Road conditions - Uttarakhand

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Doors are closed now !

Gangotri On 28th And Yamunotri Dham Doors Will Close On 29th October For Winter
28 अक्टूबर को गंगोत्री और 29 को यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए होंगे बंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/बड़कोट Updated Sat, 26 Oct 2019 06:39 PM IST

गंगोत्री धाम/यमुनोत्री धाम

गंगोत्री धाम/यमुनोत्री धाम - फोटो : अमर उजाला


दीपावली के अगले दिन अन्नकूट के पावन पर्व पर 28 अक्टूबर को गंगोत्री व भैयादूज पर 29 अक्टूबर को यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि दीपावली के अगले दिन अन्नकूट के पावन पर्व पर 28 अक्टूबर को सुबह से मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।

पूर्वाह्न 11.40 बजे मंदिर के कपाट बंद कर 11.55 बजे गंगा जी की भोग मूर्ति को डोली यात्रा के साथ मुखबा के लिए रवाना की जाएगी। इस दिन डोली यात्रा मुखबा मार्कण्डेय के निकट देवी मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी और अगले दिन मां गंगा की भोग मूर्ति को मुखबा स्थित गंगा मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

उधर यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल ने बताया कि भैया दूज के पावन पर्व पर सुबह आठ बजे खरसाली से मां यमुना के भाई शनि महाराज समेश्वर देवता की डोली यमुना जी को विदा कराकर लाने के लिए यमुनोत्री रवाना होगी।

दोपहर 12.25 बजे अभिजित मुहूर्त में यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर यमुना जी की उत्सव मूर्ति को डोली यात्रा के साथ खरसाली लाई जाएगी। यहां विधि विधान एवं अनुष्ठान के साथ यमुना जी की मूर्ति को यमुना मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
इस बार रिकार्ड संख्या में पहुंचे तीर्थयात्री
चार धाम यात्रा संपन्न होने में अब महज दो दिन शेष बचे हैं। धामों के प्रति लोगों में बढ़ती आस्था और चाक चौबंद यात्रा व्यवस्थाओं के चलते इस बार यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम रिकार्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे।

बीते वर्षों से अब तक वर्ष 2011 में सर्वाधिक 9,47,259 तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंचे थे, जबकि इस बार कपाट बंद होने से तीन दिन पहले ही 9,93,314 तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री की यात्रा कर चुके हैं। इसमें 5,27,742 यात्री गंगोत्री और 4,65,572 यात्री यमुनोत्री पहुंचे हैं। बीच में वर्ष 2012-13 की आपदा के बाद यात्रा में भारी गिरावट आ गई थी।

दीपावली पर होगी लक्ष्मी जी की विशेष पूजा
गंगोत्री धाम में रविवार को दीपावली पर मां गंगा के साथ लक्ष्मी जी की भी पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं सचिव दीपक सेमवाल ने बताया कि श्रीसूक्त मंत्रों से मां गंगा एवं लक्ष्मी जी की पूजा करने के साथ ही इस दिन बड़े पात्रों में गंगा जल को भी पूजा जाता है। शीतकाल में मंदिर के कपाट बंद होने के बाद तीर्थ पुरोहित मां गंगा के इस प्रसाद को देश के विभिन्न क्षेत्रों में फैले अपने यजमानों तक पहुंचाते हैं।


28 अक्टूबर को गंगोत्री और 29 को यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए होंगे बंद
 

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Gangotri Dham Door Closing Ceremony In Winter 2019 Photos
मां गंगा के जयकारों के साथ बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट, उमड़ा आस्था का सैलाब, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी, Updated Mon, 28 Oct 2019 06:59 PM IST
गंगोत्री धाम के कपाट बंद

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गंगोत्री धाम के कपाट बंद - फोटो : अमर उजाला

अन्नकूट गोवर्द्धन पूजा के पावन पर्व पर स्वाति नक्षत्र में गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। गंगोत्री से मां गंगा की भोग मूर्ति डोली यात्रा के साथ शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। गंगोत्री धाम और गंगोत्री से मुखबा तक का यात्रा पथ मां गंगा के जयकारों से गूंज उठा।



