Road conditions - Uttarakhand

nikhil2877

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Nice to know that brother. Which was the hotel at Mukteshwar? Did you find snow at munsiyari..

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I booked this place from Airbnb, its called the Chirping Retreat. There are other resorts like Moksh and Birdcage adjacent. All looked attractive. This place is hosted by Anupam and Alok, if you Airbnb it.

Yes, some leftover snow in Munsyari town and real good snow at Khaliya top (trek is closed due to 4-6 feet of snow). Thamri kund is full of snow as well. There are people all around, hard to find a stay, if not booked.
 

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Snow is at Chopta also.
Weather Prediction is also of snowfall

Tourist Crowd In Mini Switzerland Chopta For New Year 2020 And 31st December Celebration
बर्फ से लकदक 'मिनी स्वीट्जरलैंड' में मनाएं नया साल, नजारे देख खिले पर्यटकों के चेहरे, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊखीमठ, Updated Mon, 30 Dec 2019 05:56 PM IST
Tourist Crowd in Mini switzerland chopta for New year 2020 And 31st december celebration

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- फोटो : अमर उजाला

हिमालय की तलहटी में बसे इस छोटे से हिल स्टेशन 'मिनी स्वीट्जरलैंड' कहे जाने वाले चोपता में नया साल मनाने के लिए हजारों पर्यटक पहुंच चुके हैं। अगर आप भी इन खूबसूरत वादियों में नया साल मनाना चाहते हैं तो देर न करें, बस चले आएं। आगे देखिए तस्वीरें...




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- फोटो : अमर उजाला

31 दिसंबर के सेलीब्रेशन और नए साल के स्वागत के लिए यहां दो दिन पहले से ही पर्यटक आ गए हैं। यहां होटल, लॉज और हट्स सब फुल हो गए हैं। पानी, सफाई और शौचालय की सुविधा नहीं होने से पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।






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- फोटो : अमर उजाला

चोपता में सुबह और शाम ढलते ही तापमान माइनस में पहुंच रहा है। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 6 और न्यूनतम माइनस 4 डिग्री सेल्सियश दर्ज किया गया। शीतलहर के कारण यहां कड़ाके की ठंड पड़ रहा है। सोमवार को दिनभर कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पर चोपता के लिए वाहनों की कतार लगी रही।






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- फोटो : अमर उजाला

कड़ाके की ठंड से यहां पाइप लाइनों के जमने से पेयजल संकट पैदा हो गया है। इन हालातों में व्यापारी आठ किमी दूर बनियाकुंड से वाहनों में पानी के केन भरकर ला रहे हैं। बाजार में शौचालय व सफाई की उचित सुविधा नहीं होने से पहुंच रहे पर्यटकों को दिक्कतें हो रही हैं





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- फोटो : अमर उजाला

रुद्रप्रयाग में 18 और 3 डिग्री, ऊखीमठ में 12 और माइनस 2, गुप्तकाशी में 10 और माइनस 2 और केदारनाथ में अधिकतम 14 और न्यूनतम माइनस 10 डिग्री सेल्सियश तापमान दर्ज किया गया।



 
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Extreme Frost In Uttarakhand Mountain Area Tourist Vehicles Skid On Road See Photos
पहाड़ में पाले ने बढ़ाई मुसीबत, फिसल रहे वाहनों को धक्का लगाने को मजबूर हुए पर्यटक, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊखीमठ, Updated Mon, 30 Dec 2019 04:29 PM IST

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- फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड में बर्फबारी के बाद अब पाला मुसीबत बना हुआ है। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पर दुगलबिट्टा से आगे अत्यधिक पाला गिरने से पर्यटकों के वाहन रपट रहे हैं। कई दुपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे कई लोग घायल हो गए। साथ ही यहां जाम भी लग रहा है।



