2020 Lahaul, Spiti and Sach Pass Road Status

hiambuj

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You can find latest information on the road conditions of Lahaul, Spiti and Sach Pass (Pangi Valley) in 2020. We will also keep this thread update with the news of tentative opening dates of Rohtang Pass, Kunzum La, Chandertal and Sach Pass. So make sure to subscribe to this thread for regular updates.

Shimla – Kaza (Spiti Valley) Road Status: Open, with travel advisory due to Covid-19

Manali - Kaza Road Status ( via Rohtang and Kunzum): Closed

Manali - Lahaul Road Status: Closed

Chandertal Road Status: Closed

Rohtang Pass Road Status: Closed

Sach Pass Road Status (Pangi Valley):Closed
 

rameshtahlan

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WEATHER UPDATE
23 MARCH 2020 TO 1ST WEEK APRIL 2020.

Looks like the WD will finally reach us by late evening today, and bring more snowfall, and be in full force by midnight, and then from J&K it will spread to Ladakh, then Himachal, and also Uttarakhand,

Another WD following behind it, should reach us by 1st week April.

Not an issue for travel, as lock down has started
BUT
Wonder how the farmers will cope up, already financial crises is on,
and now this rain and snowfall will create problems for Wheat and Apple crop.


 

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Hundreds Of Women Protested Against Minister In Kaza Himachal

कोरोना के खतरे को दरकिनार करने पर सैकड़ों महिलाओं ने मंत्री को लौटाया, भारी विरोध


अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू Updated Tue, 09 Jun 2020 02:46 PM IST


महिला मंडल ने किया मारकंडा का विरोध - फोटो : अमर उजाला


कोरोना के खतरे को दरकिनार करने पर सैकड़ों महिलाओं ने मंगलवार को स्पीति पहुंचे कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा के काफिले को वापस लौटने के लिए मजबूर किया। काजा पहुंचते ही मंत्री का विरोध शुरू हुआ। इस दौरान काजा महिला मंडल की अगुवाई में महिलाओं ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही प्रशासन के खिलाफ भी नारे लगाए। लोगों के गुस्से को देखते हुए मंत्री मारकंडा को अपने काफिले के साथ वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। कोरोना काल में घाटी में बाहरी लोगों के आने को को लेकर घाटी के लोगों में गुस्सा है। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की।

यह भी बताया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन ने कोविड कमेटी से घाटी में पर्यटकों को भी लाने की भी बात कही थी। इसको लेकर भी काजा महिला मंडल में रोष जताया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है। काजा महिला मंडल प्रधान डोलमा देवी, उप प्रधान छेरिंग डोलमा, पर्यटन व्यवसायी लारा छेरिंग जो बाहर से लोग आ रहे हैं उन्हें 14 क्वारंटीन रहना होगा। कहा कि ऐसे मंत्री यदि मंत्री भी घाटी में आते हैं तो उन्हें भी नियमों को मानना होगा। उधर मामले पर लाहौल-स्पीति कांग्रेस ने भी मारकंडा पर निशाना साधा है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष स्पीति छेरिंग टशी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोहन सिंह ने कहा कि घाटी में बाहर से आने वाले सभी लोगों को कोरोना से संबंधित नियमों की पालना करनी होगी। बता दें बीते दिन ही किन्नौर से आई बस को स्थानीय लोगों ने सवारियों समेत वापस भेज दिया था।




कोरोना के खतरे को दरकिनार करने पर सैकड़ों महिलाओं ने मंत्री को लौटाया, भारी विरोध
 

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Beacon prepared road from Padar to Himachal Pradesh.
Now Jammu and Kashmir becomes closer to Himachal Pradesh.

JK: पाडर के रास्ते हिमाचल प्रदेश के और करीब हुआ जम्मू-कश्मीर, बीकन ने सड़क की तैयार
Publish Date:
Fri, 12 Jun 2020 11:13 AM (IST)

बिकन की 118 आरसीसी ने तैयारी से इशतियारी तक विकल्प मार्ग बनाने की योजना बनाई जो सिर्फ चार किलोमीटर थी।
इस सड़क पर करीब चार साल पहले धीरे-धीरे काम शुरू हुआ।...



