Road conditions - Uttarakhand

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टिहरी बांध झील में जमा कचरा और इससे उठती दुर्गंध बनी परेशानी का कारण
Updated Fri, 13 Sep 2019 10:21 PM IST


चिन्यालीसौड़ में टिहरी बांध की झील में कुछ इस तरह जमा कचरा।

चिन्यालीसौड़ में टिहरी बांध की झील में कुछ इस तरह जमा कचरा। - फोटो : UTTER KASHI


टिहरी बांध झील में जमा कचरे में पशुओं के सड़े गले शवों से उठती दुर्गंध और दूषित होता पानी विकराल समस्या बनती जा रही है। झील के जमा पानी में गंदगी के कारण चिन्यालीसौड़ नगर क्षेत्र में डेंगू का खतरा भी मंडराने लगा है। बीमारियों से आशंकित क्षेत्र के लोगों ने टीएचडीसी प्रशासन से झील में जमा कचरा साफ कराने और नगर क्षेत्र में कीटनाशकों के छिड़काव की मांग की है।

टिहरी बांध झील चिन्यालीसौड़ नगर से आगे गैलाड़ी, छोटी नागणी, हिटारा और धरासू पावर हाउस तक विस्तार ले चुकी है। नगर के आसपास वाले हिस्से में झील में कचरा है। इसकी दुर्गंध नगर क्षेत्र में परेशानी का कारण है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चिन्यालीसौड़ में तैनात डॉ. विनोद कुकरेती ने स्वीकारा कि आजकल अस्पताल में वायरल बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। झील में जमा पानी और इसमें पसरी गंदगी से वायरल, मलेरिया, डेंगू, श्वांस आदि रोगों का खतरा है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और अमित सकलानी ने टीएचडीसी और जिला पंचायत को इस समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र झील में जमा कचरा साफ कराने और कीटनाशकों का छिड़काव कराने की मांग की है।


टिहरी बांध झील में जमा कचरा और इससे उठती दुर्गंध बनी परेशानी का कारण
 

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› Uttarakhand Weather Update Monsoon Will Be Active Again From 15 September
उत्तराखंड मौसम अपडेटः 15 से फिर सक्रिय होगा मानसून, झमाझम बरसेंगे बदरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 11 Sep 2019 01:01 PM IST

uttarakhand weather update Monsoon will be active again from 15 september

- फोटो : पीटीआई


मानसून की गति कुछ दिनों के लिए धीमी हुई है। मानसून 15 सितंबर से फिर सक्रिय होगा और 16 सितंबर से 19 सितंबर तक उत्तराखंड में झमाझम बारिश होने की संभावना है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तीव्र बौछार पड़ने की संभावना है।

आज भी कई जगह बारिश के आसार
प्रदेश के कई इलाकों में आज भी बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाये रहने का अनुमान है। कई इलाकों में एक से दो दौर की तेज बारिश भी हो सकती है।
भूस्खलन और भू-कटाव से दहशत में धुर्मा गांव के ग्रामीण
चमोली जिले के घाट आपदा में प्रभावित धुर्मा गांव में आठ सितंबर को बादल फटने के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। बरसाती गदेरे के कटाव से गांव के लगभग दस मकानों को खतरा बना हुआ है। अतिवृष्टि से गांव के पैदल रास्ते और पेयजल लाइन भी तहस-नहस हो गई है। साथ ही घाट-धुर्मा-सेरा मोटर मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है।

धुर्मा गांव में 50 से अधिक परिवार निवास करते हैं। आठ सितंबर को गांव के बीचोंबीच बह रहे बरसाती गदेरे के शीर्ष भाग में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। गदेरे के कटाव से जयवीर सिंह और विक्रम सिंह रावत के मकान भी बह गए हैं। जबकि महावीर सिंह, जय सिंह बिष्ट और वीरेंद्र सिंह के आवासीय मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों की कई हेक्टेयर भूमि भी बह गई है। राजकीय इंटर कॉलेज मोख धुर्मा की सुरक्षा दीवार भी बह गई है, जिससे विद्यालय भवनों को खतरा उत्पन्न हो गया है।

अभी भी क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से ग्रामीण दहशत में हैं। गांव के लगभग दस मकानों को गदेरे के कटाव से खतरा बना हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि प्रभावित परिवारों को रसद और अन्य जरूरी सामग्री दी गई है। ग्रामीणों को भारी बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों में शरण लेने के लिए कहा गया है। मौसम सामान्य होने पर गांव की सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे।



