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Extreme Rainfall Warning In Uttarakhand Eight Districts Today
उत्तराखंड: आठ जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, थल-मुनस्यारी मार्ग पहाड़ी दरकने से बंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 28 Sep 2019 02:33 PM IST


Extreme Rainfall Warning in uttarakhand Eight Districts Today

- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो


उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के आठ जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

शनिवार सुबह से ही देहरादून में रिमझिम बारिश् शुरू भी हो गई है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भी बादल छाए हुए हैं। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार अभी अक्टूबर के पहले हफ्ते तक यही स्थिति बनी रहेगी। वहीं मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे भी बंद हो गया है।

थल-मुनस्यारी मार्ग बंद
थल-मुनस्यारी सड़क मार्ग पर पहाड़ी दरकने से रास्ता बंद हो गया है। शुक्रवार को कुछ घंटों तक वाहनों का आवागमन सुचारु रहा। दिन में एक बजे फिर से पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर सड़क पर आ गए। इससे वाहनों का संचालन ठप हो गया। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। नया बस्ती में लगभग एक सौ मीटर हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। वहीं शनिवार को भी रास्ता अभी बंद ही है।

यहां पर पिछले एक माह से पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। दस दिन पूर्व सड़क का एक बड़ा हिस्सा नदी में समा गया था। पहाड़ी को काटकर नई सड़क बनानी पड़ी थी। एक बार फिर पहाड़ी के दरकने से यह स्थान संवेदनशील हो गया है। लगातार पत्थर गिरने से वाहनों के साथ ही राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।

https://www.amarujala.com/dehradun/extreme-rainfall-warning-in-uttarakhand-eight-districts-today
 

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उत्तराखंडः केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी, इलाके में बढ़ी ठंड

उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में अक्टूबर के महीने में जबरदस्त बर्फबारी शुरू होने से पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में पहाड़ बर्फबारी से सफेद हो गए हैं.

फाइल फोटो


फाइल फोटो


aajtak.in
देहरादून, 21 अक्टूबर 2019, अपडेटेड 06:41 IST

उत्तराखंड में अक्टूबर में ही बर्फबारी ने दस्तक दे दी है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में जबरदस्त बर्फबारी देखने को मिली है. अक्टूबर के महीने में जबरदस्त बर्फबारी शुरू होने से पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है. इस ताजा बर्फबारी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. केदारनाथ और बद्रीनाथ में पहाड़ बर्फबारी से सफेद हो गए हैं.
इस साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला था. इस साल मई महीने में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण और अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे. बद्रीनाथ को भगवान विष्णु का धाम माना जाता है, जबकि केदारनाथ को भगवान शिव का धाम माना जाता है.
बताया जा रहा है कि इस महीने के आखिरी तक केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट बंद हो जाएंगे. ठंड बढ़ने के चलते कपाट को बंद किया जाता है. हर साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के धाम के कपाट अक्टूबर-नवंबर में बंद किए जाते हैं और 6 महीने तक बंद रहते हैं. इसके बाद अप्रैल-मई में इन धामों के कपाट फिर खोल दिए जाते हैं. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में काफी संख्या में श्रद्धालु हर साल पहुंचते हैं.


उत्तराखंडः केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी, इलाके में बढ़ी ठंड
 

Tcb

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heo
उत्तराखंडः केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी, इलाके में बढ़ी ठंड

उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में अक्टूबर के महीने में जबरदस्त बर्फबारी शुरू होने से पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में पहाड़ बर्फबारी से सफेद हो गए हैं.

फाइल फोटो


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देहरादून, 21 अक्टूबर 2019, अपडेटेड 06:41 IST

उत्तराखंड में अक्टूबर में ही बर्फबारी ने दस्तक दे दी है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में जबरदस्त बर्फबारी देखने को मिली है. अक्टूबर के महीने में जबरदस्त बर्फबारी शुरू होने से पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है. इस ताजा बर्फबारी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. केदारनाथ और बद्रीनाथ में पहाड़ बर्फबारी से सफेद हो गए हैं.
इस साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला था. इस साल मई महीने में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण और अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे. बद्रीनाथ को भगवान विष्णु का धाम माना जाता है, जबकि केदारनाथ को भगवान शिव का धाम माना जाता है.
बताया जा रहा है कि इस महीने के आखिरी तक केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट बंद हो जाएंगे. ठंड बढ़ने के चलते कपाट को बंद किया जाता है. हर साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के धाम के कपाट अक्टूबर-नवंबर में बंद किए जाते हैं और 6 महीने तक बंद रहते हैं. इसके बाद अप्रैल-मई में इन धामों के कपाट फिर खोल दिए जाते हैं. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में काफी संख्या में श्रद्धालु हर साल पहुंचते हैं.


उत्तराखंडः केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी, इलाके में बढ़ी ठंड
hello sirji
can you answer me, how many days are needed at munshiyari for a family trip?
 

