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Senior Billi
Many scams on Whatsapp... One going on here is scam stokvels...stokvel is a sort of community savings scheme, mostly rural/village people, with their own 'treasurer' and so on...especially for saving money to use when funeral or wedding. So big, so much money, that banks got involved in it in the last 5-10 years or so. Now there are scam stokvels on Whatsapp, people join and pay, even though they do not know the other people in it, there is no local community.
 

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'Tatlu Gang' member arrested for selling fake Mughal era gold bricks
Friday, 13 December 2013 | Staff Reporter | New Delhi

The Crime Branch of Delhi Police have arrested a member of the ‘Tatlu Gang’ who used to loot people from Jammu & Kashmir and Odisha by luring them on the pretext of selling them gold bricks of Mughal era found during excavations behind Taj Mahal. The accused, identified as Mohammad Salim Khan (25), was arrested near Rajokari flyover on Tuesday.

Khan (25) is a resident of Bharatpur, Rajasthan and was arrested following a tip-off. The police have also recovered a .315 bore pistol with two live cartridges from his possession. Information was received that Khan, the leader of ‘Tatlu Gang’ is involved in inducing and luring innocent people of Odisha, J&K and other States on phone for selling fake gold bricks/biscuits at half rates, after projecting the same as genuine gold.
“Once their victims approached them with money, the accused person and his associates would rob them at gun point. Following the information, a trap was laid at near Rajokari Flyover, NH-8 and he was apprehended,” said Additional Commissioner of Police (Crime) Ravindra Yadav.
Khan used to make numerous random phone calls to Odisha, J&K and other such relatively remote States of India posing himself as Rahul Sharma, an extremely poor labourer of Rajasthan engaged in digging work on different lands acquired by the ASI (Archaeological Survey of India) near Yamuna river behind Taj Mahal.
The accused used to lure his targets by saying that during the course of digging in the ruins near Yamuna, behind Taj Mahal in Agra. He had discovered some very ancient gold bricks of Mughal Emperor Akbar’s era and he was willing to sell the same at half rates compared to the market. Khan claims to have five such bricks, each of which is weighing approx. 800 gm.
“When the innocent victim used to come to meet him, he used to cut a minuscule part of the fake gold brick in the presence of victim and by trick of hand, he used to change the fake gold piece with an original one and handover it to the victim as a sample to get it checked,” said Yadav.
As the sample happens to be genuine, the victim becomes confident after getting it checked from a jeweller and returned to conclude the deal.
“For delivery of gold bricks, he then called the victims in Mewat region and used to loot all the money and belongings of the victims at gunpoint. In this way, the innocent persons of remote States of India, unaware about the intentions of these criminals, got looted of their hard earned money,”
said Yadav.



'Tatlu Gang' member arrested for selling fake Mughal era gold bricks
 

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Got a call from Credit Card Department.

They were activating 10% Discount on all transactions.
They need to verify Credit card details with a OTP.
Then OTP will takeaway your money.


*Sbi Fraud*
+919910572645

Delhi

*Credit Card Fraud*
 

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  • 56.1 percent Indians cheat on discount and 60 percent customers are cheated in the name of charity


ऑनलाइन शॉपिंग / 56.1 प्रतिशत भारतीय खाते हैं डिस्काउंट के चक्कर में धोखा, चैरिटी के नाम पर 60 फीसदी ग्राहक जाते हैं ठगे
56.1 percent Indians cheat on discount and 60 percent customers are cheated in the name of charity

  • भारतीय आमतौर पर छलावा देने वाले एप का शिकार बन जाते हैं
  • सायबर सिक्योरिटी कंपनी मैकएफी की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है

Dainik Bhaskar
Dec 11, 2019, 12:45 PM IST
यूटिलिटी डेस्क. ऑनलाइन जगत में धोखाधड़ी की संभावना और भी ज्यादा होती है। सायबर सिक्योरिटी कंपनी मैकएफी की रिपोर्ट के मुताबिक 56.1% भारतीय ऑनलाइन खरीदारी के समय में डिसकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी का शिकार बन जाते हैं। डिस्काउंट पाने के चक्कर में उपभोक्ता कई बार ऐसी लिंक पर क्लिक कर देते हैं जो उन्हें संदेहास्पद वेबसाइट या एप पर ले जाती हैं। वहां अगर वे खरीदारी करते ही वे धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।

