Road conditions - Uttarakhand

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All Weather Road: Company Fined One Lakh For Damage Forest Wealth
ऑल वेदर रोडः वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर कंपनी पर लगा एक लाख का जुर्माना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लोहाघाट Updated Mon, 06 Jan 2020 04:05 PM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर


मनमाने तरिके से कार्य कर वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर वन विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट में कार्य करने वाली आरजीबीएस कंपनी पर विभाग द्वारा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

ऑल वेदर रोड निर्माण कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन

चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) में ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य से बदहाल हुई नालियों व सड़क को लेकर ब्रह्मखाल क्षेत्र के व्यापारियों एवं टैक्सी संचालकों ने रविवार को पुलिस चौकी पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि बाद में पुलिस के हस्तक्षेप और कंपनी द्वारा जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन पर लोग शांत हुए।

रविवार को व्यापार मंडल व टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने ब्रह्मखाल पुलिस चौकी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापार मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र भंडारी ने कहा कि निर्माण कार्य के मलबे से नालियां व सड़क खस्ताहाल होने से आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

आलम यह है कि बरसात में कीचड़ होने से लोगों के आवागमन के साथ ही वाहन चालकों को दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है। इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद कंपनी द्वारा मलबे को नहीं उठाया जा रहा है। इस बीच चौकी इंचार्ज साहिल वशिष्ठ ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को बुलाकर लोगों से वार्ता कराई। प्रोजेक्ट मैनेजर जीएस रेड्डी ने कहा कि एनएचआईडीसीएल ने नाली निर्माण की डिजाइन को स्वीकृति दे दी है।

जल्द ही मलबा हटाकर आगामी आठ जनवरी से नाली निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क का डामरीकरण किया जाएगा। इस आश्वासन पर लोग शांत हुए। प्रदर्शनकारियों में सरवीर चंद रमोला, मनवीर भंडारी, राजेश रमोला, मनीष भंडारी, रामराज सिंह, गिरीश सिंह, दीपेंद्र सिंह सहित कई लोग शामिल रहे।


ऑल वेदर रोडः वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर कंपनी पर लगा एक लाख का जुर्माना
 

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Snowfall In Mussoorie, Tourist Facing Problem
मसूरी: बर्फबारी के बाद दुश्वारियां नहीं हो रही कम, लग रहा लंबा जाम, पर्यटक परेशान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मसूरी, Updated Mon, 06 Jan 2020 02:31 PM IST


snowfall in mussoorie, tourist facing problem

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- फोटो : अमर उजाला

शनिवार को मसूरी में हुई बर्फबारी के बाद सोमवार को भी यहां दुश्वारियों का आलम रहा। जिससे लंबा जाम लग गया।




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- फोटो : अमर उजाला

मसूरी घंटाघर से चार दुकान जाने वाले रास्ते में सड़क पर बर्फ होने के कारण जाम लग रहा है। जिससे स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को परेशानी हो रही है।



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- फोटो : अमर उजाला

प्रशासन और नगर पालिका के सभी दावे फेल होते हुए नजर आ रहे हैं। लोग काफी गुस्से में दिखाई दे रहे हैं।






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- फोटो : अमर उजाला

लोगों का कहना है कि सड़क से जेसीबी या बॉब कार्ड के माध्यम से बर्फ हटाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।




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- फोटो : अमर उजाला

मसूरी विधायक गणेश जोशी ने बर्फबारी के बाद हो रही दिक्कतों को लेकर चिंता जताई है। उनके द्वारा मुख्य सचिव देहरादून से समस्या का निराकरण करने का आग्रह किया गया है।




मसूरी: बर्फबारी के बाद दुश्वारियां नहीं हो रही कम, लग रहा लंबा जाम, पर्यटक परेशान
 

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Tourist Huge Rush In Mussoorie After Snowfall And Traffic Jam Vehicle Skid Due To Frost Photos
मसूरी में बर्फबारी के बाद बढ़ी पर्यटकों की मुसीबत, लगा लंबा जाम, फिसल रहे वाहन, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून, Updated Mon, 06 Jan 2020 08:11 AM IST
Tourist Huge Rush in mussoorie After snowfall and Traffic jam Vehicle skid due to frost Photos

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- फोटो : अमर उजाला

पहाड़ों की रानी मसूरी में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। कुछ देर बाद ही मसूरी ने सफेद बर्फ की चादर ओढ़ ली। इसके चलते रविवार को भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे। इसके कारण वहां लंबा जाम लग गया।




