Kedarnath, Uttarakhand, India

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Kedarnath Door Opening Date : 29 April 2020

Kedarnath Dham Doors Opening Date Will Decide On Maha Shivaratri 2020
महाशिवरात्रि के पावन मौके पर घोषित हुई केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि, इस दिन दर्शन देंगे भोले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Fri, 21 Feb 2020 12:04 PM IST


Kedarnath Dham doors opening date will decide on Maha Shivaratri 2020



भगवान आशुतोष के पावन पर्व महाशिवरात्रि पर आज शुक्रवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित कर दी गई। आगामी 29 अप्रैल को भगवान आशुतोष के 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ के कपाट खुलेंगे। मेष लग्न में सुबह 6:10 पर मंदिर का द्वार आम दर्शनों के लिए खोला जाएगा। इसके बाद छह माह तक अराध्य की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी।


25 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान भैरवनाथ की पूजा होगी। 26 अप्रैल को केदारनाथ की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान करेगी। 27 को गौरीकुंड रात्रि विश्राम और 28 अप्रैल शाम को पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 29 अप्रैल को मेष लग्न में सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

इसके लिए ओंकारेश्वर मंदिर में खास तैयारियां की गई हैं। सुबह से ही आराध्य की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। प्रात: नौ बजे के बाद रावल गद्दी परिसर में हक-हकूकधारियों, आचार्यगणों, बीकेटीसी के पदाधिकारियों की मौजूदगी में पंचांग गणना के आधार पर केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि तय की। इसके बाद अब बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति के चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान होकर धाम प्रस्थान का दिन भी तय किया जाएगा।

केदारनाथ यात्रा के सकुशल संचालन एवं विश्व कल्याण के लिए ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में महायज्ञ कर आहुतियां दी जा रही हैं। दोपहर को धार्मिक कार्यक्रमों के बाद शाम छह बजे से ओंकारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।
महाशिवरात्रि पर यात्रा तैयारियों का होता है श्रीगणेश
चारों पहर भगवान शिव की विशेष पूजा की जा रही है। रावल भीमाशंकर लिंग ने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व पर धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के तहत भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना के साथ कपाट खुलने की तिथि तय की जाती है।

महाशिवरात्रि पर श्रीकेदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही यात्रा तैयारियों का श्रीगणेश भी शुरू हो जाता है। शासन, प्रशासन, श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के साथ केदारघाटी समेत अन्य लोग भी यात्रा में रोजगार को लेकर अपनी तैयारियों में जुट जाते हैं।

वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती बताते हैं कि बाबा की यात्रा तिथि घोषणा के दिन से केदारघाटी में उल्लास का माहौल हो जाता है। यात्रा से हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ी है।
गौरीकुंड से केदारनाथ तक क्षतिग्रस्त बिजली लाइनें
गौरीकुंड से केदारनाथ व केदारपुरी में बिजली लाइन को व्यापक क्षति पहुंची है। ऊर्जा निगम ने प्रारंभिक तौर पर नुकसान का आकलन 50 से 80 लाख तक का है। यह आंकड़ा और अधिक भी हो सकता है, क्योंकि अभी भीमबली से केदारनाथ तक भारी बर्फ होने से बिजली लाइन की क्षति की स्पष्ट जानकारी नहीं है।

बीते वर्ष 12/13 दिसंबर को हुई सीजन की पहली भारी बर्फबारी में ही गौरीकुंड से केदारनाथ तक 17 किमी रास्ते पर बिजली के पोल, तारें जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद ऊर्जा निगम द्वारा लाइन की मरम्मत के प्रयास भी किए गए, लेकिन पुन: बर्फबारी से स्थिति और भी खस्ताहाल हो गई।
विद्युत लाइन के पोल टूटकर रास्ते किनारे पड़े हैं
गौरीकुंड कस्बे से आधा किमी आगे से विद्युत लाइन के पोल टूटकर रास्ते किनारे पड़े हैं। इसके अलावा भीमबली से केदारनाथ तक 9 किमी क्षेत्र में भी बिजली लाइन को भारी क्षति पहुंची है, लेकिन कई फीट बर्फ जमा होने के कारण अभी नुकसान का स्पष्ट आकलन नहीं हो रहा है।

ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मोहित डबराल ने बताया कि गौरीकुंड से भीमबली तक क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन की मरम्मत के लिए 23 लाख का प्रस्ताव तैयार कर कार्य शुरू भी कर दिया गया है। बताया कि भीमबली से केदारनाथ व केदारपुरी में बर्फ सफाई के बाद नुकसान की सही स्थिति साफ हो पाएगी।


