Road conditions - Uttarakhand

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Uttarakhand: Badrinath Dham Covered With Snow, Ten Feet Of Snow In Dham

उत्तराखंडः बर्फ के आगोश में बदरीनाथ धाम, अभी भी जमी है दस फीट बर्फ, तस्वीरों में देखें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ, Updated Thu, 06 Feb 2020 07:03 PM IST


Uttarakhand: Badrinath Dham covered with snow, ten feet of snow in dham

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- फोटो : अमर उजाला

इस साल हुई भारी बर्फबारी के चलते बदरीनाथ धाम अभी तक बर्फ से ढका हुआ है। यहां करीब आठ से दस फीट तक बर्फ जमी है।






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- फोटो : अमर उजाला

वहीं मार्ग भी बर्फ से अटा पड़ा है। इस सीजन में दिसंबर के बाद से लगातार बर्फबारी होती रही है, जिसके चलते बदरीनाथ धाम बर्फ से ढका हुआ है।





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बदरीनाथ मंदिर ही नहीं बल्कि पूरा बाजार बर्फ की आगोश में है। यदि फिर बर्फ पड़ती है तो धाम के कपाट खुलने तक वहां भारी मात्रा में बर्फ रह सकती है।





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- फोटो : अमर उजाला

कुछ दिनों से मौसम साफ होने से बर्फ पिघली शुरू हुई है, लेकिन अभी भी वहां इतनी बर्फ है कि उसे पूरी तरह से पिघले में काफी समय लग जाएगा।






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- फोटो : अमर उजाला

वहीं केदारनाथ धाम में बीते डेढ़ माह में चार बार हो चुकी भारी बर्फबारी से पैदल मार्ग से लेकर केदारपुरी लकदक है। मंदिर परिसर में ही छह से 16 फीट तक बर्फ
जमी है।





 

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Tehri › Dealers Stopped Trucks Due To Dust And Mud

धूल मिट्टी उड़ने पर व्यापारियों ने रोके ट्रक

Updated Thu, 06 Feb 2020 09:42 PM IST


ऑल वेदर परियोजना के निर्माण कार्य ने कमांद के व्यापारियों और स्थानीय लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। बाजार में धूल मिट्टी उड़ने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। बाजार में टैंकर से पानी से का छिड़काव करने की मांग को लेकर व्यापारियों ने परियोजना निर्माण में लगे धर्मराज कंस्ट्रक्शन कंपनी के ट्रकों को रोक दिया।

इन दिनों चंबा और कंडीसौड़ के बीच ऑल वेदर परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। धूल मिट्टी सीधे कमांद में दुकानों और घरों में घुस रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वह कई बार कार्यदायी संस्था से बाजार में पानी छिड़काव करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आक्रोशित लोगों ने निर्माण कार्य में लगे ट्रकों को रोककर विरोध दर्ज किया। आक्रोश को देखते हुए मौके पर पहुंचे कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार ने लिखित में आश्वासन दिया कि शुक्रवार से प्रत्येक दिन तीन बार सड़क पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष गंभीर सिंह जड़धारी, मनोज सेमवाल, रामलाल थपलियाल व सुमन सिंह आदि उपस्थित रहे।


धूल मिट्टी उड़ने पर व्यापारियों ने रोके ट्रक
 

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Rishikesh › Transit Camp For Chardham Pilgrims To Be Ready In 2021

2021 में बनकर तैयार होगा चारधाम यात्रियों के लिए ट्रांजिट कैंप

देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 03 Feb 2020 01:39 AM IST


चारधाम यात्रा के लिए निर्माणाधीन ट्रांजिट कैंप।

चारधाम यात्रा के लिए निर्माणाधीन ट्रांजिट कैंप। - फोटो : RISHIKESH


ऋषिकेश। चारधाम यात्रा जाने वाले पर्यटकों के लिए चंद्रभागा के समीप पर्यटन विभाग की भूमि पर ट्रांजिट कैंप-रजिस्ट्रेशन कार्यालय का निर्माण कार्य जोरों से जारी है। पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर 10 करोड़ की लागत से ट्रांजिट कैंप का निर्माण किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के अनुसार कैंप का कार्य वर्ष 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।