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- फोटो : अमर उजाला

मसूरी में भीड़ देखते हुए पुलिस ने कुठालगेट से आगे रास्ता वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। धनोल्टी मार्ग, कैम्पटी मार्ग सहित कई संपर्क मार्गों पर पर्यटक फंस गए हैं। वहीं रात को काफी मात्रा में पाला भी पड़ रहा है। इससे रास्ते में फिसलन भी बढ़ गई है।




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- फोटो : अमर उजाला

नए साल की पहली बर्फबारी देखने कई पर्यटकों ने मसूरी का रुख किया। सुबह से दून, दिल्ली, मेरठ आदि के पर्यटकों ने मसूरी की राह पकड़ ली। भारी संख्या में वाहनों के रेले से मसूरी मार्ग पर कई जगह जाम की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस के इंतजामों से पर्यटकों को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।



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- फोटो : अमर उजाला

वहीं रविवार को वहां इतनी भीड़ बढ़ गई कि स्थिति बेकाबू हो गई। दून में सुबह से ही चटख धूप खिलने के कारण बर्फ भी थोड़ी पिघल रही है। जिसके कारण वहां वाहनों की आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है।




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- फोटो : अमर उजाला

मसूरी में बर्फबारी उम्मीद से कहीं ज्यादा थी। तत्काल पालिका व लोनिवि कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुलाया गया। उपकरणों से लैस कर्मचारियों ने बर्फ हटाकर रास्ते खोले। हालांकि, ज्यादातर वाहनों को मसूरी शहर से बाहर रुकने की हिदायत दी गई थी।


 

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Dehradun › Students Missing Going To Home After Snowfall, Sdrf Got These Students One Died
उत्तरकाशीः देर रात एसडीआरएफ की टीम को मिले सात लापता छात्र, ठंड से हुई एक की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़कोट (उत्तरकाशी) Updated Sat, 11 Jan 2020 05:12 PM IST

रेस्क्यू कार्य में लगे एसडीआरएफ के जवान

रेस्क्यू कार्य में लगे एसडीआरएफ के जवान - फोटो : अमर उजाला


सार
  • डॉक्टरों ने अत्यधिक ठंड लगने से तबियत बिगड़ना बताया मौत का कारण
  • आईटीआई संस्थान से घर निकले थे सात छात्र, छह छात्र सुकशल

विस्तार
राड़ी टॉप क्षेत्र के जंगलों से बीती रात रेस्क्यू किए गए आईटीआई बड़कोट के सात छात्रों में से एक छात्र की मौत हो गई है। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक ठंड से बीमार होने के कारण छात्र ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। अन्य सभी छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद सकुशल आईटीआई प्रशासन को सौंप दिया है।

बीते शुक्रवार दोपहर को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बड़कोट के सात छात्र अपने घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन यमुनोत्री हाईवे पर भारी बर्फ जमा होने और पाले के कारण वाहनों की आवाजाही ठप होने पर छात्रों ने पैदल ही बड़कोट से उत्तरकाशी जाने का निर्णय लिया, लेकिन करीब 15 किमी लंबे इस सफर के दौरान अंधेरा और भारी बर्फ जमा होने के कारण छात्र राड़ी टॉप क्षेत्र के जंगल में भटक गए।

इस बीच अत्यधिक ठंड व थकान के कारण एक छात्र अनुज सेमवाल की तबियत भी बिगड़ गई, जिसके बाद उसके साथियों ने मोबाइल फोन से अपने परिजनों को फोन करके मदद की गुहार लगाई, जिसकी सूचना मिलते ही एसडीआरएफ व पुलिस की टीम उनकी खोज बचाव के लिए रवाना हुई। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम रात करीब पौने दस बजे छात्रों तक पहुंची।
बीमार हुए छात्र ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
एसडीआरएफ के जवानों ने इन छात्रों को जंगल से रेस्क्यू कर 108 आपात एंबुलेंस की मदद से देर रात करीब दो बजे बड़कोट स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने ठंड से बीमार हुए अनुज सेमवाल (18) पुत्र उमाशंकर निवासी धौंतरी, हाल निवास ज्ञानसू उत्तरकाशी को मृत घोषित कर दिया।

जबकि अन्य छह छात्र सूरज पंवार, दीपक, प्रह्लाद राणा, रंजन व विशाल भाटिया को प्राथमिक उपचार के बाद शनिवार को आईटीआई प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया गया। एसओ बड़कोट दिग्पाल कोहली ने बताया कि सभी छात्रों को देर रात रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा दिया गया था, लेकिन ठंड से बीमार हुए छात्र ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

