Road conditions - Uttarakhand

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Uttarkashi-Rishikesh All Weather Road To Be Built In Two Years

दो साल में बनेगी उत्तरकाशी-ऋषिकेश ऑल वेदर रोड

देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 03 Feb 2020 10:18 PM IST

बीआरओ टास्क फोर्स के नवनियुक्त कमांडर वीके श्रीवास्तव ने ऋषिकेश से उत्तरकाशी तक ऑल वेदर रोड के कार्य दो साल के भीतर पूरा करने की बात कही। उन्होंने सुगम एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए गंगोत्री हाईवे के डेंजर जोनों को शीघ्र दुरुस्त कराने व गंगोरी में निर्माणाधीन बेली ब्रिज को 15 दिन के भीतर तैयार करने का दावा किया।

ऋषिकेश से गंगोत्री तक गंगोत्री हाईवे की जिम्मेदारी संभालने वाली 36 बीआरओ टास्क फोर्स के नए कमांडर वीके श्रीवास्तव ने पदभार ग्रहण कर लिया है। सोमवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना के कार्य निर्धारित समय में पूरे कराए जाएंगे। ऋषिकेश से उत्तरकाशी तक के हिस्से में तेजी से कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों को हर हाल में दो साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उत्तरकाशी से गंगोत्री के बीच ईको सेंसिटिव जोन की बंदिश के कारण आ रही दिक्कतों को लेकर उन्होंने कहा कि इस हिस्से में ऑल वेदर रोड के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। स्वीकृति मिलते ही इस पर भी तेजी से कार्य कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगोत्री हाईवे पर चंबा के पास निर्माणाधीन सुरंग को इस वर्ष दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
आगामी चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री हाईवे के डेंजर जोन वाले हिस्सों को लेकर कमांडर श्रीवास्तव ने बताया कि गंगोरी में कम क्षमता वाले बेली ब्रिज हटाकर यहां नए बेली ब्रिज का काम शुरू कर दिया है। इसे 15 दिन के भीतर तैयार कर लिया जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की हाईपावर कमेटी ने गंगोत्री हाईवे पर 12 डेंजर जोन चिह्नित किए हैं। मंत्रालय से स्वीकृति के बाद इन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। इस वर्ष भीषण बर्फबारी के बावजूद गंगोत्री हाईवे पर कम समय के भीतर यातायात बहाल किया गया।


दो साल में बनेगी उत्तरकाशी-ऋषिकेश ऑल वेदर रोड
 

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Uttarkashi › Give Compensation For The Land Acquired For All Weather Road
ऑल वेदर रोड के लिए अधिग्रहित जमीनों का दें मुआवजा
देहरादून ब्यूरो Updated Thu, 06 Feb 2020 09:45 PM IST


ऑल वेदर रोड परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के लिए डीएम डा. आशीष चौहान ने सड़क के लिए अधिग्रहित जमीन का प्रतिकर शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए। डीएम ने सड़क चौड़ीकरण में आ रही पेयजल एवं विद्युत लाइनों को भी तत्काल शिफ्ट करने को कहा। डीएम ने आगामी चारधाम यात्रा से पूर्व यात्रा मार्ग को सुरक्षित यातायात लायक तैयार करने के निर्देश दिए।

जिला सभागार में ऑल वेदर रोड के कार्यों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई स्थानों पर अभी तक हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीनों का मुआवजा वितरित नहीं हुआ है। डीएम ने तहसीलदार को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। डीएम ने हाईवे चौड़ीकरण में आ रही पेयजल एवं विद्युत लाइनों को भी शीघ्र शिफ्ट कराने के निर्देश दिए। अप्रैल में चारधाम यात्रा शुरू होने को देखते हुए डीएम ने ऑल वेदर रोड निर्माण के चलते जगह-जगह सड़क किनारे जमा मलबे को शीघ्र हटवाने को कहा। बैठक में एडीएम तीर्थपाल सिंह, एसडीएम बड़कोट चतर सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो


