Corona Virus Covid 19

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547 new cases found in the state, nine deaths, antigen detection tests will begin, results will come in 30 minutes


राज्य में कोरोना / प्रदेश में 547 नए केस मिले, नौ की मौत, एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट होंगे शुरू, 30 मिनट में आएगा रिजल्ट

सोनीपत. हेल्थ टीम नियंत्रण क्षेत्रों में जाकर सैंपल लेते हुए।


सोनीपत. हेल्थ टीम नियंत्रण क्षेत्रों में जाकर सैंपल लेते हुए।
  • मरीजों की संख्या 9896 हुई, कुल ठीक 4889 हुए, रिकवरी रेट 50% के ऊपर पहुंचा
  • एक लाख का दिया गया ऑर्डर, प्रति किट 500 रुपए की, शनिवार से कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी
  • चीन और साउथ कोरिया की कंपनी की रैपिड टेस्ट किट के संतोषजनक नहीं निकले थे परिणाम

दैनिक भास्कर
Jun 20, 2020, 06:23 AM IST

राजधानी हरियाणा. राज्य में कोरोना खतरनाक होता जा रहा है। एक ही दिन में 547 नए संक्रमित मरीज मिलने के साथ नौ लोगों की मौत हो गई है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी लगातार अपने स्तर पर प्लानिंग बना रहा है। अब राज्य में एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट शुरू किए जाएंगे। इस किट से मात्र 30 मिनट में रिजल्ट मिल जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक लाख जांच किट का ऑर्डर दिया गया है।
दिल्ली में इस किट से जांच शुरू की जा रही है। आईसीएमआर से अप्रूव्ड यह प्रति किट सरकार को करीब 500 रुपए में पड़ेगी। शनिवार को गुड़गांव में कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिए जाने के बाद सोमवार से जांच शुरू हो जाएगी। हालांकि अभी इसके परिणाम कितने संतोषजनक रहते हैं, यह देखना बाकी है। क्योंकि पूर्व में चीन और गुड़गांव में साउथ कोरिया की कंपनी की ओर से तैयार की गई रैपिड किट का रिजल्ट ठीक नहीं आया था।
प्रदेश में अब एक दिन में फरीदाबाद में 5, गुड़गांव में 3 और भिवानी में एक नई मौतों के साथ कुल मौतों का आंकड़ा 154 पर पहुंच गया है। गुड़गांव के बाद फरीदाबाद में भी संक्रमण से मरने वालों की संख्या 50 पार हो गई। राज्य में अब कुल संक्रमित 9896 हो गए हैं। एक दिन में 333 मरीज ठीक होने के बाद अब अस्पतालों से डिस्चार्ज होने वालों का आंकड़ा 4889 हो गया है। राज्य में रिकवरी रेट 50 फीसदी से ऊपर आ गया है, जो राहत की बात कही जा सकती है। लेकिन पॉजिटिव रेट 4.83 पर पहुंच गया है।

सोनीपत में एक दिन में रिकॉर्ड 72 नए मरीज मिले, 839 हुए कुल संक्रमित
सोनीपत में शुक्रवार को रिकाॅर्ड 72 संक्रमित मरीज मिले, जो अबतक एक दिन में मिलने वाले सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या है। इसके पहले पांच जून को 71 मरीज मिले थे। इसके साथ ही सोनीपत में कुल मरीजों की संख्या 839 हो गई है। इसमें 627 जून के 18 दिनों में मिले हैं। सोनीपत में कोरोना से 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसमें 8 मौत जून में हुई। जबकि दो मौत मई में हुई। हर दिन अब करीब 450 लोगों की टेस्टिंग हो रही है, जो अप्रैल के मुकाबले 4 गुणा है। दिल्ली जाने वालों पर कंट्रोल न होना सोनीपत में कोरोना के केस बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। सोनीपत से करीब पांच हजार लोग हर दिन दिल्ली जा रहे हैं।