बाकी सभी छात्र सकुशल हैं और उन्हें आईटीआई प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं आईटीआई के प्राचार्य निरंजन कुकशाल ने कहा कि सभी छात्रों को बर्फ में सफर नहीं करने की सलाह दी गई थी, लेकिन सभी अवकाश लेकर अपने घर चले गए।


उत्तरकाशीः देर रात एसडीआरएफ की टीम को मिले सात लापता छात्र, ठंड से हुई एक की मौत
 

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Rishikesh: Three People Stuck On Island Due To Increase In Ganga Water Level

ऋषिकेश: गंगा का जल स्तर बढ़ने से टापू पर फंसे तीन लोग, पुलिस ने निकाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Sat, 11 Jan 2020 02:30 PM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर


सार
  • रायवाला पुलिस ने हरिद्वार जल पुलिस के साथ मिलकर निकाला

विस्तार
गीता कुटीर घाट पर गंगा नदी तट के पास अचानक गंगा का जल स्तर बढ़ने से तीन लोग फंस गए हैं। रायवाला पुलिस ने जल पुलिस हरिद्वार के साथ रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों लोगों को सकुशल निकाल लिया।

थाना रायवाला प्रभारी हेमंत खंडूरी ने बताया कि कंट्रोल रूम ऋषिकेश से थाने को सूचना दी गई थी कि गीता कुटीर घाट पर गंगा नदी तट के दूसरी ओर मध्य में अचानक गंगा नदी का जल स्तर बढ़ जाने से तीन लोग फंस गए हैं। सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए थानाध्यक्ष ने सब इंस्पेक्टर ताजबर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया।

तीनों लोगों को सकुशल बाहर निकाला
साथ ही हरिद्वार जल पुलिस से समन्वय स्थापित कर पुलिस टीम को घटना स्थल रवाना हुई। उन्होंने बताया कि शाम पांच बजे तीन साधु वेषधारी लोग घाट पर गए थे। उस समय जल स्तर कम था तो तीनों आगे तक चले गए।

इसके बाद गंगा का जल स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तीनों फंस गए। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम और हरिद्वार जल पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रात साढ़े नौ बजे तीनों लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया।

टापू से निकाले गए लोगों की पहचान 25 वर्षीय शिव प्रिया नन्द पुत्र स्वामी स्वरूपानन्द निवासी ज्ञान लोक कॉलोनी हरिद्वार, 40 वर्षीय गीता प्रसाद पुत्र राजराय निवासी शांति कुंज हरिद्वार और 48 वर्षीय राजेन्द्र पुत्र रघुवीर निवासी भूपतवाला हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस टीम में कांस्टेबल पंकज तोमर, सुबोध नेगी, जल पुलिस से विजय प्रताप भंडारी, अमित पुरोहित, सन्नी कुमार और किशन शामिल रहे।


ऋषिकेश: गंगा का जल स्तर बढ़ने से टापू पर फंसे तीन लोग, पुलिस ने निकाला
 

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Haridwar: Leopard Killed Labour In BHEL Area
हरिद्वारः भेल में फिर आया गुलदार, एक मजदूर को बनाया निवाला, लोगों में दहशत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 11 Jan 2020 07:32 PM IST

haridwar: leopard killed labour in BHEL area

- फोटो : फाइल फोटो


भेल क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक दिहाड़ी मजदूर को गुलदार ने मार डाला। जंगल में उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। गुलदार की दहशत पूरे भेल क्षेत्र में तारी है। वन विभाग की टीमें आदमखोर गुलदार को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही हैं। घटना शनिवार देर शाम की बताई जा रही है।

सिडकुल क्षेत्र के गांव हेतमपुर का चालीस वर्षीय सुकरम पुत्र फूल सिंह भेल कारखाने में ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्यरत था। शुक्रवार देर रात तक जब वह ड्यूटी से वापस नहीं लौटा तो परिजन सकते में आ गए। परिजन एवं ग्रामीण उसे खोजते हुए भेल कारखाने में पहुंचे। जहां पता चला कि वह कारखाने में ड्यूटी के लिए आया था।

रास्ते में सार्वजनिक स्थल पर उसका जैकेट मिला
इसी दौरान रास्ते में सार्वजनिक स्थल पर उसका जैकेट मिला तो उनके होश उड़ गए। परिजन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंच गए। गुलदार के हमले की आशंका के मद्देनजर वन विभाग, पुलिस फोर्स एवं ग्रामीणों ने वेस्टर्न गेट से सटे जंगल में तलाश शुरू कर दी, जहां कुछ ही दूरी पर सुरकम का क्षत-विक्षत शव मिला।

