Road conditions - Uttarakhand

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Gauchar Mela Is The Hallmark Of The Cultural Heritage And Trade Of Villages

This Fest will start from 14-11-2019

गांवों की सांस्कृतिक विरासत और व्यापार की पहचान है गौचर मेला


Updated Wed, 13 Nov 2019 09:18 PM IST



तिब्बत व्यापार से शुरू हुआ गौचर मेला आज (बृहस्पतिवार) से शुरू होगा। इस मेले ने अब औद्योगिक और सांस्कृतिक मेले का स्वरूप ले लिया है। यह मेला संस्कृति, बाजार, उद्योग तीनों के समन्वय के कारण पूरे उत्तराखंड में लोकप्रिय है। इस राज्य स्तरीय मेले को भव्य रुप देने में कोई कोर कसर न छूटे, इसके लिए चमोली जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

जिले में संस्कृति और तिब्बत व्यापार से जुड़ा गौचर मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत है, इसी कारण से प्रतिवर्ष मेले की भव्यता बढ़ रही है। जिला प्रशासन ने मेले केे आयोजन का जो खाका तैयार किया है, उसमें कई नए कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। मेले में बॉलीवुड स्टार नाइट के साथ ही कई हस्तियों को बुलाने का निर्णय लिया गया है। बॉलीवुड प्लेबैक गायिका श्रद्धा पंडित, सूफी गायक वारसी बंधु और इंडिया गोट टैलेंट के प्रसिद्ध कलाकार हसन रिजवी भी इस बार गौचर मेले में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही फूड फेस्टेबल, योगा कैंप, फिल्म फेस्टिवल भी होगा।
गौचर मेले की व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश
कर्णप्रयाग। गौचर मेले की तैयारियों को लेकर डीएम स्वाति एस भदौरिया ने गौचर मेला मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम ने मेला मैदान में लगे स्टॉलों, मुख्य प्रवेश द्वार, वाहन पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए विभागीय अधिकारियों से सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार गौचर मेला अपने बहुआयामी रंग में देखने को मिलेगा। मेले में जहां राष्ट्रीय स्तर के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे, वहीं मेले के दौरान एडवेंचर स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं भी होंगी। इस मौके पर एसडीएम देवानंद शर्मा, नायब तहसीलदार मानवेंद्र बर्त्वाल, एसएचओ गिरीश चंद्र शर्मा सहित विभागीय कर्मी मौजूद थे।


गांवों की सांस्कृतिक विरासत और व्यापार की पहचान है गौचर मेला
 

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Snowfall chance now in UK !

Uttarakhand › Dehradun › High Snowfall And Fog Alert In Uttarakhand Four District

उत्तराखंड: बिगड़ा मौसम बढ़ाएगा ठंड और कोहरा, चार जिलों में भारी बर्फबारी का अलर्ट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 25 Nov 2019 08:53 AM IST









- फोटो : फाइल फोटो

उत्तराखंड में इस हफ्ते से मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग ने 26 और 27 नवंबर को देहरादून में हल्की बारिश के आसार जताए हैं। वहीं, चार पहाड़ी जिलों में 26 नवंबर को भारी बर्फबारी का अलर्ट भी जारी किया गया है।

रविवार को राजधानी सहित प्रदेशभर में आंशिक बादल छाए रहे। हालांकि कहीं भी बारिश नहीं हुई। अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 26 नवंबर को उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिले में भारी बर्फबारी की आशंका है।

 

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Uttarakhand › Dehradun › Tourist Will Pay 500 Rupees Charges For Skiing In Auli

अब यूं ही नहीं मिलेगा औली की बर्फीली वादियों में स्कीइंग और घूमने का मजा, देना पड़ेगा इतना शुल्क

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, जोशीमठ Updated Fri, 11 Jan 2019 09:58 AM IST









हिम क्रीड़ा स्थली औली के स्कीइंग स्लोप पर अब स्कीइंग और बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को शुल्क देना होगा। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) यह शुल्क लेगा। पर्यटकों के लिए 500 और स्थानीय लोगों के लिए 200 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।

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1300 मीटर में फैला औली स्लोप इन दिनों बर्फ से ढका हुआ है। आगामी फरवरी माह में यहां शीतकालीन स्कीइंग प्रतियोगिता आयोजित होगी। स्लोप में कृत्रिम बर्फ जमाने के लिए इधर-उधर से स्नो मेकिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।