उत्तराखंड मौसम अपडेटः 15 से फिर सक्रिय होगा मानसून, झमाझम बरसेंगे बदरा
 

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Air Service Between Pithoragarh-Dehradun Starts From Today Uttarakhand

पिथौरागढ़-देहरादून के बीच हवाई सेवा आज से शुरू, दिन में दो बार फ्लाइट भरेगी उड़ान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 13 Sep 2019 03:55 PM IST







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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com

सात माह के इंतजार के बाद नैनीसैनी हवाई पट्टी से देहरादून के लिए हवाई सेवा फिर शुरू हो गई है। शुक्रवार को हेरिटेज कंपनी का नौ सीटर विमान देहरादून से नौ यात्रियों को लेकर पिथौरागढ़ पहुंचा। वहीं, पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए पहली फ्लाइट से आठ यात्री गए।

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सुबह के समय कम दृश्यता होने से विमान निर्धारित समय से चार घंटे देरी से पिथौरागढ़ पहुंचा। शुक्रवार को 17 यात्री देहरादून गए, जबकि 9 यात्री पिथौरागढ़ आए। कुल 26 यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया। केएमवीएन अध्यक्ष केदार जोशी ने कहा कि शीघ्र ही आठ अक्तूबर से पंतनगर और दिल्ली के लिए भी नैनीसैनी से सीधी हवाई सेवा शुरू हो जाएगी।

बृहस्पतिवार को हुई थी ट्रायल लैंडिंग
फरवरी से बंद पड़ी नैनीसैनी हवाई पट्टी से दोबारा विमान सेवा शुरू करने को लेकर कंपनी और प्रशासन के बीच लगातार बातचीत चल रही थी। पहले आठ सितंबर से हवाई सेवा शुरू होनी थी लेकिन तैयारियों में कुछ कमियों के चलते 13 सितंबर से हवाई सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए बृहस्पतिवार को विमान ने ट्रायल लैंडिंग की थी।

चार घंटे देरी से नैनीसैनी पहुंची फर्स्ट फ्लाइट
पिथौरागढ़। शुक्रवार को विमान को देहरादून से सुबह 7.55 बजे पर टेकऑफ कर 8.50 बजे नैनीसैनी पहुंचना था, लेकिन बादल छाए रहने और कम दृश्यता के कारण फ्लाइट चार घंटे देरी से 12.20 बजे पिथौरागढ़ पहुंची। 15 से 19 घंटे का सफर 50 मिनट में तय कर पिथौरागढ़ पहुंचे यात्रियों के चेहरों पर काफी खुशी देखी गई।

यहां से विमान आठ यात्रियों को लेकर 12.42 बजे देहरादून रवाना हुआ। देहरादून से दूसरी फ्लाइट दोपहर बाद 2.34 बजे नैनीसैनी पहुंची। यहां से फिर नौ यात्रियों को लेकर विमान 3.05 मिनट पर देहरादून के लिए उड़ा। इस अवसर पर एसडीएम तुषार सैनी और हेरिटेज एविएशन के नैनीसैनी स्टेशन इंचार्ज मिलाप सिंह धामी उपस्थित थे।



 

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People of Badrinath are protesting against not treating Labagad Area Road with permanent stability measures.
This area is prone to Landslides and affecting daily business in a big way.
Pilgrimage is suffering badly in Rainy Season and no one is caring about it.
New All Weather Project is made through Helang-Marwari bypass is also big concern for common people of Joshimath who will be affected badly due to this.
Hotels, shops, Petrol Pumps etc rely on Business from Hemkunt Sahib & Badrinath Pilgrims in a big way.