यहां मिले नए केस: फरीदाबाद 161, गुड़गांव में 145, सोनीपत में 72, अम्बाला में 22, रोहतक में 20, भिवानी में 19, पलवल-महेंद्रगढ़ में 17-17, पंचकूला में 15, नूंह में 12, हिसार में 9, झज्जर में 7, रेवाड़ी, पानीपत व यमुनानगर में 5-5, चरखी दादरी, कुरुक्षेत्र व जींद में 3-3, करनाल, सिरसा, फतेहाबाद में 2-2 और कैथल में एक केस मिला है।

यहां ठीक हुए : गुड़गांव में 122, फरीदाबाद में 87, चरखी दादरी में 36, अम्बाला में 33, पलवल में 17, पंचकूला में 8, फतेहाबाद व कुरुक्षेत्र में 7-7, भिवानी में 5, सिरसा व नूंह में 3-3, हिसार में 2, महेंद्रगढ़, जींद व पानीपत में एक-एक मरीज ठीक हुआ है।

आइसोलेशन के 10 हजार रु. राेज से ज्यादा नहीं ले सकेंगे अस्पताल
नई दिल्ली |
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति ने दिल्ली के अस्पतालाें में काेराेना मरीजाें के लिए आइसोलेशन बेड का चार्ज राेजाना 8 हजार से 10 हजार रुपए तक तय करने की सिफारिश की है। वहीं, बिना वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड का चार्ज 13 हजार से 15 हजार और वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड की दरें 15 से 18 हजार तक तय करने की सिफारिश की है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल की अध्यक्षता में यह समिति गठित की गई थी।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि समिति का गठन निजी अस्पतालों में 60% बेड कम दरों पर उपलब्ध कराने और कोरोना जांच व इलाज की दरें तय करने के लिए किया गया था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में संक्रमण की स्थिति लगातार बिगड़ने के बाद पिछले दिनाें गृह मंत्री अमित शाह ने खुद कमान संभाल ली थी। दिल्ली में काेराेना के टेस्ट भी तेज कर दिए गए हैं।

राज्य के प्राइवेट अस्पतालों में 2400 में कोई भी करा सकेगा काेराेना जांच
हरियाणा के प्राइवेट अस्पतालाें में अब कोई भी कोरोना जांच 2400 रुपए में करा सकेगा। पहले इसके लिए 4500 रुपए लिए जा रहे थे। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वालों की जांच सरकार खुद करा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लैब को नई रेट को डिस्प्ले करना होगा। लैब मैनेजमेंट को भी एक नोडल ऑफिसर बनाना होगा, जो जांच से संबंधित सूचनाएं आईसीएमआर , डीसी और सीएमओ को देगा। एसीएस हेल्थ राजीव अरोड़ा ने कहा कि डीसी और सीएमओ लैब की मॉनीटरिंग भी करेंगे।


प्रदेश में 547 नए केस मिले, नौ की मौत, एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट होंगे शुरू, 30 मिनट में आएगा रिजल्ट
 

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Panipat
Those coming from outside will have to take approval to stay in the district


गाइडलाइन जारी / बाहर से आने वाले लाेगाें काे जिले में ठहरने के लिए लेनी होगी मंजूरी
  • पोर्टल पर नाम व मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा

दैनिक भास्कर
Jun 20, 2020, 04:32 AM IST


पानीपत. कोरोना से बढ़ते संक्रमण के चलते जिला में अब प्रदेश से बाहर आने वाले लोगों की निगरानी की जाएगी। दूसरे प्रदेश के लोगों को तीन दिन 72 घंटे से अधिक समय के ठहराव के लिए सरकार से मंजूरी लेनी होगी। इन यात्रियों को सरल हरियाणा पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कराना और आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्हें इस पोर्टल पर अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा।

डीसी धमेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। परिवार को छोड़कर कई पंजीकरण के लिए एक ही मोबाइल नंबर के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। कारोबारी आगंतुकों को अपना विवरण देना होगा और वापसी की तिथि बतानी होगी। इसके अलावा उन्हें जिला में उन लोगों का नाम, मोबाइल नंबर और पता भी दर्ज कराना होगा जिससे वे मिलना चाहते है।

