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Coming back..
Decided to avoid NH 58 completely. We took the following route:

Rishikesh- Pithuwala : Good road..passes thru Rajaji NP.
Pithuwala- Saharanpur bypass : 90% awesome
Saharanpur bypass- Mzfrngr thru SH 59 : 100% awesome
Mzfrngr to Meerut thru old NH 58 ... Took NH 334 towards Hapur instead of bypass.
NH 334 Meerut Cantt to Hapur bypass (Meerut- Bulandshr Xway) & then NH 9 to Delhi - 100% Awesome.

Longer route..ofcourse but took us 6 hours..without breaking back & No jams at all. You'll enjoy driving this route.
Very Good !



This is the Map of your Route:
Rishikesh to Isbt Kashmiri Gate
 

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देहरादून-दिल्ली के बीच बनेगा एक्सप्रेस-वे, ढाई घंटे में तय की जा सकेगी दूरी
देहरादून से दिल्ली के बीच सहारनपुर और बागपत होते हुए एक एलिवेटिड एक्सप्रेस वे बनाया जायेगा, जिसके बनने के बाद दोनों स्थानों के बीच की दूरी केवल ढाई घंटे में तय की जा सकेगी।

Bhasha
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Published on: February 24, 2020 15:49 IST


Representative Image- India TV Hindi
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Source : NHAI/TWITTER
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देहरादून: देहरादून से दिल्ली के बीच सहारनपुर और बागपत होते हुए एक एलिवेटिड एक्सप्रेस वे बनाया जायेगा, जिसके बनने के बाद दोनों स्थानों के बीच की दूरी केवल ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष एसएस संधू ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को आज यहां एक मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी कि देहरादून से दिल्ली के बीच इस एलिवेटेड एक्सप्रेस वे को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है।
जारी की गई एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रावत ने एलिवेटेड एक्सप्रेस वे को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने से राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में एनएचएआई को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे के बन जाने से दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी लगभग 180 किलोमीटर रह जाएगी।

संधू ने बताया कि शीघ्र ही इस नए राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र ढाई घंटे में पूर्ण की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस राजमार्ग में एलिवेटेड रोड और मोहंड के पास एक नई सुरंग प्रस्तावित है। संधू ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग का कुछ भाग उत्तर प्रदेश के वन और वन्यजीव क्षेत्र से होकर गुजरता है इसलिये उत्तर प्रदेश सरकार से इस दिशा में जल्द मंजूरी देने का अनुरोध करने का भी आग्रह किया है।


https://www.indiatv.in/india/national-delhi-dehradun-expressway-691907
 

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Delhi To Dehradun Distance News: Delhi Dehradun Expressway Travel In Two And Half Hours, Delhi Dehradun Expressway Work Gets Speed

गाजियाबाद से देहरादून की दूरी अब ढाई घंटे में होगी तय, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का काम हुआ तेज

अरुण चट्ठा, अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 12 Sep 2020 09:45 AM IST



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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

सार
- दूसरे और तीसरे चरण को लेकर मंत्रालय की तरफ से मिली वित्तीय स्वीकृति, जल्द शुरू होगी जमीन खरीद प्रक्रिया
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से देहारदून तक बनाए जा रहे नए एक्सप्रेस-वे को मिली वित्तीय स्वीकृति
- अक्षरधाम से सीधे देहरादून की दूरी होगी सिर्फ ढाई घंटे में तय, गाजियाबाद से भी जाना होगा आसान

विस्तार
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के बाद अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया है। पहले चरण के बाद अब ईस्टर्न पेरिफरल से देहारदून के बीच बनने वाले छह लेन एक्सप्रेस-वे को सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की तरफ से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है।
यह एक्सप्रेस-वे मौजूदा चार लेन हाईवे से अलग बनाया जाएगा, जिसके पहले चरण में अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बागपत (टोल) तक करीब 34 किमी के हिस्से को लेकर 30 सितंबर तक टेंडर मांगे गए हैं, जिनके खुलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
उसके बाद के चरणों को लेकर अब जल्द ही जमीन खरीद प्रक्रिया तेजी से शुरू होगी। उसके बाद निर्माण को लेकर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इस एक्सप्रेस-वे के तैयार हो जाने पर गाजियाबाद और दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई घंटे में तय की जा सकेगी, जिसे अभी तय करने में पांच से सात घंटे लगते हैं। पहले चरण में अक्षरधाम से ईस्टर्न टोल तक करीब 32 किमी की एक्सप्रेस-वे तैयार किया जाना है। इसमें से 17 किमी की हिस्सा एलिवेटेड है। पहले चरण को लेकर सभी तकनीकी काम हो चुके हैं। अब बस टेंडर प्रक्रिया पाइप लाइन में है।
दूसरे चरण में बागपत से सहारनपुर और तीसरे चरण में सहारनपुर (गणेशपुर) से देहरादून का एक्सप्रेस-वे होगा। 180 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे को आर्थिक गलियारे के तौर पर भी देखा जा रहा है। अभी तक दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी करीब 248 किमी है, जो 68 किमी कम हो जाएगी। दूसरे और तीसरे चरण का एक्सप्रेस-वे नए सिरे से जमीन लेकर बनाया जाना है।

