Corona Virus Covid 19

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Coronavirus: एक हाथ में मासूम, दूसरे में सूटकेस, कैसे पैदल चली प्रयागराज की मंजू ? | MPTAK
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•May 5, 2020



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MP Tak


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#MPT017 सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें एक महिला के हाथ में ट्रॉली बैग था तो दूसरे हाथ में 9 महीने का मासूम बेटा, ये वीडियो इंदौर का है, जिसे एक संस्था के सदस्य ने कुछ दिन पहले बनाया था, वीडियो में महिला तपती धूप में गुजरात के सूरत से एक हजार किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर इंदौर तक आ गई थी, उसके पास न तो पैसे थे और न मासूम के दूध के लिए कोई व्यवस्था, देखिए ये रिपोर्ट
 

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Coronavirus Lockdown: Ghaziabad के Slum के Migrant Worker ने बताया Coronavirus और Police का रिश्ता
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•May 18, 2020


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The Lallantop


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Coronavirus in India: In the special ground report series of The Lallantop called ‘Corona Suffer’, Siddhant Mohan and Amitesh Kumar bring you on-ground stories of coronavirus spread, lockdown and its impact on human life. In this episode, we talked with people from slums living in Ghaziabad. As per this innocent child, The Lallantop is a cartoon channel and he was once beaten by UP Police. Watch the video for more details.
 

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एक हाथ में बच्चा तो दूसरे में सूटकेस लेकर 1000किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंची ये "मदर इंडिया"





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•May 7, 2020
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MEXA NEWS



More than one incident of migrant laborers is coming out in lockdown due to Corona virus, in which their livelihood is revealed. One such video was going viral on social media, in which a woman had a trolley bag in her hand and a 9-month-old innocent son in the other hand When we came to know about this video, it came to light that a member of an institution in Indore made this video a few days ago when he was giving water to people on the Indore bypass. It was seen in that video how a mother had come a thousand kilometers from Surat in Gujarat to Indore in the hot sun. He had neither money nor any arrangement for innocent milk. When this woman got the eye of the people of M for Seva All India Moment Seva Samiti, then arrangements were made to go with her food and water. Ajay Gupta, who made a video and helped the woman, said that this thing is about 8-9 days old. It was around 3 in the afternoon. In the afternoon, we were giving water to the laborers going to the bypass. Then I saw the road where a woman was walking with a suitcase. The woman had a 9-month-old baby in one hand and a suitcase in the other hand. She was walking in the scorching sun with her innocent son. She reached Indore after walking hundreds of kilometers. She came from Surat and was going to Prayagraj. The woman's name is Madhu and her husband's name is Dinesh. He was sent to Kanpur with the help of police. MEXA NEWS outbreaks the conventional news reading and brings to you the real face of every information Latest news from India and the world, politics and nation, entertainment, sports and science. of the state on every aspect you can think of It is easy for every person to watch the news
 

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मजदूर की मजबूरी समझ इंस्पेक्टर ने बच्ची को गोद में उठा लिया ! | MPTAK
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•May 15, 2020



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MP Tak


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कोरोना काल में ये तस्वीरें सुकून देने वाली हैं, Damoh में रेलवे स्टेशन पर इंस्पेक्टर रविकांत शुक्ला को एक बच्ची प्लेटफॉर्म पर सोती हुई मिली, तो इंस्पेक्टर शुक्ला ने उसे अपनी गोद में लेकर बाहर आए और फिर उसका मेडिकल चेकअप कराने के बाद उसे उसके पिता के हवाले किया, देखिए ये रिपोर्ट
 

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Lockdown: भूख, आंसू और थकान...लेकिन Migrants अब अपनी मिट्टी में लौटना चाहते हैं (BBC HINDI)
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•May 14, 2020




