Road conditions - Uttarakhand

adsatinder

explorer
Thanks Satinderji as always for prompt response.
Have you traveled till Vishnuprayag or till Badrinath?

Previously I had seen road conditions significantly deteriorate after Vishnuprayag.
I covered Joshimath to Badrinath ji.
Roads were perfect.
I had same impression of 2010,
When Roads were bad after Pandukeshwar.
But this time it was totally opposite.
LOL !

From Rishikesh to Joshimath, construction / widening of road is going on at non populated areas.
Tarred Road means populated area, drive carefully.
Unpopulated area means keep eye on non tarred road and drive accordingly.
Overall experience was good.

Take 1 night halt between Delhi and Badrinath ji.
Go till Rishikesh or ahead to Srinagar or Rudraprayag depends on your start time and daylight time left to cover the distance.
Accommodation is available at Badrinath ji in hotels and Sarai.
If by chance can't get stay, then try at Pandukeshwar or Joshimath.

I stayed at Joshimath and covered Badrinath ji in daytime.
Was able to Return till Karanprayag in daylight.
 

Ladakh_Maniac

Well-Known Member
I covered Joshimath to Badrinath ji.
Roads were perfect.
I had same impression of 2010,
When Roads were bad after Pandukeshwar.
But this time it was totally opposite.
LOL !

From Rishikesh to Joshimath, construction / widening of road is going on at non populated areas.
Tarred Road means populated area, drive carefully.
Unpopulated area means keep eye on non tarred road and drive accordingly.
Overall experience was good.

Take 1 night halt between Delhi and Badrinath ji.
Go till Rishikesh or ahead to Srinagar or Rudraprayag depends on your start time and daylight time left to cover the distance.
Accommodation is available at Badrinath ji in hotels and Sarai.
If by chance can't get stay, then try at Pandukeshwar or Joshimath.

I stayed at Joshimath and covered Badrinath ji in daytime.
Was able to Return till Karanprayag in daylight.
That is a lot of info and happy to note that good roads have been made till badrinath.
Will soon finalize plans.

many thanks....
 

adsatinder

explorer
Check links :


1.
Kedarnath ji Travel Guide link:





2.
Badrinath ji Travel Guide link:

 
Last edited:

adsatinder

explorer
Forest Fires Spread In Uttarakhand Jungles As Temperature Rises On Hills

All India Indo-Asian News Service

According to the data provided by the forest department, a total of 73 fire incidents were reported during the past 24 hours in Uttarakhand, taking the total number to 1,493.

Updated : May 29, 2019
19:24 IST


Dehradun:

Forest fires have engulfed 1,960 hectare of Uttarakhand jungles with rising temperature in the hills, an official report said on Wednesday.

Significantly, the fires were spreading fast in the reserved forest areas where 1,466 hectares of forests were affected with 1,153 incidents so far, the report said.

According to the data provided by the forest department, a total of 73 fire incidents were reported during the past 24 hours in the state, taking the total number to 1,493.

This has resulted in a loss of Rs 35.41 lakh in terms of forest property.

Almora and Nainital were the worst affected districts where 297 and 289 incidents have been reported.

Dehradun and Tehri districts have reported 137 and 140 incidents.

The hill resort of Nainital with thick jungle cover on Wednesday recorded 28.3 degrees Celsius of maximum temperature which was a few notches above than the normal. Similarly, Almora and Dehradun recorded 34.1 and 38.8 degree Celsius of maximum temperature respectively.




 

adsatinder

explorer
झलानदेव, फोर्ती व मायावती के जंगलों में भी भड़की आग
Updated Thu, 30 May 2019 11:18 PM IST

लोहाघाट के समीप जलता फोर्ती का जंगल। - फोटो : अमर उजाला


नगर के समीप धरासी के जंगल से लगी आग ने झलानदेव, फोर्ती और मायावती के जंगलों को अपनी चपेट में ले लिया। इन स्थानों के जंगलों में आग भड़की हुई है। आग की चपेट में आने से कई हेेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा जल गई है।