उसका मुंह एवं गले का हिस्सा बुरी तरह खाया हुआ था और एक पांव का हिस्सा भी गायब था। कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि मजदूर को गुलदार ने हमला कर मारा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
भालू के हमले में एक घायल
पौड़ी में क्रिकेट मैच देखने जा रहे एक व्यक्ति पर भालू ने हमला कर उसे घायल कर दिया। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पौड़ी लाया गया है। शनिवार को विकासखंड कोट के खोन गांव निवासी देवेंद्र सिंह (उम्र 42) मंजाकोट में आयोजित हो रहे क्रिकेट मैच को देखने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कोलू नामक स्थान के समीप भालू ने देवेंद्र पर हमला कर दिया।

इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। नायब तहसीलदार रामपाल सिंह रावत ने बताया कि भालू के हमले में घायल देवेंद्र को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि हमले में घायल के मुंह, सिर, हाथ-पैर पर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों व वन विभाग को दे दी गई है।
जंगली सुअर के हमले में महिला गंभीर घायल
उत्तरकाशी के उडरी गांव में घास काटने जंगल गई गांव की एक महिला पर हमला कर जंगली सूअर ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल महिला को लंबगांव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए देहरादून रेफर किया गया।

उडरी गांव के प्रधान भागचंद बिष्ट ने बताया कि गांव के विक्रम सिंह रावत की पत्नी रजनी देवी (35) शनिवार सुबह गांव की अन्य महिलाओं के साथ घास लेने जंगल गई थी। इस दौरान एक जंगली सुअर ने अचानक उस पर हमला कर दिया। सुअर के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

घायल महिला को ग्रामीणों ने लंबगांव अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया। क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश रावत, अमित असवाल, केदार सिंह आदि ग्रामीणों ने इस संबंध में वन विभाग को सूचना देकर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग की है।


हरिद्वारः भेल में फिर आया गुलदार, एक मजदूर को बनाया निवाला, लोगों में दहशत
 

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Uttarakhand Weather Today: Cloudy Weather In Dehradun, Bitter Cold Increased Again

उत्तराखंडः ठंड ने तोड़ा सात सालों का रिकॉर्ड, बर्फबारी के कारण गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 11 Jan 2020 07:37 PM IST


uttarakhand weather today: cloudy weather in dehradun, bitter cold increased again

- फोटो : अमर उजाला


दो दिन चटख धूप खिलने के बाद आज शनिवार को एक बार फिर देहरादून में मौसम खराब हो गया। राजधानी में सुबह से बादल छाए रहे। हालांकि बाद में धूप खिल आई।

शनिवार को अधिकांश इलाकों में दोपहर तक चटक धूप खिली रही थी। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में घने बादल छा गए थे, जिससे ठंड बढ़ गई थी। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से निचले क्षेत्रों में शीतलहर चलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।

वहीं पहाड़ के कई गांव बर्फ से ढके होने से ठंड का प्रकोप बरकरार है। इसके अलावा बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब आदि क्षेत्रों में भी धूप खिली रही। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे समेत तीन मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। केदारनाथ का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।

हरिद्वार। भले ही दो दिन से धूप निकल रही हो, लेकिन शीतलहर का प्रकोप पूरी तरह से जारी है। सुबह शाम की ठंड ज्यादा परेशान कर रही है। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि भले ही दिन में धूप पर फिर भी गर्म कपड़े पहनकर ही घर से निकले।

यमुनोत्री घाटी में बादल छाए हुए हैं। बर्फबारी के कारण कई दिनों से बंद पड़ा यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद हैं। मार्ग खोलने के प्रयास जारी है। बारिश, बर्फबारी के बाद शीतलहर और गलन के कारण कुमाऊं के इलाकों में हाड़कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। इस ठंड ने सात वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है। शुक्रवार सुबह से ही हल्द्वानी में धूप खिली थी। बावजूद इसके शीतलहर और गलन ने बेहाल कर रखा था।

अधिकतम तापमान 12.5 और न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 88 प्रतिशत रही और हवाएं 4.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिम दिशा से चलीं। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 11.0 और न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से एक और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा।