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- फोटो : अमर उजाला

सोमवार को अन्नकूट गोवर्द्धन पूजा के पावन पर्व पर सुबह से ही गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हुआ। गंगोत्री घाट एवं मंदिर में मां गंगा की पूजा-अर्चना की गई। स्वाति नक्षत्र में पूवाह्न 11.40 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। इससे पूर्व मंदिर के भीतर अखंड ज्योति के लिए तेल आदि की व्यवस्था की गई।



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- फोटो : अमर उजाला

फिर कपाट बंद कर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत एवं डीएम डा. आशीष चौहान की मौजूदगी में मंदिर के द्वार को सीलबंद किया गया। पूर्वाह्न 11.55 बजे मां गंगा की भोग मूर्ति डोली यात्रा के साथ शीतकालीन प्रवास मुखबा के लिए रवाना हुई। पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल, दमाऊं, रणसिंघा के साथ ही हर्षिल में तैनात भारतीय सेना की 9वीं बिहार रेजीमेंट के बैंड की अगुवाई में निकली डोली यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।



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- फोटो : अमर उजाला

डोली यात्रा भैरोंघाटी, लंका, जांगला होते हुए देर शाम मुखबा मार्कण्डेय स्थित देवी मंदिर पहुंची। सोमवार को डोली यात्रा यहीं रात्रि विश्राम करेगी। यहां पूरी रात भजन-कीर्तन के साथ जागरण किया जाएगा। मंगलवार भैयादूज के दिन डोली यात्रा देवी मंदिर से प्रस्थान कर मुखबा पहुंचेगी और यहां स्थित मंदिर में मां गंगा की भोग मूर्ति को स्थापित की जाएगी।




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- फोटो : अमर उजाला

गंगोत्री के कपाट बंद करने के अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सचिव दीपक सेमवाल, सहसचिव राजेश सेमवाल, अरुण सेमवाल, प्रेमवल्लभ सेमवाल, संजीव सेमवाल, रविंद्र सेमवाल, प्रवीण, सत्येंद्र सेमवाल, गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार, विष्णुपाल रावत, कुलदीप बिष्ट, भगत सिंह रावत आदि मौजूद रहे।



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- फोटो : अमर उजाला

इस वर्ष गंगोत्री धाम की यात्रा पर रिकार्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे। मनेरी के प्रभारी थानाध्यक्ष देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि इस वर्ष यात्रा सीजन में कुल 5,28,129 तीर्थयात्रियों ने गंगोत्री धाम की यात्रा की। आपदा के चलते बीते सालों में यात्रा में कुछ व्यवधान आया था, लेकिन अब यात्रा मार्ग एवं व्यवस्थाएं चाक चौबंद होने से यात्रा साल दर साल गति पकड़ रही है। डीएम डा. आशीष चौहान ने कहा कि इस वर्ष यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा बेहतर चली। यात्रा के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं होने से देश-विदेश में सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का संदेश भी गया।


 
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Snowfall Awesome Photos From Badrinath And Kedarnath Vasudhara
बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में हिमपात से सुहावना हुआ मौसम, वसुधारा में जमी आधा फीट तक बर्फ, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ/रुद्रप्रयाग, Updated Mon, 04 Nov 2019 06:23 PM IST

Snowfall Awesome photos from badrinath and kedarnath vasudhara

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- फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सोमवार को ठंड में इजाफा हुआ। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है।



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- फोटो : अमर उजाला

इसके बावजूद तीर्थयात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। रविवार को धाम में 3481 तीर्थयात्री पहुंचे, वहीं सोमवार को भी करीब इतने ही यात्रियों के पहुंचने का अनुमान है।




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- फोटो : अमर उजाला


रविवार रात को बद्रीनाथ की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने से धाम में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है, जबकि बद्रीनाथ धाम से पांच किमी दूर वसुधारा में रविवार रात को जमकर बर्फबारी हुई है।




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- फोटो : अमर उजाला


वसुधारा में आधा फीट तक बर्फ जमी हुई है। सतोपंथ घूमने गए सैलानियों ने वहां बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। वहीं केदारनाथ धाम में भी बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है।