उत्तराखंड सरकार चाहती है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से हो। इसी को ध्यान में रखकर एनएचएआई चेयरमैन सुखबीर सिंह संधु स्वयं एक्सप्रेस-वे के काम की मॉनीटिरंग कर रहे है। कुछ माह पहले उन्होंने एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर स्वयं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात की थी।

क्योंकि उत्तराखंड में कुछ जगहों पर वन्य भूमि को लेकर दिक्कतें आ रही थे लेकिन अब सरकार की तरफ से क्लीयरेंस मिलने के बाद मंत्रालय ने अपनी स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। डीपीआर तैयार होने के बाद उसे मंत्रालय ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। पहले एक्सप्रेस-वे 2025 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे घटाकर अब 2024 कर दिया गया है।

पश्चिमी यूपी के पांच जिलों को मिलेगा सीधे लाभ
एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद पश्चिमी यूपी के पांच जिलों को परिवहन के साथ ही आर्थिक तौर पर बड़ा लाभ मिलेगा। गाजियाबाद के साथ बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। माना जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे के तैयार हो जाने में बड़ी संख्या में इंडस्ट्री और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लोग पश्चिमी यूपी के इन जिलों का रुख करेगा। एक्सप्रेस को ईस्टर्न पेरिफरल से इंटर कनेक्ट किया जाएगा। इससे भी आर्थिक तौर पर बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

पहले चरण को लेकर वित्तीय स्वीकृति काफी पहले मिल चुकी है,जिसके लिए 30 सितंबर तक डेंटर मांगे गए है। दूसरे और तीसरे चरण को लेकर अब मंत्रालय ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके बाद जमीन खरीद प्रक्रिया समेत अन्य टेंडर का काम जल्द शुरू होगा। अब सबसे पहले जमीन खरीदी जाएगी। एनएचएआई ने देहारदून एक्सप्रेस-वे का काम 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।- मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे


गाजियाबाद से देहरादून की दूरी अब ढाई घंटे में होगी तय, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का काम हुआ तेज
 

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दिल्ली-दून का सफर अब सिर्फ तीन घंटे में होगा पूरा, जानिए नया रूट

हिन्दुस्तान टीम, देहरादून | Published By: Himanshu Kumar Lall

Last updated: Fri, 09 Oct 2020 10:26 AM

gorakhpur link expressway to be built with 2250 crores cabinet approval


दिल्ली से देहरादून के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस वे के तीसरे चरण में डाट काली मंदिर में 400 मीटर लंबी एक और डबल लेन टनल बनाई जाएगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस सुरंग के लिए डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। विदित है कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली से देहरादून के बीच एक्सप्रेस वे के निर्माण को मंजूरी दी है।
इसके तहत दिल्ली से डासना, सावली, सहारनपुर, गणेशपुर होते हुए देहरादून तक फोर लेन एक्सप्रेस वे बनाया जाना है। इस परियोजना का काफी हिस्सा बन चुका है, जबकि अब गणेशपुर से देहरादून के बीच का 19 किमी भाग बनाया जाना है। परियोजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया के साथ ही अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का भी काम शुरू किया जा रहा है।
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत एलिवेटेड रोड के साथ ही डाट काली में 400 मीटर के करीब एक और टनल बनाई जाएगी। यह मौजूदा डबल लेन टनल के पास ही बनेगी। डाटकाली में हाल ही में 340 मीटर लंबी डबल टनल बनी है, लेकिन नई टनल इससे लंबी होगी। इसके अलावा डाट काली में अंग्रेजों के समय की पुरानी सिंगल लेन टनल है। नई टनल बनने से यहां तीन सुरंगें हो जाएंगी।


