Road conditions - Uttarakhand

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Kanwad Yatra 2019 Make New Record Three Crore Kanwadia Reached Haridwar

हरिद्वार: कांवड़ यात्रा का बना नया रिकॉर्ड, 13 दिन में तीन करोड़ से ज्यादा शिवभक्तों ने भरा जल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार, Updated Mon, 29 Jul 2019 07:15 PM IST


kanwad yatra 2019 Make new record three crore kanwadia reached haridwar

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- फोटो : अमर उजाला

17 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बना कर संपन्न हो गई। हालांकि अभी हरिद्वार शहर में कई लाख कांवड़िए जमे हुए हैं जो जल भरकर लगातार अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे हैं। मंगलवार को शिवरात्रि के दिन शिवालयों में जलाभिषेक किया जाएगा।




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- फोटो : अमर उजाला

दो दिन से धर्मनगरी में बढ़ती भीड़ के चलते पूरा शहर जाम की चपेट में आ गया है। करीब 48 घंटे से हाईवे से लेकर शहर के अंदर तक सड़कें कांवड़ियों से पैक हैं। कई जगह पुलिस को लाठीचार्ज कर स्थिति को संभालना पड़ा।




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- फोटो : अमर उजाला

17 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा रविवार को अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गई है। प्रशासन के अनुसार अंतिम दिन करीब 40 से 45 लाख शिव भक्त जल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। प्रशासन का दावा है कि अभी तक करीब साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु जल भरकर रवाना हो चुके हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

सोमवार को मुख्य रूप से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, नैनीताल, उधमसिंह नगर और हरिद्वार लोकल के श्रद्धालुओं ने कांवड़ उठाई। डाक कांवड़ के चलते दिनभर हरिद्वार की सड़कें पूरी तरह कांवड़ियों से पैक रही।





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- फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक डीजीपी अनिल रतूड़ी, डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार देहरादून से ही जिलाधिकारी से मेले की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते रहे। आईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी, एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी, एसपी क्राइम मंजूनाथ टीसी, नोडल अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय पूरी स्थिति को नियंत्रित करने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।



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- फोटो : अमर उजाला

सोमवार को कई बार चंडी घाट चौक, हरकी पौड़ी के पास और शंकराचार्य चौक व प्रेम नगर पुल के पास कांवड़ियों की पुलिस से तीखी झड़पें होती रही। हालांकि कहीं कोई गंभीर घटना सामने नहीं आई। अलबत्ता पुलिस ने कई जगह लाठियां फटकार कर कांवड़ियों को दौड़ाने का प्रयास किया।





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- फोटो : अमर उजाला

कांवड़ मेला लगभग संपन्न हो जाने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अगर पुलिस प्रशासन के आंकड़ों पर नजर डाले तो अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ शिवभक्त जल भरकर गंतव्य की ओर रवाना हुए हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने सकुशल संपन्न होने पर सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों का आभार जताया।
इस यात्रा के संपन्न होते ही हरिद्वार में कई दिन से उमड़ रहे शिव भक्तों के सैलाब से स्थानीय लोगों को साथ ही राहत मिल गई है।



हरिद्वार: कांवड़ यात्रा का बना नया रिकॉर्ड, 13 दिन में तीन करोड़ से ज्यादा शिवभक्तों ने भरा जल
 

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High Rainfall Warning In Uttarakhand For 48 Hours In Five Districts

उत्तराखंड: उमस से मिलेगी राहत, मंगलवार से 48 घंटे पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 29 Jul 2019 09:40 PM IST


High Rainfall Warning in uttarakhand for 48 Hours in five Districts

- फोटो : फाइल फोटो


प्रदेश के पांच जिलों में मंगलवार रात से अगले 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इनमें देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और चमोली शामिल हैं। इसे लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आज भी प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाये रहने और हल्की बारिश होने का अनुमान है। जबकि, पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। राजधानी के कई इलाकों में गरज और चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

दून में बढ़ी गर्मी
बादल छाये रहने और बारिश के बावजूद सोमवार को राजधानी दून में गर्मी और उमस के स्तर में बढ़ोत्तरी हुई। दिन में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोत्तरी हुई और यह 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।


गंगोत्री हाईवे दो बार हुआ अवरुद्ध
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे के अवरुद्ध होने का सिलसिला जारी है। रविवार रात से सोमवार शाम तक राजमार्ग दो बार बाधित हुआ। रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से बड़ेथी चुंगी में भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री हाईवे पर सोमवार सुबह करीब आठ बजे तक यातायात ठप रहा।