महाशिवरात्रि के पावन मौके पर घोषित हुई केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि, इस दिन दर्शन देंगे भोले
 

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Kedarnath Dham Snow Cleaning Work Continue, See Beautiful Visuals

सफेद चादर से ढका बाबा केदार का धाम, आस्था पथ से ऐसे साफ की जा रही बर्फ, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग, Updated Mon, 13 Apr 2020 07:01 PM IST

5 - फोटो : अमर उजाला

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अप्रैल के महीने में भी केदारनाथ धाम बर्फ की सफेद चादर से ढका है। यहां मंदिर के आस्था पथ से लेकर परिसर तक करीब पांच से छह फीट बर्फ जमी हुई है। वुड स्टोन कंपनी के 50 मजदूरों की टीम केदारपुरी में बर्फ की सफाई में जुटी है।





- फोटो : अमर उजाला

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टीम का कहना है कि एक सप्ताह में यहां बर्फ को साफ कर आवाजाही के लिए सभी रास्ते खोल दिए जाएंगे। साथ ही परिसर को भी पूरी तरह से साफ कर दिया जाएगा। पैदल मार्ग पर छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट तक मजदूरों की टीम बर्फ साफ कर रही है।





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बीते चार दिन से कार्यदायी संस्था के मजदूर केदारनाथ मंदिर मार्ग व परिसर के आसपास की बर्फ को साफ करने का कार्य कर रहे हैं। यहां चरणबद्ध तरीके से काम करते हुए पहले चरण में मंदिर मार्ग व परिसर को साफ किया जाएगा। इसके बाद आवासीय भवनों को जाने वाले रास्तों और तीसरे चरण में पुनर्निर्माण कार्य स्थलों में जमा बर्फ को साफ किया जाना है।




- फोटो : अमर उजाला

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कार्यदायी संस्था के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि 130 मजदूरों को तीन टीमों में बांटा गया है। पहली टीम में 50 लोग हैं, जो केदारनाथ में बर्फ सफाई का कार्य कर रहे हैं। दूसरी टीम में 35 मजदूर हैं, जो रुद्रा प्वाइंट से छानी कैंप के बीच काम कर रहे हैं। जबकि 45 मजदूर भीमबली में मौजूद हैं, जो रामबाड़ा से छानी कैंप के बीच मौजूद हिमखंडों को हटा रहे हैं।





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टीम का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो 20 अप्रैल तक पैदल मार्ग को केदारनाथ तक घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि पैदल मार्ग से आवाजाही शुरू होते ही धाम में बिजली, पानी और संचार सेवा को प्राथमिकता से बहाल कर दिया जाएगा। साथ ही 25 अप्रैल तक यात्राकाल के पहले 15 दिन का राशन व अन्य सामग्री धाम पहुंचा दी जाएगी।





सफेद चादर से ढका बाबा केदार का धाम, आस्था पथ से ऐसे साफ की जा रही बर्फ, तस्वीरें...
 
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Kedarnath Through Century old photo

1
Kedarnath(150 yrs Old Photo)
When 150 yrs back Kolkota based team of Geological survey Of India reached At Kedarnath they were amazed to see the beauty of Temple.



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2
Kedarnath(150 yrs Old Photo)
150 yrs old photo shows that temple area was stood unique on the stone platform .


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3.
3
Kedarnath(150 yrs Old Photo)
The southern side of the 150 yrs photo shows that temple was lagoon in water.

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4
Kedarnath-Old trekking route
There were no pathways in the ancient time to reach the temple.People cover the distance on foot through snow covered route.

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5
Kedarnath-Later route of the shrine
Later the pony routes were developed on the Kedarnath-Gaurikund.

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6
Kedarnath-50 yrs Old Photo
Even 50 yrs old photo shows that there were little human enchrochment in the temple area of the Kedarnath.

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7.
Kedarnath-40 yrs old photo
Even 40 yrs old photo shows that the shrine area of the Kedarnath was free from human settlers.

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8
Kedarnath 20 yrs back
Later on settlement has started around the temple area which was initially the stream of Mandakini.

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Kedarnath Through Century old photo to till date(Original)
 

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Kedarnath Temple पर Video बनाने वाली Ria Mavi को बुरी तरह Troll क्यों किया गया ?
424,713 views
•Jun 5, 2020


27K
1.9K


The Lallantop


13.7M subscribers

When model and Youtuber Ria Mavi went to Kedarnath Temple in Uttarakhand, she made a video about how the entire area has been commercialized. After she put her video online, she started getting trolled badly.
Watch video to know more.
 