उन्होंने बताया कि जिला में आने वाले आगंतुक अपने रिश्तेदारों और दोस्तों आदि के पास रुक सकते हैं।

ऐसी स्थिति में आगंतुकों की मेजबानी करने वाले व्यक्ति को तत्काल उनके पहुंचने वाले दिन ही पोर्टल पर उनका विवरण दर्ज करवाना होगा। होटलों, अतिथि गृहों, कारपोरेट गेस्ट हाउस, सरकारी विश्राम गृहों और धर्मशालाओं के प्रबंधन द्वारा बाहर से आकर उनके पास ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण उनके पहुंचने के बाद तुरंत पोर्टल पर दर्ज करना होगा। उन्हें अपनी और परिवार के सदस्यों की कोविड हिस्ट्री, यदि कोई है, का विवरण भी देना होगा। पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें एक आईडी नंबर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है।


बाहर से आने वाले लाेगाें काे जिले में ठहरने के लिए लेनी होगी मंजूरी
 

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Haryana

Panipat
Pass is compulsory for an outside businessman or common person coming to stay for more than 3 days


दिशा-निर्देश जारी / 3 दिन से ज्यादा ठहराव के लिए आने वाले बाहरी कारोबारी या आम व्यक्ति के लिए पास अनिवार्य

Pass is compulsory for an outside businessman or common person coming to stay for more than 3 days

  • हरियाणा में बढ़ते संक्रमण पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर बड़ा फैसला
  • बाहर से आने वाले लोगों के पहुंचने पर मेजबान को भी सरल हरियाणा पोर्टल पर दर्ज करना होगा विवरण

दैनिक भास्कर
Jun 19, 2020, 06:38 AM IST

राजधानी हरियाणा. कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ने पर अब हरियाणा में तीन दिन से ज्यादा ठहराव के लिए बाहर से आने वाली लोगों को बिना पास प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी। यदि कोई बिना पास आकर यहां तीन दिन से ज्यादा ठहरता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इसे लेकर सरकार की ओर से सभी जिलों में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
बाहर से आने वालों को सरल हरियाणा पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। जहां ठहरेंगे, उन मेजबानो को भी जिस दिन से लोग आएंगे, उस दिन पूरा विवरण दर्ज कराना होगा। बाहर से आने वालों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके अलावा प्रदेश में किस मार्ग से आ रहें हैं, यह भी पोर्टल पर बताना होगा।
पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें एक आईडी नंबर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है। हरियाणा में प्रवेश करने वाले व्यक्ति द्वारा मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप इंस्टाल करने और इस पर अपना हेल्थ स्टेट्स अपडेट करने का प्रमाण दिखाना होगा। तीन दिन तक के लिए आने वालों के लिए उक्त सभी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी।


बाहर से आने वालों के लिए यह भी जानना जरूरी
परिवार को छोड़कर, कई पंजीकरणों के लिए एक ही मोबाइल नंबर के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी।
कारोबारियों को अपने पूरी जानकारी देनी होगी। वापसी की तारीख भी बतानी होगी।
बाहर से आने वालों को प्रदेश में उन लोगों का नाम, मोबाइल नंबर और पता भी दर्ज करवाना होगा, जिससे वे मिलना चाहते हैं। वे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों आदि के पास ठहर सकते हैं।


होटल मैनेजमेंट को दर्ज करना होगा पूरा विवरण
होटलों, अतिथि गृहों, कारपोरेट गेस्ट हाउसेज, सरकारी विश्राम गृहों और धर्मशालाओं आदि की मैनेजमेंट द्वारा बाहर से आने वाले लोगों का विवरण उनके पहुंचने के बाद तुरंत पोर्टल पर दर्ज करना होगा। ट्रांजिट ट्रैवलर्स यानि आने-जाने वालों को वह पता मुहैया करवाना होगा, जहां वे ठहरना चाहते हैं और हरियाणा में एंट्री चैक पोस्ट का उल्लेख करना होगा। उन्हें अपनी और परिवार के सदस्यों की कोविड हिस्ट्री, यदि कोई है, उसका विवरण देना होगा।