मालढैया में दो घंटे बाधित रहा बदरीनाथ राजमार्ग

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर उफल्डा के समीप मालढैया नया सिरदर्द बन गया है। यहां पहाड़ी से मलबा आने की वजह से बार-बार यातायात अवरुद्ध हो रहा है। शनिवार को यहां दो घंटे यातायात बाधित रहा। कीर्तिनगर मेले में शिरकत करने जा रहे प्रदेश के वन एवं श्रम मंत्री डा. हरक सिंह को भी वैकल्पिक मार्ग मेला स्थल तक जाना पड़ा।
धनोल्टी के कई गांव अब भी बर्फ में कैद
बर्फबारी के बाद चटक धूप तो खिली है, लेकिन धनोल्टी और आसपास गांव के हालात अभी सामान्य नहीं हो पाए हैं। बर्फ के कारण क्षेत्र के कई गांव के लोग अब भी अपने घरों में कैद हैं। धनोल्टी व्यापार मंडल के अध्यक्ष रघुवीर चंद रमोला ने बताया कि पर्यटन नगरी में बर्फबारी के बाद पानी और बिजली की सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के कारण ग्राम चोरगढ़, लामीधार, चूलीसैण और बटवालधार आदि गांवों के लोग पूरी तरह से अपने घरों में कैद हैं। गांव के पैदल रास्तों पर पड़ी बर्फ के ऊपर पाला गिरने से भी लोगों का पैदल चलना मुश्किल बना हुआ है।

धनोल्टी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नई टिहरी विधायक शक्ति लाल शाह ने बारिश और बर्फबारी के कारण घनसाली क्षेत्र में हुए नुकसान की तत्काल भरपाई करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।

भिलंगना और प्रतापनगर के गांवों में बिजली नहीं

आठ जनवरी को हुई भारी बर्फबारी के कारण टिहरी में भिलंगना ब्लाक के दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। बर्फ के कारण कई गांवों में विद्युत तार टूटे हुए हैं। क्षेत्र के ग्यारहगांव, हिंदाव, बूढ़ाकेदार और बासर पट्टी के दर्जनों गांव की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।

प्रधान चंद्रशेखर पैन्यूली, जिला पंचायत सदस्य रेखा असवाल ने बताया कि प्रतापनगर में भदूरा पट्टी के ग्राम लिखवार गांव, बनियाड़ी, सिनवालगांव, उपली रमोली के खंभाखाल, ओनालगांव, मुखमाल गांव, गरवाण गांव, मौहल्या, बैल्डोगी आदि गांव में तीन दिन से बिजली ठप है। ऊर्जा निगम के ईई राकेश कुमार ने कहा कि बर्फबारी से विद्युत लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है।

दो घंटे अवरूद्ध रहा टिहरी मोटर मार्ग

ऑल वेदर रोड कटिंग से देवप्रयाग टिहरी मोटर मार्ग का एक हिस्सा शनिवार सुबह करीब आठ बजे ढह गया। जिससे नई टिहरी, हिंडोलाखाल, पौड़ीखाल, चंद्रवदनी, अंजनीसैण आदि क्षेत्रों को जोड़ने वाला मोटर मार्ग करीब दो घंटे बंद रहा। लोनिवि के सहायक अभियंता सतीशचंद्र भट्ट ने बताया कि फिलहाल टिहरी मार्ग की ओर यातायात बहाल किया गया है। धंस रहे मोटर मार्ग के इस भाग पर पुश्ता लगाए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। चंबा-नई टिहरी मोटर मार्ग भी पूरी तरह से नहीं खुल पाया है।

119 गांवों में बिजली गुल, 21 गांव में पानी नहीं

उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले कई इलाकों में अभी भी यातायात, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। हालांकि शनिवार दोपहर तक दर्जनों गांवों में यातायात व पेयजल बहाली के साथ ही करीब 100 गांवों में विद्युत आपूर्ति भी सुचारु कर दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप तथा यमुनोत्री हाईवे पर फूलचट्टी से आगे बर्फ व पाला जमा होने के कारण यातायात बाधित है, जबकि 18 संपर्क मार्गों में भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित है।

वहीं मोरी ब्लॉक के 60, डुंडा-धौंतरी के 17, भटवाड़ी के 13, नौगांव के 12, चिन्यालीसौड़ के 10 तथा पुरोला के 12 गांवों सहित जिले के कुल 119 गांवों में अभी भी विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। इसके अतिरिक्त खरसाली, नारायणपुरी, जानकीचट्टी, कासलो, डिंगाड़ी, किमडार, लिवाड़ी, फिताड़ी, कसाला, कलाप, गंगाड़ सहित 21 गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित है। आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बचे इलाकों में रविवार तक हालात सामान्य हो जाएंगे।
डाडाधार में फंसे रुद्रपुर के पर्यटकों को पुलिस ने सकुशल निकाला
रुद्रपुर से मुनस्यारी घूमने आए तीन पर्यटक शुक्रवार रात डाडाधार में फंस गए थे। सूचना मिलने पर मुनस्यारी पुलिस ने तीनों पर्यटकों को चालक समेत सुरक्षित निकाल लिया। रुद्रपुर के प्रवीण सिंह, सौरभ अरोड़ा और रंजीत सिद्धू मुनस्यारी घूमने आए थे। शुक्रवार को तीनों एक वाहन से बर्फबारी का लुत्फ उठाने डाडाधार गए थे। वापस में इन लोगों का वाहन बर्फ में फंस गया।