बदरीनाथ के हक-हकूकधारियों और व्यवसायियों ने किया सरकार के विरोध में प्रदर्शन

[https://spiderimg]देहरादून ब्यूरो Updated Sat, 14 Sep 2019 07:09 PM




बदरीनाथ हाईवे पर नासूर बने लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का स्थायी ट्रीटमेंट न होने से हक-हकूकधारियों और व्यापारियों का गुस्सा फूटा। आक्रोशित लोगों ने बदरीनाथ धाम में नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ जुलूस प्रदर्शन करते हुए एक सप्ताह के भीतर लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में आवाजाही सामान्य करने की मांग की। कहा कि अगर जल्द मामले का गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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शनिवार को बदरीनाथ संघर्ष समिति के आह्वान पर हक-हकूकधारी और व्यापारियों ने बदरीनाथ धाम में नारेबाजी कर जुलूस प्रदर्शन किया। कहा गया कि लंबे समय से लामबगड़ बदरीनाथ धाम की सुचारु तीर्थयात्रा में व्यवधान पैदा कर रहा है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बारिश थमने के बावजूद लामबगड़ में भूस्खलन से हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद नवानी ने कहा कि लामबगड़ में बार-बार बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध होने से तीर्थयात्रियों का यात्रा कार्यक्रम बिगड़ रहा है। कई तीर्थयात्री बदरीनाथ यात्रा का कार्यक्रम ही स्थगित कर रहे हैं। बदरीनाथ संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि सितंबर माह में ही बदरीनाथ धाम में कई भागवत कथाएं आयोजित होनी प्रस्तावित थी, लेकिन लामबगड़ में भूस्खलन की वजह से तीर्थयात्री कथाओं का आयोजन भी स्थगित कर रहे हैं। कि यदि लामबगड़ का शीघ्र स्थाई ट्रीटमेंट और सामान्य आवाजाही नहीं हुई तो आंदोलन तेज कर लिया जाएगा। इस मौके पर माणा गांव के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, वीरेंद्र शर्मा, रविंद्र चौहान, महादीप भंडारी, संदीप भट्ट, विपुल डिमरी, अंशुमान भंडारी, भाष्कर मोतीवाल, जगदीश मेहता सहित कई लोगों मौजूद थे।
हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के विरोध में जुलूस-प्रदर्शन
जोशीमठवासियों ने कहा-बाईपास बना तो नहीं रहेगा जोशीमठ का अस्तित्व
अमर उजाला ब्यूरो
जोशीमठ। हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के विरोध में शनिवार को जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने नगर में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। वहीं, तेरहवें दिन भी स्थानीय लोगों का तहसील परिसर में धरना जारी रहा। जोशीमठ कांग्रेस कमेटी ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
सोमवार को ग्यारह बजे जोशीमठ संघर्ष समिति के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार के विरोध में नगर में जुलूस प्रदर्शन किया। जुलूस तहसील परिसर में जाकर एक सभा में तब्दील हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ऑलवेदर रोड परियोजना से जोशीमठ नगर को अलग किया जा रहा है। जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। परियोजना के तहत हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग निर्माण प्रस्तावित है। यदि यह मार्ग बन गया तो जोशीमठ नगर का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। कहा कि जोशीमठ चीन सीमा क्षेत्र में स्थित होने के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी यह नगर महत्वपूर्ण है। परियोजना से जोशीमठ नगर को भी लाभान्वित करने के लिए आंदोलन जारी रखा जाएगा। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, ठाकुर सिंह राणा, देवेश्वरी शाह, लक्ष्मी लाल शाह, विक्रम, रोहित, मीना, धनेश्वरी राणा, गीता परमार, एमएस सिद्दकी, ममता आदि मौजूद थे।

 
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चक्काजाम का रहा व्यापक असर, परेशान रहे लोग

Transport Strike affected Normal Life in Uttarakhand.
Next Transport Strike will be on 19 September 2019


Publish Date:Wed, 11 Sep 2019 07:53 PM (IST)


चक्काजाम का रहा व्यापक असर, परेशान रहे लोग


नए मोटर यान अधिनियम के विरोध में उत्तराखंड परिवहन महासंघ के आह्वान पर प्रदेशव्यापी चक्काजाम का असर ऋषिकेश व आसपास क्षेत्र में देखने को मिला। नगर क्षेत्र में जहां तिपहिया वाहनों का

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :
नए मोटर यान अधिनियम के विरोध में उत्तराखंड परिवहन महासंघ के आह्वान पर प्रदेशव्यापी चक्काजाम का असर ऋषिकेश व आसपास क्षेत्र में देखने को मिला। नगर क्षेत्र में जहां तिपहिया वाहनों का संचालन न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में बसों का संचालन ठप होने से ऋषिकेश से पर्वतीय जनपदों को जाने वाले लोग दिक्कतों से दो चार हुए।

उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने बुधवार को प्रदेशव्यापी चक्काजाम का एलान किया था। महासंघ के आह्वान पर नए मोटर यान अधिनियम के विरोध में सभी निजी परिवहन संस्थाएं, ट्रक यूनियन, टैक्स, मैक्सी, कैव यूनियन, तिपहिया यूनियन सहित सभी निजी व्यवसायिक संचालकों ने महासंघ के साथ चक्काजाम पर जाने का निर्णय लिया था। बुधवार को आवश्यक सेवाओं व स्कूल बसों को छोड़कर सभी व्यवसायिक वाहन हड़ताल पर रहे। ऋषिकेश नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का सबसे बड़ा साधन तिपहिया वाहन हैं। बुधवार का तिपहिया वाहनों के सड़क पर न उतरने से लोग परेशान रहे। सबसे अधिक परेशानी बाहरी प्रदेशों से यहां पहुंचे लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में उठानी पड़ी। चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक व अन्य प्रदेशों के लोग पहुंचे मगर, यहां से आगे उन्हें गंतव्यों तक जाने के लिए वाहन नहीं मिल पाए। सबसे अधिक परेशानी पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को उठानी पड़ी। गौरतलब है कि पर्वतीय क्षेत्रों में प्रतिदिन चार सौ से अधिक निजी परिवहन संस्थाओं की बसों का संचालन होता है और पर्वतीय क्षेत्रों में परिवहन का पूरा दारोमदार ही इन निजी परिवहन कंपनियों के ऊपर है। इसके अलावा ऋषिकेश व हरिद्वार से करीब पौने दो सौ जीप व ट्रैकर भी पर्वतीय मार्गों पर संचालित होते हैं। बुधवार को ऋषिकेश, हरिद्वार व देहरादून से श्रीनगर, पौड़ी, टिहरी व उत्तरकाशी मार्ग पर परिवहन निगम की रूटीन सेवाओं के अलावा एक भी बस सेवा का संचालन नहीं हुआ। जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। नगर के चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड, इंद्रमणी बडोनी चौक व चंद्रभागा पुल पर लोग वाहनों के इंतजार में परेशान रहे।


लिफ्ट मांगते दिखे लोग
पर्वतीय मार्गों पर बसों का संचालन न होने से लोग सड़कों पर परेशान नजर आए। कई लोग पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जा रहे निजी वाहन चालकों से भी लिफ्ट मांगते दिखे। हालांकि चक्काजाम के बावजूद कुछ छिटपुट व्यवसायिक वाहनों का भी संचालन होता दिखा। इनमें ढालवाला-ऋषिकेश के बीच कुछ ऑटो रिक्शा सुबह के समय संचालित हुए। हालांकि इस तरह के वाहनों को रोकने और इन्हें बंद करने के भी कोई प्रयास महासंघ की ओर से नहीं किए गए।

हाथ ठेली और रिक्शा का लिया सहारा
रोडवेज की बसों से दिल्ली व अन्य शहरों से यहां पहुंचे लोगों को जब लंबे इंतजार के बाद भी अपने गंतव्यों तक जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिले तो उन्हें हाथ ठेली व साइकिल रिक्शा तक का सहारा लेना पड़ा। चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड से मुनिकीरेती और तपोवन तक की दूरी भी लोगों ने पैदल तय की। जबकि अपने सामान व वृद्ध जनों को साइकिल ठेली से गंतव्यों की ओर भेजा।

कुछ स्कूलों ने किया अवकाश
उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने कुछ दिन पूर्व ही बुधवार को चक्काजाम की घोषणा कर दी थी। मगर, मंगलवार को महासंघ ने प्रेस वार्ता में यह बात स्पष्ट कर दी कि चक्काजाम में आवश्यक सेवाओं व स्कूल बसों को नहीं रोका जाएगा। मगर, महासंघ का यह संदेश समय पर स्कूलों को नहीं पहुंच सका। जिससे नगर व आसपास क्षेत्र के कई विद्यालयों ने बुधवार को अवकाश घोषित कर दिया था। जबकि कई विद्यालय ऐसे भी थे, जिन्होंने विभिन्न स्त्रोतों से इस बात की पुष्टि कर दी थी और बुधवार को स्कूल खुले रहे।

