Road conditions - Uttarakhand

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Uttarakhand Weather Today: Rain, Snowfall Expected
उत्तराखंड: भारी बर्फबारी से फिर बढ़ी ठंड, धनोल्टी जाने पर रोक, दो जिलों में बंद रहेंगे स्कूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 17 Jan 2020 09:09 PM IST

औली में हुई बर्फबारी का नजारा

औली में हुई बर्फबारी का नजारा - फोटो : अमर उजाला


सार
  • प्रदेश के ज्यादातर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने का अनुमान
  • निचले व मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि के आसार


विस्तार
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को भी मौसम खराब रहा। पर्वतीय क्षेत्रों में बृहस्पतिवार देर रात से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। भारी बर्फबारी के चलते सैकड़ों गांव फिर अलग-थलग पड़ गए हैं। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में शनिवार को कक्षा एक से 12वीं तक के समस्त सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।

चमोली जिले में बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के साथ ही करीब 85 गांव बर्फ में कैद हो गए हैं। बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे पुन: अवरुद्घ हो गया है, जबकि मलारी हाईवे भी सुरांईथोटा से आगे बर्फ जमने से बंद हो गया है। उत्तरकाशी जिले की निचली घाटियों में बारिश और यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से सीमांत जिला फिर शीतलहर की चपेट में है।

समुद्र सतह से दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम समेत मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चोपता आदि क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। जनपद में पचास से अधिक गांव फिर से बर्फ के आगोश में आ गए हैं। केदारनाथ धाम में बीते 24 घंटों में लगभग चार फीट नई बर्फ जम चुकी है। यहां पहले से काफी बर्फ मौजूद है। मंदिर परिसर, मंदिर मार्ग समेत सभी निर्माण स्थल बर्फ से लकदक बने हुए हैं। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग का धाम से संपर्क कटा हुआ है। साथ ही पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़े हुए हैं।


भारी बर्फबारी, धनोल्टी जाने पर रोक
भारी बर्फबारी और सड़कों पर फिसलन बढ़ने से पुलिस प्रशासन ने धनोल्टी जाने पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने धनोल्टी जा रहे सैकड़ों पर्यटकों को जेपी बैंड पर रोक दिया। इस पर बर्फबारी का मजा लेने जा रहे पर्यटकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।

मसूरी और इसके आसपास सुवाखोली, बुरांसखंडा, सुरकंडा देवी, परी टिब्बा, धनोल्टी में शुक्रवार को भी अच्छी बर्फबारी हुई। इसका लुत्फ उठाने बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचे। भारी बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने सड़क खोलने के लिए दो जेसीबी भी तैनात की।

लेकिन सड़कों पर फिसलन बढ़ने और भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा रही है। इसे देखते हुए शुक्रवार को पुलिस ने धनोल्टी की ओर जाने वाले पर्यटकों को जेपी बैंड पर ही रोक दिया। इस पर पर्यटकों ने रोष जताया।

एसडीएम मसूरी वरुण चौधरी ने बताया कि एनएच अधिकारियों ने सड़कों पर फिसलन बढ़ने की जानकारी दी है। जिसकी वजह से आवागमन पर रोक लगा दी है। कोतवाल विद्याभूषण नेगी ने बताया कि पर्यटकों को परेशानी न उठाने पड़े इसके लिए उन्हें जेपी बैंड पर ही रोका जा रहा है। हालात सुधरने पर आवागमन सुचारु किया जाएगा।


शनिवार को आधे राज्य में चलेगी शीतलहर
प्रदेश के ज्यादातर ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार को शीतलहर चलने के आसार हैं। वहीं, निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश इलाकों में कोल्ड डे कंडीशन रहने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया है। साथ ही अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद मौसम में ठंड बढ़ने की भी संभावना जताई है।

दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी ठंड बढ़ेगी। कई इलाकों में कोल्ड डे कंडीशन होने का अनुमान है।