जंगलों में लगी आग से चारों ओर धुंध छायी हुई है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार की रात को फोर्ती और बिशुंग के जंगल के बीच धरासी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने झलानदेव, फोर्ती और मायावती के जंगल को अपने चपेट में ले लिया। इन जंगलों में आग भड़की हुई है।
ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन आग की लपटें काफी तेज होने के कारण उन्हें आग बुझाने में कोई सफलता नहीं मिल पाई। फोर्ती के सरपंच सतीश बगौली ने वन विभाग को इसकी सूचना दे दी है।
उन्होंने बताया कि चाय बागान में काम कर रहीं शांति देवी, अनीता, आशा, दीपा, अंजू, गीता, मीना, मीना सुतेड़ी आदि ने आग बुझाने में मदद की। ब्यूरो


 

adsatinder

explorer
तिलौन में आबादी वाले क्षेत्र में पहुंची जंगल की आग
Updated Wed, 29 May 2019 11:18 PM IST
भिकियासैंण के पास जलता जंगल। - फोटो : amar ujala
जिला मुख्यालय के समीप तिलौन और सिप्टी न्याय पंचायत के जंगलों में मंगलवार की रात के समय भीषण आग लग गई। तिलौन के जंगल में लगी आग तो कुछ ही देर आबादी की तरफ फैलने लगी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया।

आग पर काबू पाने के लिए एक किनारे से बुझाने का कार्य शुरू किया। टीम ने पेड़ की टहनियों और फायर रैक की मदद से आग बुझाई। वन विभाग के कर्मचारियों और अग्निशमन के कर्मचारियों ने फायर लाइन काट कर आग को आबादी की ओर पहुंचने से रोका। आग की चपेट में आने से एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा जल गई। अग्निशमन की टीम में एफएसएसओ चंदन राम, एलएफएम मोहन सिंह थापा, सुनील जोशी, पंकज सिंह, गोविंद पनेरू, हरीश चम्याल, भैरव सिंह, प्रमोद कुमार आदि शामिल रहे। उधर, सिप्टी न्याय पंचायत में सिप्टी-सिमाड़ सड़क के बीच चीड़ के जंगल में लगी आग बुधवार को भी नहीं बुझ पाई है। आग से क्षेत्र में धुंध छाई हुई है। धुंध और धुएं के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।






 

adsatinder

explorer
जंगलों की आग से बागेश्वर के आसमान में धुआं ही धुआं

Updated Wed, 29 May 2019 11:42 PM IST

बागेश्वर में गढ़खेत रेंज के जंगलों में आग बुझाते ग्रामीण।। - फोटो : अमर उजाला


बागेश्वर।बागेश्वर में सुबह शाम जंगलों में लगी आग से वातावरण में धुआं छा गया है। धुएं से बुजुर्गों, दमा मरीजों, गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। वहीं जंगली जानवर जंगलों से निकलकर आबादी की ओर रुख कर रहे हैं।
मंगलवार देर रात गढ़खेत रें के कंपार्टमेंट नंबर 26 में आग लगी। कुछ ही देर में आग जंगल में फैल गई। आग बगोटिया के समीप बने मकानों तक पहुंच गई। मकानों के पास आग पहुंचने पर लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने बाल्टियों से पानी फेंक कर किसी तरह आग पर काबू पाया। फिर धुराफाट, पुंगर घाटी, दोफाड़, कांडा के जंगलों में भीषण आग लग गई। आग से वातावरण में चारों तरफ धुआं ही धुआं हो गया। धुएं से गर्भवती महिलाओं, मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। वन्य जीव भी आबादी की ओर रुख कर रहे है। इससे वन्य जीव और इंसान दोनों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।। वहीं वन विभाग की आग की रोकथाम की सारी कोशिशें नाकाम रही हैं। आग लगने की घटनाओं पर रोक के बजाय बढ़ती जा रही है। डीएफओ बीएस शाही ने बताया कि आग की घटनाओं पर सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाती है।
= आग बुझाने गया नेपाली युवक झुलसा =
बागेश्वर। गरुड़ में जंगलों में आग बुझाने गया नेपाली युवक बुरी तरह झुलस गया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रयूटिया पुत्र कन्हैया निवासी बजान अंचल, नेपाल गरुड़ में परिवार के साथ रहता है। बुधवार को जंगलों में आग लगी तो वह आग बुझाने गया। इस दौरान वह आग की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई और उसको जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।