डिस्काउंट के अलावा ऑनलाइन रहने वाले भारतीय फर्जी चैरिटी संस्थाओं का भी शिकार बन जाते हैं। ऐसे मामलों में स्कैमर खुद को वास्तविक ट्रस्ट से जुड़ा बताकर और लोगों की भलाई के लिए काम करने का दावा करते हुए लोगों को चूना लगाते हैं। मैकएफी के अनुसार ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने वालों में 60.7% लोग फर्जी चैरिटी का शिकार बनते हैं। मैकएफी ने इस तरह की धोखाधड़ी की जानकारी देने के लिए 'अ क्रिसमस कैरोलः स्कैम एडीशन' नाम से रिपोर्ट जारी की है। भारतीय आमतौर पर छलावा देने वाले एप का शिकार बन जाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराधी लगातार तकनीकी रूप से उन्नत होते जा रहे हैं। हालांकि, ईमेल फिशिंग और टेक्स्ट फिशिंग जैसे पुराने तरीकों से अब भी करीब 25% भारतीय झांसे में आ जाते हैं। नई पीढ़ी को टेक सेवी कहा जाता है लेकिन इसके बावजूद ऑनलाइन धोखाधड़ी के वाकयों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है।
35.4 लोग फंसे डिसकाउंट के झांसे में
35.4% भारतीयों ने माना कि वे डिस्काउंट स्कैम के झांसे में आए। ऐसे संदिग्ध एप आम तौर पर यूजर के डिवाइस में अपनी फाइल डाउनलोड करवा देते हैं। त्योहारी सीजन के दौरान 60.2% उपभोक्ता रोबो कॉलिंग का शिकार हुए। वहीं, 57.1% उपभोक्ता सिम जैकिंग का शिकार हुए। फैमिली वेकेशन और यात्रा अधिकांश लोगों के एजेंडे में होता है। रिपोर्ट के मुताबिक 78.6% भारतीय सीजनल ट्रैवल स्कैम के झांसे में आए हैं।

गिफ्ट कार्ड से पर्सनल डिटेल्स मांगे जाते हैं
गिफ्ट कार्ड के जरिए शिकार बनाने का नया ट्रेंड सामने आया है। 39.3% उपभोक्ताओं को गिफ्ट कार्ड के जरिए फर्जी वेबसाइट तक ले जाया जाता है। वहां उनसे नाम, टेलीफोन नंबर, क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स जैसी पर्सनल जानकारियां भरवा ली जाती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक धोखाधड़ी का शिकार हुए 40% लोगों ने 10 हजार से 15 हजार रुपए तक गंवाए हैं। युवा भी ऑनलाइन धोखाधड़ी से अछूते नहीं हैं। 18 से 24 साल के 52.6% युवा रोमांस स्कैम का शिकार बनते हैं।

Online Shoping


56.1 प्रतिशत भारतीय खाते हैं डिस्काउंट के चक्कर में धोखा, चैरिटी के नाम पर 60 फीसदी ग्राहक जाते हैं ठगे
 

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  • ard cloning device in atm booth stay alert for avoid fraud


सुरक्षा / देश में बढ़ रहे हैं एटीएम क्लोनिंग के मामले, इससे बचने के लिए पैसा निकालते समय बरतें सावधानी
card cloning device in atm booth stay alert for avoid fraud


Dainik Bhaskar
Dec 11, 2019, 09:29 AM IST
यूटिलिटी डेस्क. देश में एटीएम क्लोनिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं बैंक भी समय-समय पर इससे लोगों को सचैत करते रहते हैं। अगर आपको एटीएम क्लोनिंग के बारे में नहीं पता है तो कोई आपके साथ भी ठगी करके आपकी मेहनत की कमाई चुरा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे एपाय बता रहे हैं जिन्हे अपनाकर आप एटीएम क्लोनिंग से बच सकते हैं।एटीएम कार्ड क्लोनिंग से जुड़ी खास बातें...
  1. कैसे होती है एटीएम कार्ड की क्लोनिंग

    साइबर ठग एटीएम, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की क्लोनिंग के लिए मशीन में स्कीमर लगा देते हैं। स्कीमर मशीन को वह स्वाइप मशीन या एटीएम मशीन में पहले ही फिट कर देते हैं। फिर जैसे ही आप कार्ड स्वाइप या एटीएम मशीन में इस्तेमाल करते हैं आपके कार्ड की सारी डिटेल इस मशीन में कॉपी हो जाती है। इसके बाद ठग आपके कार्ड की सारी डिटेल कंप्यूटर या अन्य तरीकों के जरिए खाली कार्ड में डालकर कार्ड क्लोन तैयार कर लेते हैं। इसका इस्तेमाल कर ठग दूसरी जगह से पैसे निकाल लेते हैं। इस तरीके से ठग लोगों को लाखों का चूना लगा चुके हैं।