BBC News Hindi

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कोरोना वायरस की वजह से देश भर में लॉकडाउन हैं और शहरों में काम करने वाले सैकड़ों-हज़ारों मज़दूर और कामगार अब हर हाल में अपने घरों को लौटना चाहते हैं. अपनी मिट्टी के क़रीब पहुंचने की चाहत इस कदर है कि वो इसके लिए कितने भी किलोमीटर पैदल चलने को तैयार हैं. और इनमें पुरुष ही नहीं हैं. साथ में महिलाएं और बच्चे भी हैं. प्रशासन कह रहा है कि वो इनके यहां रहने के इंतज़ाम कर रहा है लेकिन इन लोगों का कहना है वो अब घर जाना चाहते हैं. क्या दोबारा लौटेंगे, तो इसके जवाब में कहते हैं कि अभी साल भर तो नहीं आ पाएंगे.
 

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बेटियों को basket में लेकर Andhra से Chhattisgarh जा रहे migrant worker की police ने ऐसे की हेल्प


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•May 17, 2020
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The Lallantop


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https://www.thelallantop.com/news/and... A viral photo circulating on social, in this photo A man carrying daughters in basket. This photo is from Kurnool district of Andhra Pradesh. The person carrying daughters is a resident of Chhattisgarh. His name is Bihari. He work as a daily wage laborer in Andhra Pradesh.Seeing them walking on road like this, the policemen help and send them to their village in Chhattisgarh by car.
 

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ब्रीफकेस का बिस्तर, नींद में मासूम
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•May 14, 2020


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NDTV India

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महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश की सीमा पर बड़वानी में सैकड़ों मजदूर अपने घर जाने के लिए इकट्ठा हुए हैं. एक बस आती है तो भीड़ उस पर टूट पड़ती है. इसकी असल मार कमजोर लोगों पर पड़ती है. एक गर्भवती महिला कल रात 12 बजे से बस का इंतजार कर रही है. उसका एक छोटा बच्चा भी है, जो ब्रीफकेस में सो रहा है.
 

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साइकिल पर बैठी दो बच्चियां जो नींद में इधर-उधर गिर रही है लेकिन पिता चले जा रहे हैं | ABP News Hindi
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•May 16, 2020




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ABP NEWS HINDI


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2 साल और 3 साल की दामिनी और कामिनी अपने पिता की साइकिल पर सोते हुए जा रही हैं। दामिनी कामनी को नहीं पता कि उनके पिता किन मुश्किल हालातों से गुजर रहे हैं। दामिनी कामिनी के पिता बबलू Uttar Pradesh के माधवगंज के रहने वाले हैं, माधवगंज यहां से करीबन 450 किलोमीटर दूर है लेकिन मज़दूरी बंद हो गई है और अब खाने के भी लाले पड़ गए हैं इस वजह से अपनी बच्चियों को लेकर निकल पड़े हैं। बबलू का कहना है कि रात में चलेंगे और दिन में कहीं आराम कर लेंगे जैसे भी होगा अपने घर तो पहुंच जाएंगे|
 

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अगर बच्चे भूख-प्यास से मर जाएंगे तो उसका ज़िम्मेदार कौन होगा ? : मज़दूर | ABP News Hindi
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•May 16, 2020


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ABP NEWS HINDI


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उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले एक परिवार की कहानी जिसमें 2 साल 3 साल और 4 साल के बच्चे हैं जो पैदल चले जा रहे हैं। 1 साल का एक बच्चा साइकिल पर बैठा हुआ है परिवार का कहना है कि यहां पर मरने से अच्छा कम से कम अपने घर की तरफ तो चलेंगे यहां पर तो कुछ खाने पीने का इंतजाम है नहीं भूख प्यास से मर रहे हैं
 

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Film Star selling Fruits on Road in this Corona TIme.

Lockdown की वजह से Delhi की गलियों में फल बेच रहा है फिल्म कलाकार
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•May 18, 2020



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NMF News

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कोरोना संकट के आगे हार ना मानते हुए इस कलाकार ने फल बेचना शुरू कर दिया… वो कहते हैं ना कि कोई भी काम छोटा नहीं होता… उसका जीता जागता उदाहरण हैं सोलंकी दिवाकर…
 
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