इन लोगों ने वाहन को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन वाहन नहीं निकला। देर रात इन लोगों ने मुनस्यारी पुलिस से संपर्क साधा। मुनस्यारी थाने से उप निरीक्षक मोहन चंद्र जोशी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने रात करीब डेढ़ बजे तीनों लोगों को मय वाहन सुरक्षित निकाल लिया।

पुलिस ने तीनों लोगों को सुरक्षित होटल पहुंचाया। तीनों सैलानियों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की। बताया कि वाहन फंसने से वह लोग एक बार तो डर ही गए थे। पुलिस की मदद पहुंचने से उन लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस टीम में कांस्टेबल संजय चौहान, विनोद अधिकारी शामिल थे। संवाद

नामिक गांव को जाने वाले दोनों रास्ते बंद, 124 परिवार कैद

पिथौरागढ़ जिले में बर्फ से पटे नामिक गांव को जाने वाले दोनों रास्ते बंद होने से 124 परिवार गांव में कैद हो गए हैं। विद्युत आपूर्ति भी दो दिन से बाधित है। ऐसे ही हाल उन इलाकों के भी हैं, जहां जमकर बर्फबारी हुई है। सड़कें बंद होने से ग्रामीण कई किलोमीटर पैदल आवाजाही को मजबूर हैं। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है।

बर्फबारी से पेयजल लाइनें ध्वस्त होने से कई इलाकों में लोग बर्फ पिघलाकर पानी पीने को मजबूर हैं। इधर, शुक्रवार को धूप खिलने से बर्फ पिघलने लगी है। इसके चलते शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। पिथौरागढ़ जिले में थल-मुनस्यारी सड़क सातवें दिन भी नहीं खुली। इस सड़क पर भारी बर्फबारी के चलते फंसे ट्रक चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

यह चालक तीन दिन से ट्रक समेत चार से पांच फीट बर्फ में फंसा था। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि से मुनस्यारी तक 20 किमी के हिस्से में बर्फ जमा है। मुनस्यारी के लिए जौलजीबी-मदकोट मार्ग से वाहनों का संचालन हो रहा है। सब्जी, फल और राशन की आपूर्ति भी मदकोट-जौलजीबी सड़क से हो रही है। लोनिवि ने मुनस्यारी के गांवों को जोड़ने वाले पैदल मार्गों को खोलने के लिए मजदूर लगाए हैं। दर, बोंगलिंग, नागलिंग, दुग्तू, दांतू में तीन फीट तक बर्फ है। गुंजी, गर्ब्यांग, नाभी, कुटी में भी लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
भारी बर्फबारी के बाद पटरी पर लौटने लगी जिंदगी
पहाड़ों की रानी मसूरी में बर्फबारी से हो रही मुसीबतें फिलहाल कम होने लगी हैं। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की अगुवाई में लगातार चलाए गए अभियान के बाद मसूरी पेट्रोल पंप से लेकर गांधी चौक पर जमा बर्फ को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन मसूरी पेट्रोल पंप से पिक्चर पैलेस चौक तक सड़क पर जमा बर्फ के ऊपर पाला पड़ने की वजह से यातायात व्यवस्था शुक्रवार देर शाम तक सुचारु नहीं हो पाई थी।

स्थिति सामान्य होने के साथ ही पुलिस ने छोटी गाड़ियां और दोपहिया वाहन को निकाला। हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस ने बसों व अन्य चार पहिया वाहनों को दो किलोमीटर पहले ही पेट्रोल पंप के पास ही रोक दिया। जिस वजह से सैलानियों के साथ स्थानीय लोगों को पैदल चलकर मसूरी आना पड़ा। रोडवेज की बसों की आवाजाही बंद होने की वजह से देहरादून जाने वाले यात्रियोें को बसें पकड़ने के लिए काफी नीचे जाना पड़ा। जहां बसाें के लिए काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ा।

मसूरी सीओ एएस रावत ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण कुछ परेशानियां हुई हैं लेकिन पुलिस और नगर पालिका की मदद से सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जेसीबी से लोक निर्माण विभाग व पालिका के कर्मचारियों ने सड़कों पर जमी बर्फ को हटाकर सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।