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- फोटो : अमर उजाला

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ का कहना है कि बद्रीनाथ धाम में अब तक 1193716 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं।


 

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Tungnath Dham Gate Close Today For Winter 2019
शुभ मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊखीमठ Updated Wed, 06 Nov 2019 01:59 PM IST


Tungnath dham gate Close Today for winter 2019

- फोटो : फाइल फोटो


तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बुधवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान करते हुए बाबा की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए अपने पहले पड़ाव चोपता पहुंचेगी। आठ नवंबर को डोली अपने शीतकालीन धाम में छह माह के लिए विराजमान होगी।

बुधवार को सुबह 8 बजे से मंदिर में विशेष पूजा शुरू हुई। भगवान तुंगनाथ का शृंगार कर उन्हें भोग लगाया गया। साथ ही स्वयंभू लिंग को समाधि रूप देकर पूजा की गई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आराध्य की मूर्ति को धार्मिक अनुष्ठान और परंपराओं के निर्वहन के साथ चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान कर मंदिर परिसर में लाया गया।

इसके बाद सुबह 11.30 बजे तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल छह माह के लिए लिए बंद कर दिए गए। अब भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान कर साढ़े तीन किमी का सफर तय करते हुए पहले पड़ाव चोपता पहुंचेगी।

सात नवंबर को डोली द्वितीय पड़ाव भनकुन गुफा में रात्रि प्रवास के बाद आठ नवंबर को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ में विराजमान होगी।


शुभ मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट
 

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Snowfall Awesome Photos From Badrinath And Kedarnath Vasudhara

बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में हिमपात से सुहावना हुआ मौसम, वसुधारा में जमी आधा फीट तक बर्फ, तस्वीरें...

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ/रुद्रप्रयाग, Updated Tue, 05 Nov 2019 10:13 AM IST

Snowfall Awesome photos from badrinath and kedarnath vasudhara

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- फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सोमवार को ठंड में इजाफा हुआ। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बावजूद तीर्थयात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ है।






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- फोटो : अमर उजाला

रविवार को धाम में 3481 तीर्थयात्री पहुंचे, वहीं सोमवार को भी करीब इतने ही यात्रियों के पहुंचने का अनुमान है। रविवार रात को बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने से धाम में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।




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- फोटो : अमर उजाला

जबकि बदरीनाथ धाम से पांच किमी दूर वसुधारा में रविवार रात को जमकर बर्फबारी हुई है। वसुधारा में आधा फीट तक बर्फ जमी हुई है। सतोपंथ घूमने गए सैलानियों ने वहां बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया।


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- फोटो : अमर उजाला


वहीं केदारनाथ धाम में भी बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ का कहना है कि बदरीनाथ धाम में अब तक 1193716 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

केदारनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो चुके हैं। वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को बंद होंगे। पिथौरागढ़ में धारचूला और मुनस्यारी की चोटियों पर भी सोमवार को हिमपात से मौसम सुहावना हो गया।




बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में हिमपात से सुहावना हुआ मौसम, वसुधारा में जमी आधा फीट तक बर्फ, तस्वीरें...








उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सोमवार को ठंड में इजाफा हुआ। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बावजूद तीर्थयात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
 
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General VK Singh Told India Will Built Paved Road To Lipulekh Sainya Shakti Conclave In Dehradun
एक साल के अंदर लिपुलेख तक पक्की सड़क बना लेगा भारत: जनरल वीके सिंह
अनिल चन्दोला,अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 05 Nov 2019 10:13 AM IST


जनरल वीके सिंह

जनरल वीके सिंह - फोटो : अमर उजाला


खास बातें
  • सैन्य सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (सेनि.) ने दी जानकारी
  • कहा, ऑल वेदर रोड को भी जल्द पूरा करने पर फोकस

बीआरओ ने लिपुलेख तक सड़क बना ली है, जिसे अगले एक साल के भीतर पक्का कर दिया जाएगा। इससे तिब्बत सीमा तक भारतीय सेना की पहुंच काफी आसान हो जाएगी।