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Kedarnath Trek 2019 || RIYA MAVI ||
410,639 views
•May 13, 2020






Riya Mavi

48.6K subscribers

Hey guys welcome back to my channel as you guys know In 2019 I went to Tungnath and Kedarnath for trek with my friends and I am sharing these videos now, for you so u can visit there to see the beauty of dev bhoomi
 

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Let’s clear the air || Riya Mavi ||
94,968 views
•May 26, 2020


8.6K
6.4K



Riya Mavi

48.6K subscribers


Things we never said at all making rounds on social media just because people fail to understand the point and made their assumptions hence chaos erupted ‍♀


Pinned by Riya Mavi

Riya Mavi
1 week ago
Things we never said at all making rounds on social media just because people fail to understand the point and made their assumptions hence chaos erupted ... चीजें जो हमने सोशल मीडिया पर कभी भी पूरी तरह से नहीं कही, क्योंकि लोग इस मुद्दे को समझने में नाकाम रहे और अपनी धारणा बना ली, इसलिए अराजकता फैल गई





Reactions:
1.
जगन्नाथपुरी मन्दिर में पांडे पुजारी खुलेआम महिलाओं के सामने कम दान देने पर गालियाँ भी देते है।


2.
God Industry where CEOs are pandits and customers are Devotees... It's just Business in the name of God.

3.
मॅम मै चित्रकूट गया था और मुझे याद है , एक पंडित ने मुझे काहा था की 10 रू. दोगे तो 10 रू. का आशीर्वाद मिलेगा 100 रू. दोगे तो 100 रू. का. वहा पर तो आशीर्वाद भी खारिद ना पडता है.


4.
घबरा मत यार बात उनकी होती है जिनमे कोई बात होती है ।


5.
Riya please don't get scared because of people like this you haven't done anything wrong...we support you..


6.
सच कड़वा है धार्मिक स्थलों पर इस तरह का व्यवहार किया जाता हैं ll सहमत हूँ आपकी बात से


7.
She is honest and right, In our country it happens in many temples. I don't understand why people dislike her video. I think not only she or me but many of us feel that but only difference is we are silent and she says





8.
सही कह रहे हो... डरने की कोई बात नहीं!


9.
में उत्तराखंड का रहनें वाला हू केदारनाथ हमारे यहां से बहुत ही नजदीक है सरकार की गलतियाँ ये है की जो यहाँ होटल है ऊन होटल वालों ने लुट मचा रखी है खाना जैसा होना चाहिए था वेसा नी होता मन्दिर के पुजारियों ने धर्म के नाम पर लुट मचा रखी है दुकान वालों के भी यही हाल है रिया मवी सही है



10.
भक्ति और पागलपन में अधिक अंतर नही होता । सांसारिक दृष्टि से देखो तो भक्त पागल जैसा ही दिखाई देता है।


11.
In Today's world not more person have courage to support the right things U r really a great person


11.
सच कड़वा होता है आपने सच कहा है ....

12.
आपने सही कहा कहा मैडम यह है आधुनिक भारत की महिला शक्ति धर्म धंधा है यहां पढ़ा-लिखा अंधा है आप अडिग रहना हम आपके साथ है


13.
अब समय की मॉग तो यही है कि पण्डित भी कमाकर खाए।मुफ्त का खाना बंद कर मजदुरी करे ओर आत्म निर्भर बने।

14.
Actually only thing is that she should have come back to her gotel and then shared her journey experience . As she would then be fully fresh and active . that's what vloggers do

15.
आप इस‌ प्रकरण में आप लगातार लिखते रहीये , बहुत बड़ी भांग घोल रखी है इन पाखंडियों ने ,

16.
I think that there was no need for you to do an explaine in front of these dim minded people. You have never said anything wrong about religion in your blog. Which these people should understand. These people start speaking like wolves on a line. These people should understand that what you said was that the rates that have been set by worshipers in the name of worship are fixed. According to them, it is such that those who have money should come and worship well and those who are poor should worship like the poor. But I do not think that God has said that the brother who is rich can worship me well and the poor who are poor can only see me from a distance.


17.
ॐ नमः शिवाय भगवान केदारनाथ सभी को अपनी छत्रछाया प्रदान करें. हम सब भारतीय हैं और वसुधैव कुटुंबकम पर विश्वास रखते हैं सभी से अनुरोध है कि इसी भवना के साथ जीए..

18.
I go in temple...nd they(one of the pandit) literally asking me... were is your pundit ?? I said- i have no pandit.. He said then "bahar nikal".. wow this business !!
 