इस दौरान प्रशासन ने मनेरा बाईपास होते हुए वाहनों की आवाजाही सुचारु रखी। सुबह आठ बजे बड़ेथी चुंगी वाले हिस्से में मलबे के ढेर के ऊपर से यातायात चालू तो करा दिया गया, लेकिन यहां पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए वाहनों की अधिकांश आवाजाही मनेरा होते हुए ही हुई।

इसके बाद सोमवार शाम करीब सवा पांच बजे गंगनानी से आगे नाग देवता मंदिर के निकट भारी बोल्डर गिरने के कारण गंगोत्री हाईवे फिर अवरुद्ध हो गया। इस दौरान यहां से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री गुजर रहे थे। हालांकि किसी को चोट नहीं पहुंची और बड़ा हादसा टल गया।

सूचना मिलते ही बीआरओ के जवान मौके पर पहुंचे और उन्होंने मलबा साफ कर करीब आधा घंटे में गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया। उधर, यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है।


उत्तराखंड: उमस से मिलेगी राहत, मंगलवार से 48 घंटे पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
 

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Petrol Problem On Badrinath Highway Kanwariya Done Traffic Jam
पेट्रोल न मिलने पर कांवड़ियों ने बदरीनाथ हाईवे पर लगाया जाम, स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Mon, 29 Jul 2019 07:42 PM IST

बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगाते कांवड़िये

बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगाते कांवड़िये - फोटो : अमर उजाला


बदरीनाथ हाईवे पर क्षेत्रपाल में स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल न मिलने के कारण कांवड़ियों ने हाईवे पर करीब एक घंटे जाम लगा दिया। कांवड़ियों के आक्रोश ओर जाम की सूचना पर एसडीएम और डीएसओ मौके पर पहुंचे। डीएसओ की ओर से क्षेत्रपाल से 12 किमी दूर सोनला पेट्रोल पंप पर पेट्रोल उपलब्ध कराने के आश्वासन पर कांवड़ियों ने जाम खोला।

इस दौरान कांवड़ियों की स्थानीय लोगों से तू-तू-मैं-मैं भी हुई ओर यहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया। गोपेश्वर पेट्रोल पंप पर तीन दिनों से पेट्रोल नहीं मिल रहा है, जबकि क्षेत्रपाल पेट्रोल पंप की एक मशीन खराब होने के कारण पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है।

सोमवार को अपराह्न तीन बजे क्षेत्रपाल पेट्रोल पंप पर दुपहिया वाहनों में चल रहे कांवड़ियों की पेट्रोल के लिए भीड़ लग गई। यहां पेट्रोल नहीं मिला तो वे बदरीनाथ हाईवे पर बैठ गए और दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी।

इससे हाईवे पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। जाम की सूचना पर डीएम स्वाति एस भदौरिया ने एसडीएम बुसरा अंसारी और जिला पूर्ति अधिकारी किशोरी लाल शाह को मौके पर भेजा। उन्होंने कांवड़ियों को 12 किमी की दूरी पर सोनला और पीपलकोटी के पेट्रोल पंपों पर तेल उपलब्ध होने की बात कही, जिसके बाद शाम पांच बजे कांवड़ियों ने जाम खोला और अन्य वाहनों से पेट्रोल पंपों पर तेल लेने गए।

डीएम स्वाति एस भदौरिया ने गोपेश्वर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल समाप्त होने पर आपातकालीन स्टॉक को वितरित करने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी किशोरी लाल शाह ने बताया कि क्षेत्रपाल के पेट्रोल पंप पर लगभग 50 केएल तेल तो है, लेकिन मशीन खराब होने के कारण तेल वितरित नहीं कर पा रहे हैं।

हाईवे पर जाम लगने के कारण कांवड़ियों और स्थानीय लोगों में तू-तू-मैं-मैं भी हुई, जिसे देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया। देर शाम तक भी क्षेत्रपाल में पेट्रोल लेने के लिए कांवड़ियों की भीड़ लगी रही।

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पेट्रोल न मिलने पर कांवड़ियों ने बदरीनाथ हाईवे पर लगाया जाम, स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प
 

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Road Widening is not proper ?

