Road conditions - Uttarakhand

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Char Dham kapat closing dates
2019 :

Shri Badrinath ji 17 November

Shri Kedarnath ji on October 29 at 8.30 am Bhaiyyuduj festival.

Sri Gangotri 28 October Annakoot festival.

Shri Yamunotri 29th October Bhaiyuduj festival.

Shri Madmaheshwar ji on 21 November at 11 am

Shri Tungnath ji on November 6 at 11.30 am

Shri Rudranath ji on 18th October

Shri Hemkund Sahib 10 October morning



चार धाम कपाट बंद होने की तिथियां 2019 :

श्री बदरीनाथ जी 17 नवंबर शायं 5 बजकर 13 मिनट
श्री केदारनाथ जी 29 अक्टूबर प्रात: 8.30 बजे भैयादूज पर्व।
श्री गंगोत्री 28 अक्टूबर अन्नकूट पर्व।
श्री यमुनोत्री 29 अक्टूबर भैयादूज पर्व।
श्री मद्महेश्वर जी 21 नवंबर प्रात:11 बजे
श्री तुंगनाथ जी 6 नवंबर प्रात: 11.30 बजे
श्री रूद्रनाथ जी 18 अक्टूबर प्रात:

श्री हेमकुंड साहिब 10 अक्टूबर प्रातः

( प्रेषक मीडिया प्रभारी बी.के.टी.सी)
 
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psrinivasan631

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Char Dham kapat closing dates
2019 :

Shri Badrinath ji 17 November

Shri Kedarnath ji on October 29 at 8.30 am Bhaiyyuduj festival.

Sri Gangotri 28 October Annakoot festival.

Shri Yamunotri 29th October Bhaiyuduj festival.

Shri Madmaheshwar ji on 21 November at 11 am

Shri Tungnath ji on November 6 at 11.30 am

Shri Rudranath ji on 18th October

Shri Hemkund Sahib 10 October morning



चार धाम कपाट बंद होने की तिथियां 2019 :

श्री बदरीनाथ जी 17 नवंबर शायं 5 बजकर 13 मिनट
श्री केदारनाथ जी 29 अक्टूबर प्रात: 8.30 बजे भैयादूज पर्व।
श्री गंगोत्री 28 अक्टूबर अन्नकूट पर्व।
श्री यमुनोत्री 29 अक्टूबर भैयादूज पर्व।
श्री मद्महेश्वर जी 21 नवंबर प्रात:11 बजे
श्री तुंगनाथ जी 6 नवंबर प्रात: 11.30 बजे
श्री रूद्रनाथ जी 18 अक्टूबर प्रात:

श्री हेमकुंड साहिब 10 अक्टूबर प्रातः

( प्रेषक मीडिया प्रभारी बी.के.टी.सी)
Planning to go to Badrinath on 8th Nov'19, any latest info on Road / weather conditions is highly appreciated

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Planning to go to Badrinath on 8th Nov'19, any latest info on Road / weather conditions is highly appreciated
Cant say anything about weather right now.
Weather report changes every day.
Even 4-5 days before it can be predicted not accurately.
If there is Western Disturbance during 8-10 Nov,
then expect snowfall in less than 0°C conditions.
Night Temperature during normal days can be Min 3°C - 15°C Max.

Road conditions are OK without much rush during your visiting period.
Only Western Disturbance can create problem with rains and Landslide area may be close the roads at places.
Keep eye on weather.

If weather goes bad, you can be stopped to move ahead.
Keep buffer of few / couple of days for such emergencies.
Next 2 posts are showing the results due to rains in bad weather.
 
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Due to late Monsoon activities, rain was there till 4-5 October also in UK etc Himalayas.
Rains caused Landslides at Lambagad Area.
This is Worst Spot after Pandukeshwar for Landslides.
Police stops vehicles at Joshimath or nearby area where Hotels, Food, Fuel etc are available easily.