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केदारनाथ मंदिर पर वीडियो बना निशाने पर यूट्यूबर रिया मावी, मिल रहीं पाकिस्तान भेजने की धमकियां

केदारनाथ मंदिर पर बना एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में यूट्यूबर रिया मावी ने केदारनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जिसके बाद वह निशाने पर हैं।

विष्णु रावल |Navbharat Times | Updated: 29 May 2020, 05:50:00 PM IST


केदारनाथ पर वीडियो, यूट्यूबर को धमकियां


केदारनाथ पर वीडियो, यूट्यूबर को धमकियां
विष्णु रावल, नई दिल्ली

कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच बाबा केदारनाथ मंदिर के दर्शन भले ही लोग नहीं कर पा रहे, लेकिन वहां का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। वीडियो केदारनाथ मंदिर के पास बर्फ गिरने की खूबसूरत नजारे नहीं दिखाता बल्कि कुछ सवाल खड़े करता है जिस पर हंगामा है। इसे यूट्यूबर रिया मावी ने बनाया है। अब उन्हें अंजाम भुगतने, पंडितों के श्राप की धमकियां मिल रही हैं। कुछ लोग तो पाकिस्तान चले जाने तक की सलाह दे रहे हैं।


इतनी जागरूकता हर नागरिक को होनी चाहिए
Madhukar Mishra

रिया मावी के किस वीडियो पर हुआ है बवाल

रिया मावी जिन्हें हम और आप लोग अमित भड़ाना के साथ वीडियोज में भी देख चुके हैं वह 2019 में केदारनाथ के ट्रेक पर गई थीं। लॉकडाउन के बीच 13 मई को उन्होंने यह वीडियो अपने नए यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया। करीब 15 मिनट के वीडियो के आखिर में रिया और उनकी दो सहेली केदारनाथ मंदिर के दर्शन का अपना अनुभव बताती हैं। रिया कहती हैं कि मंदिर के अंदर व्यवस्था ठीक नहीं है। मंदिर में पुजारी बिना दान-दक्षिणा के टीका नहीं लगाते और आरती के लिए मोटे पैसे वसूले जा रहे हैं, जिसका वह एक आधिकारिक पोस्टर भी दिखाती हैं। (इसकी पुष्टी के लिए केदारनाथ ट्रस्ट को फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हुआ) वीडियो की शुरुआत में रिया एक होटल में अच्छी सुविधा नहीं होने की भी बात करती हैं। इन्हीं दोनों बातों पर विवाद हो गया।

धमकियों से पटे पड़े हैं सोशल मीडिया अकाउंट
अब रिया पर उत्तराखंड, हिंदू धर्म आदि को बदनाम करने के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम और यट्यूब) पर लगातार उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। रिया बताती हैं दिन-रात उन्हें धमकी भरे मेसेज आते रहते हैं। उन्हें लगातार वीडियो हटाने की धमकियां मिल रही हैं। कोई कहता है कि तुम्हें साधू-संतों ने अब श्राप दे दिया है, तो कोई पाकिस्तान चले जाने तक की सलाह दे रहा। भैरव सेना नाम के संगठन ने रिया के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई है।

NBT

रिया को मिल रही धमकियां

गलत चीज किसी भी कोने में हो बोलना फर्ज: रिया

अपने ऊपर लगे आरोपों पर रिया ने भी सफाई दी है। उत्तराखंड को बदनाम करने के आरोप पर वह कहती हैं कि उत्तराखंड उनका फेरविट प्लेस है और साथ की दोनों लड़कियां उत्तराखंड की ही थीं, ऐसे में वे उत्तराखंड को बदनाम करने के बारे में कैसे सोच सकती हैं। रिया आगे कहती हैं कि वह सबसे पहले खुद को भारतीय मानती हैं और गलत चीज चाहे देश के किसी भी कोने में हो उसपर बोलना उनका फर्ज है। हिंदू धर्म को बदनाम करने के सवाल पर रिया बोलती हैं कि वे खुद और बाकी दोनों सहेलियां हिंदू ही हैं। ऐसे में कोई अपने ही धर्म को भला क्यों बदनाम करना चाहेगा।