ढाई से तीन घंटे में होगा दून से दिल्ली का सफर
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि देहरादून से हरिद्वार होते हुए दिल्ली जाने में अभी लोगों को 250 किमी लंबे नेशनल हाईवे का सफर करना पड़ता है। इसमें पांच से छह घंटे लगते हैं और लगातार जाम की भी समस्या बनी रहती है, लेकिन नया एक्सप्रेस वे बीच के कई शहरों को बाईपास करते हुए बन रहा है। इसमें जाम की समस्या नहीं होगी। इस एक्सप्रेस वे की लंबाई 200 किमी के करीब होगी और ढाई से तीन घंटे में लोग दून से दिल्ली पहुंच जाएंगे।


नया रूट
दिल्ली -डासना- सावली- सहारनपुर- गणेशपुर - देहरादून (200 किमी)

वर्तमान रूट
दिल्ली- गाजियाबाद- मेरठ- मुजफ्फरनगर- रुड़की- देहरादून (250 किमी)


जद में आएगा मोहंड गेस्ट हाउस

इस परियोजना में मोहंड में बने सौ साल पुराने गेस्ट हाउस के साथ ही 2400 से अधिक पेड़ आ रहे हैं। एनएचएआई परियोजना की डीपीआर और टेंडर की प्रक्रिया के बाद अब कुछ समय बाद परियोजना पर काम शुरू करने जा रहा है।

दून-दिल्ली एक्सप्रेस वे परियोजना को जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस परियोजना के निर्माण के बाद दिल्ली की देहरादून से दूरी कम हो जाएगी और लोगों का सफर आसान हो जाएगा। यह राज्य में निवेश और आर्थिक गतिविधियों के हिसाब से भी अहम परियोजना साबित होगी।
आरके सुधांशु, सचिव लोनिवि


दिल्ली-दून का सफर अब सिर्फ तीन घंटे में होगा पूरा, जानिए नया रूट
 

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Big News : दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड एक्सप्रेस हाईवे पर वन विभाग ने ऐसा क्या मांग लिया, जिससे मामला उलझ गया

July 3, 2020
5 Min Read





Naveen Pandey


दिल्ली—देहरादून एलीवेटेड एक्सप्रेस हाईवे पर वन विभाग का पेंच
—सहारनपुर के गणेशपुर से मोहंड तक नया प्रस्ताव लाने को कहा
—करीब छह किलोमीटर की दूरी में वन्य जीवों का काफी है मूवमेंट
—देहरादून के राजाजी से वन्य जीवों का सहारनपुर तक है आवाजाही

NAVEEN PANDEY

देहरादून/ सहारनपुर. देहरादून से दिल्ली के सुहावने सफर पर सहारनपुर वन वृत ने वन्य जीवों के हितों का हवाला देकर कार्य की मंजूरी पर पेंच फंसा दिया है. वन विभाग सहारनपुर ने गणेशपुर से मोहंड तक एलीवेटेड सड़क की मांग की है. ताकि वन्य जीवों और पर्यावरण को बचाया जा सके. हालांकि वन विभाग के पेंच पर बीच का रास्ता तलाशा जा रहा है. जाहिर है वन विभाग ने एनएचआई को रफतार में जान गंवाने वाले वन्य जीवों के बाबत विस्तार से जानकारी भी दी है.



देहरादून से दिल्ली के बीच एलीवेटेड एक्सप्रेस हाईवे को केन्द्र से मंजूरी मिल चुकी है. नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को काम सौंपा गया. कुछ सैद्धांतिक दिक्कतें कुछ महीने पहले आई उसकी बाधा भी केन्द्र सरकार और उत्तराखंड सरकार ने मिलकर दूर कर ली. पुराने हाईवे की बात करें तो दिल्ली से देहरादून आने के लिए करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है लेकिन एलीवेटेड एक्सप्रेस वे में यह दूरी 180 किलोमीटर में सिमट जाएगी. एलीवेटेड सड़क के प्रस्ताव में एनएचआई की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया था कि जंगल और जीवों के लिए भी मार्ग दिया जाएगा, पर जब इसका विस्तृत अवलोकन किया गया तो वन विभाग की ओर से वन्य जीवों की सुरक्षा और पेड़ों के कटान को कम से कम करने को लेकर एनएचआई को हाल ही में प्रस्ताव भेजा गया है. सहारनपुर वन वृत की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि एलीवेटेड एक्सप्रेस हाईवे में कुछ किलोमीटर का दायरा और एलीवेटेड कर दिया जाए ताकि वन्य जीव सुरक्षित निकल सकें और आवागमन में भी किसी तरह की दिक्कत नहीं हो. अब वन विभाग और एनएचआई के बीच इसे लेकर मंथन हो रहा है. ताकि वन्य जीव, पर्यावरण सुरक्षित रह सके और विकास में भी कोर्ई बाधा नहीं आए. लेकिन इतना तय है कि देहरादून से दिल्ली एलीवेटेड हाईवे का सफर का इंतजार अब लंबा हो जाएगा.