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heo

hello sirji
can you answer me, how many days are needed at munshiyari for a family trip?
2 days are ok for local sight seeing. For reaching Munsiyari from Delhi it takes 2 days. Return also in 2 days.
A week is ideal time.
 
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earthian

Wanderer
Thank you to BCM Touring and all the members who encouraged me to drive to Uttarakhand. We had a magical journey of 22 days and visited the Kumaon side. Yes, we went all the way to Munsiyari and Narayan ashram too.

The bug has truly bit us now. We want to do it all over again. But the Garhwal side this time round.

Suggestions welcome and what would be the must see places, the off the beaten path beautiful locations and the route in general? Plan to go around mid April, though Badrinath and Kedarnath may not be open. Still, ours would be a 20 day plus trip.

Miss Yogesh Sarkar.
 

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We want to do it all over again. But the Garhwal side this time round.

Suggestions welcome and what would be the must see places, the off the beaten path beautiful locations and the route in general? Plan to go around mid April, though Badrinath and Kedarnath may not be open. Still, ours would be a 20 day plus trip.
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Garhwal side is not much famous but it is very peaceful area.
You can move here and there for 3-4 days and stay at places which are lesser known.

@Alpha has some areas in his log.

Devalgarh: Long forgotten capital of Garhwal Kingdom

Lansdowne, the usual one this time


I will tell you names of places later.

Khirsu
 

earthian

Wanderer
Garhwal side is not much famous but it is very peaceful area.
I was under the impression that Garhwal is more commercially exploited and that Kumaon is relatively lesser known. Maybe since many religious destinations such as Badrinath, Kedarnath, Gangotri, Yamunotri, Joshimath etc fall in the Garhwal side; i thought that it would be more crowded and probably more famous. When i had gone last year to the Kumaon side, i found it quite peaceful (except Munsiyari) and the people very helpful and kind hearted.

Thank you for your prompt reply and for your promise to share some good locations.
 

vj81

Active Member
I was under the impression that Garhwal is more commercially exploited and that Kumaon is relatively lesser known. Maybe since many religious destinations such as Badrinath, Kedarnath, Gangotri, Yamunotri, Joshimath etc fall in the Garhwal side; i thought that it would be more crowded and probably more famous. When i had gone last year to the Kumaon side, i found it quite peaceful (except Munsiyari) and the people very helpful and kind hearted.

Thank you for your prompt reply and for your promise to share some good locations.
Garhwal gets crowded once the dwar to char-dhams open and summer vacation starts. Rest of the year, it is generally quite peaceful. I would suggest the following, since you have good number of days:
Go to Chakrata from Delhi (assuming, you will be starting from somewhere in NCR)
Chakrata to Kanatal (There are 2 routes, 1 is coming back to Dehradun, 2nd is a hill route) - I would suggest the hill route only if you don't mind driving in rough terrain with bad roads. But the route is beautiful. Else you can directly go to Kanatal from Delhi.
From Kanatal explore Tehri dam area
From Kanatal, there are 2 options either go towards Uttarkashi/Gangotri side or go towards Srinagar/Rudraprayag/Kedarnath/Badrinath side.
Option 1: Uttarkashi/Gangotri side: You can explore Uttarkashi/Harsil/Gangotri or trek to Dodi taal (3-4 day from Uttarkashi), Dayara Bugiyal (2 days from Uttarkashi) or Gomukh (2-3 days from Gangotri).
Option 2: Go to Srinagar/Rudraprayag, onward to Kedarnath, then to Chaukori via Ukhimath (day trek to Tungnath), Onward to Joshimath/Auli. Then Badrinath. From Badrinath to Pauri, then to Landsdowne and back to Delhi
 

earthian

Wanderer
Thank you for your diligence and suggestions. We have one more couple coming with us this time and the tentative plan is visiting HP and some part (west) of UK. The broad route (tentative) is:
  • At least 3 weeks ( can be a couple of days more if required).
  • Home stays where ever feasible.
  • At least 3 nights per stay-more if needed. (Other than over night pit stops)
  • No strenuous treks. Easy day walks/treks covering about 6-8 kms okay. Trekking not the main purpose of travel.
  • Religious centres may be given a miss this time, except probably for a couple at best.
  • Route: Going north via Jodhpur-Bhilwara-Amritsar and coming back via Dehradun-Hardwar-Delhi-Jaipur route.
Screenshot 2020-07-30 at 10.43.19.jpg



Questions:
1. Where do we plan our stay? (apart from pit stops till Amritsar and from Hardwar on the way back)
2. Do we do Spiti Valley or not?
3. Which is the more scenic route from Uttarkasi side to Hardwar? Via Dehradun or via Tehri side?
4. Is Uttarkasi worth driving to?
5. Since we are self driving and have time, any other suggestion regarding route, must see inclusions?

I know with this Covid 19 scenario, it is stupid to move out. Well we are only planning and shall move out only when safe to do so . Keeps the mind occupied and the heart hoping.

Would really appreciate your inputs.
 
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