प्रदेश और शहर, जिले या गांव के बॉर्डर पर बाहर से आने वालों की होगी जांच
बाहर से आने वाले की बॉर्डर चेक-पोस्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्‌डों पर स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके अलावा जिसे जिले, शहर या गांव, जहां वह व्यक्ति जाना चाहता है, वहां के प्रवेश प्वाइंट पर भी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। यदि किसी राज्य से आने वाले व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा पर रिपोर्ट करनी होगी।
यदि पॉजिटिव पाया गया तो उसे गंभीरता के आधार पर होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेंटर या कोविड अस्पताल में भेज दिया जाएगा। नेगेटिव पाया जाता है तो आगे किसी भी तरह की जांच या सेल्फ आइसोलेशन की आवश्यकता नहीं होगी। लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो उसे सात दिन तक खुद निगरानी रखनी होगी। इस दौरान लक्षण आता है तो उसे जिला निगरानी अधिकारी या राज्य अथवा राष्ट्रीय कॉल सेंटर या हेल्पलाइन नंबर 1075 पर इसकी सूचना देनी होगी, जबकि गुड़गांव के मामले में हेल्पलाइन नंबर 1950 है।


ये रखेंगे निगरानी
बाहर से तीन दिन से ज्यादा ठहराव के लिए आने वालों पर निगरानी लोग ही रखेंगे। यदि कहीं नियमों की उल्लंघना होती है तो 100 नंबर पर पुलिस को सूचना देने की जिम्मेवारी जिला प्रशासन, व्यापारिक संगठन, मेयर, पार्षद, सरपंचों और पंचों की होगी। इसके अलावा आम आदमी भी जागरुकता के नाते पुलिस को सूचना दे सकता है।

काम का पोर्टल
बाहर से आने वाले को खुद का www.saralharyana.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। जिसके पास वे ठहरेंगे, उन्हें भी इसी पोर्टल पर उनके पहुंचने वाले दिन उनका पूरा विवरण दर्ज कराना होगा।

निर्देशों की पालना नहीं होने पर होने पर की जाएगी कार्यवाही
दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को आपदा प्रबंधन अधिनियम- 2005 की धारा-51 से 60 के प्रावधानों के अनुसार सजा हो सकती है। इसके अलावा, आईपीसी की धारा-188 और इस मामले में लागू अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।


3 दिन से ज्यादा ठहराव के लिए आने वाले बाहरी कारोबारी या आम व्यक्ति के लिए पास अनिवार्य
 

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हरियाणाः आगंतुकों के लिए नियम सख्त, आते ही कराना होगा रजिस्ट्रेशन

राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक हरियाणा में आने वाले आगंतुक अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के पास रुक सकते हैं. ऐसी स्थिति में आगंतुकों की मेजबानी करने वाले व्यक्ति को तत्काल उनके पहुंचने वाले दिन ही वेबसाइट पर उनका विवरण दर्ज करवाना होगा.


हरियाणा में 3 दिन से ज्यादा वक्त के लिए आने वालों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन (पीटीआई)


हरियाणा में 3 दिन से ज्यादा वक्त के लिए आने वालों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन (पीटीआई)

मनजीत सहगल
चंडीगढ़, 19 जून 2020, अपडेटेड 09:52 IST

  • राज्य में आने वाले लोगों को खुद रजिस्ट्रेशन कराना होगा
  • 3 दिन से ज्यादा ठहरने वालों के लिए आरोग्य सेतु ऐप जरूरी
  • हरियाणा में दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर मिलेगी कड़ी सजा