ऑल वेदर रोड के लिए अधिग्रहित जमीनों का दें मुआवजा
 

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Dehradun › Online Booking Start For Gauchar And Chinyalisaur Heli Service

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आठ फरवरी से हल्द्वानी-हरिद्वार हेली सेवा पर संशय, गोचर और चिन्यालीसौड़ के लिए बुकिंग शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंतनगर Updated Thu, 06 Feb 2020 11:32 AM IST

- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर


हल्द्वानी-हरिद्वार के बीच आठ फरवरी से प्रस्तावित हेली सेवा में विलंब होने की आशंका प्रबल हो उठी है। वहीं, सहस्त्रधारा-गोचर एवं सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़ के लिए हेली सेवा शुरू करने का कंपनी से फाइनल शेड्यूल भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को प्राप्त हो गया है।

एयरपोर्ट डायरेक्टर एसके सिंह ने बताया कि अनुबंधित हवाई सेवा प्रदाता कंपनी हेरिटेज एविएशन ने सहस्त्रधारा से गोचर व चिन्यालीसौड़ के लिए 8 फरवरी से हेली सेवा शुरू करने के लिए शेड्यूल उपलब्ध करा दिया है।

साथ ही हेरिटेज ने अपनी वेबसाइट पर उक्त हेली सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग भी प्रारंभ कर दी है। बताया कि हल्द्वानी-हरिद्वार के बीच आठ फरवरी से हेली सेवा शुरू करने का उन्हें अभी कंपनी से शेड्यूल नहीं प्राप्त हुआ है जिससे लगता है कि यह हेली सेवा शुरू होने में कुछ विलंब हो जाएगा।
गौचर और चिन्यालीसौड़ के लिए रोजाना दो फ्लाइट होंगी संचालित
देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपेड से दोनों जगहों के लिए उड़ान भरी जाएगी। उड़ान योजना के तहत रोजाना दो फ्लाइट संचालित होंगी। हेली सेवा के लिए हेरीटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का छह सीटर डबल इंजन हेलीकाप्टर संचालित होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहस्त्रधारा हेलीपैड से उड़ान योजना के तहत सहस्त्रधारा-गौचर-सहस्त्रधारा और सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा हेली सेवा का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री के उड्डयन सलाहकार कैप्टन दीप श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत इस सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। हेली सेवा प्रतिदिन दो ट्रिप चलाएगी।

किराया दर
सहस्त्रधारा से गौचर - 4120 रुपये
सहस्त्रधारा से चिन्यालीसौड़ - 3350 रुपये


आठ फरवरी से हल्द्वानी-हरिद्वार हेली सेवा पर संशय, गोचर और चिन्यालीसौड़ के लिए बुकिंग शुरू
 

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Tentative Dates of Char Dham yatra :


CHAR DHAAM YATRA - AT A GLANCE
View Detailed Route Map

There are four holy shrines in Uttarakhand dedicated to Hindu Gods and holy rivers of India. The four shrines are situated within the Garhwal Region. These are collectively referred as "Char Dhaam of Uttarakhand" . Pilgrims from all over India and abroad visit the shrines as "Char Dhaam Yatra". In Hindu religion, CharDham Yatra holds has great importance and sanctity. It is believed that every Hindu should undertake Char Dhaam Yatra at least once in a life time to avail the blessings of gods adorning the shrines.
Haridwar is the traditional point to start Char Dhaam Yatra of Uttarakhand. Haridwar is in the plains and easily accessible by Road & Train from other locations of India, including New Delhi. It is also accessible by Road from Dehradun, which has Airport. So, Piligrims can fly to Dehradun from Delhi & other locations in India and then proceed to Haridwar by Road travel.
Haridwar is famous for Ganga Aarthi which takes place in evening daily and through out the year.
From Haridwar, Piligrims can travel by Road to the next stop in Char Dham yatra ie Rishikesh, which is also in plains. Ganga Aarthi takes place in Rishikesh also in the evening daily.
From Rishikesh, Piligrims can travel to Four places of Chaar Dhaam yatra i.e, Badrinath, Kedarnath, Gangotri and Yamunotri. Details are given below.