मुनस्यारी और नैनीताल की चोटियों पर हिमपात, बागेश्वर में एक की मौत
कुमाऊं में ठंड का सितम जारी है। बागेश्वर में ठंड से मोहल्ला नदीगांव निवासी विपिन चंद्र जोशी (45) पुत्र जय दत्त जोशी की मौत हो गई। लोग उसे डॉन के नाम से जानते थे। शराब के नशे में वह रातभर भीग गया था और सुबह वह मृत मिला।

पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी और नैनीताल के ऊंचाई वाले क्षेत्र और मुक्तेश्वर, पहाड़पानी, धानाचूली और रामगढ़ में बर्फबारी से ठंड में इजाफा हो गया है। बर्फबारी से थल-मुनस्यारी सड़क के करीब 20 किमी हिस्से में बर्फ पट गई है। मुनस्यारी के लिए जौलजीबी के रास्ते वाहन संचालन हो रहा है। दारमा घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट-नारायण आश्रम सड़क ग्लेशियर आने से बंद हो गई है। सड़क बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सरोवर नगरी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यह मौसम का पांचवा हिमपात है। नैनापीक, स्नोव्यू, किलबरी और हिमालय दर्शन की पहाड़ियों में बर्फ की चादर बिछ गई। मुक्तेश्वर, धानाचूली, पहाड़पानी और रामगढ़ में दिसंबर से अब तक तीसरी बार हो रही बर्फवारी ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अल्मोड़ा जिले में बृहस्पतिवार रात से रुक रुक कर बारिश जारी है। रात में बिनसर में बर्फबारी भी हुई जो यहां इस सीजन की चौथी बर्फबारी है।

उधर, मौसम ठीक रहा तो देहरादून, हिंडन के लिए शनिवार को विमान उड़ान भरेगा। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक अवकाश और शुक्रवार को विमान की नियमित जांच के कारण हवाई सेवा बंद रही। इधर तराई में बारिश से गेहूं और मटर की फसल को नुकसान हुआ है। इससे किसानों के चेहरे मुरझा गए। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष ने सीएम से मुआवजे की मांग की है।

उधर स्वांला और अमोड़ी के बीच आलवेदर रोड पर चंपावत सीएमओ के वाहन पर बोल्डर गिर गया। हालांकि वह बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद करीब एक घंटे तक राजमार्ग पर जाम लगा रहा। मलबा और बोल्डर आने से डीएम सहित कई अधिकारियों के वाहन जाम में फंसे रहे। वहीं, टनकपुर तवाघाट नेशनल हाईवे पर सतगढ़ के पास जीप के पिछले हिस्से पर पहाड़ी से बोल्डर गिर गया। हालांकि इसमें सवार सभी 10 यात्री बच गए लेकिन जीप क्षतिग्रस्त हो गई है।


उत्तराखंड: भारी बर्फबारी से फिर बढ़ी ठंड, धनोल्टी जाने पर रोक, दो जिलों में बंद रहेंगे स्कूल
 

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Chamoli › Snow Heavy Blanket Covered Uttarakhand 650 Villages Today See Visuals


फिर बर्फ के आगोश में समाए देवभूमि के 650 से ज्यादा गांव, कई जगह रास्ते बंद, तस्वीरें...

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून, Updated Fri, 17 Jan 2020 08:54 PM IST

Snow Heavy Blanket Covered uttarakhand 650 villages today see Visuals

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- फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड में शुक्रवार को मौसम ने फिर करवट बदली। दोपहर बाद गढ़वाल और कुमाऊं सभी जगह बर्फबारी हुई। पहाड़ में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है। वहीं, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के कई गांव बर्फ के आगोश में हैं। कई जगह रास्ते बंद होने से भी गांव का मुख्य मार्गों से संपर्क कट गया है।



