Road conditions - Uttarakhand

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चारधाम एक्ट पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई, सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर केंद्र, राज्य सरकार और बोर्ड को नोटिस
Nainital News in Hindi

चारधाम एक्ट पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई, सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर केंद्र, राज्य सरकार और बोर्ड को नोटिस


सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट के सामने कहा कि कल रात ही बोर्ड का सीईओ नियुक्त किया गया है लिहाज़ा जब तक इस पूरे मामले की सुनवाई जारी है तब तक किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए.


उत्तराखंड सरकार की ओर से लाए गए चारधाम देवस्थानम एक्ट को नैनीताल हाईकोर्ट में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दी चुनौती. कोर्ट ने सभी पक्षकारों से जवाब तलब किया.

नैनीताल. चारधाम देवस्थानम एक्ट से सरकार की मुश्किलें बढ़नी तय हैं. आज हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर सुनवाई कर केन्द्र, राज्य सरकार और चारधाम देव स्थानम बोर्ड के सीईओ को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि तीन हफ़्ते के भीतर सभी पक्षकार अपना जवाब दाखिल करें. सुनवाई के दौरान आज याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट के सामने कहा कि कल रात ही इसका सीईओ नियुक्त किया गया है. लिहाजा जब तक इस पूरे मामले की सुनवाई जारी है, तब तक किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए. कोर्ट ने सरकार से इस मामले पर भी जवाब दाखिल करने को कहा है.

विरोध से बेपरवाह थी सरकार
बता दें कि राज्य सरकार ने चारधाम देवस्थानम एक्ट पास कर बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत 51 मंदिरों को इसमें शामिल किया है. तीर्थ-पुरोहितों और हक-हकूकधारियों ने इसका भारी विरोध किया है. उन्होंने चारधाम यात्रा के दौरान धार्मिक कर्मकांड नहीं करने तक का ऐलान कर दिया, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर होता नहीं दिखा.

सड़क से सदन तक विरोध का जब सरकार पर असर नहीं हुआ, तो तीर्थ पुरोहित और हक-हकूधारी महापंचायत बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी से मिली और उनसे इस मामले में दखल देने का आह्वान किया. स्वामी ने उन्हें इस मामले में समर्थन देने का भरोसा दिया. साथ ही जनहित याचिका दायर करने का आश्वासन भी दिया था.

असंवैधानिक कानून
सोमवार को सुब्रमण्यम स्वामी ने देवस्थानम एक्ट को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी, जिस पर आज सुनवाई हुई. स्वामी ने हाईकोर्ट में कहा कि राज्य सरकार का एक्ट असंवैधानिक है और सुप्रीम कोर्ट के 2014 के आदेश का उल्लंघन करता है. याचिका में कहा गया है कि सरकार को मंदिर चलाने का कोई अधिकार नहीं है. मंदिर को भक्त या फिर उनके लोग ही चला सकते हैं, लिहाजा सरकार के एक्ट को निरस्त किया जाए.सरकार की दलील को स्वामी ने हंसी में उड़ाया
आज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि स्वामी ने राजनीति से प्रेरित होकर प्रचार के लिए यह जनहित याचिका दाखिल की है. सुब्रमण्यम स्वामी ने इस बात को हंसी में उड़ा दिया और कहा कि जब भी वह याचिका दायर करते हैं, ऐसी बातें कही जाती हैं. लेकिन याचिका के गुण-दोष पर फैसला कोर्ट करता है, सरकार नहीं.


 

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अब दुनियाभर के श्रद्धालु ऑनलाइन कर सकेंगे चार धाम समेत देवभूमि के कई मंदिरों के दर्शन
Dehradun News in Hindi

अब दुनियाभर के श्रद्धालु ऑनलाइन कर सकेंगे चार धाम समेत देवभूमि के कई मंदिरों के दर्शन


जल्द ही दुनिया भर के श्रद्धालु देवभूमि के चार धाम सहित अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे.

जिओ, एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म तैयार करेगा, जिस पर केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए जा सकेंगे.
देहरादून. जल्द ही दुनिया भर के ऐसे श्रद्धालु, जो किन्हीं कारणों से देवभूमि नहीं आ पाते हैं, भी यहां के चार धाम सहित अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे. इसके लिए जिओ, एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म तैयार करेगा. इस प्लेटफ़ॉर्म पर केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए जा सकेंगे.

जिओ बनाएगा ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म

बता दें कि उत्तराखण्ड में हर साल आने वाले करोड़ों पर्यटकों में ज़्यादातर धार्मिक पर्यटक या श्रद्धालु होते हैं. इनके अलावा लाखों लोग ऐसे भी हैं जो चाहते हुए भी विभिन्न कारणों से नहीं आ पाते हैं. अब आधुनिक तकनीक की वजह से अब ऐसे लोगों को भी सभी मंदिरों के दर्शन लाभ हो सकेंगे.