बिना बदलाव के प्रस्तावित सड़क की लागत
हरिद्वार: अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफिरल एक्सप्रेस वे जिसकी लागत करीब 3250 करोड़ है. करीब 31 किलोमीटर का यह पहला फेज होगा. दूसरा फेज 118 किलोमीटर का होगा जिसकी लागत करीब 4830 करोड़ होगी. तीसरा फेज जो फाइल सेप देगा वो करीब 20 किलोमीटर से अधिक होगा और यही फाइल सेप वाले एलीवेटेड एक्सप्रेस हाईवे पर यूपी वन विभाग ने पेंच लगा दिया है. एलीवेटेड एक्सप्रेस वे सहारनपुर जनपद के गणेशपुर से शुरू होकर देहरादून तक जाएगा. अभी 250 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद यह दूरी महज 180 किलोमीटर में सिमट जाएगी.

वर्तमान सड़क और प्रस्तावित सड़क
सहारनपुर: अभी दिल्ली से देहरादून आने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुज्जफरनगर, रूडकी होकर देहरादून पहुंचते हैं. प्रस्तावित एलीवेटेड सड़क दिल्ली से सीधे बागपत होकर सहारनपुर पहुंचेगी और फिर देहरादून. जिससे दूरी कम हो जाएगी. समय की बचत होगी. महज ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचना संभव हो सकेगा.




संजय कुमार, आयुक्त सहारनपुर मंडल

“यह तय है कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद देश की राजधानी दिल्ली से पहाड़ी राज्य देहरादून की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी. एलिवेटेड रोड उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों के विकास और पर्यटन में अहम भूमिका निभाएगा. फिलहाल के प्रस्ताव में तीन चरणों में इस पर काम होना है. सहारनपुर अंतर्गत जंगल का कुछ किलोमीटर एरिया एक्सप्रेस वे के दायरे में आ रहा है जिस पर वन विभाग की कुछ आपत्ति है, लेकिन इस बारे में एनएचआई और वन विभाग के बीच संवाद स्थापित कर और वन्य जीवों और विकास दोनों भूमिकाओं को साथ रखकर मार्ग निकाल लिया जाएगा.”
-संजय कुमार, आयुक्त, सहारनपुर मंडल






वी के जैन, मुख्य वन सरंक्षक, सहारनपुर वन वृत

“विकास में वन विभाग बाधा कभी नहीं बनता पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम पहले वन्य जीवों और पर्यावरण को ध्यान में रखेंगे फिर मंजूरी देंगे. प्रस्तावित एलीवेटेड सडक जो दिल्ली से देहरादून जाएगी. उसका कुछ हिस्सा सहारनपुर जनपद के जंगलों से गुजरेगा. जिस जगह से यह सडक गुजरेगी वहां से वन्य जीवों का बड़ा गलियारा है. राजाजी टाइगर रिजर्व उत्तराखंड देहरादून से वन्य जीवों की आवाजाही होती रहती है. तेज रफ्तार की वजह से कई वन्य जीव जान गंवा चुके हैं. दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव भी रफ्तार के शिकार हुए हैं. अभी हाल ही में कॉमन करैत, पॉम सिवेट सड़क पर कुचलकर मर चुके हैं. चीतल, सांभर, नील गाय सहित कई छोटे जीव भी रफ्तार के शिकार हो चुके हैं. लिहाजा एनएचआई को कहा गया है कि सहारनपुर के गणेशपुर से मोहंड के बीच के करीब छह किलोमीटर में वन्य जीवों का काफी मूवमेंट है. इसलिए इन जगहों पर एलीवेटेड सड़क का नया प्रस्ताव लाए ताकि वन्य जीवों की सुरक्षा और पेड़ों का कम से कम कटान हो सके.
-वी के जैन, मुख्य वन सरंक्षक, सहारनपुर वन वृत



Big News : दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड एक्सप्रेस हाईवे पर वन विभाग ने ऐसा क्या मांग लिया, जिससे मामला उलझ गया - बोल वचन
 
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