किश्तवाड़, बलबीर जम्वाल :

अब जम्मू संभाग के किश्तवाड़ से वाया गुलाबगढ़ पाडर होते हुए हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा पहुंचना आसान हो गया है। कारण, गुलाबगढ़ से 25 किलोमीटर दूर तैयारी से इशतियारी तक सड़क बनकर तैयार हो चुकी है।

डिप्टी कमिश्नर राजेंद्र सिंह तारा ने बताया कि कोविड-19 के नियमों के अनुसार 19 अप्रैल को ग्रेफ अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की इजाजत दी गई। ग्रेफ कर्मचारियों ने इस सड़क के काम में तेजी लाई और वीरवार को सड़क के दोनों हिस्से आपस में मिल गए। अब सड़क पर तारकोल बिछाना बाकी है। यह सड़क इतनी चौड़ी है कि इस पर दो बड़े वाहन आसानी से निकल सकते हैं। सड़क का दूसरा हिस्सा मिलते ही लोगों ने भी खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाया और ग्रेफ अधिकारियों को मुबारकबाद दी। उनका कहना था कि इस पुरानी सड़क की वजह से लोगों की आवाजाही कम थी। हर साल यहां से ङ्क्षमधल माता की यात्रा गुजरती है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। अब सड़क खुली हो जाने से हिमाचल प्रदेश की ओर से भी आवाजाही बढ़ेगी।


बड़ी मुश्किल से छोटी गाड़ी निकल पाती थी:
डीसी ने बताया कि यह सड़क नौ किलोमीटर लंबी थी और इसकी चौड़ाई इतनी थी कि बड़ी मुश्किल से एक छोटी गाड़ी निकल पाती थी। इस सड़क की ऊंचाई दरिया से एक किलोमीटर से भी ज्यादा है। वहां से गुजरने वाले जान हथेली पर रखकर जाते थे। इस सड़क को खुला करने के लिए कोई साधन नहीं था क्योंकि बीच में दो जगह बर्फ के ग्लेशियर और पहाड़ था, जिसको तोडऩे में परेशानी आती थी।


ग्रेफ कर्मियों ने दिन-रात काम कर सड़क का निर्माण किया:
बिकन की 118 आरसीसी ने तैयारी से इशतियारी तक विकल्प मार्ग बनाने की योजना बनाई, जो सिर्फ चार किलोमीटर थी। इस सड़क पर करीब चार साल पहले धीरे-धीरे काम शुरू हुआ। दो साल पहले 118 आरसीसी ने इस सड़क को बनाने में काफी तेजी लाई और वहां पर अपने कर्मचारियों को तैनात कर दिया। दर्जनों मशीनें लगाई गई, जिसमें बुलडोजर, जेसीबी और कई भारी मशीनरी शामिल थी। ग्रेफ के कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत कर सड़क पर काम किया। हालांकि जब इस सड़क से मलबा गिरता तो नीचे वाली सड़क को बंद कर दिया जाता था। हालांकि पुरानी सड़क से हिमाचल प्रदेश के केलाड़ तहसील के दर्जनों वाहन रोजाना सड़क से होते हुए जम्मू और दूसरी जगह पर जाते थे।



कोरोना संक्रमण की वजह से मार्च में काम बंद करना पड़ा था: कोरोना संक्रमण की वजह से मार्च में ग्रेफ को भी अपना काम बंद करना पड़ा, लेकिन ग्रेफ के अधिकारियों ने डीसी किश्तवाड़ के साथ बैठक कर इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सड़क पर काम करने के लिए यही दो-तीन महीने हैं। बाद में सितंबर के बाद कभी भी बर्फबारी हो सकती है।




JK: पाडर के रास्ते हिमाचल प्रदेश के और करीब हुआ जम्मू-कश्मीर, बीकन ने सड़क की तैयार
 
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Himachal Pradesh › Chamba › Water Line Break Due To Blasting In Chamba