 

adsatinder

explorer
HomeUttarakhandDehradun › Char Dham Yatra 2019 Affordable Tour Package By Car

चारधाम यात्रा 2019: अपनी जेब के अनुसार चुनें सस्ते टूर पैकेज और कर आएं चारों धामों के दर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 30 May 2019 05:50 AM IST

चार धाम

चार धाम - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर



अगर आप बिना किसी परेशानी के चारधाम के दर्शन अपनी जेब के अनुसार करना चहाते हैं तो यह खबर आपके लिए है। चार धाम यात्रा के लिए जीएमवीएन की ओर से पैकेज टूर प्रोग्राम जारी कर दिया गया है। जीएमवीएन की ओर से तैयार किए गए पैकेज टूर में यात्रियों को आने जाने के लिए गाड़ियां भी मुहैया कराई जा रही है।

तीर्थयात्रियों के लिए बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में दर्शन की व्यवस्था भी की जाएगी। बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम की यात्रा छह दिनों में कराई जाएगी। जबकि चारों धामों की यात्रा के लिए 10 दिन का समय निर्धारित किया गया है। चार धामों की यात्रा के लिए 23830 रुपए का पैकेज तय किया गया है।

जीएमवीएन ने जो पैकेज टूर प्रोग्राम तैयार किया है उसके मुताबिक वयस्क, बच्चों व बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए पैकेज की अलग-अलग दरें तय की गई हैं। बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए वयस्क तीर्थयात्रियोें को 16200 रुपये का भुगतान करना होगा।

बच्चों के लिए 15710 रुपये और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को 15470 रुपये देने होंगे। चार धाम यात्रा के दौरान जीएमवीएन की ओर से यात्रियों को बगैर वातानुकूलित 27 सीट वाली बसें व वातानुकूलित इनोवा उपलब्ध कराई जाएंगी।

वातानुकूलित इनोवा से चारों धामों के लिए तीर्थयात्रियों को कुल 40430 रुपये का भुगतान करना होगा। जबकि बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए 26640 रुपये देने होंगे। चार धाम यात्रा के दौरान जीएमवीएन की ओर से तीर्थयात्रियों को औली और फूलों की घाटी का भी भ्रमण कराया जाएगा।


यहां देखिए पूरा शेड्यूल और टूर पैकेज:

टूर का नामयातायात के साधनअवधिकिराया प्रति सीटप्र्रस्थान का स्थान
ऋषिकेश-केदारनाथ- ब्रदीनाथ- ऋषिकेशनान एसी- 27 सीटरछह दिन16200ऋषिलोक, मुनि की रेती
हरिद्वार- केदारनाथ- बद्रीनाथ- हरिद्वारनान एसी 27 सीटरछह दिन16960राही होटल हरिद्वार
हरिद्वार- यमुनोत्री- गंगोत्री - केदारनाथ बद्रीनाथनान एसी- 27 सीटर10 दिन25030राही होटल हरिद्वार
ऋषिकेश-यमुनोत्री- गंगोत्री- केदारनाथ बद्रीनाथ- ऋषिकेशनान एसी- 27 सीटर10 दिन23830भारत भूमि ऋषिकेश
ऋषिकेश-यमुनोत्री- गंगोत्री- केदारनाथ-बद्रीनाथ- ऋषिकेशनान एसी- 12 सीटर10 दिन23990भारत भूमि ऋषिकेश
ऋृषिकेश -बद्रीनाथ- ऋषिकेशनान एसी 27 सीटर10 दिन11590भारत भूमि ऋषिकेश
ऋषिकेश- यमुनोत्री -गंगोत्री - ऋषिकेशएसी इनोवा05 दिन22170गंगा रिसार्ट मुनि की रेती
ऋषिकेश - केदारनाथ- बद्रीनाथ- ऋषिकेशएसी इनोवाछह दिन26640गंगा रिसार्ट मुनि की रेती
हरिद्वार- केदारनाथ- बद्रीनाथ- हरिद्वारएसी इनोवाछह दिन25880राही होटल हरिद्वार
ऋषिकेश-यमुनोत्री- गंगोत्री- कदारनाथ-बद्रीनाथ- ऋषिकेशएसी इनोवा10 दिन40430गंगा रिजार्ट मुनि की रेती
हरिद्वार- यमुनोत्री- गंगोत्री - केदारनाथ बद्रीनाथ- हरिद्वारएसी इनोवा10 दिन40930राही होटल हरिद्वार
ऋषिकेश - वैली आफ फ्लावर्स- हेमकुंड-बद्रीनाथ- ऋषिकेशएसी इनोवा07 दिन1753ऋषिलोक, मुनि की रेती
चार धाम यात्रा के मद्देनजर पैकेज टूर प्रोग्राम जारी कर दिया गया है। यात्रियों को नान एसी बसों के साथ ही एसी इनोवा गाड़ियां मुहैया कराई जाएंगी। टूर पैकेज की बुकिंग ऑनलाइन करने के साथ ही देश के कई राज्यों में खोले गए केंद्रों से भी की जा सकती है। जीएमवीएन का प्रयास है कि चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधाएं मुहैया कराई जाए।