UttarakhandChampawat › Building
रोड कटिंग से खतरे की जद में आया मकान
Updated Sun, 28 Jul 2019 10:27 PM IST



तल्लादेश क्षेत्र के मंच में निर्माणाधीन सड़क के मलबे से क्षतिग्रस्त अस्पताल के पास का हिस्सा।

तल्लादेश क्षेत्र के मंच में निर्माणाधीन सड़क के मलबे से क्षतिग्रस्त अस्पताल के पास का हिस्सा। - फोटो : CHAMPAWAT


टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग की कटिंग और बारिश के चलते अमोड़ी के पास एक मकान खतरे की जद में है। अमोड़ी निवासी जगदीश शर्मा और देवी प्रसाद शर्मा का कहना है कि सड़क मार्ग के पास बने आवासीय भवन के लिए उन्होंने सुरक्षा दीवार बनाई थी। कार्यदायी संस्था ने सड़क चौड़ीकरण के समय सुरक्षा दीवार गिरा दी।

इसके बाद कई बार कार्यदायी संस्था और एनएच से सुरक्षा दीवार बनाने की गुहार लगाई गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि बीती 19 जुलाई को डीएम को ज्ञापन भेज खतरे की आशंका भी जताई जा चुकी है। अभी तक कार्यदायी संस्था ने कोई कदम नहीं उठाया है। तल्लादेश क्षेत्र के मंच-रेसंग की निर्माणाधीन रोड की कटिंग में सुरक्षा दीवार के प्रभावित होने से अस्पताल के पास की भूमि में कटाव हो गया है।
बंद आंतरिक सड़कें:
स्याला-पोथ और खटोली-मल्ली।
चंपावत जिले की बारिश का आंकड़ा:
चंपावत:8 एमएम
लोहाघाट:0 एमएम
पाटी:9 एमएम
बनबसा:1 एमएम

निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग की कटिंग से अमोड़ी की क्षतिग्रस्त इमारत।


निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग की कटिंग से अमोड़ी की क्षतिग्रस्त इमारत।- फोटो : CHAMPAWAT



रोड कटिंग से खतरे की जद में आया मकान
 

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Rural Disrupted Due To Road Closure
Gwaldam - Khampadhar Chidinga Malla Road

सड़क बंद होने से ग्रामीण परेशान
Updated Mon, 29 Jul 2019 06:24 PM IST

ग्वालदम-खंपाधार चिड़िंगा मल्ला मार्ग छह दिनों बाद भी यातायात के लिए नहीं खुल पाया है। इससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना पड़ रहा है। बारिश के कारण मार्ग दलदल बन गया है जिससे बच्चों को स्कूल इसी रास्ते से होकर जाना पड़ता है। उन्होंने लोनिवि से सड़क खोलने की मांग की।

24 जुलाई को हुई बारिश से प्रावि चिड़िंगा मल्ला के नीचे और चायखाना मोड़ पर भारी मात्रा में मलबा आने से ग्वालदम-खंपाधार चिड़िंगा मल्ला मार्ग बाधित हो गया था। इस कारण देवाल से ग्वालदम होते हुए कुमाऊं जाने वाले वाहनों को 20 किमी. अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। चिड़ंगा से ग्वालदम का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। ग्रामीणों ने बताया कि चिड़ंगा गांव का बाजार ग्वालदम है। यहां से बच्चे राइंका ग्वालदम में पढ़ने जाते हैं, जिससे उन्हें पांच किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है और दलदल से होकर गुजरना पड़ रहा है। चिड़ंगा मल्ला, चिड़ंगा स्टेट, अखोड़सारी, चिड़िंगा खालसा, मगरकुड़ा, चायखाना के ग्रामीणों को भी सड़क बंद होने से परेशानी हो रही है। ग्रामीण पुष्कर सिंह, ललित प्रसाद, नवीन चंद्र, मनोज जोशी, हरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि विभाग को सूचना देने के बाद भी सड़क नहीं खुल पाई है। वहीं लोनिवि के जेई संतोष पंत ने कहा कि सड़क पर स्कबर बंद हैं और स्क्रबर खोलने का टेंडर हो चुका है। जल्द सड़क को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।


सड़क बंद होने से ग्रामीण परेशान
 

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[Image: Restoration work being carried out on the all-weather road in Matiyali. Photo/ANI]

Restoration work being carried out on the all-weather road in Matiyali. Photo/ANI
3 vehicles crushed under landslide in U'khand