परिवहन महासंघ ने किया प्रदर्शन
चक्काजाम के व्यापक असर के बाद बुधवार सायं उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने इंद्रमणी बडोनी चौक पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय के नेतृत्व में परिवहन व्यवसायियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महासंघ ने नये एक्ट में निर्धारित किए गए भारी जुर्माना राशि को कम करने की मांग की। महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि यदि सरकार जल्द से जल्द जुर्माना राशि को कम नहीं करती तो परिवहन महासंघ बड़े आंदोलन को विवश होगा। महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने चक्काजाम को सफल बनाने के लिए सभी परिवहन व्यवसायियों का धन्यवाद दिया। इस अवसर पर पर्वतीय ट्रक यूनियन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, यात्रा रोटेशन के अध्यक्ष भानु प्रकाश रांगड़, जीप कमांडर एसो के अध्यक्ष भगवान सिंह राणा, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष कुंवर सिंह तड़ियाल, विश्वनाथ सेवा के अध्यक्ष चंदन सिंह पंवार, लोकल रोटेशन श्रीनगर मार्ग के अध्यक्ष भोला दत्त जोशी, नवीन रमोला, जसपाल राणा, सुरेंद्र सिंह चौधरी, देवेंद्र सिंह रावत आदि शामिल थे।

Posted By: Jagran


चक्काजाम का रहा व्यापक असर, परेशान रहे लोग
 

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Uttarakhand › Dehradun › Uttarakhand Weather Heavy Rain Alert In Six Districts

उत्तराखंडः आज भारी बारिश की चेतावनी, थल-मुनस्यारी सड़क बंद, चमोली में 13 संपर्क मार्ग अवरुद्ध

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 16 Sep 2019 10:28 AM IST







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फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई

खास बातें

छह जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

प्रदेश के छह पर्वतीय जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। आज सुबह देहरादून के कुछ क्षेत्रों और रायवाला में बारिश हुई। हरिद्वार में सुबह तेज बारिश हुई। वहीं दोपहर बाद एक बार फिर देहरादून में हल्की बारिश हुई। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजधानी में भी देर रात तक तेज बारिश हुई लेकिन दिनभर मौसम सामान्य रहा।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आज 24 घंटे तक बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है।

संबंधित सभी विभागों को आगाह कर दिया गया है। लोगों को बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और सड़क पर सफर न करने की सलाह भी दी जा रही है। हालांकि देहरादून में मौसम सामान्य रहेगा।

पहाड़ी दरकने से थल-मुनस्यारी सड़क बंद, 100 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त

पिथौरागढ़ में नाचनी से डेढ़ किमी आगे नया बस्ती में थल-मुनस्यारी मार्ग शनिवार रात पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर आ गिरा। इससे मार्ग का करीब सौ मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। लोग वाहन बदलकर गंतव्य को गए। पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे लोगों को पहाड़ चढ़कर क्षतिग्रस्त हिस्से को पार करना पड़ रहा है।

लोनिवि के अवर अभियंता विनीत सैनी अधिकारी सोमवार को सड़क खुलने की बात कह रहे हैं। भूस्खलन क्षेत्र रातीगाड़ में हल्के वाहनों के लिए सड़क खुल गई है। मौसम विज्ञान ने 16 सितंबर को कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिला प्रशासन ने चेतावनी को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है।

चमोली में अभी भी 13 संपर्क मार्ग अवरुद्ध

चमोली जिले में 13 ग्रामीण संपर्क मार्ग अभी भी जगह-जगह अवरुद्ध पड़े हैं। जिससे ग्रामीणों को मीलों दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश थमने के बावजूद सड़कों को खोलने का काम धीमी गति से चल रहा है। पोखरी-गोपेश्वर, बिरही-गौणा और हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग डेढ़ माह से अवरुद्ध होने से क्षेत्र के लगभग 150 गांव अलग-थलग पड़े हुए हैं।

उर्गम विकास संघर्ष समिति के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी और पूर्व प्रधान हरीश परमार का कहना है कि कार्यदायी संस्थाओं की ओर से सड़कों को खोलने में देरी की जा रही है। ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए पैदल आवाजाही कर रहे हैं।

ग्रामीण रसद की आपूर्ति भी अपनी पीठ पर लादकर कर रहे हैं। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि अवरुद्ध सड़कों को खोलने का काम जारी है। सभी बंद सड़कों पर जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। जल्द ही सड़कों को आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया जाएगा।



2018-19 Amar Ujala Limited

उत्तराखंडः आज भारी बारिश की चेतावनी, थल-मुनस्यारी सड़क बंद, चमोली में 13 संपर्क मार्ग अवरुद्ध
 
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Hemkund Sahib Doors Will Close On 10th October For Winters In Yatra 2019
10 अक्टूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Updated Thu, 26 Sep 2019 10:16 AM IST