जीएमवीएन के महाप्रबंधक बीएल राणा ने बताया कि स्लोप पर आवाजाही बढ़ने से बर्फ जल्दी पिघल रही है। अभी तक स्लोप में आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं थी, लेकिन स्लोप के संरक्षण और अधिक समय तक बर्फ स्लोप पर टिकी रहे, इसके लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों से स्लोप पर उतरने का शुल्क लिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी, आंदोलन की दी चेतावनी

इससे कम से कम लोग स्लोप पर चलेंगे। उन्होंने बताया कि औली स्लोप की बर्फ जल्द पिघलने से शीतकाल में स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन में दिक्कतें आ सकती है। लिहाजा स्लोप पर कम आवाजाही के लिए शुल्क का प्रावधान किया गया है।

औली स्लोप में आवाजाही और स्कीइंग पर शुल्क वसूलने को स्थानीय लोगों ने अनुचित बताया। कहा गया कि औली में घूमने पर शुल्क लिया जाना उचित नहीं है। इस फरमान को ज्लद वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, पर्यटन व्यवसायी विवेक पंवार, संतोष कुंवर, राकेश घिंडियाल और दिनेश भट्ट का कहना है कि औली में बर्फ का मजा लेने और सैर-सपाटे के लिए सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। यदि शुल्क लिया जाएगा तो पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ जाएगी।





 
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Corbett National Park Jhirna And Dhela Zone Online Booking Closed

कॉर्बेट पार्क के झिरना और ढेला जोन की ऑनलाइन बुकिंग बंद, कई पर्यटक लौटे वापस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल) Updated Mon, 25 Nov 2019 07:45 PM IST


Corbett national park jhirna and dhela Zone Online Booking closed

- फोटो : फाइल फोटो



खास बातें
  • ईको सेंसिटिव जोन का मामला सुलझने तक बंद रहेंगे दोनों जोन
  • ग्रामीणों ने रविवार को धरना-प्रदर्शन कर पर्यटकों को लौटा दिया था


ईको सेंसिटिव जोन मामले में ग्रामीणों के विरोध के चलते ढेला और झिरना जोन में ऑनलाइन बुकिंग को कॉर्बेट प्रशासन ने अगले आदेश तक बंद कर दिया है। पर्यटकों के हित में यह फैसला लिया गया है।

ज्ञात हो कि ग्राम ढेला को ईको सेंसिटिव जोन के दायरे में रखने से नाराज ग्रामवासियों ने रविवार को झिरना गेट पर तालाबंदी कर पर्यटकों को बैरंग लौटा दिया। इससे पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक गांव को ईको सेंसिटिव जोन के दायरे से बाहर नहीं किया जाता तब तक वह विरोध जारी रखेंगे। ग्रामीणों के रुख को देखते हुए कॉर्बेट नेशनल पार्क के निदेशक राहुल ने पर्यटकों के लिए कॉर्बेट पार्क के ढेला और झिरना रेंज की ऑनलाइन बुकिंग को बंद कर दिया है।

उन्होंने बताया कि जब तक विवाद की स्थिति सुलझ नहीं जाती है तब तक दोनों जोन में बुकिंग बंद रखी जाएगी, ताकि पर्यटकों को परेशानी न हो।


कॉर्बेट पार्क के झिरना और ढेला जोन की ऑनलाइन बुकिंग बंद, कई पर्यटक लौटे वापस
 

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Chamoli › Heavy Snowfall In Auli Tourist Happy To See Snow See Awesome Photos

औली में बर्फ देख खिले पर्यटकों के चेहरे, लुत्फ उठाना है तो बस चले आइए, तस्वीरें देखने लायक...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली), Updated Wed, 27 Nov 2019 07:12 PM IST

Heavy Snowfall in Auli Tourist Happy to see Snow see awesome photos

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- फोटो : अमर उजाला

औली में बर्फबारी होने के साथ ही यहां पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। बुधवार को यहां पहुंचे पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। औली में बर्फबारी से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं।


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- फोटो : अमर उजाला

बता दें कि औली में 15 साल बाद नवंबर माह के पहले सप्ताह में बर्फबारी हुई थी। इसके बाद से यहां पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार को भी यहां पहुंचे पर्यटकों ने बर्फबारी का खूब लुत्फ उठाया। औली में करीब एक इंच तक बर्फ जमी हुई है।



