2020 Lahaul, Spiti and Sach Pass Road Status

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Tourists are welcomed in Himachal Pradesh now.
No E-Pass needed.
Covid-190b Negative Report must.


ksk कुछेक कायदे कानूनों के चलते ही मिलेगी हिमाचल की मनमोहक वादियों में एंट्री
by K.S.K.

July 6, 2020

in Breaking, खबरे :: सरसरी तौर



Shimla/Himachal Pradesh

खबरों से खबर

हिमाचल में सैलानियों
के लिए भी प्रदेश की सीमाएं सोमवार से खोल दी गई हैं। सोमवार से बिना ई-पास लोग प्रवेश कर सकेंगे। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाहरी राज्यों से हिमाचल में आने वाले सैलानियों को 48 घंटे पहले पंजीकरण करवाने और 72 घंटे पहले की निगेटिव करोना रिपोर्ट के आधार पर प्रवेश देने का फैसला लिया है। शुक्रवार शाम या शनिवार को पंजीकरण करवाने वाले सैलानियों के 48 घंटे सोमवार को पूरे हो जाएंगे। ऐसे में संभावित है कि सोमवार से प्रदेश में सैलानियों की आवाजाही शुरू हो सकती है। हिमाचल आने वाले सैलानियों की जांच के लिए सभी बॉर्डर एरिया पर संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों की जिम्मेवारी सुनिश्चित की गई है। ये अधिकारी बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों के दस्तावेजों को जांचेंगे। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद ही सैलानियों को प्रदेश में प्रवेश दिया जाएगा। आईसीएमआर से पंजीकृत लैब से कोरोना की जांच में निगेटिव आने वालों को ही सरकार प्रदेश में आने की मंजूरी देगी। ई पास पोर्टल पर सैलानियों का पंजीकरण होने के बाद पर्यटन विभाग के अधिकारी प्रदेश में इनकी लगातार मॉनीटरिंग भी करेंगे। पर्यटकों को कम से कम पांच दिन की बुकिंग करानी होगी। प्रदेश के रेस्तरां और ढाबों में 60 फीसदी आक्यूपेंसी ही आने वाले दिनों में जारी रहेगी। इसको लेकर आने वाले दिनों में पर्यटन विभाग ही कोई बदलाव करने के लिए अधिकृत होगा। प्रदेश के निजी होटल मालिक अभी होटल खोलने के लिए तैयार नहीं है। कारोबारियों का मत है कि समर सीजन प्रदेश में समाप्त हो चुका है। बरसात के दौरान बहुत कम लोग प्रदेश में आते हैं। कोरोना संक्रमण के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सितंबर में होटलों को खोलने का फैसला लेना चाहिए। हिमाचल करीब सवा तीन महीने बाद दोबारा से पर्यटकों से गुलजार होने वाला है। सरकार के नए फैसले से पर्यटन उद्योग के पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। सरकार ने निजी होटलियर्स से चर्चा और उन्हें विश्वास में लेने के बाद नई गाइडलाइन जारी की है। सरकार के इस फैसले से पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रदेश के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस साल का समर सीजन पर्यटकों के बिना गुजरा है। मार्च के आखिरी सप्ताह से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां बंद पड़ी हैं।


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  • Shimla
  • Solan
  • Roads tight due to flyover work in Chambaghat, apple season will get jammed


समस्या / चंबाघाट में फ्लाईओवर के काम के कारण तंग हुई सड़क, सेब के सीजन में लगेगा जाम