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- फोटो : अमर उजाला

चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी एक बार फिर लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्राम पंचायत तपोवन, पाणा, ईराणी, धार कुमाला, झिंझी, दुर्मी, पगना, बमयाला, मोहन खाल, नेल, नौली, डांडा, परवाणी, सेंड, चौरुडा मल्ला, बीना . रोहिडा , मजाणी, पज्याणा, घंडियाल, पंचाली, खेता मानमती, तोती हरमल, चैड, गोदिंग, वाण, घैस, भैतरा, बलाण, किमोली, लोहाजंग, धारकोट, सुया, हरमनी, रामपुर, चोटिंग, मुंदोली, सुतोल, कनोल, रामणी, पडेर गांव,भेटी,सुतोल, वादुक गलाणी, लुणतरा, सुंग, ल्वाणी और स्यारी बंगाली गांवों के साथ ही लगभग 85 गांव फिर से बर्फ के आगोश में समा गए हैं। गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते भी बर्फ से ढक गए हैं, जिससे गांवों का जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।




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- फोटो : अमर उजाला

बर्फबारी से जिले में पांच सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे दोबारा बर्फ से बंद हो गया है, जबकि मलारी हाईवे भी सुरांईथोटा से आगे बर्फ जमने से बंद हो गया है। साथ ही चमोली-मंडल-ऊखीमठ, घाट-रामणी और बिरही-पगना सड़कें भी बर्फ से बंद हो गई हैं। बदरीनाथ धाम में लगभग आठ और हेमकुंड साहिब में दस फीट तक बर्फ जम गई है। बदरीनाथ धाम में पेयजल लाइनों पर पानी जम गया है। यहां रह रहे बीकेटीसी के कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी बर्फ पिघलाकर खाना बना रहे हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

कर्णप्रयाग, गौचर, आदिबदरी, गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली, देवाल, लंगासू, नौली, बगोली क्षेत्रों में दिभर बारिश होती रही। देवाल में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश व बर्फबारी से अधिकांश गांव बर्फ से ढक गए हैं। कई गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। रूपकुंड, वेदनी, आली, बगुवावास, आयजनटॉप, ब्रह्मताल व बगजी बुग्याल में तीन से चार फीट बर्फ पड़ने से पर्यटक लोहाजंग में रुके हैं। वांण, घेस, हिमनी, बलाण, पिनाऊं, कुलिंग, वांक, लोहाजंग, मुंदोली, रामपुर, तोरती, उदयपुर सहित 30 से अधिक गांवों बर्फ से ढके हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

चमोली के थराली में एक माह के अंतराल में पिंडर घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चौथी बार बर्फबारी हुई है। निचली घाटियों में लगातार बारिश के चलते तापमान काफी नीचे चला गया है, जिससे कड़ाके की ठंड हो रही है। वहीं थराली के ऊंचाई वाले गांवों, रूईसाण, कोलपुड़ी, रतगांव, गेरूड़, हरिनगर लेटाल, पारथा, बज्वाड़, बमोटिया, सिरमथल, ग्वालदम सहित 20 से अधिक गांव बर्फ के आगोश में हैं। लगातार बारिश के चलते सेरा-विजयपुर तलवाड़ी ग्वालदम-चिडंगा, थराली-किमनी सहित आधे दर्जन सड़कें बंद पड़ी हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

रुद्रप्रयाग के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से आमजन की दिनचर्या भी व्यापक रूप से प्रभावित हो गई है। ठंड के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बाजारों में भी चहलकदमी कम रही। उधर, केदारनाथ धाम समेत द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चोपता आदि क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। जनपद में 50 से अधिक गांव फिर से बर्फ के आगोश में आ गए हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

केदारनाथ धाम में बीते 24 घंटों में लगभग चार फीट नई बर्फ जम चुकी है। यहां पहले से काफी बर्फ मौजूद है। मंदिर परिसर, मंदिर मार्ग समेत सभी निर्माण स्थल बर्फ से लकदक बने हुए हैं। बीते वर्ष 12/13 दिसंबर को हुई भारी बर्फबारी के बाद से जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग का धाम से संपर्क कटा हुआ है। साथ ही पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़े हुए हैं। धाम में दिनभर तापमान माइनस में रहा। इधर, पर्यटक स्थल चोपता में भी लगभग तीन फीट नई बर्फ जम चुकी है। जबकि इतनी ही बर्फ यहां पहले से मौजूद थी। बर्फ का आनंद लेने के लिए काफी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां अधिकतम तापमान 4 और न्यूनतम माइनस 6 डिग्री सेल्सियस रहा। द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ धाम भी बर्फ से लकदक हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