  2. एटीएम क्लोनिंग से बचने के उपाय

    अगर आप एटीएम में पैसे निकालने जा रहे हैं तो सबसे पहले मशीन के कार्ड डालने वाली स्लॉट को देखें, यदि आपको यह स्लॉट थोड़ा ढिला लगता है तो इसमें अपना कार्ड बिल्कुल ना डालें। गौर करिएगा कि इस स्लॉट के पास एक लाइट भी लगी होती है। यदि यह लाइट ना लगी हो या जल ना रही हो तो अपने कार्ड को बिल्कुल भी मशीन में ना डालें। इसी तरह जब भी आप पासवर्ड डालें तो अपने हाथों से कीपैड ढक लें, ताकि किसी तरह का कोई हिडन कैमरा लगा हो तो वह आपका पासवर्ड ना देख सके। यदि आपको एटीएम का कीपैड जरा सा भी ढीला लग रहा है तो एटीएम का इस्तेमाल ना करें।

  3. इस प्रकार की ठगी होने पर क्या करें

    अगर आपके साथ इस तरह की ठगी होती है तो ऐसे में सबसे पहले बैंक को इसकी शिकायत करें। अपना कार्ड ब्लॉक करा दें ताकि कार्ड के जरिए और ठगी न हो सके। इसके बाद बैंक मामले की जांच करेगा और 90 दिन के अंदर आपको पैसा वापस मिल जाएगा। इसके अलावा पुलिस में भी एफआईआर दर्ज करा दें।
Atm Cloning


 

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Senior Billi
Got a call from Credit Card Department.

They were activating 10% Discount on all transactions.
They need to verify Credit card details with a OTP.
Then OTP will takeaway your money.


*Sbi Fraud*
+919910572645

Delhi

*Credit Card Fraud*
They say OTP system is better with email instead of SMS. So last time i got it sent to email. (For me it is just go to different tab in browser, gmail always open.)

Bank sends warnings/reminders every month or so, like this...

1579821955048.png


1579822092052.png
 

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Senior Billi
ATM...and those sometimes confusing pics...

Avoid using ATM except at the bank.
It is more busy and there is a security guard.
hmm...I used an ATM maybe 1 or 2 times last year.
The one i might use that is not in the bank, it is near the door of this shopping center, there is usually one of the mall security guards standing near, there is never any chance for criminals to install their device.

Credit card scanning/skimming...from what I've heard, what happened to people, it seems the main risk is restaurants, when they want to take the card... never let the waiter or shop person take the card - they must bring the terminal device to you or you go to the counter...and watch it if they want to take the card... I can't think of any shop now where i use it where the device is not on the counter...it needs to be like that because you need to enter your PIN.

Only thing that bothers me is 1 or 2 online businesses that keep my card details.
 

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Only thing that bothers me is 1 or 2 online businesses that keep my card details.
Solution for online use:

SBI debit card holders have a new facility for online transactions. Details here

2 min read . 08:36 AM ISTSangeeta Ojha

SBI virtual card can be used to shop online at any merchant website that accepts visa cards

SBI virtual card reduces the chances of any fraudulent activity


State Bank of India (SBI) offers virtual card which is a limit debit card. It can be created using SBI's internet banking for e-commerce transactions. This card can be used to shop online at any merchant website that accepts visa cards, without any difference from a regular plastic card, according to the official website of SBI.

Features of SBI virtual cards

1) SBI virtual card hides the primary card and account details from the merchant, thereby reducing the chances of any fraudulent activity.



2) SBI virtual card is valid for a period of 48 hours or till the transaction is complete.

3) SBI virtual card creation and online transaction is authorised only after successful validation of One Time Password (OTP) sent to your registered mobile number.

4) SBI customers can make payment through their net banking amount.

5) The minimum transaction amount to create SBI virtual card is ₹100 and the maximum is ₹50,000.

6) SBI virtual card can be used at any online merchant site that accepts visa cards.

7) SBI vitual card is a single usage card, i.e once used successfully it cannot be reused.

8) The amount is debited only when actual purchase, using the virtual card, is completed successfully.

Here is a step-by-step guide to create your SBI virtual card

-Login to your SBI online banking account (www.onlinesbi.com).

-Click on 'e-Card' tab on the top bar.

-Click on 'generate virtual card' tab.

-Now, select the account you wish to transfer money to the virtual card.

-Enter the amount you wish to transfer to the virtual card.

-Agree to the terms and conditions by clicking on the tick box.

-Click on 'Generate'.

-Now, you will have to verify the cardholder name, debit card account number and the virtual card limit.

-SBI will send an OTP to your registered mobile number.

-Enter the OTP and click on 'Confirm'.

-After successful validation, card image with card number, expiry date, etc will be displayed on the screen.

-SBI vitual card is now created and available for e-commerce transaction.




 

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Senior Billi
Good solution, if can be done without too much trouble.
The irony, maybe, is that the main one for me is Takealot, the biggest best online store in SA - I think they should know better. But there are still many that do it.
 
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