चंबा-जोत मार्ग पर ब्लॉस्टिंग बढ़ा रही पेयजल उपभोक्ताओं की मुसीबतें

शिमला ब्यूरो Updated Thu, 25 Jun 2020 09:45 PM IST

संवाद न्यूज एजेंसी

चंबा। चंबा-जोत मार्ग को चौड़ा करने के दौरान की जा रही ब्लास्टिंग से मंगला पंचायत के 22 मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। इस वजह से क्षेत्र के हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चट्टानों को तोड़ने के लिए की जाने वाली ब्लास्टिंग से रठियार पेयजल स्रोत से कोटा स्थित 50 हजार लीटर क्षमता के पेयजल टैंक के लिए बिछाई मुख्य लाइन भनेरा के पास बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है।
इस कारण मंगला पंचायत बांशिदों की दिक्कतें बढ़ गई है। पेयजल की आपूर्ति के बाधित होने से ग्रामीणों को प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से पेयजल की आपूर्ति को बहाल करने की मांग उठाई है।
बता दें कि मंगला पंचायत के तहत गांव कोटा, हथेड़ी, डडियारा, हट्टी मोहल्ला, पधरोटा, ओहली, डोली, मंगला सहित आसपास के विभिन्न मोहल्लों में बीते कुछ दिनों से पेयजल की आपूर्ति बार-बार ठप हो जाती है। पेयजल की आपूर्ति के बंद होने से लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों का से पानी ढोकर लाना पड़ता है।
ग्रामीण राजेंद्र कुमार, भुवनेश कुमार, विकास, अजय कुमार और नरेश कुमार ने बताया कि पानी के बिलों का समयानुसार भुगतान करने के बाद भी पेयजल की आपूर्ति बंद है। इस कारण ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करवाने की मांग उठाई है।
जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि चंबा-जोत मार्ग को चौड़ा करने का कार्य चल रहा है। इस कारण भनेरा के पास ब्लास्टिंग से बार-बार पेयजल की लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। कहा कि कार्य करवा रहे ठेकेदार को चेताया गया है कि यदि दोबारा लाइन के क्षतिग्रस्त हुई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


चंबा-जोत मार्ग पर ब्लॉस्टिंग बढ़ा रही पेयजल उपभोक्ताओं की मुसीबतें
 
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Chamba › Hrtc Bus Break Down In Chamba

सुकडाई बाईें के पास फूल गया एचआरटीसी बस का दम, यात्री परेशान

शिमला ब्यूरो Updated Thu, 25 Jun 2020 09:39 PM IST


बनीखेत (चंबा)।
सुरक्षित और आरामदायक सफर का दावा करने वाली सरकार की एचआरटीसी बसें बीच रास्ते में दम तोड़ रही हैं। इस वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला वीरवार को सामने आया।

सुबह के समय मंजीर से डलहौजी के लिए जा रही एचआरटीसी की बस सुकड़ाई बाईं के समीप खराब हो गई। उस समय बस में करीब बीस यात्री सवार थे। अचानक बस बंद होने से यात्री घबरा गए। इसके बाद चालक और परिचालक गाड़ी से उतरे। उन्होंने यात्रियों को बताया कि गाड़ी के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई।
चालक ने बस को स्टार्ट करने के लिए अपने स्तर पर काफी प्रयास किए। मगर बस स्टार्ट नहीं हो पाई। इसके बाद यात्री भी बस से उतर गए और करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर बनीखेत बस स्टैंड पहुंचें। यहां से वह गंतव्यों के लिए रवाना हुए।
बस को दुरुस्त करने के लिए एचआरटीसी प्रबंधन नेे चंबा से मैकेनिकों की टीम भेजी है। खबर लिखे जाने तक बस दुरुस्त नहीं पाई थी। यात्री रमेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, बिमला देवी, उमेश कुमार और राजकुमार का कहना है कि बस अचानक बंद होने से उन्हें परेशानी आई।
इस वजह से उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए बनीखेत से बस लेनी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि चंबा डिपो में कई बसों की हालत बेहद खराब है। ऐसे में यह बसें बीच रास्ते में दम तोड़ रही हैं। यात्रियों ने सरकार से मांग की कि चंबा के लिए नई बसों की व्यवस्था की जाए।
आरएम चंबा सुभाष रणहोत्रा ने बताया कि इस बारे में सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि बस को दुरुस्त करने के लिए चंबा से टीम भेजी गई है। जल्द ही बस को दुरुस्त किया जाएगा।