हेमकुंड साहिब

हेमकुंड साहिब - फोटो : फाइल फोटो


हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इस वर्ष अभी तक दो लाख 67 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर पवित्र सरोवर में स्नान कर चुके हैं। इन दिनों हेमकुंड साहिब में मौसम सुहावना बना हुआ है।

हेमकुंड साहिब के कपाट एक जून को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। अधिक बर्फबारी होने के कारण शुरुआत के एक माह तक तीर्थयात्रियों को आस्था पथ पर दुश्वारियों का सामना करना पड़ा, लेकिन जुलाई माह से मौसम अनुकूल होने पर हेमकुंड में जमकर तीर्थयात्री उमड़े।

यात्रा के पहले दिन ही हेमकुंड के दर्शनों को दस हजार तीर्थयात्री पहुंचे। इस बार पाकिस्तान के तीर्थयात्रियों के भी तीन जत्थे हेमकुंड साहिब के दर्शनों को पहुंचे। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि दस अक्टूबर को हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।



10 अक्टूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
 

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Uttarakhand Weather Update: Badrinath Highway Open After 21 Hours After Landslide
उत्तराखंड: 21 घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे, रास्ता खुलने से 3900 तीर्थयात्रियों ने ली राहत की सांस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Updated Sun, 29 Sep 2019 11:49 AM IST

Uttarakhand Weather Update: Badrinath Highway open After 21 Hours after Landslide

- फोटो : फाइल फोटो


उत्तराखंड में अभी बारिश का दौर जारी है। बारिश के बाद भूस्खलन होने के कारण शनिवार दोपहर दो बजे से बंद पड़ा बदरीनाथ हाईवे 21 घंटे बाद खुला। हाईवे खुलने से रास्ते में जगह-जगह फंसे 3900 तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली। दोपहर 11 बजे मलबा हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है।

बता दें कि भारी बारिश के कारण शनिवार को लामबगड़ में हुए भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया था। इस कारण 3900 तीर्थयात्री जहां-तहां फंस गए थे दोपहर दो बजे बारिश के दौरान अचानक भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए।

मौके पर तैनात पुलिस के जवानों ने हाईवे के दोनों ओर से यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। इस दौरान बदरीनाथ से लौट रहे 3000 यात्रियों को धाम में ही रोक लिया गया। वहीं बदरीनाथ जा रहे 900 तीथयात्रियों को जोशीमठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में रोक दिया गया।
 

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Extreme Rainfall Warning In Uttarakhand Eight Districts Today
उत्तराखंड: आठ जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, थल-मुनस्यारी मार्ग पहाड़ी दरकने से बंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 28 Sep 2019 02:33 PM IST


Extreme Rainfall Warning in uttarakhand Eight Districts Today

- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो


उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के आठ जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

शनिवार सुबह से ही देहरादून में रिमझिम बारिश् शुरू भी हो गई है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भी बादल छाए हुए हैं। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार अभी अक्टूबर के पहले हफ्ते तक यही स्थिति बनी रहेगी। वहीं मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे भी बंद हो गया है।

थल-मुनस्यारी मार्ग बंद
थल-मुनस्यारी सड़क मार्ग पर पहाड़ी दरकने से रास्ता बंद हो गया है। शुक्रवार को कुछ घंटों तक वाहनों का आवागमन सुचारु रहा। दिन में एक बजे फिर से पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर सड़क पर आ गए। इससे वाहनों का संचालन ठप हो गया। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। नया बस्ती में लगभग एक सौ मीटर हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। वहीं शनिवार को भी रास्ता अभी बंद ही है।

यहां पर पिछले एक माह से पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। दस दिन पूर्व सड़क का एक बड़ा हिस्सा नदी में समा गया था। पहाड़ी को काटकर नई सड़क बनानी पड़ी थी। एक बार फिर पहाड़ी के दरकने से यह स्थान संवेदनशील हो गया है। लगातार पत्थर गिरने से वाहनों के साथ ही राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।


https://www.amarujala.com/dehradun/extreme-rainfall-warning-in-uttarakhand-eight-districts-today
 
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Uttarakhand Weather Update: Badrinath Highway Open After 21 Hours
After Landslide again closed
Highway is unstable because of Rains. Pilgrims are stranded at places.