उत्तराखण्ड सरकार अब जिओ के सहयोग से ऑनलाईन व्यवस्था करने जा रही है जिससे दुनिया में कहीं भी बैठे लोग चार धाम सहित देवभूमि उत्तराखण्ड के अन्य मंदिरों के दर्शन लाभ कर देंगे. इसके लिए जिओ डिजिटल प्लेटफार्म तैयार कर उत्तराखण्ड सरकार को उपलब्ध करवाएगा.

सीएम ने किया धन्यवाद

दरअसल इन्वेस्टर्स समिट से पहले अगस्त 2018 में मुम्बई में आयोजित रोड शो के दौरान रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अम्बानी ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भेंट कर डिजिटल उत्तराखण्ड के लिए नेट कनेक्टिविटी में सहयोग का प्रस्ताव दिया था. इसी क्रम में जिओ ने फ़ाइबर कनेक्टिविटी पर काम किया जो लगभग 89 प्रतिशत काम किया जा चुका है.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके लिए जिओ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘चार धाम और दूसरे प्रमुख मंदिरों के ऑनलाइन दर्शन से दुनिया भर के लोग उत्तराखण्ड की आध्यात्मिकता से परिचित होंगे. शारीरिक अस्वस्थता या अन्य दूसरे कारणों से आने में असमर्थ श्रद्धालु, चारधाम का दर्शन लाभ कर सकेंगे.’



 

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How is the road conditions en route to Yamunotri ? Any update with pictures would highly be appreciated

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No pics.

If going now, not much problem. But weather is going bad for next some days. It may be dangerous 8n rain and snoe. If you are not prepared for it.
Going when ?

Char dham road widening project is creating unstable roads to fell down or cave easily 8n hills..
Currently no traffic but may face weather problem.
 

psrinivasan631

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No pics.

If going now, not much problem. But weather is going bad for next some days. It may be dangerous 8n rain and snoe. If you are not prepared for it.
Going when ?

Char dham road widening project is creating unstable roads to fell down or cave easily 8n hills..
Currently no traffic but may face weather problem.
If all goes well, planning to leave on 23rd Mar'2020 only Yamunotri Dham

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Alpha

Going to Neverland
How is the road conditions en route to Yamunotri ? Any update with pictures would highly be appreciated

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Assuming you are going from Mussoorie side, road from Barkot till you cross Yamuna river near Kharadi-Fooldhar (about 11-12 kms) was under construction under Char-dham road project..rest all is fine.
 

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Uttarakhand Weather: Heavy Snowfall And Rainfall Warning In Seven District

उत्तराखंड: मैदानी इलाकों में बारिश, आंधी और पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड, फिर निकले गर्म कपड़े
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 06 Mar 2020 08:16 PM IST


बदरीनाथ में ताजा बर्फबारी


बदरीनाथ में ताजा बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला


सार
  • मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, मैदानी क्षेत्रों में तेज हवा चलने का अनुमान

विस्तार
उत्तराखंड में शुक्रवार को पूरे दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। चारों धामों समेत औली, हेमकुंड साहिब वऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया।

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में बजट सत्र के चौथे दिन जमकर बर्फबारी हुई। करीब चार घंटे तक चली बर्फबारी से भराड़ीसैंण सहित आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई। मंत्री और विधायक बर्फबारी के कारण लंच करने भी नहीं जा सके। विधानसभा की कार्रवाई देखने आए लोग भी बारिश और बर्फबारी होने से वहीं फंस गए। पहाड़ों की रानी मसूरी में बारिश और पर्यटन नगरी धनोल्टी में भी हिमपात हुआ है।

चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड और औली सहित ऊंचाई वाले स्थानों पर जमकर बर्फबारी हुई। औली में पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। उत्तरकाशी जिले में बृहस्पतिवार से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले मुखबा, हर्षिल, सुक्की, जानकीचट्टी, खरसाली, सांकरी आदि क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है।

ताजा बारिश और बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आई है। जिले में बीते दिनों में जहां पारा 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित निचले इलाकों में अधिकतम तापमान 9 डिग्री और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत बर्फबारी वाले इलाकों में अधिकतम तापमान दो डिग्री और न्यूनतम माइनस आठ डिग्री सेल्सियस रहा।


