर ताजा बर्फबारी के बाद बिजली-पानी को लेकर ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कुल्लू जिला में 50 से अधिक सड़कें बर्फबारी व बारिश के बाद अवरुद्ध हो गई हैं। जबकि जनजातीय क्षेत्रों के लिए मंगलवार को होने वाली प्रस्तावित उड़ानें भी बर्फबारी के कारण रद्द हो गई हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

घाटी में 22 विभिन्न जगह 22 मरीज फंसे हुए हैं। खराब मौसम के चलते मरीजों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। 11 जनवरी के बाद से जनजातीय क्षेत्रों के लिए कोई भी हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं हुई है। लगातार खराब मौसम हेलीकॉप्टर उड़ानों में बाधा बन रहा है।





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- फोटो : ani

मनाली शहर में ताजा बर्फबारी से सैलानी और पर्यटन कारोबारी खुश है। शहर में सैलानियों ने बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। वहीं राजधानी शिमला में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। शहर के जाखू, मालरोड, संजौली और ढली क्षेत्र में बर्फबारी हुई है।


बर्फबारी के बाद शिमला-रामपुर नेशनल हाइवे-05 पर करीब 12 घंटे वाहनों की आवाजाही बंद रही। सोमवार रात करीब 11:15 बजे फागू, कुफरी और छराबड़ा में बर्फबारी शुरू हुई। इसके बाद 12 बजे ट्रैफिक बंद हो गया। पूरी रात वाहनों की आवाजाही बंद रही। मंगलवार सुबह बर्फबारी के बाद सड़क पर भारी फिसलन के चलते ठियोग-फागू और ढली में गाड़ियां रोक दी गईं। दोपहर 12 बजे के बाद फागू-कुफरी सड़क पर ट्रैफिक बहाल हो पाया। शिमला डिविजन की 119 सड़कें बंद होने से मंगलवार को एचआरटीसी के 171 रूट फेल हुए जबकि 41 बसें विभिन्न रूटों में फंस गईं।

किन्नौर, ऊपरी शिमला और आउटर सिराज की ऊंची चोटियों में भी बर्फबारी का दौर जारी है। एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के 4, रिकांगपिओ के 12, तारादेवी के 58, रोहड़ू के 19, रामपुर के 43, करसोग के 20, शिमला ग्रामीण के 13 और सोलन डिपो के 2 रूट फेल हुए हैं। लोकल डिपो की 10, तारादेवी की 3, रोहड़ू की 11, रामपुर की 6, करसोग की 3 और शिमला ग्रामीण की 8 बसें विभिन्न रूटों में फंसी हुई हैं। जिला कांगड़ा के कई क्षेत्रों में मंगलवार को बारिश जारी रही।

मंगलवार को नड्डी, मैक्लोडगंज, भागसूनाग और डलझील, बीड़ बिलिंग और मुल्थान में बर्फबारी हुई। मंगलवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में चार डिग्री की कमी दर्ज हुई। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। 23 को मौसम साफ रहने की संभावना है। 24 और 25 जनवरी को दोबारा मौसम खराब होने के आसार हैं। रामपुर से रोहड़ू को जोड़ने वाली सड़क दो सप्ताह से बहाल नहीं हो पाई है।

क्षेत्र न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
केलांग - 10.2
कल्पा - 7.4
कुफरी - 3.4
डलहौजी - 2.3
मनाली - 1.6
शिमला शून्य

क्षेत्र बर्फबारी (सेंटीमीटर में)
रोहतांग 75
जलोड़ी दर्रा 35
सोलंगनाला 30
खज्जियार 17
डलहौजी 12
मनाली 10



हिमाचल में फिर बर्फबारी, तीन एनएच समेत 332 सड़कें बंद, हवाई उड़ानें भी रद्द
 

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हिमाचल प्रदेश: इस दिन तक साफ रहेगा मौसम, 230 सड़कें अभी बंद


Updated Fri, 31 Jan 2020 07:50 PM IST


हिमाचल में छह फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। चार फरवरी को ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान जताया गया है। बीते कई दिनों से ठप पड़ी हवाई उड़ानें शुक्रवार को जनजातीय क्षेत्रों में शुरू हुईं। लाहौल और पांगी में फंसे मरीजों और लोगों को घाटी से बाहर निकाला गया। शुक्रवार शाम तक प्रदेश में दो नेशनल हाइवे समेत 230 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। राजधानी शिमला में सुबह धूप खिलने के बाद बादल छा गए। प्रदेश में मौसम खुलने के बाद भी शीतलहर का प्रकोप जारी है।

राज्य सरकार के पवन हंस हेलीकाप्टर ने शुक्रवार को लाहौल और पांगी घाटी के लिए दो उड़ान भरीं। इसमें करीब 75 यात्री रोहतांग दर्रे के आरपार हुए। भुंतर से पांगी के किलाड़ हेलीपैड के लिए उड़ान हुई। भुंतर से 18 यात्री किलाड़ हेलीपैड उतरे। इसके अलावा किलाड़ से चार मरीजों के साथ एक बच्चे सहित 19 लोगों को भुंतर एयरपोर्ट में उतारा गया। पहली उड़ान भुंतर-सिस्सू-गोंधला-भुंतर के बीच हुई।
इस उड़ान में एक बच्चे के साथ 20 यात्री लाहौल पहुंचे, वहां से 18 यात्रियों को भुंतर पहुंचाया गया। लाहौल और पांगी घाटी में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में चिकित्सकों के पास मरीजों को जिले से बाहर रेफर करने के सिवाय कोई चारा नहीं है।
उधर, चंबा जिला में बर्फ में फिसलकर एक व्यक्ति गहरी खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान कुलदीप पुत्र केसो राम निवासी गांव घरोटा पंचायत बाथरी के रूप में हुई है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। धूप खिलने के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम रिकार्ड हुआ।
क्षेत्र न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
केलांग - 13.0
कल्पा - 7.6
मनाली - 4.6
कुफरी - 3.8
डलहौजी - 0.8
भुंतर - 0.4
शिमला 0.7


 

rameshtahlan

Super User
WEATHER UPDATE - 22 MAR 2020, MONDAY

For past 20 days my iMac was running day and night to recover 1.8TB data from a 2TB Ext HDD.
Finally all the date was recovered, which was of past 20 years, Pre Sept 2018, images and videos and document and data.
Finally last night for the first time in 20 days i was able to power off the iMac, and then today morning powered it up again.
CHEERS. I am back to my iMac for weather reports.

Do keep a check on this WD,
the screenshot is for 22 Mar 2020 Monday,
It appears to be building up strength, that is cause there are two Low Pressures areas back to back, and the rear one is stronger and so is being fed with moisture from the Arabian Sea. When this happens it does bring lots of rainfall, and heavy snow.
So looks like by 23 or 24 it will be on us, and on 24th it should be full force on us.
But like all weather predictions, they are just predictions, and anything can happen, it can get influenced by a very large Low Pressure area over Russia, that can pull this Northwards and weaken the effect over us. And the reverse is also possible, and it brings extensive rain and snow over us.
So keep a good lookout for this WD.
FOR THOSE WHO PLAN TO REACH HIMALAYAS FOR THIS SNOWFALL, SUGGEST GET TO DESTINATION ON 22 MAR FOR SURE, and the further North you head into Himalayas the better, specially towards Kashmir, and Manali. What happens toward Kinnaur and Kaza we will have to see how it moves forward. Same goes for Uttarakhand.
Another few days and the picture will become more clear.


23 Mar Mon.png
 
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