NBT


केदारनाथ वीडियो से नाराज लोग


वीडियो के एक और हिस्से पर बवाल है कि रिया ने वहां के कमरों और खाने की बुराई की। ट्रोलर्स ने कहा कि उन्हें पहाड़ों पर भी पिज्जा चाहिए था। ऐसी बातों पर रिया ने कहा कि होटल सही में गंदे थे और साफ-सफाई की बात करना जरूरत का हिस्सा है कोई 'विशेष सुविधा' की बात नहीं। वीडियो के एक दूसरे हिस्से में रिया यह भी दिखाती हैं कि एक कूड़ेदान पर लिखा था कि कूड़ा यहां फेंके लेकिन फिर भी लोगों ने उसके बराबर में बाहर कूड़ा डाला हुआ था। रिया कहती हैं कि उन्होंने उत्तराखंड के खाने की बुराई नहीं की बल्कि सिर्फ उस होटल के खाने को ठीक नहीं बताया बाकि रास्ते और ट्रेक का खाना अच्छा था।

रिया कहती हैं कि हमने किसी भगवान को गलत नहीं बताया और न ही उनपर सवाल उठाया। बल्कि हमने इंसानों और उनके बनाए सिस्टम पर सवाल उठाया है। दर्शन के लिए स्पेशल रेट की बात पर वह कहती हैं कि इंसानों के साथ मंदिर में भी भेदभाव होगा तो कैसे चलेगा।


Web Title trollers attacked riya mavi over kedarnath dhaam trek video all you need to know(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)


केदारनाथ मंदिर पर वीडियो बना निशाने पर यूट्यूबर रिया मावी, मिल रहीं पाकिस्तान भेजने की धमकियां
 

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Part 2



KEDARNATH YATRA 2019 यात्रा श्री केदारनाथ धाम की // Full Yatra from Delhi
2,306 views
•Aug 3, 2019




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OM VLOGS

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यहाँ तक पहुँचने के दो मार्ग हैं। पहला १४ किमी लंबा पक्का पैदल मार्ग है जो गौरीकुण्ड से आरंभ होता है। गौरीकुण्ड उत्तराखंड के प्रमुख स्थानों जैसे ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून इत्यादि से जुड़ा हुआ है। दूसरा मार्ग है हवाई मार्ग। अभी हाल ही में राज्य सरकार द्वारा अगस्त्यमुनि और फ़ाटा से केदारनाथ के लिये पवन हंस नाम से हेलीकाप्टर सेवा आरंभ की है और इनका किराया उचित है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण मंदिर बंद कर दिया जाता है और केदारनाथ में कोई नहीं रुकता। नवंबर से अप्रैल तक के छह महीनों के दौरान भगवान केदा‍रनाथ की पालकी गुप्तकाशी के निकट उखिमठ नामक स्थान पर स्थानांतरित कर दी जाती है। यहाँ के लोग भी केदारनाथ से आस-पास के ग्रामों में रहने के लिये चले जाते हैं। वर्ष २००१ की भारत की जनगणना[2] के अनुसार केदारनाथ की जनसंख्या ४७९ है, जिसमें ९८% पुरुष और २% महिलाएँ है। साक्षरता दर ६३% है जो राष्ट्रीय औसत ५९.५% से अधिक है (पुरुष ६३%, महिला ३६%)। ०% लोग ६ वर्ष से नीचे के हैं।


केदारनाथ हिमालय पर्वतमाला में बसा भारत के उत्तरांचल राज्यका एक कस्बा है। यह रुद्रप्रयाग की एक नगर पंचायत है। यह हिन्दूधर्म के अनुयाइयों के लिए पवित्र स्थान है। यहाँ स्थित केदारनाथ मंदिर का शिव लिंग १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हिन्दू धर्म के उत्तरांचल के चार धाम और पंच केदार में गिना जाता है। श्रीकेदारनाथ का मंदिर ३,५९३ मीटर की ऊँचाई पर बना हुआ एक भव्य एवं विशाल मंदिर है। इतनी ऊँचाई पर इस मंदिर को कैसे बनाया गया, इस बारे में आज भी पूर्ण सत्य ज्ञात नहीं हैं। सतयुग में शासन करने वाले राजा केदार के नाम पर इस स्थान का नाम केदार पड़ा। राजा केदार ने सात महाद्वीपों पर शासन और वे एक बहुत पुण्यात्मा राजा थे। उनकी एक पुत्री दो पुत्र थे । पुत्रका नाम कार्तिकेय (मोहन्याल) व गणेश था । गणेश बुद्दि व कार्तिकेय (मोहन्याल) शक्ति के राजा देवता के रुपमे संसार प्रसिद्द है ।उनकी एक पुत्री थी वृंदा जो देवी लक्ष्मी की एक आंशिक अवतार थी।[1]वृंदा ने ६०,००० वर्षों तक तपस्या की थी। वृंदा के नाम पर ही इस स्थान को वृंदावन भी कहा जाता है।
 
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