सुकडाई बाईें के पास फूल गया एचआरटीसी बस का दम, यात्री परेशान
 

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Stones of development projects laid in Pangi

Posted: Jun 30, 2020 06:52 AM (IST)
Updated : 1 day ago




Stones of development projects laid in Pangi


Himachal Chief Minister Jai Ram Thakur

Tribune News Service
Shimla, June 29

Chief Minister Jai Ram Thakur laid the foundation stones of development projects worth Rs 70 crore in Pangi area of Chamba district from Shimla today through video conferencing.

The foundation stones laid included the upgrade of Dhawars-Sural-Bhatori road to be completed at a cost of Rs. 12.35 crore, 24-km Sach Khas- Towan road to be completed with an expenditure of Rs 16.02 crore and a link road from Saichu to Chasak village to cost Rs 2.25 crore.
He also laid foundation stone of additional accommodation at Government Senior Secondary School, Killar, Revenue Bhawan at Killar, new building of Civil Hospital, Killar to be completed with an outlay of Rs 18.89 crore and of doctors’ residences at Killar.
The Chief Minister said that these developmental projects would prove a boon to the people of Pangi area.


Stones of development projects laid in Pangi
 

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Allow restricted entry of tourists in Himachal: Tourism Industry Association
The association has urged the state to open borders for tourists, barring those from cities with a high viral load
CHANDIGARH Updated: Jun 29, 2020 12:35 IST
HT Correspondent

HT Correspondent
Hindustan Times/Shimla




(HT File Photo )

Calling attention to the plight of the hospitality sector, the Tourism Industry Stakeholders Association on Monday urged the state government to allow restricted entry of tourists.
The association advised the government to allow entry of tourists with confirmed reservations at hotels complying with Covid-19 guidelines.
The association’s adviser, Anil Walia, said, “The tourism industry has been badly affected due to the Covid-19 pandemic and the government must take steps to revive it.”
“We have urged the government to allow hotels that have adopted standard operating procedures to operate,” he said.
The Himachal government had allowed businesses, including restaurants and hotels, to open as part of Unlock 1.0 but the state’s hotel and tourism sector stakeholders were not keen on resuming operations as the inter-state borders were closed to outsiders.
So far, only locals or those travelling for official meetings, business tie-ups and emergencies are allowed to book hotel rooms.There are restrictions on entertaining non-resident tourists from other states and abroad.
Walia said the tourism industry was waiting for the state to open borders to tourists: “There are many tourists who want to visit the hill-state,” he said.
Association president MK Seth said opening the borders will help bring occupancy to at least 30%.
“The government had allowed hotels to open for locals in Unlock 1.0 and tourists from other states should be allowed in the second phase. Only tourists from cities with high viral loads should be banned.”


Allow restricted entry of tourists in Himachal: Tourism Industry Association
 
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Himachal News: State Government Tourism Department Allowed Tourist For Five Day Hotel Booking In Himachal
Covid-19 Test Negative Report is must within 72 hours of arrival at Himachal Borders.

पर्यटकों के लिए खुले हिमाचल के दरवाजे, होटल में पांच दिन की बुकिंग पर आ सकेंगे कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट वाले सैलानी


अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Updated Fri, 03 Jul 2020 10:05 PM IST


हिमाचल सरकार ने सैलानियों के लिए प्रदेश की सीमाएं खोल दी हैं। शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने पर्यटन गतिविधियां शुरू करने की गाइडलाइन जारी कर दी है। अब होटल में पांच दिन की बुकिंग पर कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट वाले सैलानी प्रदेश में आ सकेंगे। आईसीएमआर से पंजीकृत लैब से 72 घंटे पहले कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए। पर्यटकों को कर्फ्यू पास की जरूरत नहीं होगी। उन्हें प्रदेश सरकार की कोविड ई-पास वेबसाइट पर 48 घंटे पहले पंजीकरण कराना होगा। होटलों की एडवांस बुकिंग करवाने वाले सैलानियों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।

