Jokes (Only clean jokes here, please!)

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लम्बे काले बालों वाली सुंदर नवयुवती

जब सिर पर पानी डाल कर नहाती है

गीले बालों में हाथ फिराती है

और

चेहरे पर आए बालों को साइड करती है

फिर गरदन को हल्का सा झटका देने पर

जितनी पानी की बूंदे गिरती हैं

.

.

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.

बस उतनी ही #बारिश आज हमारे यहाँ हुई
 
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शादी के बाद दो दोस्तों की मुलाकात हुई तो एक दूसरे का हाल पूँछने लगे।

पहला : और भाई कैसे गुजर रहा है ?

पहला : सब खैरियत है। आपस में बहुत ही अंडरस्टैंडिंग है। सुबह दोनों मिलकर नाश्ता बनाते हैं, फिर बातों बातों में बर्तन धो लेते हैं।प्यार प्यार से मिल बांट कर सारे कपड़े धो लेते हैं। कभी वह किसी खास डिश की फरमाइश कर देती हैं और कभी मैं अपनी मर्जी से कुछ पका लेता हूँ। मेरी बीबी बहुत सफाई पसंद है, इसलिये घर की साफ सफाई मेरी जिम्मेदारी है।

फिर पहले ने दुसरे से पूछा, आप सुनाओ आपकी कैसे गुजर रही है ?

दुसरा : भाईजान बेइज्जती तो मेरी भी इतनी ही हो रही है जितनी आपकी। लेकिन मुझे आपकी तरह Power Point Presentation बनाना नहीं आता।

 
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Dedicated to @ Jammy for welcoming this Monsoon :



रिमझिम बारिश में, एक कंधा गीला, हाथ मे छत्री लेकर जैसे ही घर मे घुसा, उसके पिताजी ने फिक्र करते हुए कहा कि...

बेटा.. कई दिनों से देख रहा हूँ कि तू बारिश में परेशान होता है, हमेशा तेरा एक कन्धा भीग जाता है....

या तो तू बड़ा छाता ले ले...

या फिर कभी उसको घर लेकर आ, साथ मे चाय पियेंगे...!

 

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Big Joke Series:


एक कंपनी थी.. सत्यम
उसके मालिक राजू रामलिंगम की खूब धाक थी.! और क्यों न होती... IT की टॉप कंपनियों में शुमार थे,, खूब कमाई थी,, निवेशकों का पैसा दिन दूना रात चौगुना हो रहा था.!

फिर एक दिन पता चला..सारे आंकड़े झूठे थे, कमाई क़ागजी थी.! और सारे निवेशक डूब गए.!

वही चल रहा है
 
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बारिश पड़े तो भागिए नहीं.......
छत नहीं खोजिये........
छाते कभी-कभार बंद रखिये......
किस बात का डर है......?
भीग जायेंगे न...........?

तो क्या हुआ......
पिघलेंगे नहीं.. ...
.फिर से सूख जायेंगे.. ....

तेजाब नहीं बरस रहा है........

आपकी 799 वाली टी-शर्ट भी सूख जायेगी....
ब्रांड भी उसका Levis से Lebis नहीं हो जायेगा..... ...

मोबाइल पालीथिन में कस के रख लीजिये.....
सड़क साफ़ है.. .....कोई नहीं आएगा.......

उस स्ट्रीट लैम्प की पीली रौशनी में डिस्को करती बूंदों को देखिये..........

थोड़ा धीरे चलिए.......
जल्दी पहुंच के भी क्या बदल जाना है......

बारिश बदलाव है.......
मौसम का....
मन का.....
कल्पनाओं का.......
और लाइफ के गियर का......
दिमाग से दिल की तरफ........

सब धुल रहा है........
प्रकृति सब कुछ धो रही है.. ........
आप क्यूँ उसी मनहूसियत की चीकट लपेटे घूम रहे हैं.........

याद कीजिये...........

वो कागज़ की नाव, कॅालेज/कोचिंग में भीगे सिर आए वो लड़की, लड़के, बारिश में जबरदस्ती नाचने को खींच कर ले गये दोस्त........

सब चलते-चलते याद कीजिये.........

दुहराना आसान नहीं होता........
दुहराना चाहिए भी नहीं........
लेकिन सहेजा तो जा ही सकता है..........
ताकि ऐसी किसी बारिश में चलते-चलते सोच के मुस्कुराया भी जा सके.........

ज़ुकाम से मत डरिये.........
दवा से सही हो जायेगा.........

बारिश से डरेंगे तो फिर ज़ुकाम आपका महंगा वाला शावर भी ठीक नहीं कर पायेगा.........

और वैसे भी........
मैंने शावर में सिर्फ लोगों को रोते सुना है.........
मुस्कुराते नहीं........
क्योंकि उनका गाना भी रोने से कम नहीं होता है..........

बारिश आई है...........
थोड़ा चल लीजिये..........
थोड़ा भीग लीजिये...........
खुद से मिल लीजिये.........
थोड़ा मुस्कुरा भी लीजिये.......

क्योंकि बारिश चन्द दिनों के लिये आई है.......
जैसे सावन में बिटिया घर आई हो.........

चली जायेगी वापस............
फिर न रोइयेगा कि अब कब आयेगी..........

बारिश हो रही है......
.उसके सहारे कुछ पल अपने लिये भी जी लेने की कोशिश कर लीजिये.......

happy monsoon,,

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