ANI | Updated: Jul 31, 2019 20:38 IST

Uttarkashi (Uttarakhand) [India], July 31 (ANI): Three vehicles were crushed under a landslide here on Wednesday.
The incident took place in Matiyali area of the city, wherein an SUV car, a dumper and a motorcycle were crushed.
No casualties were reported.
Movement of traffic has been completely stalled on the road and restoration work is being carried with the help of three earth-moving machines.
(ANI)

3 vehicles crushed under landslide in U'khand
 

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Bridge to replace Rishikesh's Lakshman Jhula before 2021 Kumbh Mela

The 90-year-old bridge was shut on July 12 for safety reasons after experts found that the loading capacity of its components had come down drastically over the years making it unfit for use

Press Trust of India | Dehradun Last Updated at August 3, 2019 13:59 IST


Lakshman Jhula, Rishikesh


File photo of Lakshman Jhula


A suspension bridge will be built on the Ganga in Rishikesh before the 'Kumbh Mela' of 2021 as an alternative to the iconic Lakshman Jhula, which was closed last month because of its dilapidated condition, an official said Saturday.
A suspension bridge with a span of 150 metres meant for pedestrians will be built close to the iconic Lakshman Jhula as its substitute, Additional Chief Secretary Om Prakash said.

A site for the bridge on the upper stream side of Lakshman Jhula has been identified by the PWD and an amount of more than Rs 3 crore has been sanctioned for initial work related to the project, he said.
"We have set ourself the target of completing the construction of the bridge before the 2021 Kumbh Mela," the official said, adding that the iconic bridge will be preserved as a British-era legacy.
The 90-year-old bridge was shut on July 12 for safety reasons after experts found that the loading capacity of its components had come down drastically over the years making it unfit for use.
Locals and traders protested its closure before the start of the 'Kanwar Mela'.
However, Chief Minister Trivendra Singh Rawat had assured representatives from the area that an alternative bridge will soon be built on the Ganga.




Bridge to replace Rishikesh's Lakshman Jhula before 2021 Kumbh Mela
 

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High Rainfall Alert In Uttarakhand For Two Days All Schools Will Close

उत्तराखंड के सात जिलों में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में बंद रहेंगे स्कूल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 04 Aug 2019 09:59 PM IST


High Rainfall Alert in uttarakhand for two days All schools will close


- फोटो : फाइल फोटो


मौसम विभाग ने अगले दो दिन प्रदेश के सात जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सभी जिलों में एहतियात बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग ने चार और पांच अगस्त को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, नैनीताल, पौड़ी और देहरादून में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इसके तहत सोमवार सुबह से ही प्रदेशभर के इन जिलों में बादल छाए रहेंगे। अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सोमवार को उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।

जगह-जगह भूस्खलन, कई हादसे
पहाड़ के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी बारिश में भूस्खलन की घटनाएं जारी हैं। जिनसे हादसों के साथ ही कई मार्ग भी बंद हो रहे हैं। देवप्रयाग क्षेत्र में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर रविवार दोपहर साकनीधार के पास भूस्खलन होने से दो वाहनों में सवार 11 लोग बाल-बाल बचे। भूस्खलन के खतरे को भांप वाहनों में सवार लोग पहले ही भाग निकले।

वहीं, बोल्डर गिरने से दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सड़क पर मलबा आने से यहां दो घंटे यातायात अवरुद्ध भी रहा। वहीं, उत्तरकाशी जिले में रविवार को यमुनोत्री हाईवे सहित पांच संपर्क मार्ग घंटों अवरुद्ध रहे। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे पर रविवार को कंचनगंगा का जलस्तर बढ़ने से करीब चार घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही।

हल्द्वानी में शिक्षा विभाग ने अलर्ट जारी किया
हल्द्वानी में मुख्य शिक्षा अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता ने खंड शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि ओलावृष्टि, अति वृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी के तहत संवेदनशील स्थानों में भूस्खलन, मार्ग बाधित हो सकता है।

इसलिए कार्य क्षेत्र में तैनात रहें और मोबाइल खुले रखें ताकि संबंधित शैक्षिक संस्थानों के आसपास आपातकालीन सेवाएं सुलभ कराई जा सकें। इधर, रविवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 34.9 और न्यूनतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो-दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 22.0 और न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से एक और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

https://www.amarujala.com/dehradun/high-rainfall-alert-in-uttarakhand-for-two-days-all-schools-will-close
 
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