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- फोटो : अमर उजाला

पहाड़ में बुधवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। चारों धामों में बर्फ की चादर बिछ गई है। केदारनाथ में 24 घंटे से लगातार बर्फबारी हो रही है। यहां करीब ढाई फीट बर्फ जम चुकी है। अधिकतम तापमान माइनस 5 और न्यूनतम माइनस 9 डिग्री सेल्सियस रहा।



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- फोटो : अमर उजाला

मंदिर परिसर समेत समूची केदारपुरी में ढाई फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है, जबकि वासुकीताल, चौराबाड़ी ताल, दुग्ध गंगा की पहाड़ियां, भैरव मंदिर और गरूड़चट्टी के ऊपरी तरफ तीन से चार फीट तक बर्फ जम चुकी है।


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- फोटो : अमर उजाला

धाम में मौजूद वुड स्टोन के टीम प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार हो रही बर्फबारी से आवाजाही में भी दिक्कतें हो रही हैं। बीते 24 घंटों में तापमान मानइस में होने से ठंड का असर चरम पर है।



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- फोटो : अमर उजाला

इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ में लगभग दो सौ लोग मौजूद हैं, जिनके लिए राशन, सब्जी व अन्य जरूरी सामग्री का पर्याप्त कोटा उपलब्ध है। साथ ही धाम की पल-पल का अपडेट लिया जा रहा है। बदरीनाथ में भी बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है।


औली में बर्फ देख खिले पर्यटकों के चेहरे, लुत्फ उठाना है तो बस चले आइए, तस्वीरें देखने लायक...
 

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Gangotri Highway Blocked Due To Heavy Snowfall And Rainfall
उत्तराखंड: भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे पर ठप हुई वाहनों की आवाजाही, तापमान में भारी गिरावट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Wed, 27 Nov 2019 09:31 PM IST

Gangotri Highway Blocked due to heavy snowfall and rainfall



गंगोत्री व यमुनोत्री धाम समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बुधवार को जमकर बर्फबारी हुई। निचली घाटियों में भी दिनभर रुक-रुक कर रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। जिससे तापमान में भारी गिरावट आने के साथ ही कड़ाके की ठंड भी पड़ रही है।

भारी बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे पर भैरोंघाटी से आगे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। प्रशासन ने मौसम के रुख को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। यहां बीआरओ के जवान बर्फ हटाकर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हुए हैं।

बीते दो दिनों से उत्तरकाशी जिले के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश और बर्फबारी में बुधवार सुबह से तेजी आ गई। चिन्यालीसौड़, बड़कोट, नौगांव, पुरोला आदि निचली घाटियों में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होने से तापमान में जबर्दस्त गिरावट आ गई है। जबकि समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है।


खरसाली में सीजन का पहला हिमपात
यमुनोत्री के शीतकालीन पुजारी आशुतोष उनियाल ने बताया कि बुधवार तड़के खरसाली गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। जबकि यमुनोत्री धाम क्षेत्र में लगातार बर्फबारी के चलते यहां आधा फिट से अधिक बर्फ की चादर बिछ गई है।

मुखबा स्थित गंगा मंदिर के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम के साथ ही मुखबा, हर्षिल, बगोरी, सुक्की आदि गांवों में मंगलवार देर रात से ही बर्फबारी हो रही है। जिसके साथ ही तापमान शून्य से नीचे पहुंचने के कारण हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है।

मौसम के मिजाज को देखते हुए डीएम डॉ.आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को बर्फबारी से प्रभावित गांवों में दूरसंचार, विद्युत, पेयजल, यातायात आदि व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एसडीआरएफ के जवानों को तैनात करने के भी आदेश दिए हैं। ताकि आपात स्थितियों से निपटने के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को जरूरी सहायता प्रदान की जा सके।


जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर हुआ सीजन का पहला हिमपात
मौसम की बदली करवट के बीच जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर सीजन का पहला हिमपात हुआ। जिसके चलते ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। लोखंडी क्षेत्र में भी हल्की बर्फबारी हुई हालांकि, यह बर्फ कुछ ही समय में पिघल गई।

दूर से ही बर्फ से लकदक ये चोटियां पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं। वहीं बर्फबारी के चलते पूरा इलाका शीतलहर की चपेट में आ गया है। बुधवार को विकासनगर का अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री रहा। चकराता का अधिकतम तापमान 10 डिग्री और न्यूनतम 03 डिग्री रहा।

बुधवार को मौसम की बदली करवट के बीच देववन, खडंबा, व्यास शिखर और मोयला टॉप की ऊंची चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात हुआ। बुधवार सुबह लोग सोकर उठे तो आसमान में काले बादल छाए हुए थे। कुछ देर बाद क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हो गया।