मसूरी पेट्रोल पंप से पिक्चर पैलेस चौक पर सड़क पर जमे पाले के कारण वाहनों को संचालित करना मुश्किल हो रहा है फिर भी पुलिसकर्मी वाहनों को वहां से निकालकर उनके गंतव्य तक भेज रहे हैं। भारी बर्फबारी के कारण मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अभी शुरू नहीं की गई है। जेसीबी की मदद से सड़क को यातायात के लायक बनाया जा रहा है।





 

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Dehradun › More Drunker In Uttarakhand On National Average, Sample Survey Revealed Truth

बड़ी खराबी : उत्तराखंड में राष्ट्रीय औसत से अधिक शराबी, सैंपल सर्वे में खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 11 Jan 2020 10:28 AM IST


प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर


सार
  • केंद्र सरकार के सैंपल सर्वे में खुलासा, 18.8 फीसदी लोग करते हैं शराब का सेवन
  • नशे के लिए भांग, कोकीन, सिंथेटिक ड्रग और इंजेक्शन हो रहा है इस्तेमाल

विस्तार
उत्तराखंड राज्य में 10 से 75 वर्ष के आयु वर्ग में राष्ट्रीय औसत से अधिक लोग शराबी हैं। प्रदेश में 18.8 फीसदी लोग शराब का सेवन करते हैं। इसके अलावा कोकीन, भांग, सिंथेटिक ड्रग और सूंघने वाले नशीले पदार्थों और इंजेक्शन के जरिये की नशा करने की प्रवृत्ति भी इस पर्वतीय राज्य में बढ़ रही है।

यह खुलासा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर के सैंपल सर्वे में हुआ है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की पहल पर कराए गए इस सर्वे में चिंता में डालने वाले खुलासे हुए हैं।

रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड में भी नशा करने वालों की संख्या कई प्रदेशों से अधिक है। सैंपल सर्वे के मुताबिक, शराब का नशा करने वाले उत्तराखंड में 18.8 प्रतिशत हैं। जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल में यह औसत 8.9 प्रतिशत है।
रुझान चिंता में डालने वाले
रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड में 4.2 प्रतिशत लोग शराब की लत के शिकार हैं, जबकि समान भौगोलिक और सामाजिक परिवेश वाले हिमाचल में ये आंकड़ा 1.7 प्रतिशत है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में हर तरह का नशा करने की प्रवृत्ति मिली है। हालांकि शराब का सेवन करने की तुलना में नशे के दूसरे माध्यम तुलनात्मक दृष्टि से कम हैं। लेकिन रुझान चिंता में डालने वाले अवश्य है।

मिसाल के तौर पर राज्य में 3.38 प्रतिशत लोग भांग का नशा करते हैं, जबकि यह नशा करने वालों का राष्ट्रीय औसत 2.83 प्रतिशत है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि उत्तराखंड 6216 लोग नशे के इंजेक्शन लेते हैं। हिमाचल में ऐसे लोगों की संख्या 4004 है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे लगभग साढ़े आठ लाख लोगों में इंजेक्शन से नशा लेने की प्रवृत्ति पाई गई है।

नशे को लेकर हुए सर्वे के रुझान
नशे का प्रकार उत्तराखंड हिमाचल राष्ट्रीय औसत
शराब .....................18.8.................. 8.9.................. 14.6
कोकीन...................0.02.................. 0.04................ 0.10
भांग....................... 3.38.................. 3.18................ 2.83
सिंथेटिक ड्रग ...... 2.58.................. 5.66................ 2.06
सूंघने वाला नशा ... 1.00.................3.38................. 0.70

नोट: आंकड़े प्रतिशत में

सोर्स: सर्वे, नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एम्स) नई दिल्ली


केंद्र सरकार के सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही विभाग एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा।
- विनोद गिरी गोस्वामी, निदेशक, समाज कल्याण



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UttarakhandChamoli › Fresh Snowfall In Auli And Uttarakhand Hilly Area Tourist Enjoy See Visuals
बर्फ से फिर सराबोर हुई देवभूमि की वादियां, औली में पर्यटक ऐसे उठा रहे बर्फबारी का लुत्फ, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली), Updated Fri, 17 Jan 2020 12:05 AM IST
Fresh Snowfall in Auli and Uttarakhand Hilly Area Tourist Enjoy See Visuals

1 of 6
- फोटो : अमर उजाला

गुरुवार को उत्तराखंड में दिनभर मौसम खराब रहा और दोपहर बाद बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, गौरसों बुग्याल, औली, रुद्रनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं, बर्फबारी के बीच भी पर्यटक बड़ी तादात में औली का रुख कर रहे हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