उत्तरकाशी में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से सीमांत जनपद उत्तरकाशी एक बार फिर शीतलहर की चपेट में है। जिले में समुद्र सतह से दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। जिले में करीब 350 गांव इस समय बर्फ की आगोश में हैं। तापमान में जबर्दस्त गिरावट से जिले में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। जनवरी दूसरे हफ्ते में चार दिनों तक लगातार बारिश और बर्फबारी से उत्पन्न दुश्वारियां अभी कम भी नहीं हुई थीं कि चार दिन की मोहलत के बाद बृहस्पतिवार से एक बार फिर जिले में बारिश-बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है।




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- फोटो : अमर उजाला

बर्फबारी वाले हर्षिल, खरसाली, सांकरी आदि क्षेत्रों में भी पारा शून्य के आसपास बना हुआ है। बर्फबारी वाले इलाकों में शीतलहर के प्रकोप के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। जबकि निचली घाटियों में भी लोग अलाव का सहारा लेकर कड़ाके की ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। मौसम की बेरुखी ने जनपदवासियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। जिले के सुदूरवर्ती 50 से अधिक गांवों में अभी तक जनवरी दूसरे हफ्ते की बर्फबारी से ठप हुई विद्युत आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो पायी है।




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- फोटो : अमर उजाला

मुनस्यारी में एक बार फिर बर्फबारी के चलते थल मुनस्यारी मोटर मार्ग बंद हो गया है। सभी वाहन मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को सभी उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं कुमाऊं में भी पंचाचूली, राजरंभा, खलियाटॉप, हंसलिंग, मिलम, नंदा देवी आदि स्थानों पर जमकर बर्फबारी हुई।


 

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The Doors Of Adibadari Temple Opened, Devotees Showered Flowers
आदिबदरी मंदिर के कपाट खुले, भक्तों ने की पुष्प वर्षा

देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 15 Jan 2020 09:54 PM IST




मकर संक्रांति पर्व पर बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे विधि-विधान के साथ आदिबदरी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए गए। इस दौरान भक्तों ने पुष्प वर्षा की और भगवान आदिबदरीनाथ के जयकारे लगाकर पुण्य दर्शन किए।

बुधवार को तड़के चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में आदिबदरी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। मंदिर के पुजारी चक्रधर थपलियाल ने भगवान आदिबदरी नाथ जी को सप्त सिंधु के जल से स्नान कराने के बाद पीत वस्त्र पहनाकर मुकुट और सोने-चांदी के छत्रों से विभूषित किया। इसके बाद भगवान को चंदन, रोली व कुमकुम का तिलक लगाकर पंचज्वाला आरती कर भोग लगाया गया। भगवान के शृंगार दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। संवाद
महिलाओं ने दी सीता स्वयंवर की आकर्षक प्रस्तुति
आदिबदरी। आदिबदरी मंदिर के कपाट उद्घाटन के साथ ही मंदिर में सात दिवसीय महाभिषेक समारोह पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेला भी शुरू हो गया है। मेले का शुभारंभ विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया। इस दौरान सीता स्वयंवर की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसमें सभी किरदार महिलाओं ने निभाए।
मेले का शुभारंभ करते हुए विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने धर्म व संस्कृति को उत्तराखंड की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि आदिबदरी मंदिर में पुरातत्व विभाग से सामंजस्य बैठाकर सुविधाएं जुटाई जाएंगी। उन्होंने रामलीला मैदान में एक हॉल बनाने की घोषणा की। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने विधायक को स्मृति चिह्न भेंटकर मंदिर समूह को देवस्थानम् विधेयक में शामिल करने को कहा। मंदिर परिसर में पतंजलि महिला समिति की ओर से सीता स्वयंवर की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इसमें सभी महिला पात्रों रावण की भूमिका में मुन्नी बिष्ट, लक्ष्मण बीरा फर्स्वाण और राजा के रूप में सीमा गुसाईं के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। इस दौरान गढ़वाल राइफल्स कीर्तन मंडप में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन आचार्य सुनील खंडूड़ी ने कहा कि भागवत नवरसों की खान है। इसकी कथा का श्रवण करने से मानव जीवन के सुख समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इस मौके पर गैंणा रावत, नरेंद्र चाकर, नरेश बरमोला, हिमेंद्र कुंवर, बलवंत भंडारी, नवीन खंडूड़ी, विजय चमोला, नवीन बहुगुणा, नंदा पंवार, नंदा नेगी और बलवंत नेगी मौजूद थे।