4 Oct 2019

Badrinath Highway Blocked Due To Landslide 1800 Pilgrims Stuck
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में मलबा और बोल्डर आने से बंद, 1800 तीर्थयात्री धाम और रास्ते में फंसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली) Updated Fri, 04 Oct 2019 05:51 PM IST


बदरीनाथ हाइवे पर फंसे यात्री


बदरीनाथ हाइवे पर फंसे यात्री - फोटो : अमर उजाला


दो दिनों तक सुचारू रहने के बाद फिर लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे मलबा और बोल्डर आने से अवरुद्ध हो गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे करीब 800 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में ठहराया गया है, जबकि लगभग 1000 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम में ही रोक लिया गया है। शनिवार को सुबह हाईवे सुचारू होने के बाद तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा जाएगा।

लामबगड़ क्षेत्र में शुक्रवार को दोपहर बाद भारी बारिश हुई। इसके चलते अपराह्न तीन बजे लामबगड़ चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए। इसके बाद पुलिस के जवानों ने यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक ली।

जोशीमठ के एसडीएम अनिल कुमार चन्याल का कहना है कि शुक्रवार को दोपहर बाद लगातार रही बारिश के कारण हाईवे को खोलने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। शनिवार को मौसम सामान्य होने पर यात्रा पड़ावों में रोके गए तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेज दिया जाएगा।

बदरीनाथ और हेमकुंड में हुई बारिश, चोटियों पर बर्फबारी
बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में बृहस्पतिवार रात को जमकर बारिश हुई, जबकि चोटियों पर बर्फबारी हुई। इससे दोनों धामों में ठंड बढ़ गई है। साथ ही नीलकंठ, सतोपंथ, नीती घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।

शुक्रवार को भी दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई, जो देर शाम तक भी जारी रही, जिससे जिले के मौसम में ठंडक आ गई है। बदरीनाथ धाम में नीलकंठ पर्वत पर भी बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम में ठंड को देखते हुए तीर्थयात्री दोपहर बाद अपने कमरों पर ही दुबके रहे।


बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में मलबा और बोल्डर आने से बंद, 1800 तीर्थयात्री धाम और रास्ते में फंसे
 

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5 October 2019

Char Dham Yatra 2019 Badrinath Highway Open Today Morning
उत्तराखंडः बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में वाहनों की आवाजाही के लिए खुला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Updated Sat, 05 Oct 2019 10:39 AM IST


char dham yatra 2019 Badrinath Highway open today morning

- फोटो : अमर उजाला


बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। बता दें कि दो दिनों तक सुचारु रहने के बाद शुक्रवार को फिर लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे मलबा और बोल्डर आने से अवरुद्ध हो गया था। वहीं आज सुबह चमोली जिले में मौसम सामान्य हो गया। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही निचले क्षेत्रों में धूप खिली है। जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली है। रुद्रप्रयाग जनपद में भी मौसम साफ है। यहां धूप खिली हुई है।

पुलिस प्रशासन की ओर से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे करीब 800 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में ठहराया था, जबकि लगभग 1000 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम में ही रोक लिया गया था। आज सुबह हाईवे सुचारु होने के बाद तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया।

लामबगड़ क्षेत्र में शुक्रवार को दोपहर बाद भारी बारिश हुई। इसके चलते अपराह्न तीन बजे लामबगड़ चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए। इसके बाद पुलिस के जवानों ने यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक ली।
 

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Ghaziabad Jam can slow down your movements towards UK from all sides.
Check Google Maps for current road conditions before moving via Ghaziabad.


गाजियाबाद शहर भर में लगा भीषण जाम, NH-9 पर रेंग रहे वाहन; देखें तस्‍वीरें

Publish Date : Sun, 13 Oct 2019 07:48 PM (IST)

गाजियाबाद शहर भर में लगा भीषण जाम, NH-9 पर रेंग रहे वाहन; देखें तस्‍वीरें


दिल्‍ली से सटे उत्‍तर प्रदेश का गाजियाबाद शहर में रविवार को जाम से कराह उठा। लोग जाम में काफी परेशान हो रहे हैं।

गाजियाबाद, जेएनएन। दिल्‍ली से सटे उत्‍तर प्रदेश का गाजियाबाद शहर में रविवार को जाम से कराह उठा। शहर से गुजरने वाली जीटी रोड, हापुड़ रोड और मेरठ हाईवे पर भी वाहन रेंगते मिले। इन सड़कों पर कई किमी लंबी वाहनों की लाइन लगी है।