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- फोटो : अमर उजाला

रविवार को दिनभर हाईवे पर बनियाकुंड, दुगलबिट्टा और चोपता पहुंचने वाले पर्यटकों के वाहन नजर आए, लेकिन दुगलबिट्टा से अत्यधिक पाला गिरने के कारण यहां कई वाहन रपटते रहे, जिन्हें धक्का मारकर आगे बढ़ाया गया। इस दौरान कई दुपहिया वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त होने से कई पर्यटक घायल हो गए।







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- फोटो : अमर उजाला

इस समस्या के चलते दुगलबिट्टा से आगे जाम की स्थिति बनी रही। उधर, चोपता में होटल, लॉज और हट्स संचालकों को 30 फीसदी से अधिक बुकिंग मिल चुकी है। दूसरी तरफ यहां कड़ाके की ठंड के चलते सुबह और शाम को तापमान माइनस में होने से खासी दिक्कतें हो रही हैं।





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- फोटो : अमर उजाला

पर्यटक नए साल के लिए ज्यादातार हर्षिल, धराली, रैथल, बार्सू आदि बर्फ से लकदक पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं। होटल व होम स्टे अभी से बुक होने लगे हैं।धराली के होटल कारोबारी संजय पंवार ने बताया कि बर्फ से लकदक हर्षिल घाटी के बीच नववर्ष का जश्न मनाने के लिए अभी से पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।








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- फोटो : अमर उजाला

आलम यह है कि धराली, हर्षिल, बगोरी, मुखबा आदि स्थानों में मौजूद सभी होटल व होम स्टे में अभी से एडवांस बुकिंग हो चुकी है। रैथल में होम स्टे चला रहे पंकज कुश्वाल ने बताया कि रैथल व बार्सू गांवों में इस वक्त 200 से 300 पर्यटक पहुंच चुके हैं, जबकि कई अन्य ने अपनी एडवांस बुकिंग करा ली है।



 
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Uttarakhand Weather Update, Snowfall Hailstorm And Rain In Today Weather Forecast
उत्तराखंडः साल के दूसरे दिन ठंड का कहर, पिथौरागढ़ और चमोली में बर्फबारी तो मसूरी में हुई ओलावृष्टि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 02 Jan 2020 02:29 PM IST

uttarakhand weather update, snowfall hailstorm and rain in today weather forecast

- फोटो : अमर उजाला


उत्तराखंड में अगले दो दिन तक प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। इन दाे दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज यानी गुरुवार से राज्य में बारिश और बर्फबारी की संभावना जतायी है। तीन जनवरी तक राज्य में ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।

गुरुवार को राजधानी देहरादून में बादल छाए रहे। हालांकि बाद में हल्की धूप खिल आई, लेकिन ठंड का अहसास बरकरार रहा। वहीं मसूरी में बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में बुधवार देर रात इस साल की पहली बर्फबारी हुई। जिससे यहां भी तापमान में खासी गिरावट आई है। बर्फबारी के चलते कल रात से थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग बंद हो गया है। यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी में आसमान पर बादल छाए हुए हैं। यहां आसपास की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर बर्फबारी की संभावना है।

चमोली जिले में दोपहर एक बजे बाद बारिश शुरू हो गई। इसके साथ ही जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, नंदा घुंघटी, औली, गौरसों बुग्याल, निजमूला घाटी के साथ ही मंडल घाटी की चोटियों में बर्फबारी हुई। लोग ठंड से बचने के लिए अपने घरों में दुबके हुए हैं। घनसाली क्षेत्र में बारिश के साथ ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हो रही है।

नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में आज सुबह हल्की धूप खिली रही। रुद्रपयाग से केदारनाथ और तुंगनाथ क्षेत्र में सुबह से बादल छाए रहे। श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल लगे रहे। यहां बारिश होने की संभावना है। ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की में मौसम साफ रहा।
आपदा प्रबंधन तंत्र से जुड़े सभी अधिकारियों अलर्ट रहने के निर्देश
मौसम विभाग की ओर से दो और तीन जनवरी को गढ़वाल क्षेत्र में ओलावृष्टि, बारिश व बर्फबारी की चेतावनी पर आपदा प्रबंधन तंत्र से जुड़े सभी अधिकारियों को तैनाती स्थल पर बने रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को 24 घंटे अपने मोबाइल फोन ऑन रखने को कहा गया है।