Dhaam NameDevoted toAltitudeOpening DateClosing DateAccessibility
Yamunotri DhaamRiver Yamuna3293 meters26 April 2020 (Tentative Date)16 Nov 2020 (Eve of Bhai Dooj)From Rishikesh, Piligrims have to first reach Janaki Chatti by Road travel. From Janaki Chatti, Piligrims can reach Yamunotri by :
(1) Pony (2) Trekking
Gangotri DhaamRiver Ganges3200 meters26 April 2020 (Tentative Date)15 Nov 2020 (Next Day of Diwali)From Rishikesh, Piligrims can reach Gangotri completely by Road travel. However, to reach Gaumukh (Source of River Ganges), Piligrims have to travel by Trekking.
Shri Badarinath DhaamLord Vishnu3133 meters30 April 202015 Nov 2020 (Tentative Date)From Rishikesh, Piligrims can reach Badrinath completely by Road travel.
Shri Kedarnath DhaamLord Shiva3581 meters29 April 2020From Rishikesh, Piligrims have to first reach Sitapur by Road travel. From Sitapur, Piligrims can travel to Kedarnath, by : (1) Helicopter (2) Pony (3) Trekking




Shri Badrinath & Shri Kedarnath Temple Commitee
 

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Kedarnath Dham Doors Opening Date Will Decide On Maha Shivaratri 2020
महाशिवरात्रि के पावन मौके पर घोषित हुई केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि, इस दिन दर्शन देंगे भोले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Fri, 21 Feb 2020 12:04 PM IST


Kedarnath Dham doors opening date will decide on Maha Shivaratri 2020



भगवान आशुतोष के पावन पर्व महाशिवरात्रि पर आज शुक्रवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित कर दी गई। आगामी 29 अप्रैल को भगवान आशुतोष के 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ के कपाट खुलेंगे। मेष लग्न में सुबह 6:10 पर मंदिर का द्वार आम दर्शनों के लिए खोला जाएगा। इसके बाद छह माह तक अराध्य की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी।


25 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान भैरवनाथ की पूजा होगी। 26 अप्रैल को केदारनाथ की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान करेगी। 27 को गौरीकुंड रात्रि विश्राम और 28 अप्रैल शाम को पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 29 अप्रैल को मेष लग्न में सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

इसके लिए ओंकारेश्वर मंदिर में खास तैयारियां की गई हैं। सुबह से ही आराध्य की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। प्रात: नौ बजे के बाद रावल गद्दी परिसर में हक-हकूकधारियों, आचार्यगणों, बीकेटीसी के पदाधिकारियों की मौजूदगी में पंचांग गणना के आधार पर केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि तय की। इसके बाद अब बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति के चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान होकर धाम प्रस्थान का दिन भी तय किया जाएगा।

केदारनाथ यात्रा के सकुशल संचालन एवं विश्व कल्याण के लिए ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में महायज्ञ कर आहुतियां दी जा रही हैं। दोपहर को धार्मिक कार्यक्रमों के बाद शाम छह बजे से ओंकारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।
महाशिवरात्रि पर यात्रा तैयारियों का होता है श्रीगणेश
चारों पहर भगवान शिव की विशेष पूजा की जा रही है। रावल भीमाशंकर लिंग ने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व पर धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के तहत भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना के साथ कपाट खुलने की तिथि तय की जाती है।

महाशिवरात्रि पर श्रीकेदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही यात्रा तैयारियों का श्रीगणेश भी शुरू हो जाता है। शासन, प्रशासन, श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के साथ केदारघाटी समेत अन्य लोग भी यात्रा में रोजगार को लेकर अपनी तैयारियों में जुट जाते हैं।

वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती बताते हैं कि बाबा की यात्रा तिथि घोषणा के दिन से केदारघाटी में उल्लास का माहौल हो जाता है। यात्रा से हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ी है।
गौरीकुंड से केदारनाथ तक क्षतिग्रस्त बिजली लाइनें
गौरीकुंड से केदारनाथ व केदारपुरी में बिजली लाइन को व्यापक क्षति पहुंची है। ऊर्जा निगम ने प्रारंभिक तौर पर नुकसान का आकलन 50 से 80 लाख तक का है। यह आंकड़ा और अधिक भी हो सकता है, क्योंकि अभी भीमबली से केदारनाथ तक भारी बर्फ होने से बिजली लाइन की क्षति की स्पष्ट जानकारी नहीं है।

बीते वर्ष 12/13 दिसंबर को हुई सीजन की पहली भारी बर्फबारी में ही गौरीकुंड से केदारनाथ तक 17 किमी रास्ते पर बिजली के पोल, तारें जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद ऊर्जा निगम द्वारा लाइन की मरम्मत के प्रयास भी किए गए, लेकिन पुन: बर्फबारी से स्थिति और भी खस्ताहाल हो गई।
विद्युत लाइन के पोल टूटकर रास्ते किनारे पड़े हैं
गौरीकुंड कस्बे से आधा किमी आगे से विद्युत लाइन के पोल टूटकर रास्ते किनारे पड़े हैं। इसके अलावा भीमबली से केदारनाथ तक 9 किमी क्षेत्र में भी बिजली लाइन को भारी क्षति पहुंची है, लेकिन कई फीट बर्फ जमा होने के कारण अभी नुकसान का स्पष्ट आकलन नहीं हो रहा है।

ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मोहित डबराल ने बताया कि गौरीकुंड से भीमबली तक क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन की मरम्मत के लिए 23 लाख का प्रस्ताव तैयार कर कार्य शुरू भी कर दिया गया है। बताया कि भीमबली से केदारनाथ व केदारपुरी में बर्फ सफाई के बाद नुकसान की सही स्थिति साफ हो पाएगी।


महाशिवरात्रि के पावन मौके पर घोषित हुई केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि, इस दिन दर्शन देंगे भोले
 

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Uttarakhand Weather Today: Cold Returned Again Due To Rain
उत्तराखंडः रातभर पड़ी बारिश की फुहारों से लौटी ठंड, धनोल्टी, नैनीताल सहित चारों धाम में हुई बर्फबारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 21 Feb 2020 11:26 AM IST


नैनीताल में हुई सीजन की आठवीं बर्फबारी

नैनीताल में हुई सीजन की आठवीं बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला


गरज चमक के साथ बृहस्पतिवार की रात पड़ी बारिश की फुहारों ने मौसम में एक बार फिर ठंड बढ़ा दी। इससे न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, शुक्रवार को हल्के बादल छाए रहने और तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। मसूरी में भी रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक रुक-रुक कर होती रही।

वहीं नैनीताल, धनोल्टी, हेमकुंड सहित चार धामों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई है। नैनीताल में बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे से बारिश जारी है। वहीं आज नैनीताल शहर और ऊंची चोटियों पर इस सीजन में आठवीं बार बर्फबारी हुई है। हालांकि बारिश के कारण शहर में बर्फ रुक नहीं पाई।


चौखुटिया, लोहाघाट, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, काशीपुर, रुद्रपुर, बाजपुर, बागेश्वर, जसपुर, भीमताल, किच्छा, रानीखेत, मुनस्यारी, पंतनगर, रामनगर सहित कुमाऊं के लगभग सभी इलाकों में रात से ही रुक-रुक कर बारिश जारी है। आज सुबह 6.30 बजे से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में मलबा आने से बेलखेत व स्वांला के पास सड़क बंद हो गई है।
कुछ इलाकों में तेज आंधी चलने का भी अनुमान
गढ़वाल में श्रीनगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी, उत्तरकाशी, नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। चमोली और रुद्रप्रयाग की ऊंची चोटियों में बर्फबारी की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, देहरादून समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आज हल्के बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में तेज आंधी चलने का भी अनुमान है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले कुछ दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहने का अनुमान है।

देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में आज भी 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में ओले गिरने का अनुमान है। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले दो-तीन दिन कई स्थानों पर बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
बदलता मौसम बढ़ा रहा आंखों की पीड़ा
मौसम कभी सर्द तो कभी अचानक गर्म हो रहा है। ऐसे मौसम में आंख में विभिन्न तरह की दिक्कतें होने का डर रहता है। ऐसे में डॉक्टर आंख जैसे संवेदनशील अंग का खास ख्याल रखने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

नेहरू कॉलोनी, हरिद्वार रोड स्थित नवज्योति आई क्लीनिक के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद अरोड़ा ने बताया कि आजकल आंखों में एलर्जी, आंखों के लाल होने, पानी निकलने और चुभन होने के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इसके अलावा आजकल आंखों में खुश्की (ड्राइनस) की समस्या भी रहती है।

खासकर जो लोग वाहन चलाते वक्त चश्मा या कवर्ड हेलमेट नहीं पहनते हैं, उन्हें यह दिक्कत ज्यादा होती है। कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने वालों की आंखों में भी ड्राइनेस की दिक्कत हो जाती है। इसी तरह आंख दुखने या आंख आने की समस्या (इंफेक्शन) की संभावना भी रहती है। आंख से चिपचिपा पदार्थ आना, लाली रहना और पानी आना इसके लक्षण हैं।


ऐसे करें बचाव
- प्रदूषण से बचने के लिए चश्मा जरूर पहनें।
- नार्मल पानी से आंखों को बीच-बीच में धोते रहें।
- दोपहिया वाहन चलाते समय चश्मा या कवर्ड हेलमेट पहनें।
- बंद चार पहिया वाहन में एसी की हवा सीधे आंखों पर न पड़े।
- ड्राइनेस की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह से अच्छे ल्यूब्रिकेंट्स (आई ड्रॉप) का इस्तेमाल करें।
- आंख आना फैलने वाली बीमारी है। यह किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आने से हो जाती है। इसलिए अगर घर में किसी को यह दिक्कत हो तो उनका तौलिया, रुमाल आदि बिना धुले इस्तेमाल न करें।
- आंख में कोई भी ड्राप बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के न डालें और न ही कोई दवा लें। किसी भी तरह दिक्कत होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।



उत्तराखंडः रातभर पड़ी बारिश की फुहारों से लौटी ठंड, धनोल्टी, नैनीताल सहित चारों धाम में हुई बर्फबारी
 

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Kedarnath Badrinath Temple Committee Started Web Portal, Chief Minister Launched
केदरनाथ बदरीनाथ मंदिर समिति का शुरू हआ वेबपोर्टल, मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 14 Feb 2020 07:22 PM IST


अधिकारिक वेबपोर्टल का शुभारंभ

अधिकारिक वेबपोर्टल का शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारिक वेबपोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की डायरी एवं कैलेंडर का भी विमोचन किया।

वेबपोर्टल का निर्माण एनआईसी ने किया है। मुख्यमंत्री ने निदेशक एनआईसी के नारायणन को पोर्टल में चारधाम यात्रा से संबंधित अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट होने से अब देश और दुनिया के किसी भी कोने से उत्तराखंड चारधाम यात्रा के संबंध में जानकारी हासिल की जा सकेगी। इस अवसर पर श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, उपाध्यक्ष अशोक खत्री, सीईओ बीडी सिंह उपस्थित थे।

केदरनाथ बदरीनाथ मंदिर समिति का शुरू हआ वेबपोर्टल, मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
 

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Chamoli › Badrinath Highway Blocked Due To Landslide In Vishnuprayag
विष्णुप्रयाग में टूटी चट्टान, भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे पर आया मलबा, सात घंटे ठप रहा मार्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली Updated Tue, 18 Feb 2020 08:33 PM IST


