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Here are the opening dates of the 2020 Chardham Yatra.

Yamunotri: 26th April 2020 (Tentative)

Gangotri : 26th April 2020 (Tentative)

Kedarnath: 29th April 2020 at 6:10 AM

Badrinath: 30th April 2020 at 4:30 AM
 

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New Dates:
Kedarnath Gates will open on 29 April
and
Badrinath Gates on 14th May, earlier it was scheduled to open on 29 and 30 April respectively.
 
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Char Dham Gates opened 2020

Yamunotri: 26th April 2020

Gangotri : 26th April 2020

Kedarnath: 29th April 2020 at 6:10 AM
 

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CLOSING DATES OF CHARDHAM YATRA:

Gangotri: 15th Nov 2020
Yumnotri: 16th Nov 2020
Kedarnath: 16th Nov 2020
Badrinath: 19th Nov 2020
Madhyamaheshwar: 19th Nov 2020
 
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Only Badrinath Dham & Madhyamaheshwar are open now.
Doors will close on 19 November 2020


उत्तराखंड: चारधाम के कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान, 16 नवंबर को केदारनाथ तो 19 को बदरीनाथ के कपाट होंगे बंद


Alok Bhadouria | Lipi
Updated: 25 Oct 2020, 02:58:00 PM

उत्तराखंड में स्थित चारधाम कपाट के बंद होने की तिथि की घोषणा कर दी गई है, इस वर्ष कोरोना महामारी की वजह से चार धाम की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को बाधा का सामना करना पड़ा था।

kedarnath

केदारनाथ धाम (फाइल फोटो)


करन खुराना, ऋषिकेश
उत्तराखंड प्रदेश में स्थित चारधाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा कर दी गई है। उत्तराखंड में हर वर्ष चार धाम कपाट बंद होने की तिथि और खोलने की तिथि निर्धारित की जाती है। कपाट खुलने का समय मार्च-अप्रैल में आता है और कपाट बंद होने का समय अक्टूबर-नवंबर में आता है। इसी क्रम में रविवार को बोर्ड की मीटिंग में चारधाम कपाट बन्द होने की तिथि निर्धारित कर दी गई है।



बद्रीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर सांय 3 बजकर 35 मिनट पर शीतकाल हेतु बंद किये जायेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज 16 नवंबर को प्रात: 8.30 बजे बंद होंगे। यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के अवसर पर 16 नवंबर को पूर्वाह्न में बजे बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट के अवसर पर 15 नवंबर पूर्वाह्न में शीतकाल हेतु बंद होंगे।

द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 19 नवंबर को प्रात: 7 बजे बंद होंगे। तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट 4 नवंबर 11.30 बजे बंद होंगे। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार विजयदशमी को भगवान श्री बदरीविशाल जी के कपाट बंद की घोषणा पंचांग गणना द्वारा तय की जाती है।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि पंचांग अनुसार कपाट बंद होने की तिथि निर्धारित की गई है। बैठक में बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी ईश्वरप्रसाद नम्बूदरी, नायब रावल अमरनाथ नम्बूदरी, अपर मुख्यकार्याधिकारी बीड़ी सिंह, धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, अपरधर्माधिकरी राधाकृष्ण थपलियाल, अपरधर्माधिकारी सत्यप्रसाद चमोला, वेदपाठी रविन्द्र भट्ट, सहायक मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान एवं समस्त कर्मी मौजूद रहे।


उत्तराखंड: चारधाम के कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान, 16 नवंबर को केदारनाथ तो 19 को बदरीनाथ के कपाट होंगे बंद
 

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Char Dham Yatra 2020 Latest News: Kedarnath Dham Doors Closed Today In Bhaiya Dooj
Chardham Yatra 2020 : बारिश व बर्फबारी के बीच शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Mon, 16 Nov 2020 04:44 PM IST


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विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए केदारनाथ धाम के कपाट - फोटो : amar ujala


बारिश व बर्फबारी के बीच बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए सुबह 8.30 बजे विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं। बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली ने मंदिर की तीन परिक्रमा के बाद मराठा रेजीमेंट की बैंड धुनों के साथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।
इस मौके यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत डेढ़ हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। बाबा की डोली पैदल मार्ग से गौरीकुंड, सोनप्रयाग में भक्तों को दर्शन देते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंची। 18 नवंबर को बाबा केदार छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।
सोमवार तड़के तीन बजे से मंदिर के गर्भगृह में मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग द्वारा बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना शुरू की गई। भव्य श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाते हुए आरती उतारी गई। इसके बाद स्वयंभू लिंग को समाधि रूप देकर भष्म से ढककर विधि-विधान के साथ समाधि पूजन किया गया।
बर्फबारी के बीच बाबा के भक्तों का उल्लास अपने चरम पर रहा
भगवान भैरवनाथ को साक्षी मानकर सुबह 6.30 बजे केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह के कपाट विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। इस मौके पर पंचमुखी भोगमूर्ति को गर्भगृह से मंदिर परिसर में विराजमान किया गया। लगातार होती तेज बर्फबारी के बीच बाबा के भक्तों का उल्लास अपने चरम पर रहा।

तत्पश्चात सुबह 8.30 बजे मंदिर के सभामंडप और मुख्य कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली ने मंदिर की तीन परिक्रमा करते हुए अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।

कपाट बंद होने के समय धाम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, औद्योगिक सलाहकार डा. केएस पंवार, विशेष सचिव डा. पराग मधुकर धकाते, डीएम मनुज गोयल, एसपी नवनीत सिंह भुल्लर, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, युद्धवीर सिंह पुष्पवाण, अरविंद शुक्ला, सुभाष सेमवाल, डीडीएमओ एनएस रजवार, देवानंद गैरोला, वयोवृद्ध तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, एसएस बिष्ट, मनोज सेमवाल समेत लगभग डेढ़ हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे।

17 नवंबर को गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी डोली

बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली मराठा रेजीमेंट के बैंड की सुरीली धुनों के साथ पैदल मार्ग पर रुद्रा प्वाइंट, छानी कैंप, लिनचोली, रामबाड़ा, भीमबली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड, सोनप्रयाग होते हुए पहले पड़ाव रामपुर पहुंची। जहां पर देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी व प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल डोली की अगवानी की।

मंगलवार 17 नवंबर को बाबा केदार की डोली रात्रि प्रवास के लिए गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी। जबकि 18 नवंबर को छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो जाएगी।


Chardham Yatra 2020 : बारिश व बर्फबारी के बीच शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट
 
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