- बीएल राणा, महाप्रबंधक, जीएमवीएन



चारधाम यात्रा 2019: अपनी जेब के अनुसार चुनें सस्ते टूर पैकेज और कर आएं चारों धामों के दर्शन
 

adsatinder

explorer
Valley of Flowers will open from 1 June 2019


Trap Camera Installed In Valley Of Flower For Captured Rare Species Of Animals
एक जून से खुलेगी फूलों की घाटी, निगरानी के लिए वन विभाग ने लगाए छह ट्रैप कैमरे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Updated Thu, 30 May 2019 08:26 AM IST


फूलों की घाटी


फूलों की घाटी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो



विश्व धरोहर फूलों की घाटी एक जून से पर्यटकों के लिए खुल जाएगी। वन विभाग ने इस बार ट्रैप कैमरों से वन्य जीव तस्करों पर नजर रखने की योजना बनाई है। इसके लिए विभाग ने फूलों की घाटी में छह ट्रैप लगाए हैं। इसके अलावा इन कैमरों से दुर्लभ प्रजाति के जीवों पर भी नजर रहेगी।

फूलों की घाटी में वन्य जीव तस्करी को लेकर विभाग सतर्क हो गया है। फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती ने बताया कि इन दिनों घाटी में दो फीट बर्फ जमी है। इस दौरान घाटी में दुर्लभ प्रजाति के जीव दिखाई देते हैं, जिससे वन्य जीव तस्करों का खतरा बढ़ जाता है। इन तस्करों पर नजर रखने के लिए नियमित गश्त के साथ घाटी में 6 ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। इन कैमरों की बराबर मॉनीटरिंग की जाएगी।

वहीं इस बार फूलों की घाटी जाने के लिए पर्यटकों की संख्या निर्धारित की जाएगी। वन विभाग की अनुमति के बाद ही पर्यटक घाटी की यात्रा कर सकेंगे। इकोलॉजी सेंसिटिव जोन होने के कारण एक समय में कितने पर्यटक जाएंगे, इनकी संख्या भी वन विभाग ही तय करेगा। पर्यटन विभाग की ओर से फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं।




एक जून से खुलेगी फूलों की घाटी, निगरानी के लिए वन विभाग ने लगाए छह ट्रैप कैमरे
 

Seancc

New Member
Hi all,

I'm currently travelling through India via motorcycle and will find myself in the Nanital region until the start of July. From there we will head to Manali.

Does anyone have recommendations on roads to avoid or look for on the route from Nanital to Manali for around early July when heat and rain could be worth considering? Google maps offers a few routes, but keen to hear some advice from some locals to get there as quickly, safely and comfortably as possible!

Cheers,
Sean
 
Top