बारिश थमने के बाद पहाड़ों पर छाए बादल छटे तो ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक नजर आने लगी। वहीं दिनभर बादल छाए रहने के कारण बाजार में कम चहल-पहल नजर आई। शाम ढलते ही ठंडी हवाएं चलने लगी।

जिसके चलते शाम ढलते ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। दिनभर लोग ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव और अंगीठी तापते हुए नजर आए। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह हुई बर्फबारी और बारिश को देख काश्तकारों के चेहरे पर रौनक आ गई है। उधर, विकासनगर, सेलाकुई, डाकपत्थर और कालसी क्षेत्र में दिनभर काले बादल छाए रहे। जिसके चलते तापमान खासा लुढ़क गया है।



उत्तराखंड: भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे पर ठप हुई वाहनों की आवाजाही, तापमान में भारी गिरावट
 

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Snowfall In Uttarakhand Hilly Area Today, Photos

बर्फ के आगोश में देवभूमि की वादियां, निचले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून, Updated Wed, 27 Nov 2019 11:59 AM IST


Snowfall in uttarakhand hilly area today, photos

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- फोटो : अमर उजाला

लगातार दूसरे दिन भी उत्तराखंड की वादियों में बर्फबारी का दौर जारी है। जिस कारण निचले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

केदारनाथ में कल शाम से बर्फबारी जारी है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब बना हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है और निचले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप है।



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- फोटो : अमर उजाला

केदारनाथ में कल शाम से बर्फबारी जारी है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब बना हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है और निचले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप है।



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- फोटो : अमर उजाला

राज्य की पहाड़ी इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं। चमोली में निजमूला घाटी में आज तड़के से हल्की बर्फबारी जारी है।



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- फोटो : अमर उजाला

यमुनोत्री धाम सहित यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरशाली गांव के आसपास भी आज बर्फबारी हुई। जिसके बाद यहां हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं यमुना घाटी में बारिश का मौसम बना हुआ है।



केदारनाथ में बर्फबारी

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केदारनाथ में बर्फबारी- फोटो : फाइल फोटो

औली में भी आज सुबह अच्छी बर्फबारी हुई है। जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं। यहां सैलानियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।



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वहीं मौसम विभाग द्वारा आज प्रदेश के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है।



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- फोटो : अमर उजाला

इसके अलावा अनेक स्थानों पर हल्की बारिश का सिलसिला भी जारी रहेगा। बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है।



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- फोटो : अमर उजाला

औली मेंआज सुबह हुई बर्फबारी के बाद कुछ इस तरह का नजारा दिखाई दिया।



www.amarujala.com/photo-gallery/dehradun/snowfall-in-uttarakhand-hilly-area-today-photos
 

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Badri-Kedardham Covered With Snow White Sheet Photos

बर्फ की सफेद चादर से ढके बदरी-केदारधाम, तस्वीरों में देखें अद्भुत नजारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून, Updated Wed, 27 Nov 2019 03:32 PM IST

Badri-Kedardham covered with snow white sheet photos

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- फोटो : अमर उजाला

दो दिनों से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानों में रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से उत्तराखंड में ठंड बढ़ गई है।




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- फोटो : अमर उजाला

केदारनाथ में कल शाम से बर्फबारी जारी है। अभी तक दो फीट तक बर्फ जम चुकी है। यहां माइनस चार डिग्री सेल्सियस पारा बना हुआ है।



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- फोटो : अमर उजाला

वहीं बदरीनाथ धाम में भी बुधवार को अच्छी बर्फबारी हुई है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब बना हुआ है।




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- फोटो : अमर उजाला

वहीं बदरीनाथ धाम में भी बुधवार को अच्छी बर्फबारी हुई है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब बना हुआ है।





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- फोटो : अमर उजाला

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है और निचले क्षेत्रों में बारिश से शीतलहर का प्रकोप जारी है।




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- फोटो : अमर उजाला

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है और निचले क्षेत्रों में बारिश से शीतलहर का प्रकोप जारी है।





बर्फ की सफेद चादर से ढके बदरी-केदारधाम, तस्वीरों में देखें अद्भुत नजारे
 

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*Uttarakhand Weather Update: After Rain-Snowfall Cold Winds Will Shiver*

उत्तराखंडः बारिश-बर्फबारी के बाद अब सर्द हवाएं छुड़ाएंगी कंपकंपी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 30 Nov 2019 11:44 AM IST