बदरीनाथ हाईवे

बदरीनाथ हाईवे - फोटो : अमर उजाला


सार
  • पांडुकेश्वर तक चल रहा ऑलवेदर रोड परियोजना का कार्य

विस्तार
ऑालवेदर रोड परियोजना कार्य के दौरान विष्णुप्रयाग में चट्टान का एक हिस्सा टूटकर बदरीनाथ हाईवे पर आ गया, जिससे यहां सात घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। शाम चार बजे से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई, लेकिन अभी भी चट्टानी भाग में अटके बड़े-बड़े बोल्डर दिक्कत पैदा कर सकते हैं। विगत 11 फरवरी को भी इसी क्षेत्र में चट्टान खिसकने से दिनभर हाईवे बाधित हुआ था।

मंगलवार को सुबह करीब नौ बजे ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के दौरान अचानक चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की जेसीबी मशीनों के जरिए मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई

शाम को चार बजे हाईवे को छोटे वाहनों के लिए खोला जा सका। बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि हिल साइड अटके बोल्डरों को हटाया जा रहा है। इन दिनों विष्णुप्रयाग से पांडुकेश्वर के बीच ऑलवेदर रोड का कार्य चल रहा है, जिससे यहां बार-बार जाम की स्थिति पैदा हो रही है। टैय्या पुल के समीप भी चट्टानी भाग पर कार्य चल रहा है।


 

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Chamoli › Badrinath Highway Damage In Vishnuprayag
विष्णुप्रयाग में खतरनाक बना बदरीनाथ हाईवे
Updated Thu, 20 Feb 2020 07:00 PM IST

ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से विष्णुप्रयाग के पास बदरीनाथ हाईवे खतरनाक बना है। यहां हाईवे के ऊपर बड़े-बड़े बोल्डर अटक गए हैं, जिनसे यहां आवाजाही के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

आगामी चारधाम यात्रा शुरू होने में अभी दो माह शेष है। इसे देखेते हुए ऑलवेदर कटिंग का काम तेज हो गया है, लेकिन विष्णुप्रयाग के पास सड़क कटिंग होने से हाईवे खतरनाक बना है। कई बार यहां भारी मात्रा में बोल्डर आने से हाईवे बंद हो चुका है। हाईवे पर पहाड़ी की तरफ बहुत बड़े बोल्डर अटके हैं, जो किसी भी वक्त नीचे गिर सकते हैं। स्थानीय निवासी नवनीत मेहता और रामनारायण भंडारी आदि का कहना है कि हाईवे के ऊपर अटके इन बोल्डरों को जल्द हटाना जरूरी है। बीआरओ जोशीमठ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि यात्रा से पहले हाईवे को दुरुस्त कर दिया जाएगा। बोल्डरों को तोड़ने के लिए मशीनें कार्य कर रही हैं।

 

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BRO Opens Badrinath Highway By Cutting Snow
हिमखंड को काटकर बीआरओ ने खोला बदरीनाथ हाईवे, सेना और आईटीबीपी की आवाजाही शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Updated Thu, 20 Feb 2020 07:32 PM IST


BRO opens Badrinath highway by cutting snow

- फोटो : अमर उजाला


सार
  • 20 से 25 फीट ऊंचे हिमखंड को काटकर बीआरओ ने खोला राजमार्ग

विस्तार
बीआरओ ने 20 से 25 फीट ऊंचे हिमखंडों को काटकर बदरीनाथ तक हाईवे खोल दिया है। हाईवे खुलने से सेना और आईटीबीपी की आवाजाही सुगम हो गई है। बदरीनाथ में लगातार हो रही बर्फबारी से मार्ग बंद हो रहा है, विशाल हिमखंड भी हाईवे पर आ गए थे, जिन्हें काटने में बीआरओ को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

इस वर्ष बदरीनाथ धाम की यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होगी। इसको देखते हुए बीआरओ अभी से मार्ग दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। बर्फ से बंद पड़े हाईवे को खोलने के लिए बीआरओ की जेसीबी कई दिनों से काम कर रही थी।

रडांग बैंड के पास आए हिमखंडों को काटना बीआरओ के लिए चुनौती था, जिसे कई दिनों की मशक्कत के बाद काटकर हाईवे धाम तक सुचारु कर दिया गया। बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि बदरीनाथ तक हाईवे को खोल दिया गया है, जिससे सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।


 
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