जाम का मुख्‍य कारण चेहल्लुम के जूलूस और वाल्मीकि शोभा यात्रा हैं। इसके चलते शहर में कई जगहों पर डायवर्जन किया गया है। अममून रविवार को छुट्टी के दिन रास्‍ते खाली रहते हैं या फिर वाहनों का ज्‍यादा दबाव नहीं रहता है।




हालांकि आज रविवार को छुट्टी के दिन भी जाम लगने से कई लोग जो वीकेंड पर घूमने निकले हैं उन्‍हें काफी परेशानी हुई। घंटों से जाम में फंसे वाहन चालकों ने पुलिस के इंतजाम को पूरी तरह फेल बताया है।


गाजियाबाद शहर भर में लगा भीषण जाम, NH-9 पर रेंग रहे वाहन; देखें तस्‍वीरें
 

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Snowfall In Badrinath And Kedarnath, Starting of Winter !

उत्तराखंडः केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी, इलाके में बढ़ी ठंड

उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में अक्टूबर के महीने में जबरदस्त बर्फबारी शुरू होने से पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में पहाड़ बर्फबारी से सफेद हो गए हैं.


फाइल फोटो


फाइल फोटो


aajtak.in
देहरादून, 21 अक्टूबर 2019, अपडेटेड 06:41 IST

उत्तराखंड में अक्टूबर में ही बर्फबारी ने दस्तक दे दी है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में जबरदस्त बर्फबारी देखने को मिली है. अक्टूबर के महीने में जबरदस्त बर्फबारी शुरू होने से पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है. इस ताजा बर्फबारी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. केदारनाथ और बद्रीनाथ में पहाड़ बर्फबारी से सफेद हो गए हैं.
इस साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला था. इस साल मई महीने में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण और अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे. बद्रीनाथ को भगवान विष्णु का धाम माना जाता है, जबकि केदारनाथ को भगवान शिव का धाम माना जाता है.
बताया जा रहा है कि इस महीने के आखिरी तक केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट बंद हो जाएंगे. ठंड बढ़ने के चलते कपाट को बंद किया जाता है. हर साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के धाम के कपाट अक्टूबर-नवंबर में बंद किए जाते हैं और 6 महीने तक बंद रहते हैं. इसके बाद अप्रैल-मई में इन धामों के कपाट फिर खोल दिए जाते हैं. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में काफी संख्या में श्रद्धालु हर साल पहुंचते हैं.


उत्तराखंडः केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी, इलाके में बढ़ी ठंड
 
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Snowfall In Badrinath And Kedarnath Hilly Area Cold Weather Increased
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की चोटियों पर हिमपात, पारा गिरने से बढ़ी ठंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, चमोली/रुद्रप्रयाग Updated Mon, 21 Oct 2019 08:23 AM IST

Snowfall in Badrinath and kedarnath Hilly Area Cold Weather increased



रविवार को दोपहर बाद केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों के साथ ही धाम में भी बर्फ की बौछारें पड़ी। मौसम में आए बदलाव से केदारपुरी में ठंड बढ़ गई है। इधर, जिला मुख्यालय समेत अन्य स्थानों पर भी आसमान में बादल छाए रहे।

रविवार को दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा था। इस दौरान धूप-छांव का खेल चलता रहा। लेकिन दोपहर बाद करीब तीन बजे से केदारनाथ में घने बादल छाए रहने के साथ ही वासुकीताल, दुग्ध गंगा, चोराबाड़ी ताल समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज हिमपात होने लगा। इस दौरान केदारनाथ में भी बर्फ की फुंआरें गिरी। इसके बाद से ही धाम में ठंड बढ़ गई है।

धाम में मौजूद वुड स्टोन के टीम प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के कारण केदारपुरी में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे यात्री व अन्य लोग अलाव का सहारा लेने गए हैं।
हेमकुंड साहिब, नीलकंठ पर भी हिमपात

चमोली जिले में रविवार को अचानक दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली। बदरीनाथ धाम की चोटियों के साथ ही हेमकुंड साहिब, नीलकंठ पर्वत, सतोपंथ और नीती घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चलीं।