बता दें, वर्ष 2013 में केदारनाथ त्रासदी की जलप्रलय में हजारों तीर्थयात्री चपेट में आ गए थे। इसके बाद सरकार ने इस यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए ट्रांजिट हॉस्टल योजना पर काम करना शुरू किया। पर्यटन विभाग ने ट्रांजिट कैंप योजना का खाका तो तैयार किया। मगर भूमि उपलब्ध न होने के कारण योजना परवान नहीं चढ़ी। इसके बाद यहां चंद्रभागा और गोपालनगर के पास 3.70 हेक्टेअर वन भूमि को जनवरी 2019 में पर्यटन विभाग को ट्रांसफर किया गया। करीब साल बीतने के बाद आखिरकार पिछले कुछ दिनों पूर्व कार्यदायी संस्था बिडकुल ने यहां में काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में 45 मीटर लंबी और चौड़ी बिल्डिंग निर्माण के लिए खुदाई का कार्य पूरा हो चुका है। बिडकुल के जेई राहुल ने बताया कि पर्यटन विभाग के निर्देश पर ट्रांजिट कैंप का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मौसम आदि का कोई व्यवधान नहीं हुआ तो जुलाई 2021 तक ट्रांजिट कैंप का कार्य पूरा हो जाएगा।
भविष्य की योजनाओं को देख बन रही बिल्डिंग
ट्रांजिट कैंप की बिल्डिंग का निर्माण ग्राउंड से सिक्स फ्लोर की मजबूती को ध्यान मेें रख किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल यहां केवल तीन फ्लोर का ही निर्माण किया जाना है। मगर विभागीय सूत्रों के अनुसार भविष्य को योजनाओं को ध्यान में रख आने वाले समय में इस बिल्डिंग के ऊपर और निर्माण किया जा सकता है।
इन विभागों के कार्यालय बनेंगे
ट्रांजिट कैंप का निर्माण भूतल, प्रथम और द्वितीय तल में होगा। इसमें भूतल में दो मल्टीपल टिकट काउंटर होंगे। इसमें महिला, पुरुष के अलावा सीनियर सिटीजन और विकलांगों के लिए अलग से सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा इसी तल में बैंक व एटीएम सुविधा भी उपलब्ध होगी। पर्यटन विभाग और चारधाम यात्रा से जुड़ा संयुक्त रोटेशन का कार्यालय भी यहां होगा। प्रथम तल में दुकानें लगेंगी। इन दुकानों में यात्रियों के लिए भोजन आदि सुविधाएं होंगी। द्वितीय तल मेें यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था होगी। करीब एक समय में 150 यात्री यहां ठहर सकेंगे।
लिफ्ट समेत कई सुविधाएं भी होंगी
ट्रांजिट कैंप में चढ़ने उतरने के लिए सीढ़ियों के अलावा लिफ्ट भी लगी होगी। इसके अलावा यहां प्रत्येक तल में टॉयलेटों की भरपूर सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही यहां दिव्यांगों के आने जाने के लिए रैंप सुविधा भी होगी।
250 बसों की होगी पार्किंग सुविधा
फिलहाल यहां केवल ट्रांजिट कैंप का कार्य निर्माणाधीन है। पर्यटन विभाग की ओर से यहां चारधाम यात्रा के दौरान बाहर से आने वाले वाहनों को यहां खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। एक बार में करीब 250 से अधिक वाहनों को यहां खड़ा किया जा सकेगा। यहां अवैध रूप से बसे कुछ अतिक्रमणकारियों की वजह से यहां वाहन पार्किंग निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है।




2021 में बनकर तैयार होगा चारधाम यात्रियों के लिए ट्रांजिट कैंप
 

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Rishikesh: Transit camp for Chardham pilgrims to be ready in 2021, 10 crores to be set up

February 4, 2020 doon live 0 Comments breaking news, chardham, Chardham Yatra, Dehradun, dehradun news, Dehradunnews, government, latest news, news, state, state news, Transit Camp, Transit camp for Chardham pilgrims, uttarakhand, uttarakhand news