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श्री राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर के कपाट बंद
कर्णप्रयाग। मकर संक्रांति पर्व पर श्री राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली के कपाट विधि-विधान के साथ 15 दिनों के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर के पुजारी प्रदीप गैरोला, कृष्णा गैरोला ने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ मां श्री राजराजेश्वरी चंडिका की पूजा कर शाम चार बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला ने बताया कि मंदिर के कपाट अब 30 जनवरी को खुलेंगे और धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, मलक सिंह नेगी, देवेंद्र रावत, इंद्र सिंह नेगी, संतोष गैरोला और राकेश डिमरी आदि मौजूद थे।



आदिबदरी मंदिर के कपाट खुले, भक्तों ने की पुष्प वर्षा
 

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  • tourists enjoying 4th snowfall in Mussoorie
मसूरी में चौथी बार बर्फबारी, पर्यटकों ने जमकर उठाया बर्फबारी का लुत्फ
लाइव हिन्दुस्तान टीम, देहरादून
  • Last updated: Sat, 18 Jan 2020 10:56 PM IST




शनिवार को शाम पांच बजे करीब पर्यटन नगरी मसूरी में बर्फ गिरनी शुरू हुई जो करीब 15 मिनट तक गिरी उसके बाद बंद हो गई जिससे पेड़ व घरों की छतें सफेद नजर आने लगीl इस मौके पर दिल्ली से आए पर्यटक अक्षय ने बताया कि वह शाम को 5:00 बजे करीब ही मसूरी पहुंचे थे जैसे ही उन्होंने अपने वाहन को पार्क में पार्क किया वैसे ही बर्फबारी शुरू हो गईl उन्होंने बताया कि पहले कभी भी बर्फ को गिरते हुए नहीं देखा आज बर्फ को गिरते हुए देखकर वे काफी उत्साहित हैं और उनका मसूरी आने का सपना पूरा हो गया l कहां कि मसूरी जन्नत है मसूरी आए और यहां पर बर्फबारी का जमकर लुफ्त उठाइए l
उन्होंने कहा कि लोग स्विजरलैंड ,जर्मनी जाते हैं वहां न जाकर मसूरी में आकर बर्फबारी का इंजॉय करें हमारा देश महान है यहां पर आकर ही बर्फबारी का इंजॉय करने का अपना अलग ही मजा हैl वही दिल्ली से आए पर्यटक आंसू टंडन ने कहा कि जिंदगी में ऐसा आनंद कहीं नहीं मिला जैसा मसूरी में आकर बर्फबारी का लुफ्त उठा कर मिला है l वही अमृतसर से आए पर्यटक अर्जुन ने कहा कि मसूरी आने से पहले सिर्फ एक उम्मीद थी कि यहां पर बर्फबारी देखने को मिलेगी लेकिन उनका मसूरी आने और यहां पर बर्फ देखने का सपना पूरा हो गया उन्होंने आने वाले पर्यटकों को संदेश देते हुए कहा ऐसा नजारा जिंदगी में कभी-कभी देखने को मिलता है इसलिए मसूरी आए और बर्फबारी का इंजॉय करें।

मसूरी में चौथी बार गिरी बर्फ

मसूरी में चौथी बार बर्फबारी, पर्यटकों ने जमकर उठाया बर्फबारी का लुत्फ
 

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Mussourie Snowfall started !