उत्तराखंड: 21 घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से फिर बंद, 500 यात्री रास्ते में फंसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Updated Sun, 29 Sep 2019 07:35 PM IST


Uttarakhand Weather Update: Badrinath Highway open After 21 Hours after Landslide


- फोटो : फाइल फोटो



लामबगड़ में 21 घंटे बाद रविवार को बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, लेकिन सिर्फ तीन घंटे खुला रहने के बाद फिर चट्टान से मलबा और बोल्डर आने के कारण हाईवे बंद हो गया है।

हाईवे खुलने पर बदरीनाथ धाम और विभिन्न पड़ावों पर रोके गए करीब 4000 तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया। शनिवार को बारिश के दौरान चट्टान से मलबा और बोल्डर आने से लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे दोपहर दो बजे अवरुद्ध हो गया था। रविवार को बारिश थमने के बाद सुबह सात बजे ही जेसीबी से मलबा और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू हुआ। पूर्वाह्न ग्यारह बजे तक वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई गई।

इस दौरान जगह-जगह रोके गए करीब चार हजार तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया, लेकिन फिर बारिश शुरू होने पर दोपहर दो बजे हाईवे बंद हो गया। लामबगड़ क्षेत्र में रविवार को दिनभर रुक-रुककर भारी बारिश होती रही। हाईवे अवरुद्ध होने से बदरीनाथ धाम जाने वाले करीब 500 तीर्थयात्रियों को यात्रा पड़ावों पर रोक लिया गया है।

गोविंदघाट के थाना प्रभारी बृजमोहन राणा का कहना है कि बारिश के कारण हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है। बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में ठहराया गया है। मौसम सामान्य होने पर ही हाईवे को खोलने का काम शुरू किया जाएगा।


केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवा दूसरे दिन भी बाधित, ठंड बढ़ी
रुद्रप्रयाग में मौसम का मिजाज दूसरे दिन भी बिगड़ा रहा। क्षेत्र सहित केदारनाथ में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। केदारनाथ में चारों तरफ घना कोहरा छाया रहा, जिस कारण गुप्तकाशी और अन्य स्थानों से धाम के लिए हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। बारिश के कारण शनिवार को भी धाम में हेलीकॉप्टर सेवा बाधित रही थी। रविवार तड़के से सुबह आठ बजे तक जनपद के सभी क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई।

इसके बाद मौसम में कुछ सुधार हुआ। लेकिन अपराह्न 11 बजे से दोबारा बारिश शुरू हो गई, जो रुक-रुककर दिनभर होती रही। धाम में मौजूद वुड स्टोन के देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि केदारनाथ में बीते दो दिन से ठंड का प्रकोप बना हुआ है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि केदारनाथ यात्रा सुचारु है। मौसम को देखते हुए पैदल मार्ग और पड़ावों पर तैनात सुरक्षा जवानों को तत्पर रहने को कहा गया है।


केदारनाथ यात्रा पर आई कर्नाटक की महिला की मौत
बाबा केदार के दर्शन के लिए परिवार के साथ कर्नाटक से आई एक महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ यात्रा के लिए सुवर्णा राजेश्वर (80) निवासी देवंगई कर्नाटक अपने परिवार के साथ बीते शनिवार को रुद्रप्रयाग पहुंची थीं।

उन्हें रविवार को धाम के लिए रवाना होना था। रात्रि प्रवास के लिए वे गढ़वाल मंडल विकास निगम के विश्राम गृह में रुके हुए थे, जहां रात को उनकी तबियत खराब हो गई। स्थानीय कर्मचारियों की मदद से परिजनों ने उन्हें जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


स्वांला के पास चट्टान खिसकी, तीन घंटे बंद रहा एनएच
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर रविवार दोपहर स्वांला के पास चट्टान खिसक गई। इसके चलते करीब तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही ठप रही। जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिसमें सैकड़ों मुसाफिर फंसे रहे।

टनकपुर-पिथौरागढ़ पर ही शनिवार रात घाट में लीसा डिपो के पास मलबा आने से शव लेकर जा रही एंबुलेंस रात भर फंसी रही। एंबुलेंस बरेली से गंगोलीहाट जा रही थी। दिल्ली से पिथौरागढ़ जा रही 34 यात्रियों से भरी पिथौरागढ़ डिपो की बस भी रात भर फंसी रही। बस में बच्चे और महिलाएं भी थीं। सभी यात्रियों को रात भर भूखे रहना पड़ा।


उत्तराखंड: 21 घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से फिर बंद, 500 यात्री रास्ते में फंसे
 
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