प्रदेश में ठप चल रही पर्यटन गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट वाले सैलानियों को प्रदेश में एंट्री देने का आखिरकार सरकार ने फैसला ले लिया है। पर्यटकों को कम से कम पांच दिन की बुकिंग करानी होगी। पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित अन्य राज्यों की गाइडलाइन पर भी हिमाचल सरकार ने मंथन किया है। बता दें कि वीरवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में एक सप्ताह के भीतर पर्यटन गतिविधियां शुरू करने का खुलासा किया था। प्रदेश के रेस्तरां और ढाबों में 60 फीसदी आक्यूपेंसी ही आने वाले दिनों में जारी रहेगी। इसको लेकर आने वाले दिनों में पर्यटन विभाग ही कोई बदलाव करने के लिए अधिकृत होगा।

निजी होटल मालिकों को मनाना नहीं आसान
प्रदेश के निजी होटल मालिक अभी होटल खोलने के लिए तैयार नहीं है। कारोबारियों का मत है कि समर सीजन प्रदेश में समाप्त हो चुका है। बरसात के दौरान बहुत कम लोग प्रदेश में आते हैं। कोरोना संक्रमण के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सितंबर में होटलों को खोलने का फैसला लेना चाहिए। उधर, पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए कमर कस चुकी प्रदेश सरकार के लिए निजी कारोबारियों को तैयार करना चुनौती भरा काम रहेगा।

सवा तीन महीने बाद दोबारा लौटेगी पर्यटकों की रौनक
हिमाचल करीब सवा तीन महीने बाद दोबारा से पर्यटकों से गुलजार होने वाला है। सरकार के नए फैसले से पर्यटन उद्योग के पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। सरकार ने निजी होटलियर्स से चर्चा और उन्हें विश्वास में लेने के बाद शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी की है। सरकार के इस फैसले से पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रदेश के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस साल का समर सीजन पर्यटकों के बिना गुजरा है। मार्च के आखिरी सप्ताह से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां बंद पड़ी हैं। लॉकडाउन के चलते प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों की कमर टूट गई है।

पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। सरकार ने हालांकि कम ब्याज पर ऋण देने की योजना शुरू की है। बिजली बिल का डिमांड चार्ज भी टाला है, लेकिन इन राहतों के बावजूद हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। सरकार के फैसले से मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को प्रदेश के ठंडे मौसम का लाभ मिलेगा। बीते दिनों ही सरकार ने बसों में सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी को मंजूरी दी है। इस फैसले से जनता सहित निजी ऑपरेटरों और एचआरटीसी को बड़ी राहत मिली है।

अब बाहरी राज्यों के लोगों के लिए प्रदेश के दरवाजे खोलकर सरकार ने आर्थिक स्थिति को और बेहतर करने को बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने को गाइडलाइन में पुख्ता इंतजाम किए हैं। आईसीएमआर से पंजीकृत लैब से कोरोना की जांच में निगेटिव आने वालों को ही सरकार प्रदेश में आने की मंजूरी देगी। ई पास पोर्टल पर सैलानियों का पंजीकरण होने के बाद पर्यटन विभाग के अधिकारी प्रदेश में इनकी लगातार मॉनीटरिंग भी करेंगे।

सरकार के फैसले का स्वागत : सेठ
हिमाचल टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए सरकार का आभार जताया है। कहा कि प्रदेश की सभी होटल एसोसिएशनों के सुझावों को गाइडलाइन में शामिल किया गया है। जल्द स्टाफ को प्रशिक्षित कर कारोबार को शुरू कर दिया जाएगा।




 

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Rampur Bushahar › रोहड़ू से शिमला पहुंचने में लग रहे दस घंटे