कुमाऊं की बात करें तो यहां भीमताल में बादल छाए हुए हैं। डीडीहाट में देर रात से बारिश हो रही है। यहां घनधूरा के जंगलों में भारी बर्फबारी हुई है। तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। भवाली में भी बादल छाए रहने ठंड बढ़ी है। पहाड़पानी में हल्की बूंदाबांदी हुई है। अल्मोड़ा और द्वाराहाट में भी बादल छाए हुए हैं।

जसपुर में बादल छाए हैं। यहां कड़ाके की ठंड जारी है। चौखुटिया और रानीखेत में बादल छाए हैं। रुद्रपुर में हल्की धूप खिली है। चंपावत जिले के पहाड़ी हिस्सों में छिटपुट बारिश हुई है। यहां भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।



उत्तराखंडः साल के दूसरे दिन ठंड का कहर, पिथौरागढ़ और चमोली में बर्फबारी तो मसूरी में हुई ओलावृष्टि
 

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Leopard Scared Of This In Forest
इससे डरकर जंगल से बस्तियों की ओर आ रहे गुलदार, इंसान बने इनका आसान शिकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 02 Jan 2020 12:40 PM IST

फाइल फोटो

फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला


सार
  • बाघ से खतरे के कारण ज्यादातर गुलदार संरक्षित क्षेत्रों से चले गए बाहर
  • टाइगर रिजर्व के भीतर केवल 532 गुलदार ही बचे, बाकी चले गए बाहर

विस्तार
मानव और गुलदार के बढ़ते संघर्ष का एक बड़ा कारण बाघ भी है। बाघ से डरकर ही गुलदारों ने जंगल छोड़ना शुरू किया और शिकार की तलाश में बस्तियों का रुख करने लगे।

विशेषज्ञों के अनुसार विडाल वंश के इन दोनों जानवरों में बिल्कुल भी नहीं बनती है। गुलदार आसानी से बाघ का शिकार बन जाता है। यही कारण है कि जैसे-जैसे बाघों की संख्या बढ़ने लगी तो वहां से गुलदार की संख्या घटती गई।

मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक राजीव भरतरी ने बताया कि गुलदार के स्वभाव को लेकर काफी खोज की जा रही है। गुलदारों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे वह आसान शिकार की खोज में मानव बस्तियों में चला जाता है। लेकिन, सबसे बड़ा कारण बाघों की संख्या बढ़ना है।
बाघ एक किमी की परिधि में गुलदार को देखकर उसे मार डालता है
दरअसल, बाघ एक किलोमीटर की परिधि में गुलदार को देखकर उसे मार डालता है। चूंकि, टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है तो गुलदार भी उसी अनुपात में वहां से भाग रहे हैं।

ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में कुल 2334 गुलदार हैं। लेकिन, इनमें से ज्यादातर लगभग 1742 गुलदार रिजर्व क्षेत्रों से बाहर और कुछ बस्तियों में भी चले गए।

इस वक्त दोनों टाइगर रिजर्व में 424 बाघ हैं। जबकि, इन दोनों क्षेत्रों में केवल 532 गुलदार ही बचे हैं। इससे साफ होता है कि बाघ से डरकर गुलदार दूरस्थ जंगलों में चले गए, जिनमें से काफी अब मानव बस्तियों का रुख भी कर चुके हैं।

इससे डरकर जंगल से बस्तियों की ओर आ रहे गुलदार, इंसान बने इनका आसान शिकार
 

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There Was Snow Last Week, Today The Fire In Kalamuni Forest Has Started
उत्तराखंडः कड़ाके की सर्दी के बीच, इस जिले के जंगलों में लगी भीषण आग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Thu, 02 Jan 2020 01:32 PM IST