जिससे जिले में ठंड बढ़ गई है। जोशीमठ क्षेत्र में कुछ देर तक बारिश भी हुई। बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों ने गरम कपड़े निकाल दिए हैं। बदरीनाथ धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिससे तीर्थयात्री शाम होते ही अपने कमरों में दुबक रहे हैं। नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से तीर्थयात्रियों और राहगीरों के लिए अलाव की व्यवस्था भी कर दी गई है।

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केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की चोटियों पर हिमपात, पारा गिरने से बढ़ी ठंड
 

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उत्तराखंडरुद्रप्रयाग
केदारनाथ हाईवे में चंडिकाधार में मलबा-बोल्डर गिरने से 8 लोगों की मौत
हिन्दुस्तान टीम,रुद्रप्रयाग
  • Last updated: Sun, 20 Oct 2019 04:17 PM IST


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केदारनाथ हाईवे पर फाटा से करीब 5 किमी आगे चंडिकाधार में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने से दो बाइक और एक कार चपेट में आ गई । इनमें सवार 8 लोगों की मौत हो गई। शनिवार रात और रविवार को रेस्क्यू कर सभी शवों को खाई से निकाल दिया गया। फाटा में सभी शवों का पीएम किया गया।जानकारी के मुताबिक शनिवार सायं 7 बजे के आसपास फाटा से 5 किमी आगे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र चंडिकाधार में अचानक पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिर गया। इस स्थान पर दो बाइक और एक कार हाईवे पर आवाजाही कर रही थी। तीनों मलबे की चपेट में आ गए। कार और दोनों बाइक करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई। वाहनों में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ऋषिकेश, यूपी, गाजियाबाद, मध्य प्रदेश और स्थानीय लोग शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही सेना के जवान, एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा और स्थानीय लोगों द्वारा राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। 3 शव रात में ही निकाल दिए गए जबकि 5 शव रविवार को दोपहर तक निकाले जा सके। गहरी खाई होने के कारण जेसीबी पर रस्सियां बांध कर शव निकाले गए। घटना में सड़क का काम कर रहे सिग्ला कंस्ट्रक्शन कंपनी के एक इंजीनियर की भी मौत हुई है। जबकि दो स्थानीय भी जान गंवा बैठे हैं। प्रशासन और पुलिस द्वारा सभी मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। कई फाटा पहुंच गए हैं। प्रशासन ने परिजनों को किसी तरह दिक्कत न हो इसलिए फाटा में ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाई। देर सायं तक सभी शवों का पीएम कर दिया गया। इधर घटना के बाद घटनास्थल पर रविवार को भीड़ लगी रही।
इधर घटना की खबर सुनते ही जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल, सीओ जीएल कोहली, थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पुलिस, एसडीआरएफ, आपदाकर्मी, स्थानीय लोग पहुंचे।
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मृतकों की सूची:
पुलिस के मुताबिक सुरजीत सिंह पुत्र ललित शर्मा उम्र 26 वर्ष निवासी मोहल्ला चन्द्रेश्वर नगर थाना ऋषिकेश जिला देहरादून, रवि पुत्र सुखपाल सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी शीशमझाड़ी थाना ऋषिकेश जिला देहरादून, हरशीद पुत्र हसन मोहम्मद निवासी ग्राम-पोस्ट बराकलान, जिला इटावा यूपी, वीरुलाल पुत्र मदन लाल उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम मैखण्डा तल्ला थाना गुप्तकाशी जिला रुद्रप्रयाग, जयपाल पुत्र रिसाल सिंह निवासी रेहमान थाना सितावली जिला सोनीपत हरियाणा, मोहित त्यागी पुत्र बलिस्टर त्यागी निवासी हृदयपुर मंडोला जिला गाजियाबाद यूपी, विशाल त्यागी पुत्र संजय निवासी मध्य प्रदेश, उमा जोशी पत्नी स्व एलपी जोशी निवासी जवाहरनगर अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग शामिल है।डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेशजिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जहां पर घटना हुई वहां कोई कटिंग नहीं हो रही थी, एक चट्टान स्वाभाविक टूटी और हादसे में 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इस मामले की जांच के लिए ऊखीमठ एसडीएम के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है जो घटना के कारणों की जांच कर रिर्पोट सौंपेगी।

केदारनाथ हाईवे में चंडिकाधार में मलबा-बोल्डर गिरने से 8 लोगों की मौत
 
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