मसूरी में बर्फबारी का दौर फिर से शुरू, पर्यटक ले रहे लुफ्त, व्यवसायियों के खिले चेहरे

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•Jan 18, 2020


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#UttarPradeshNews #UttarakhandNews #HindiNews

Uttarakhand में आज बर्फ़बारी और बारिश का अलर्ट | Superfast 88
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•Jan 17, 2020



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News18 UP Uttarakhand

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#UttarPradeshNews #UttarakhandNews #HindiNews प्रदेश में इस बार हुई रिकॉर्ड बर्फ़बारी से एक ओर जहां काश्तकारों, पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं, वहीं वैज्ञानिक इसे एक अच्छा संकेत मान रहे हैं. दरअसल लम्बे समय से इस तरह की बर्फ़बारी नहीं हुई थी और खासकर 15 सौ मीटर ऊंचाई तक के क्षेत्रों में.
 

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Guys, How tough will be a Solo Bike trip to Munsiyari in February last week?
Black Ice can be there on the road in shadow areas.
Snowfall can happen only due to Western Disturbance.
Take a rope / Plastic Tie with you for Black Ice areas.

If you are going solo and taking proper breaks at night and start driving in daytime in Sunlight only then it is OK.
Driving Time can be less about 5-6 hours most probably in hills.

Ask Locals / Taxi / Bus Drivers also about road conditions ahead on the route.
 

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Those moving to UK for Monday, Tuesday & Wednesday may see Good Snowfall and may stuck at places due to snow and Black Ice on roads.


27 Jan 2020

Delhi can see some rain at times in daytime.

Tuesday few chances of Rain.
Plains in North India can see rain tomorrow at times.

Himalaya may see good snowfall evening onwards.
At night it will be good snowfall in Himalayas.
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27-1-2019 Snow storm1.jpeg




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23.30 : Monday, 27 January 2020


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28 January 2020

North India Plains will see good intensity of Rain

Delhi may see some rain in morning & evening only.

Himalayas will see good snowfall in all Northern states/UT.



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29 January 2020

North India Plains will see rain at places in Morning Only.

Delhi : No rains.

Himalayas will see good snowfall in all Northern states/UT in morning and at places in daytime.


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Due to 4 Dham All weather Road construction, Badrinath Highway blocked with landslide.

तस्वीरेंः बदरीनाथ हाईवे पर गिरी चट्टान, कई घर जमींदोज, एक दर्जन गांवों का रास्ता बंद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर, Updated Thu, 06 Feb 2020 09:14 PM IST

Uttarakhand: landslide on badrinath high way three house and vehicle buried

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- फोटो : अमर उजाला

ऑलवेदर रोड की कटिंग के बदरीनाथ हाईवे पर हुए भारी भूस्खलन से हाईवे ध्वस्त हो गया है। भूस्खलन से तीन मकान जमींदोज हो गए जबकि तीन वाहन मलबे में दब गए।



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- फोटो : अमर उजाला

भूस्खलन होता देख कई लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि भूस्खलन से कोई जनहानि नहीं हुई है लेकिन आवाजाही के लिए रास्ता बंद हो गया है।



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- फोटो : अमर उजाला

ऑलवेदर रोड के तहत बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे नगर पंचायत नंदप्रयाग के झूलाबगड़ वार्ड के पास पहाड़ी से कटिंग की जा रही थी, कि तभी पहाड़ी से भूस्खलन हुआ।



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- फोटो : अमर उजाला

भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा बदरीनाथ हाईवे पर आ गिरा और हाईवे 50 मीटर तक ध्वस्त हो गया।




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- फोटो : अमर उजाला


वहीं एनएच के नीचे बने पर्यावरण मित्रों के तीन मकान भी जमींदोज हो गए, जबकि एक मकान को आंशिक नुकसान पहुंचा है।




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- फोटो : अमर उजाला

बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग के पास भूस्खलन होने से नंदप्रयाग देवखाल मोटर मार्ग बंद हो गया। जिससे करीब एक दर्जन से अधिक गांवों का मार्ग बंद हो गया है।




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- फोटो : अमर उजाला


मौके पर काम कर रही एक एलएनटी मशीन मलबे के नीचे दब गई जबकि चालक ने भागकर जान बचाई।




 
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