Abstract
Keeping in mind basic amenities, transit camp is being built at a cost of Rs 10 crore
For tourists visiting Chardham, construction work of the Transit Camp-registration office on the land of the Tourism Department near Chandrabhaga is going on in full swing. Keeping in mind the basic amenities of tourists, transit camps are being constructed at a cost of 10 crores. According to the working organization, the work of the camp will be completed by the year 2021.
In the year 2013, thousands of pilgrims were hit in the deluge of Kedarnath tragedy. After this, the government started working on the Transit Hostel Scheme to make the journey smooth and safe. The tourism department has prepared a blueprint for the transit camp plan. But the plan did not come due to the non-availability of land. After this, 3.70 hectares of forest land near Chandrabhaga and Gopalnagar was transferred to the tourism department in January 2019.
After almost a year has passed, finally, a few days ago, the executive organization Bidkul has started working here. At present excavation work for construction of 45 meters long and wide building has been completed. JE Rahul of Bidkul said that the construction of the transit camp has started on the instructions of the tourism department. Transit camp work will be completed by July 2021 if there is no disruption of weather.

The building is being built looking at future plans
The construction of the transit camp building is being done keeping in mind the strength of the six floors from the ground. However, only three floors are yet to be constructed here. But according to departmental sources, in view of future plans, more can be constructed on this building in the coming time.

These departments will have offices
The transit camp will be built on the ground floor, first and second floors. It will have two multiple ticket counters on the ground floor. Separate facilities will be available for women, men, senior citizens and the disabled. Apart from this, a bank and ATM facility will also be available on this floor. The tourism department and the joint rotation office associated with Chardham Yatra will also be here. There will be shops on the first floor. These shops will have facilities for food, etc. for the passengers. There will be accommodation for passengers on the second floor. About 150 passengers will be able to stay here at a time.

There will also be many facilities including lift
In addition to the stairs to climb in the transit camp, there will also be a lift. Apart from this, there will be plenty of toilets available on each floor. Also, there will be a ramp facility for the arrival of handicaps here.

250 buses will have parking facility
Currently, only transit camp work is under construction here. The facility of erecting vehicles coming from outside will be available by the tourism department during the Chardham Yatra here. More than 250 vehicles can be parked here at a time. Due to some illegal encroachers, the work of building vehicle parking here is hanging in the balance.


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Chamoli › Air Service For Gauchar And Chinyalisaur Will Start From Tomorrow


गौचर व चिन्यालीसौड़ के लिए कल से शुरू होगी हवाई सेवा

Updated Thu, 06 Feb 2020 09:33 PM IST


उड़ान योजना के तहत सहस्त्रधारा (देहरादून) से गौचर और चिन्यालीसौड़ के लिए हवाई सेवा आठ फरवरी से शुरू होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत योजना का शुभारंभ करेंगे। आठ फरवरी को सुबह नौ बजे सीएम सहस्रधारा हेलीपैड से हवाई सेवा का शुभारंभ करेंगे। यात्रियों के लिए हवाई सेवा सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी। लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग और शासन-प्रशासन ने उड़ान योजना के तहत हवाई सेवा शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हवाई सेवा का संचालन हैरिटेज एविएशन कंपनी की ओर से किया जाएगा। यात्रियों की बुकिंग जीएमवीएन की ओर से की जा रही है। हैरिटेज कंपनी के बेस मैनेजर बृजमोहन बिष्ट ने बताया कि हेलीकॉप्टर से एक बार में छह यात्री सफर कर सकेंगे।


 

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Tehri › Neel Chameswar Mahadev Meets Goddess Doli

नील चामेश्वर महादेव में हुआ देव डोलियों का मिलन

देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 03 Feb 2020 10:27 PM IST


देव डोलियों और देव निशानों के मिलन के साथ ही भिलंगना ब्लाक की नैलचामी पट्टी के नील चामेश्वर महादेव मंदिर में महायज्ञ (होम) कुंभ मेले का शुभारंभ हो गया। इस दौरान 13 फरवरी तक मंदिर में शिव पुराण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।