हरियाणा सरकार ने पिछले कुछ दिनों से राज्य में बढ़ते कोविड-19 मामलों को देखते हुए अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के लिए 3 दिन (72 घंटे) से ज्यादा के ठहराव के लिए, अंतरराज्यीय आवाजाही को विनियमित करने का निर्णय लिया है.
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि अब तीन दिन (72 घंटे) से अधिक के ठहराव के लिए हरियाणा में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों को पोर्टल ‘www.saralharyana.gov.in’ पर स्व-पंजीकरण करवाना और आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा.
इसके अलावा, उन्हें इस पोर्टल पर अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. परिवार को छोडक़र, कई पंजीकरणों के लिए एक ही मोबाइल नंबर के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी. कारोबारी आगंतुकों को अपना विवरण देना होगा और वापसी की तिथि बतानी होगी. इसके अलावा, उन्हें प्रदेश में उन लोगों का नाम, मोबाइल नंबर और पता भी दर्ज करवाना होगा, जिससे वे मिलना चाहते हैं.

रिश्तेदारों के लिए यहां रुकने की अनुमति
राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक हरियाणा में आने वाले आगंतुक अपने रिश्तेदारों और दोस्तों आदि के पास रुक सकते हैं. ऐसी स्थिति में आगंतुकों की मेजबानी करने वाले व्यक्ति को तत्काल उनके पहुंचने वाले दिन ही ‘www.saralharyana.gov.in’ पर उनका विवरण दर्ज करवाना होगा.

उन्होंने बताया कि होटलों, अतिथि गृहों, कॉरपोरेट गेस्ट हाउसेज, सरकारी विश्राम गृहों और धर्मशालाओं आदि के प्रबंधन द्वारा बाहर से आकर उनके पास ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण उनके पहुंचने के बाद तुरंत पोर्टल पर दर्ज करना होगा.

साथ ही पारगमन यात्रियों (ट्रांजिट ट्रैवलर्स) को वह पता मुहैया करवाना होगा जहां वे ठहरना चाहते हैं और हरियाणा में एंट्री चेक पोस्ट का उल्लेख करना होगा. उन्हें अपनी और परिवार के सदस्यों की कोविड हिस्ट्री, यदि कोई है, का विवरण देना होगा.
पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें एक आईडी नंबर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है.

हरियाणा में प्रवेश करने वाले व्यक्ति द्वारा मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप इंस्टाल करने और इस पर अपना हेल्थ स्टेटस अपडेट करने का प्रमाण दिखाना होगा.


हेल्पलान नंबर से दें सूचना
प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे लोगों की बॉर्डर चेक-पोस्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर स्वास्थ्य जांच की जाएगी. इसके अलावा, जिला, शहर या गांव, जैसा भी मामला हो, जहां वह व्यक्ति जाना चाहता है, के प्रवेश बिंदु पर भी इसी तरह स्वास्थ्य जांच की जाएगी.
यदि किसी राज्य से आने वाले व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा पर रिपोर्ट करनी होगी और चिकित्सीय गंभीरता का आंकलन करवाना होगा. यदि जांच के बाद वह पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे मामले की गंभीरता के आधार पर होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेंटर या समर्पित कोविड अस्पताल में भेज दिया जाएगा.

यदि वह निगेटिव पाया जाता है तो आगे किसी भी तरह की जांच या सेल्फ आइसोलेशन की आवश्यकता नहीं होगी.
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यदि आगंतुक में कोविड-19 के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो उसे 7 दिन तक स्वत: निगरानी रखनी होगी. इस दौरान उसमें कोई लक्षण पाया जाता है तो उसे जिला निगरानी अधिकारी या राज्य अथवा राष्ट्रीय कॉल सेंटर या हेल्पलाइन नंबर 1075 पर इसकी सूचना देनी होगी, जबकि गुरुग्राम के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 है.


कारोबारियों को मिली रियायत
यदि स्व-निगरानी के दौरान किसी में कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो जांच करवानी होगी और लक्षणयुक्त कोविड रोगियों के लिए निर्दिष्ट प्रक्रिया का पालन करना होगा.