मुनस्यारी के कालामुनि के जंगल में धधकी आग।  अमर उजाला

मुनस्यारी के कालामुनि के जंगल में धधकी आग। अमर उजाला - फोटो : PITHORAGARH


मुनस्यारी में कालामुनि के जंगल में भीषण आग लगी हुई है। जो जंगल इस समय धू धू कर जल रहे हैं, वहां पर पिछले सप्ताह तक बर्फ थी। बर्फ पिघलते ही पूरा जंगल आग की चपेट में आ गया। बुरांश का ये जंगल पिछले तीन दिन से धधक रहे हैं। ढलान और खड़ी चट्टान होने से वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच पा रही है। यदि शीघ्र आग बुझाने के प्रयास नहीं किए गए तो पर्यावरण को भारी नुकसान होगा।

थल-मुनस्यारी सड़क पर स्थित गिरगांव के ऊपरी हिस्से के जंगल भीषण आग की चपेट मेें हैं। आग लगने की सूचना पर वन विभाग की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू करने का प्रयास किया लेकिन बेहद ढलान और खड़ी चट्टान होने से वहां तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पाई। जो जंगल इस समय धू धू कर जल रहे हैं वहां पर पिछले सप्ताह तक बर्फ थी। बर्फ पिघलते ही पूरा जंगल आग की चपेट में आ गया। इस जंगल में बुरांश और खर्सू के पेड़ हैं।
पेड़ पौधों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका
आग लगने से पेड़ पौधों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। मुनस्यारी का यह कालामुनि क्षेत्र प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी भी आते हैं। बुरांश के जंगल में आग लगने से पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ने की आशंका है। तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार शाम तक भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। यह भी पता नहीं चल पाया है कि आग कैसे लगी।

आग लगने की सूचना पर वन दरोगा दया सिंह पांगती के नेतृत्व में वन कर्मियों की एक टीम भेजी गई है। खड़ी चट्टानें और ढलानी क्षेत्र होने से आग बुझाने में दिक्कतें आ रही हैं। आग पर जल्दी काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - पूरन सिंह देउपा, वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी



उत्तराखंडः कड़ाके की सर्दी के बीच, इस जिले के जंगलों में लगी भीषण आग
 

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HomePhoto GalleryUttarakhandDehradun › Tourist Return From Auli After New Year Celebration Long Traffic Jam Due To Snowfall
बदरी-केदार और हेमकुंड साहिब में दूसरे दिन भी बर्फबारी, औली से लौटे सैलानी, सड़कों पर लगा लंबा जाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर, Updated Thu, 02 Jan 2020 08:31 AM IST
Tourist Return from Auli After New year Celebration Long Traffic jam due to Snowfall

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- फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार दूसरे दिन भी बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ के साथ ही जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में शीतलहर चली। बर्फबारी से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं औली मार्ग पर नए साल के दिन लंबा जाम लगा रहा।



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- फोटो : अमर उजाला

बुधवार सुबह से पहाड़ में धूप खिली हुई थी, लेकिन दोपहर बाद बादल छा गए। शाम चार बजे से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक जारी रही। जोशीमठ, गोपेश्वर, घाट, पोखरी, देवाल, थराली, कर्णप्रयाग, नारायणबगड़ और गैरसैंण क्षेत्र में सुबह और शाम को शीतलहर चलने से शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। केदारनाथ में भी दोपहर बाद हल्की बर्फबारी की सूचना है।



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- फोटो : अमर उजाला

बुधवार को सुबह से सूरज और बादलों की आंखमिचौली होती रही। दिन चढ़ने के साथ कई बार मौसम सुहावना हुआ। लेकिन फिर बादलों के घिरने से शीतलहर का प्रकोप बना रहा। उधर, केदारनाथ दोपहर बाद हल्की बर्फबारी की सूचना है। लेकिन तुंगनाथ व चोपता में दिनभर घने बादल छाए रहे।