सोमवार को भिलंगना ब्लाक की नैलचामी पट्टी के 28 गांवों के आराध्य देव नील चामेश्वर महादेव में प्रत्येक 12 साल में आयोजित होने वाले होम का पूर्व मंत्री मातबर सिंह कंडारी, विधायक शक्ति लाल शाह और पूर्व विधायक भीमलाल आर्य ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की भांति भिलंगना क्षेत्र में भी धमार्थ और परमार्थ के लिए भगवान नील चामेश्वर महादेव मंदिर में यज्ञ शुरू हो गया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष यशवंत गुसाईं, प्रभात उनियाल ने बताया कि पहले दिन नागेंद्र देवता, महेंद्र देवता और राजराजेश्वर की डोली का मिलन अद्भुत रहा। मुख्य आचार्य अरविंद बड़ोनी ने शिव पुराण का शुभारंभ किया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य पूजा देवी, भाजपा नेता आनंद बिष्ट, संजय गुसाई, सलोनी गुसाई, भीमराज गुसाई, लक्ष्मी जोशी, चयन सिंह गुसांई, रुकमलाल राही, मोर सिंह राण, ज्योति प्रसाद नौटियाल आदि मौजूद रहे।


नील चामेश्वर महादेव में हुआ देव डोलियों का मिलन
 

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शहर व्यापार मंडल ने रेवले के खिलाफ रैली निकाली
Updated Fri, 07 Feb 2020 12:00 AM IST



रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं होने से नाराज व्यापारियों ने रेलवे के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि ट्रेनों का संचालन शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।

शहर व्यापार मंडल के व्यापारियों ने हरकी पैड़ी से रेलवे स्टेशन तक रैली निकाली। व्यापारियों को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश गुलाटी, महामंत्री संजीव नैयर ने कहा कि हरिद्वार से ट्रेनों का संचालन न होने के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द से जल्द हरिद्वार रेलवे स्टेशन ने ट्रेनों का संचालन किया गया तो व्यापार मंडल शहर में बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
शहर महामंत्री दीपक कालरा, राजीव पाराशर ने कहा कि पिछले दो माह से हरिद्वार में ट्रेनों का संचालन न होने के कारण व्यापार ठप हो चुका है। रेलवे के विभाग के अधिकारियों के आश्वान पर हरिद्वार के व्यापारी सहयोग करते रहे, यदि अब रेलवे की ओर से जल्द ट्रेनों को संचालन नहीं किया गया तो व्यापारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा। असिस्टेंट स्टेशन मास्टर दिनेश सिंह ने व्यापारियों को आठ फरवरी के ट्रेनों के संचालन का आश्वासन दिया। इस अवसर पर शहर अध्यक्ष कमल बृजवासी, अनिरुद्ध भाटी, विनीत जौली, राहुल कांडपाल, डॉ. संदीप कपूर, सूरज शर्मा, विजय शर्मा, तरुण नैय्यर, नागेश वर्मा, प्रशांत मेहता, देव माहेश्वरी, हरीश शर्मा, गौरव सचदेवा, राम अरोडा, विपिन शर्मा, गोपाल प्रधान आदि मौजूद थे।

शहर व्यापार मंडल ने रेवले के खिलाफ रैली निकाली
 

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Uttarkashi › Imprisoned In Snow For One And Half Months In 48 Villages
48 गांव में डेढ़ माह से बर्फ में कैद

देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 03 Feb 2020 10:21 PM IST



इस बार सर्दियों में कई दौर की बर्फबारी के चलते जनपद में ऊंचाई वाले करीब 48 गांव करीब डेढ़ माह से बर्फ से ढके हैं। प्रशासन भले ही बर्फ से ढके जिले के सभी मोटर मार्गों पर यातायात बहाल होने का दावा कर रहा हो, लेकिन ऊंचाई वाली करीब आधा दर्जन सड़कों पर यातायात बर्फ व पाले से आज भी जोखिमभरा बना हुआ है। यही नहीं गांवों के पैदल मार्ग भी खतरनाक हो गए हैं।