प्रवक्ता ने बताया कि कारोबार या व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के लिए तीन दिन की अवधि के लिए हरियाणा आने वाले सभी व्यक्तियों तथा अपनी कार्यालय ड्यूटी या कारोबारी गतिविधियों के चलते दैनिक आधार पर हरियाणा आने वाले लोगों को भी ऊपर दिए गए क्वारनटीन नियमों की प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि इस अवधि के दौरान उनमें लक्षण दिखाई न दें.
उन्होंने यह भी बताया कि इन दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले में फोन नंबर 100 पर पुलिस को सूचना देने की जिम्मेवारी जिला प्रशासन, व्यापारिक प्रशासन, मेयर, पार्षद, सरपंचों और पंचों की होगी. इसके अलावा, जनसाधारण और रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशंस को सलाह दी जाती है कि वे अपने पड़ोस में किसी व्यक्ति का पंजीकरण न होने की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 100 पर पुलिस को सूचित करें.

बुजुर्गों-बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह
बुजुर्गों और बच्चों के बारे में प्रवक्ता ने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, सह-रुग्णता (मोरबिडिटीज) वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है, जब तक की उन्हें आवश्यक तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी उद्देश्यों के लिए न निकलना पड़े.

उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अनुसार सजा हो सकती है. इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा इस मामले में लागू अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.


हरियाणाः आगंतुकों के लिए नियम सख्त, आते ही कराना होगा रजिस्ट्रेशन
 

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चंडीगढ़ प्रशासन ने अंतरराज्यीय बस सेवा पर 30 जून तक रोक लगायी

चंडीगढ़, 12 जून (भाषा) चंडीगढ़ प्रशासन ने शुक्रवार को अंतरराज्यीय बस सेवा पर 30 जून तक रोक लगा दी और कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सामने आये नये मामलों में से अधिकतर बाहर से आये हैं। यह जानकारी यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई। विज्ञप्ति में कहा गया कि यह निर्णय केंद्र शासिद प्रदेश के प्रशासक वी पी सिंह बदनोर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक में इस पर गौर किया गया कि कोविड-19 के नये मामलों में से अधिकतर उन लोगों के हैं जो चंडीगढ़ से बाहर

डिसक्लेमर: यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।
भाषा | Updated: 12 Jun 2020, 08:40:00 PM IST


चंडीगढ़, 12 जून (भाषा) चंडीगढ़ प्रशासन ने शुक्रवार को अंतरराज्यीय बस सेवा पर 30 जून तक रोक लगा दी और कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सामने आये नये मामलों में से अधिकतर बाहर से आये हैं। यह जानकारी यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई। विज्ञप्ति में कहा गया कि यह निर्णय केंद्र शासिद प्रदेश के प्रशासक वी पी सिंह बदनोर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक में इस पर गौर किया गया कि कोविड-19 के नये मामलों में से अधिकतर उन लोगों के हैं जो चंडीगढ़ से बाहर से आये हैं या उनके नजदीकी सम्पर्क में आये हैं। इसमें कहा गया कि प्रशासक ने ऐसे मामलों पर चिंता जतायी और इच्छा जतायी कि ऐसी पाबंदी लगायी जानी चाहिए और बाहर से आने वाले यात्रियों से संक्रमण फैलने से रोकने के लिए विशेष देखभाल की जानी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय किया गया कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग अंतरराज्यीय बसों का संचालन नहीं करेगा। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘यात्रियों को चंडीगढ़ लाने के लिए अन्य राज्यों को अंतरराज्यीय बसें संचालित करने के लिए दी गई सहमति वापस ली जाएगी।’’ इसमें कहा गया कि हालांकि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा द्वारा तीन शहरों (चंडीगढ, मोहाली और पंचकूला) के लिए संचालित की जाने वाली बस सेवा जारी रहेगी। इसमें कहा गया कि ट्रेन से आने वाले सभी यात्रियों की पहुंचने पर स्क्रीनिंग की जाएगी और 14 दिन के लिए स्वयं पृथक करने की सलाह दी जाएगी। यात्रियों को आरोग्य सेतू एप डाउनलोड करना होगा और स्वयं निगरानी रखनी होगी। इसमें कहा गया कि यही व्यवस्था घरेलू उड़ानों और सड़कों से आने वाले यात्रियों पर भी लागू होगी।