Uttarakhand weather update: After  rain-snowfall cold winds will shiver

- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो


खास बातें
  • प्रदेश के ज्यादातर ऊंचाई वाले स्थानों पर हुई बर्फबारी, पहाड़ी क्षेत्रों में पाला गिरने से बढ़ी ठंड
  • हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर समेत अन्य मैदानी क्षेत्रों में कोहरा बढ़ने के आसार, तापमान में आएगी कमी

बारिश और बर्फबारी के बाद अब सर्द हवाएं कंपकंपी छुड़ाने को तैयार हैं। प्रदेश के ज्यादातर ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी हुई है, जिसका असर निचले और मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा। रात के तापमान में एक से दो डिग्री की कमी होने की संभावना है, जिससे सभी इलाकों में ठंड बढ़ जाएगी।

पिछले दो-तीन प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम खराब रहने के बाद शुक्रवार को अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रही। सुबह और शाम के वक्त हालांकि ठंड बढ़ गई है। पहाड़ के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री कम है। अगले दो दिनों में इसमें एक से दो डिग्री की कमी आ सकती है।

रात को पाला गिरना शुरू हो गया
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम होने के साथ ही रात को पाला गिरना भी शुरू हो गया है। बर्फबारी और पाला गिरने से ठंड में अच्छा खासा इजाफा हुआ है।पहाड़ों में ठंड बढ़ने का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा।

अगले दो दिन रात के तापमान में कमी आएगी, लेकिन दिन में तापमान सामान्य के आसपास ही बना रहेगा। रविवार से दिन के तापमान में एक से दो डिग्री की कमी आ सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पांच-छह दिसंबर तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। इसके बाद तापमान में एक से दो डिग्री का इजाफा हो सकता है।



उत्तराखंडः बारिश-बर्फबारी के बाद अब सर्द हवाएं छुड़ाएंगी कंपकंपी
 

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Gangotri National Park Gate Closed For Winter 2020
गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद, इस साल पहुंचे रिकॉर्ड पर्यटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Sat, 30 Nov 2019 06:31 PM IST

गंगोत्री नेशनल पार्क

गंगोत्री नेशनल पार्क - फोटो : फाइल फोटो


खास बातें
  • पार्क में इस वर्ष पहुंचे रिकॉर्ड 19 हजार से अधिक पर्यटक

गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शनिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। पार्क के गेट अगले वर्ष एक अप्रैल को दोबारा खोले जाएंगे। वहीं इस वर्ष पार्क क्षेत्र में पहुंचे पर्यटकों की संख्या ने बीते एक दशक के सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पार्क क्षेत्र में इस बार कुल 19 हजार 23 पर्यटक पहुंचे। पर्यटकों के पहुंचने से पार्क प्रशासन को इस बार करीब 40 लाख रुपये से अधिक राजस्व भी प्राप्त हुआ।

गंगोत्री नेशनल पार्क यहां मौजूद दुर्लभ वन्यजीवों व वनस्पतियों, उच्च हिमशिखरों व गोमुख (गंगोत्री) ग्लेशियर के लिए प्रसिद्ध है। पार्क प्रशासन के अनुसार वर्ष 2010 में 12 हजार 626, वर्ष 2011 में 15 हजार 367 व वर्ष 2012 में 16 हजार 386 पर्यटक पार्क में पहुंचे थे। वर्ष 2013 में आपदा के कारण वर्ष 2013- 14 में पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई।
41 लाख से अधिक राजस्व
हालांकि हालात बेहतर होते ही वर्ष 2015 में 14 हजार 98, वर्ष 2016 में 12 हजार 643, वर्ष 2017 में 16 हजार 881 व वर्ष 2018 में 17 हजार 108 पर्यटक यहां पहुंचे। इस वर्ष अप्रैल में गेट खुलने के बाद से अब तक 984 विदेशियों सहित कुल 19 हजार 23 पर्यटक यहां पहुंचे।

गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। बेहतर तैयारियों व व्यवस्थाओं के चलते पार्क में इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे और उनसे पार्क प्रशासन को 41 लाख से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। पार्क प्रशासन द्वारा वन संपदा के संरक्षण व पर्यटकों की सुविधा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
- नंदा वल्लभ शर्मा, उप निदेशक, गंगोत्री नेशनल पार्क


गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद, इस साल पहुंचे रिकॉर्ड पर्यटक
 
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