देहरादून में आयोजित सैन्य सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह (सेनि.) ने अमर उजाला से खास बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड समेत सभी बॉर्डर एरिया की सड़कों के काम को भी जल्द पूरा करने पर फोकस है।
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उन्होंने कहा कि 2011 में सीमावर्ती क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम करने का फैसला हुआ। लेकिन हमें समझना होगा कि भारत और तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थितियां बहुत अलग हैं। तिब्बत में पठार है, जबकि हमारे यहां पहाड़ी इलाका जो बेहद दुर्गम है।

भारतमाला प्रोजेक्ट समेत सीमांत इलाकों की सड़कों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस कड़ी में हमने लिपुलेख तक सड़क बना ली है। अब उस सड़क को पक्का करने पर काम चल रहा है। कुछ समय पहले तक कहा जाता था कि वहां पहुंचने में हमें 30 साल लगेंगे, लेकिन बीआरओ ने बहुत तेजी से काम किया है।

ऑल वेदर रोड से तीर्थयात्रियों की यात्रा होगी आसान
उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना का काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। यह सड़क केवल सामरिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

अगले साल प्रदेश में कुंभ होना है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऑल वेदर रोड बनने से श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा। एनजीटी ने ऑल वेदर रोड के लिए एक कमेटी बनाई है। हम चाहेंगे कि वह कमेटी तेजी से काम करे ताकि सड़क निर्माण समय से किया जा सके।

सेना की मजबूती के सवाल पर उन्होंने कहा कि 2010 में सेनाध्यक्ष बनने के बाद हमने सेना की आर्टिलरी को मजबूत करने के प्रयास तेज किए। 2009 में कोलकाता में रहने के दौरान हमारे संज्ञान में आया कि बोफोर्स जो 25 साल पहले आई थी उसके ब्लूप्रिंट और टेक्नोलॉजी हमारे पास थी, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो रहा था।

ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोफोर्स टेक्नोलॉजी को लेकर एक तोप बनाने का प्रयास करे
हमने पूछा कि टेक्नोलॉजी होने के बावजूद इस पर काम क्यों नहीं हो रहा है तो हमें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 2010 में हमने इसे बनाने का प्रयास शुरू किए। 2011 में हमने कहा कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोफोर्स टेक्नोलॉजी को लेकर एक तोप बनाने का प्रयास करे, जो उस कैलिबर की हो।

साथ ही हमने डीआरडीओ से भी कोशिश करने को कहा। अब पिछले कुछ समय से मॉर्डनाइजेशन की दिशा में गति आई है। हमको अपनी कार्यशैली बदलने की जरूरत है ताकि चीजें तेजी से हो सकें। उन्होंने कहा कि अगर एक बोफोर्स तैयार होने में 20 साल लगे तो उसका कोई फायदा नहीं। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

तेजी से हो पूर्व सैनिकों और सैनिक परिवारों की समस्याओं का समाधान
पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने कहा कि सैनिक, पूर्व सैनिकों और उनके परिवार एवं आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। जो देश अपने सैनिकों और पूर्व सैनिकों का सम्मान नहीं कर सकता, वह कभी आगे भी नहीं बढ़ सकता। हमें यह समझते हुए काम करना होगा।



एक साल के अंदर लिपुलेख तक पक्की सड़क बना लेगा भारत: जनरल वीके सिंह
 

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14500 Foreign Pilgrims Reached Char Dham In Yatra 2019
चारधाम यात्रा 2019: इस बार 14500 विदेशी श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सबसे ज्यादा नेपाल से पहुंचे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 05 Nov 2019 10:13 AM IST

चार धाम

चार धाम - फोटो : फाइल फोटो


चारधाम और हेमकुंड साहिब के दर्शन करने के लिए इस बार विदेशी तीर्थ यात्रियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। दुनियाभर से आए करीब 14 हजार 500 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व हेमकुंड साहिब के दर्शन किए।
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इसमें सबसे ज्यादा नेपाल से करीब 9200 श्रद्धालु चारधाम पहुंचे। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि इस साल चारधाम व हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड बना है। विदेशी यात्रियों में चारधाम के दर्शन करने के लिए काफी उत्साह रहा।