बृहस्पतिवार को दोपहर बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई जो देर शाम तक चलती रही। निचले क्षेत्रों में शीतलहर चलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटकों ने जोशीमठ-औली मोटर मार्ग से औली पहुंच कर बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया।



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- फोटो : अमर उजाला

औली मार्ग पर कई जगह पाला जमा होने से मार्ग जोखिम भरा बना है। वहीं कुछ पर्यटक रोपवे से औली पहुंचे। यहां पहुंचे कई पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच खूब सेल्फी ली। वहीं, बर्फ से लकदक स्लोप पर स्कीइंग का भी खूब लुत्फ उठाया।



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- फोटो : अमर उजाला

बता दें कि औली में नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप सात से 11 फरवरी तक आयोजित होने वाली है। इसके लिहाज से यहां इस समय पर बर्फबारी होना काफी मुफीद है। ऐसे में वहां आने वाले पर्यटक इस समय भी स्कीइंग कर सकते हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव प्रवीण शर्मा ने बताया कि औली में नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप में हिमाचल विंटर गेम्स एसोसिएशन, विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ जम्मू-कश्मीर, दिल्ली स्की एसोसिएशन, स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन महाराष्ट्र, स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन बिहार, स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन कर्नाटक और एसएससीबी की टीम शामिल होंगी।




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- फोटो : अमर उजाला

औली में राष्ट्रीय स्तर की सीनियर, जूनियर व सब जूनियर प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। सब जूनियर वर्ग में 12 से 14 आयु वर्ग, जूनियर वर्ग में 14 से 16 व सीनियर वर्ग में 16 से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन चमोली के अध्यक्ष विवेक पंवार ने बताया कि चमोली जिले की टीम का जल्द ही चयन कर लिया जाएगा।

बर्फ से फिर सराबोर हुई देवभूमि की वादियां, औली में पर्यटक ऐसे उठा रहे बर्फबारी का लुत्फ, तस्वीरें...
 

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Chamoli › Fresh Snowfall In Auli And Uttarakhand Hilly Area Tourist Enjoy See Visuals
बर्फ से फिर सराबोर हुई देवभूमि की वादियां, औली में पर्यटक ऐसे उठा रहे बर्फबारी का लुत्फ,
तस्वीरें...

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली), Updated Fri, 17 Jan 2020 12:05 AM IST

Fresh Snowfall in Auli and Uttarakhand Hilly Area Tourist Enjoy See Visuals

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- फोटो : अमर उजाला

गुरुवार को उत्तराखंड में दिनभर मौसम खराब रहा और दोपहर बाद बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, गौरसों बुग्याल, औली, रुद्रनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं, बर्फबारी के बीच भी पर्यटक बड़ी तादात में औली का रुख कर रहे हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

बृहस्पतिवार को दोपहर बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई जो देर शाम तक चलती रही। निचले क्षेत्रों में शीतलहर चलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटकों ने जोशीमठ-औली मोटर मार्ग से औली पहुंच कर बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया।



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औली मार्ग पर कई जगह पाला जमा होने से मार्ग जोखिम भरा बना है। वहीं कुछ पर्यटक रोपवे से औली पहुंचे। यहां पहुंचे कई पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच खूब सेल्फी ली। वहीं, बर्फ से लकदक स्लोप पर स्कीइंग का भी खूब लुत्फ उठाया।




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- फोटो : अमर उजाला

बता दें कि औली में नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप सात से 11 फरवरी तक आयोजित होने वाली है। इसके लिहाज से यहां इस समय पर बर्फबारी होना काफी मुफीद है। ऐसे में वहां आने वाले पर्यटक इस समय भी स्कीइंग कर सकते हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव प्रवीण शर्मा ने बताया कि औली में नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप में हिमाचल विंटर गेम्स एसोसिएशन, विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ जम्मू-कश्मीर, दिल्ली स्की एसोसिएशन, स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन महाराष्ट्र, स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन बिहार, स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन कर्नाटक और एसएससीबी की टीम शामिल होंगी।




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औली में राष्ट्रीय स्तर की सीनियर, जूनियर व सब जूनियर प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। सब जूनियर वर्ग में 12 से 14 आयु वर्ग, जूनियर वर्ग में 14 से 16 व सीनियर वर्ग में 16 से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन चमोली के अध्यक्ष विवेक पंवार ने बताया कि चमोली जिले की टीम का जल्द ही चयन कर लिया जाएगा।



बर्फ से फिर सराबोर हुई देवभूमि की वादियां, औली में पर्यटक ऐसे उठा रहे बर्फबारी का लुत्फ, तस्वीरें...
 
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