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- फोटो : अमर उजाला

जोशीमठ-औली मोटर मार्ग पर पुलिस की ओर से बनाया गया ट्रैफिक प्लान साल के पहले दिन ही पटरी से उतर गया। बुधवार को भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से करीब तीन घंटे तक औली रोड पर जाम लगा रहा। पर्यटकों ने वाहनों में बैठकर ही सड़क सुचारु होने का इंतजार किया। बाद में जोशीमठ थाना पुलिस की ओर से कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया।




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- फोटो : अमर उजाला

दोपहर दो बजे औली रोड पर अचानक दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही होने पर जाम लग गया। देखते ही देखते करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। थानाध्यक्ष जयपाल नेगी ने बताया कि नगर पालिका जोशीमठ की जेसीबी के फंसने से पर्यटकों के वाहन भी जाम में फंस गए। शाम पांच बजे सड़क को सुचारु कर दिया गया था।




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- फोटो : अमर उजाला

नए साल के जश्न के लिए औली पहुंचे पर्यटकों ने बुधवार को जमकर बर्फ का लुत्फ उठाया। बुधवार को पर्यटकों ने औली स्लोप पर स्कीइंग की तो कुछ ने बर्फ में चहलकदमी की। कड़ाके की ठंड में लोगों ने थर्टी फर्स्ट मनाया। बुधवार को औली का तापमान न्यूनतम -6 और अधिकतम 1 रहा।



 

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Boulder Falls On Gangotri Highway Tourist Stuck In Traffic Jam

गंगोत्री हाईवे पर गिर रहे बोल्डरों से बढ़ा खतरा, कई घंटे तक रास्ते में फंसे रहे पर्यटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Thu, 02 Jan 2020 06:22 PM IST

गंगोत्री हाईवे

गंगोत्री हाईवे - फोटो : अमर उजाला


सार
  • हेलगूगाड़ के पास चार घंटे अवरुद्ध रहा गंगोत्री हाईवे, चट्टान टूटकर सड़क पर गिरने से हुई दिक्कत

विस्तार
उत्तरकाशी में हेलगूगाड़ में चट्टान टूटकर गिरने से गंगोत्री हाईवे करीब चार घंटे अवरुद्ध रहा। इस दौरान दोनों ओर फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे बीआरओ के जवानों ने चट्टान तोड़कर यातायात बहाल कर दिया।

इस हिस्से में अक्सर चट्टान टूटकर गिरने से हाईवे अवरुद्ध होने की दिक्कत आ रही है। बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे हेलगूगाड़ के पास पहाड़ी से भारी चट्टान टूटकर गिरने से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया, जिससे दोनों ओर वाहन फंस गए।

इस दौरान फंसे हुए पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि सड़क अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही बीआरओ के जवानों ने मशीनें लगाकर यातायात बहाली के प्रयास शुरू कर दिए।

शाम करीब चार बजे चट्टान हटाकर यातायात बहाल किया गया। भटवाड़ी से गंगनानी के बीच पूर्व में हुए सड़क चौड़ीकरण और लोहारीनाग-पाला परियोजना के निर्माण में भारी विस्फोटकों के प्रयोग से पहाड़ियां जर्जर हो चुकी हैं।

इस हिस्से में अक्सर चट्टान टूटकर गिरने से हाईवे अवरुद्ध हो जाता है। ईको सेंसिटिव जोन के चलते यहां ऑल वेदर रोड के कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही यात्रा सीजन में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने इस हिस्से में गंगोत्री हाईवे को सुरक्षित एवं सुगम यातायात के लिए तैयार करने की मांग की है।


गंगोत्री हाईवे पर गिर रहे बोल्डरों से बढ़ा खतरा, कई घंटे तक रास्ते में फंसे रहे पर्यटक
 
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