भराड़ीसैंण में मंत्रियों और अफसरों के लिए कौतूहल बनी बर्फबारी
उत्तराखंड में विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन भराड़ीसैंण में जमकर बर्फबारी हुई। करीब चार घंटे तक चली बर्फबारी से भराड़ीसैंण सहित आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई। बर्फबारी से भले ही ठंड का प्रकोप बढ़ गया, लेकिन बर्फबारी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के लिए कौतूहल का विषय बनी रही। मौसम खराब होने से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कार से ही श्रीनगर के लिए निकल पड़े।

शुक्रवार को बजट सत्र के दौरान दोपहर के समय भराड़ीसैंण में अचानक सफेद फुहारें बरसने लगी। सत्र में कई मंत्री, विधायक और अधिकारी ऐसे भी थे जिन्होंने पहली बार बर्फ गिरते हुए देखी। प्रकृति के इस सुंदर नजारे को देखकर वह रोमांचित दिखे। कई तो बर्फबारी के दौरान सेल्फी लेते भी नजर आए। स्थिति यह थी कि विधानसभा के मुख्य द्वार के बाहर ही बर्फ की मोटी चादर बिछ गई, जिससे वहां पर रास्ता काफी फिसलनभरा हो गया। बर्फ में कई विधायक और अधिकारी गिरते-गिरते बचे।

उधर, बर्फबारी पड़ने से दिवालीखाल से भराड़ीसैंण तक जगह-जगह वाहन फंसे रहे। जिला प्रशासन ने खुद मोर्चा संभालते हुए मार्ग खुलवाने का काम शुरू किया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया और पुलिस अधीक्षक यशवंत चौहान खुद मौके पर मौजूद रहे और तीन जेसीबी और एक स्नोकटर मशीन से बर्फ को हटाकर मार्ग खोला गया।


मलबा आने से कांडी-लक्ष्मणझूला मार्ग बाधित
क्रवार सुबह पांच बजे से हो रही मूसलाधार बारिश से नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से क्षेत्र में एक बार फिर ठंडक ने दस्तक दे दी है। लोगों को फिर से गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। बारिश से कांडी लक्ष्मणझूला स्टेट हाईवे बिथ्याणी के पास मलबा आने से बंद हो गया है, जिससे लोगों को ऋषिकेश, देहरादून, हरिद्वार आवाजाही करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यमकेश्वर में भारी बारिश से कांडी-लक्ष्मणझूला मोटर मार्ग बिथ्याणी के समीप मलबा आने से बंद हो गया, जिससे लोगों को ऋषिकेश, देहरादून आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बिथ्याणी के समीप बिथ्याणी-ढुंगा-बंचूरी मार्ग को जोड़ने के लिए कटिंग की गई थी, जिसका मलबा कांडी-लक्ष्मणझूला मोटर मार्ग तथा बिथ्याणी-यमकेश्वर मोटर मार्ग पर आ रहा है।

ग्राम बघेलगांव निवासी भगत सिंह ने बताया कि मोटर मार्ग पर मलबा और पत्थर आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। लोनिवि दुगड्डा के सहायक अभियंता सत्य प्रकाश ने बताया कि मोटर मार्ग पर पड़े मलबे को हटाने के लिए जेसीबी को भेज दिया है। जल्द ही मार्ग की सफाई कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।


धनोल्टी, काणाताल, प्रतापनगर में 15वीं बार हुई बर्फबारी
शुक्रवार को मौसम ने फिर से करवट बदली। जिलेभर में झमाझम बारिश से मौसम में फिर से ठंडक बढ़ गई है। धनोल्टी, काणाताल, प्रतापनगर, सेम-मुखेम सहित ऊंचाई वाले कई स्थानों में रिकार्ड 15वीं बार हल्की बर्फबारी हुई।

जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में शुक्रवार को तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश हुई। सुबह 11 बजते ही अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। धनोल्टी, काणाताल, ठांगधार, कद्दूखाल, प्रतापनगर, सेम-मुखेम और गंगी में हल्की बर्फबारी हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र रानीचौरी के तकनीकी अधिकारी प्रकाश पंवार ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह करवट बदलेगा। शुक्रवार को जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान नौ डिग्री और न्यूनतम दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उत्तराखंड: मैदानी इलाकों में बारिश, आंधी और पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड, फिर निकले गर्म कपड़े
 

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ये जो हो रहा है वो सही नहीं है!
42,914 views
•Mar 7, 2020


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मार्च के महीने में बर्फबारी.. जी हां, खबर करने वाली है लेकिन उत्तराखंड और हिमाचल में इस वक्त यही हो रहा है.. सीधा असर मैदानी इलाकों में पड़ रहा है..
 

psrinivasan631

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मार्च के महीने में बर्फबारी.. जी हां, खबर करने वाली है लेकिन उत्तराखंड और हिमाचल में इस वक्त यही हो रहा है.. सीधा असर मैदानी इलाकों में पड़ रहा है..
Thanks for the update sir

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