चंडीगढ़ प्रशासन ने अंतरराज्यीय बस सेवा पर 30 जून तक रोक लगायी
 

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बाबा रामदेव की कोरोना दवा पर मोदी सरकार की इस शर्त से छाया संकट, जानें, क्‍या है मामला

By Prabhat Khabar Digital Desk

June 23, 2020 at 10:04 PM

नयी दिल्‍ली : योग गुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने कोविड-19 के इलाज में शत-प्रतिशत कारगर होने का दावा करते हुए मंगलवार को बाजार में एक औषधि उतारी. लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद आयुष मंत्रालय ने उसे इस औषधि में मौजूद विभिन्न जड़ी -बूटियों की मात्रा एवं अन्य ब्योरा यथाशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा.

साथ ही, मंत्रालय ने विषय की जांच-पड़ताल होने तक कंपनी को इस उत्पाद का प्रचार भी बंद करने का आदेश दिया है. पतंजलि आयुर्वेद ने 'कोरोनिल' दवा पेश करते हुए मंगलवार को दावा किया कि उसने कोविड-19 का इलाज ढूंढ लिया है. हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि इस दावे के तथ्य और बताया जा रहे वैज्ञानिक अध्ययन के ब्योरे के बारे में उसे जानकारी नहीं है.

पतंजलि को नमूने के आकार, स्थान एवं उन अस्पतालों का ब्योरा देने को कहा गया है, जहां अनुसंधान अध्ययन किया गया. साथ ही,संस्थागत नैतिकता समिति की मंजूरी भी दिखाने को कहा गया है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, संबद्ध आयुर्वेदिक औषधि विनिर्माता कंपनी को सूचित किया गया है कि आयुर्वेदिक औषधि सहित दवाइयों का इस तरह का विज्ञापन औषधि एवं चमत्कारिक उपाय (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम,1954 तथा उसके तहत आने वाले नियमों और कोविड-19 के प्रसार के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों से विनियमित होता है.

गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने दावा किया कि आयुर्वेद पद्धति से जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और अनुसंधान के बाद बनी 'कोरोनिल' दवा मरीजों को शत प्रतिशत फायदा पहुंचा रही है.

Also Read: Patanjali OrderMe App: रामदेव की पतंजलि के इस ऐप से घर बैठे मिलेगी कोरोना की दवा

यहां पतंजलि योगपीठ में संवाददाताओं से बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि पूरे विश्व में पहला ऐसा आयुर्वेदिक संस्थान है जिसने जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और अनुसंधान के बाद कोरोना महामारी की दवाई प्रमाणिकता के साथ बाजार में उतारी है.

उन्होंने कहा कि यह दवाई शत प्रतिशत मरीजों को फायदा पहुंचा रही है. साथ ही बताया कि 100 मरीजों पर नियंत्रित क्लिनिकल ट्रायल किया गया जिसमें तीन दिन के अंदर 69 प्रतिशत और चार दिन के अंदर शत प्रतिशत मरीज ठीक हो गये और उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आयी.

बाबा रामदेव ने कहा, यह इतिहास की बहुत बड़ी घटना है. उन्होंने इस संबंध में कटाक्ष भी किया और कहा कि हो सकता है कि कई लोग इस दवाई पर संदेह करें और 'कहें कि यह कैसे हो सकता है. रामदेव ने कहा कि हम 'कोरोनिल' को पतंजलि योगपीठ से पूरे विश्व के लिए लॉन्च कर रहे हैं और पूरे आयुर्वेद जगत के लिए यह बहुत ही गर्व का विषय है.

रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि इस दवा के अनुसंधान में पतंजलि और जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से परीक्षण और क्लीनिक ट्रायल किया. साथ ही बताया कि अनुसंधान का कार्य अभी जारी रहेगा.



 
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Ayurvedic Treatment successful in India but no one gave any value to the news.

ICMR
WHO
others ignored it.
Why ??
 
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