Roads tight due to flyover work in Chambaghat, apple season will get jammed

  • सेब सीजन में यहां से जाती हैं रोजाना करीब 1500 छोटी-बड़ी गाड़ियां

दैनिक भास्कर
Jul 09, 2020, 04:00 AM IST

सोलन. सोलन के चंबाघाट में फोरलेन के फ्लाईओवर निर्माण कार्य के कारण इन दिनों सड़क सिंगल हो गई है, इससे सेब सीजन में यहां ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होने की आशंका है। सेब सीजन में रोजाना करीब 1500 छोटी-बड़ी गाड़ियां यहाँ से अतिरिक्त चलती हैं। पिछले साल सेब सीजन के दौरान कुमारहट्‌टी में फ्लाईओवर के काम के कारण रोजाना कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगता रहा जिसके कारण लोग घंटों यहां फंसे रहे। कुमारहट्‌टी में भी अभी काम पूरा नहीं हुआ है तो इस बार भी यहां भी वही स्थिति बन सकती है।
परवाणू-शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांटा गया है। इसके तहत दूसरे चरण में चंबाघाट से कैथलीघाट तक फोरलेन का निर्माण हो रहा है। इसमें चंबाघाट में 600 मीटर का फ्लाईओवर बन रहा है। इन दिनों रेलवे क्रॉसिंग के आगे शिमला की ओर इसका काम चल रहा है। यहां पिलरों के लिए खुदाई की गई है और ट्रैफिक के लिए काफी तंग सड़क रह गई है। यहां दो बड़ी गाड़ियां तो क्रॉस ही नहीं हो पाती।
सेब सीजन शुरू होने वाला है और जुलाई के आखिरी सप्ताह से यह रफ्तार पकड़ेगा और इस दौरान सड़क पर पिकअप और ट्रकों का रश बड़ जाएगा। अगस्त से सितंबर तक यहां से रोजाना करीब 1500छोटी-बड़ी गाड़ियां जाती हैं। बड़ी लोड गाड़ियाें का रश रहने से चंबाघाट की तंग सड़क जाम का कारण बन सकती है। कुमारहट्‌टी का फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में है,लेकिन पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए 31 मार्च की डेडलाइन थी,लेकिन लॉकडाउन के कारण यह काम लटक गया। कंपनी का दावा है कि सेब सीजन से पहले यह काम पूरा हो जाएगा।
सोलन के चंबाघाट में फ्लाई ओवर का काम चल रहा है। सड़क तंग होने को लेकर निर्माता कंपनी को आवश्यक निर्देश दे दिए गए है। इस बारे में दो बार बैठक भी हो चुकी है ताकि सेब सीजन में किसी प्रकार ट्रैफिक न लगे। ऐसे ही निर्देश कुमारहट्‌टी फ्लाईओवर निर्माता कंपनी को भी दिए गए है। -रोहित राठौर, एसडीएम सोलन



चंबाघाट में फ्लाईओवर के काम के कारण तंग हुई सड़क, सेब के सीजन में लगेगा जाम
 

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Himachal govt hikes mininum bus fare by Rs 2, per km rates by 25%

This is the second hike in bus fares by the current government – in September 2018, the fares had been increased by 24.44 per cent.

By: Express News Service | Shimla | Published: July 20, 2020 10:27:31 pm


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The Cabinet decided to increase the bus fare because of the fund crunch due to Covid-19 pandemic. (File Photo)


The Himachal Pradesh government on Monday decided to increase the bus fare by 25 per cent and also increased the minimum fare for the first three kilometres from Rs 5 to Rs 7, a move that was opposed by the opposition Congress which termed it “anti-people”.
The decision was taken in a Cabinet meeting chaired by Chief Minister Jai Ram Thakur.
There will be an increase of 25 per cent in the present per kilometre tariffs for all travellers beyond three kilometres for hilly and plain areas. The current ordinary bus fare in the state (before the hike) for ordinary buses is Rs 1.12 per km for the plain areas and Rs 1.75 per km in the hills. The deluxe bus fare is Rs 1.37 per km and Rs 2.17 per km in the plains and the hills, respectively, while the fare for Volvo and air-conditioned buses is Rs 2.74 per km in the plains and Rs 3.62 per km in the hills.

The Cabinet decided to increase the bus fare because of the fund crunch due to Covid-19 pandemic. This is the second hike in bus fares by the current government – in September 2018, the fares had been increased by 24.44 per cent.
The opposition Congress said that it would hit the streets if the decision was not rolled back. “This is an anti-people decision. Hike in diesel prices has already hit the people hard. Today, even bus travellers have not been spared. The Congress is not going to sit silently on such decisions,” said Kuldeep Singh Rathore, state Congress president.
Meanwhile, the Cabinet also decided to withdraw the facility of free travel in Himachal Road Transport Corporation (HRTC) buses given to MPs and MLAs within and outside the state. The facility would continue, however, for former MLAs and MPs.
It also approved the replacement of 38 ambulances in the state under the National Ambulance Service-108, the opening of a new government primary school at Lower Tharedi in Gram Panchayat Bakan in Bharmour assembly constituency, and the conversion of 34 employment guarantee scheme (EGS) instructors into Gramin Vidya Upasaks.
During the meeting, the industries department held a presentation on ‘ease of doing business’ in the state, stressing on the development of online systems for 46 services provided to the entrepreneurs. The cabinet approved the reforms.
The Cabinet also authorised the IT department to purchase 16 workstations required for an e-Cabinet.
Among other decisions, the Cabinet gave its nod to fill up three posts of junior office assistant (IT) in the prosecution department on a contract basis, and convert 771 vacant posts in the cadre of assistant librarians in the education department into junior office assistants (library).


Himachal govt hikes mininum bus fare by Rs 2, per km rates by 25%
 

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Himachal Pradesh में बारिश की मार.. Landslide से दरक गए पहाड़
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•Jul 21, 2020



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उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही मची है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में बारिश की मार से दरके बाढ़.
 
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