रोहड़ू से शिमला पहुंचने में लग रहे दस घंटे

Rampur Updated Tue, 19 Aug 2014 05:30 AM IST





शिमला। सेब से लदे ट्रकों को रोहड़ू से शिमला पहुंचने में दस घंटे लग रहे हैं। ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क की दुर्दशा के कारण पांच घंटे का सफर दुगने समय में तय हो रहा है। सेब के ट्रक रोहड़ू से शिमला दस घंटे में पहुंच रहे हैं, जबकि शिमला से दिल्ली पहुंचने में ट्रकों को नौ घंटे का ही समय लग रहा है।

प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के दावों के बावजूद सेब सीजन में भी ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क की स्थिति नहीं सुधरी है। ठियोग से लेकर हाटकोटी तक सड़क की दशा दयनीय बनी हुई है। सड़क पूरी तरह गड्ढों में तबदील है। बारिश होने पर सड़क कीचड़ से सन जाती है और मौसम साफ होने पर धूल के गुब्बार में गुम हो जाती है। सड़क किनारे नालियां नहीं हैं, जिसके कारण बारिश के दौरान सड़क पानी से लबालब भर जाती है। इस सड़क को लेकर सरकार की उदासीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीक सीजन के दौरान भी सड़क के गड्ढे तक भरने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। सड़क की बदहाली का खामियाजा बागवानों को चुकाना पड़ रहा है। सेब ट्रकों के देरी से मंडियों में पहुंचने के कारण सेब की क्वालिटी प्रभावित हो रही है, जिस कारण बागवानों को उपज की सही कीमत नहीं मिल पा रही है।
वन वे ट्रैफिक ने बढ़ाई परेशानी
जुब्बल-कोटखाई वाया खड़ापत्थर मार्ग को वन वे किए जाने से सेब उत्पादकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रात आठ बजे के बाद खड़ापत्थर से कोटखाई की ओर ट्रकों की एंट्री बैन होने के कारण सेब एक दिन देरी से मंडी पहुंच रहा है। ट्रक में पेटियां पैक रहने के कारण सेब की क्वालिटी पर असर पड़ने के चलते मार्केट में रेट भी अच्छे नहीं मिल रहे हैं। बागवानों ने खड़ापत्थर से कोटखाई की ओर रात दस बजे तक ट्रकों के रवानगी जारी रखने की मांग की है।

लोकल मंडियों में देरी से पहुंच रहा सेब
सड़क की खस्ताहालत के कारण आसपास की लोकल मंडियों में भी सेब की खेप देरी से पहुंच रही है। रोहड़ू, जुब्बल, खड़ापत्थर और कोटखाई से चलने वाली सेब की गाड़ियों को शिमला, सोलन और चंडीगढ़ की मंडियों तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है। इसके कारण बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।


रीडर कनेक्ट
- कम से कम नालियां तो बना दो : राजेश
मौजूदा सेब सीजन के दौरान लोक निर्माण विभाग को ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क के किनारे नालियों का निर्माण करना चाहिए। बारिश के दौरान पानी नालियों से होकर बहेगा, जिससे सड़क की हालत और ज्यादा खराब नहीं होगी। ऐेसे स्थानों पर जहां भूस्खलन का खतरा है विभाग को मशीनरी तैनात करनी चाहिए।
- राजेश कुमार, धार दोची

सेब मंडी तक पहुंचाना बागवानों के लिए अग्निपरीक्षा : सुशील
ठियोग-हाटकोटी सड़क की खराब हालत बागवानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई है। सेब को सही सलामत मंडियों तक पहुंचाना बागवानों के लिए अग्निप रीक्षा से कम नहीं है। खराब सड़क के कारण गाड़ियों को नुकसान हो रहा है। इसके चलते प्रति पेटी भाड़े में भी बढ़ोतरी कर दी गई है।
- सुशील शर्मा, कोटखाई

बागवान, आढ़ती या सेब से जुड़े कारोबारियों की समस्याओं के बारे में अगर आप कोई जानकारी देना चाहें तो अमर उजाला के सेल फोन नंबर 97360-00381 पर संपर्क कर सकते हैं।




रोहड़ू से शिमला पहुंचने में लग रहे दस घंटे
 
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