गंगोत्री घाटी में उपला टकनौर क्षेत्र के साथ ही पिलंग, जौड़ाव, नौगांव प्रखंड में गीठ पट्टी, स्योरी फलपट्टी एवं धारी कफनौल, पुरोला प्रखंड में सर बडियार, मोरी प्रखंड में पर्वत क्षेत्र के गांव बर्फ से पटे हैं। बीते दो दिन से चटक धूप के साथ मौसम खुशगवार होने पर प्रशासन ने यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत सभी सड़कों पर यातायात बहाल कर लिया है। सांकरी-तालुका मोटर मार्ग पेड़ गिरने और जखोल-फिताड़ी मोटर मार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध है। गंगोत्री हाईवे पर सुक्की से आगे के साथ ही हर्षिल-मुखबा, कमद-अयांरखाल, राड़ी-कूवां-कफनौल, फूलचट्टी-जानकीचट्टी, हनुमानचट्टी-खरसाली आदि ऊंचाई वाली सड़कों पर बर्फ व पाले से वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि गंगोत्री हाईवे हर्षिल से आगे अवरुद्ध है। बर्फबारी शुरू होने से पहले ही दूरस्थ गांवों तक खाद्यान्न का एडवांस कोटा पहुंचा दिया था। सभी गांवों में बिजली एवं पेयजल व्यवस्था सुचारु हैं। नवंबर में ही दूरस्थ गांवों में कुल 146 गर्भवती महिलाएं चिह्नित की गई थीं। इनमें से अधिकांश पहले ही सुविधायुक्त प्रसव केंद्रों के आसपास ठहरी हैं, जबकि गांवों में ही रह रही गर्भवती महिलाएं आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम के संपर्क में हैं।


48 गांव में डेढ़ माह से बर्फ में कैद
 

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Uttarkashi › Fury Expressed Over The Plight Of Barkot-Tilri Road
बड़कोट-तिलाड़ी मार्ग की बदहाली पर जताया रोष

देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 02 Feb 2020 09:30 PM IST



अवैध डंपिंग व अधूरे निर्माण के कारण बदहाल पड़े बड़कोट-तिलाड़ी मोटर मार्ग को लेकर जनप्रतिनिधियों में रोष है। आक्रोशित लोगों ने लोनिवि से अवैध डंपिंग बंद करवाकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

बड़कोट, बनाल व ठकराल पट्टी के करीब 45 गांवों को जोड़ने वाले बड़कोट-तिलाड़ी मोटर मार्ग के दो किमी हिस्से में चौड़ीकरण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन अधूरे निर्माण और जगह-जगह सरकारी व गैर सरकारी कार्यों का मलबा डंप किए जाने से मुख्य सड़क बदहाल हो गई है। जिला पंचायत सदस्य पवन पंवार, व्यापार मंडल महामंत्री सुरेंद्र रावत, राज्य आंदोलनकारी किताब सिंह रावत ने कहा कि विभाग की अनदेखी के कारण ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है। लोनिवि के ईई एसके गर्ग ने कहा कि अवैध डंपिंग की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल्द निर्माण कार्य पूरा कराके सड़क को भी दुरुस्त कराया जाएगा।


बड़कोट-तिलाड़ी मार्ग की बदहाली पर जताया रोष
 

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Uttarkashi › Cutting-Edge Snow Cutter Machine Inaugurated
अत्याधुनिक स्नो कटर मशीन का उद्घाटन


देहरादून ब्यूरो Updated Tue, 04 Feb 2020 10:18 PM IST

बर्फबारी से बाधित होने वाले मोटर मार्गों को तत्काल सुचारु करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अत्याधुनिक स्नो कटर मशीन खरीदी गई है। सोमवार देर शाम को गंगोत्री विधायक गोपाल रावत व डीएम डॉ. आशीष चौहान ने मशीन का उद्घाटन किया और इसे गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाली के लिए रवाना किया।

विधायक ने आपदाओं से निपटने व जनता की सुविधा के लिए आने वाले समय में अन्य जरूरी संसाधनों को जोड़ने का भरोसा दिया। डीएम ने बताया कि आपदा प्रबंधन के मद्देनजर 27 लाख की लागत से इस मशीन को खरीदा गया है, जिसकी मदद से कर्मचारियों को सड़क से तेजी से बर्फ हटाने के कार्य में सुविधा मिलेगी। उद्घाटन समारोह में निदेशक उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ विजय संतरी, जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, शार्दुल गुर्साइं आदि मौजूद रहे। संवाद



अत्याधुनिक स्नो कटर मशीन का उद्घाटन
 
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