केंद्र व राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और प्रचार-प्रसार के चलते इस साल 14 हजार 500 ने चारधाम व हेमकुंड साहिब के दर्शन किए। नेपाल से सबसे ज्यादा 9200 श्रद्धालु चारधाम पहुंचे।

जबकि मलेशिया से 698, यूनाईटेड स्टेट से 465, यूनाईटेड किंगडम से 294, रूस से 240, बंगलादेश से 216 ने दर्शन किए। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से सोशल मीडिया पर चारधाम यात्रा का प्रचार-प्रसार किया गया।

यात्रियों की सुगमता के के लिए चारधाम के ई-ब्रोसर उत्तराखंड पर्यटन की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, जहां से सभी यात्री चारधाम से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों से प्रचार-प्रसार से विदेशी यात्रियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। 17 नवंबर को बदरीनाथ के कपाट बंद होने के बाद यात्रा संपन्न होगी।


https://www.amarujala.com/dehradun/14500-foreign-pilgrims-reached-char-dham-in-yatra-2019
 

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Almora › Power Of 15 Mobile Towers Restored
बहाल हुई 15 मोबाइल टॉवरों की बिजली

Updated Thu, 07 Nov 2019 12:06 AM IST


अल्मोड़ा। अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के 35 मोबाइल टॉवरों के बिजली कनेक्शन कटने के बाद बीएसएनएल ने विद्युत कारपोरेशन के पास 18 लाख रुपये जमा करा दिए हैं। धनराशि जमा करने के बाद विद्युत बुधवार को 15 टॉवरों में बिजली के कनेक्शन जोड़कर आपूर्ति सुचारु कर दी गई। इससे संबंधित इलाकों में बीएसएनएल के नेटवर्क में चालू हो गया है, जबकि 20 टॉवरों से जुड़े क्षेत्रों में सेवाएं भी ठप पड़ी हुई हैं।
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घाटे के चलते बीएसएनएल बिजली के बिलों का समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा है। बीएसएनएल पर चारों जिलों में लगे मोबाइल टॉवरों और कार्यालयों आदि के बिजली बिलों की करीब 60 लाख रुपये की देनदारी है। इसे देखते हुए विद्युत कारपोरेशन ने पिछले एक हफ्ते के भीतर चार जिलों में स्थित बीएसएनएल के 35 टॉवरों के कनेक्शन काट दिए, जिससे संबंधित इलाकों में नेटवर्क के साथ ही इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं ठप हो गई थी। इससे बैंक और डाकघरों सहित तमाम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इससे पहले केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फिलहाल बिजली कनेक्शन बंद नहीं करने का आग्रह किया था बावजूद इसके बिजली कनेक्शन काट दिए गए। इधर बुधवार को बीएसएनएल ने विद्युत कारपोरेशन को 18 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है।
बीएसएनएल के महाप्रबंधक एके गुप्ता ने बताया कि 18 लाख रुपये भुगतान करने के बाद विद्युत कारपोरेशन ने लमगड़ा, कसारदेवी, भतरौंजखान, मानिला, स्याल्दे, तेजम, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, भिकियासैंण, दन्यां, डीडीहाट, थल सहित 15 टावरों में बिजली कनेक्शन जोड़ दिए हैं और इन टावरों में बिजली आपूर्ति सुचारु होने से संबंधित इलाकों में सेवाएं सामान्य हो गई हैं।

https://www.amarujala.com/uttarakhand/almora/power-of-15-mobile-towers-restored-almora-news-hld363045482?src=top-lead
 

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Hi..just for update...
Electricity is now available at Deoriatal and Tungnath..
so was not the case in 2016, my last visit..
also no camping allowed on lake though there are a few tents around 100 mtrs of it...
Room also available at Deoriatal..


IMG-20191112-WA0061.jpg



Q: In baniyakund as well electricity is available??
A : Yes

Q: That's a very good news..
Thanks for the update..

So, the locals have built the rooms around deoria taal now? Or the same old camping system is still in existence.?

A: Locals have built rooms..
but just 1-2 rooms are there rest you have tents.
the contact.
I gave above had best options for tents..
much cleaner...

^Bcmtians^
 
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