Road conditions - Uttarakhand

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Uttarakhand: State Pollution Control Board Notice To 105 Ashrams And Dharamshala
उत्तराखंड: 105 आश्रमों व धर्मशाला संचालकों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 08 Jul 2020 11:38 PM IST


सार
पंजीकरण नहीं कराने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुरू की कार्रवाई
अनिवार्य है गंगा-यमुना के किनारे बने होटलों, धर्मशालाओं, आश्रमों का बोर्ड में पंजीकरण


विस्तार
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पंजीकरण नहीं कराने पर धर्मशालाओं और आश्रमों के संचालकों पर बोर्ड के अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से हरिद्वार और ऋषिकेश के 105 आश्रमों व धर्मशालाओं के संचालकों को नोटिस जारी कर दिया गया है।

बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित पोखरियाल का कहना है कि यदि संचालकों ने जल्द पंजीकरण नहीं कर नहीं कराया तो ऐसे सभी आश्रमों, धर्मशालाओं को सील कर दिया जाएगा। बोर्ड की ओर से पंजीकरण शुल्क को भी माफ कर दिया गया लेकिन इतना सब कुछ होने के बावजूद होटल, धर्मशाला और आश्रम के संचालक पंजीकरण नहीं करा रहे हैं।
एनजीटी ने भी दिए थे निर्देश
बता दें कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया है कि गंगा-यमुना के किनारे बने होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों को बोर्ड में पंजीकृत किया जाए। एनजीटी के इस आदेश के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सभी होटलों, धर्मशालाओं, आश्रमों के संचालकों को नोटिस जारी किया गया। जिसमें हिदायत दी गई कि बोर्ड में पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।

पोखरियाल ने बताया कि फिलहाल पहले चरण में हरिद्वार और ऋषिकेश के 57 आश्रमों और 48 धर्मशालाओं के संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी होने के बावजूद यदि संचालकों द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द नहीं अपनाई जाती है तो ऐसे सभी होटल, धर्मशाला और आश्रमों को सील कर दिया जाएगा।


उत्तराखंड: 105 आश्रमों व धर्मशाला संचालकों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोटिस
 
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Landslide On Badrinath Highway At Shri Nagar, One Vehicle Buried
बदरीनाथ हाईवे पर पहाड़ी से आया भारी मलबा, मलबे में दफन हुई कार, तस्वीरें
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर, Updated Thu, 09 Jul 2020 09:22 AM IST

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- फोटो : amar ujala

बदरीनाथ हाईवे पर आज तड़के अचानक पहाड़ी से सड़क पर भारी मलबा आ गया। जिसमें एक कार दब गई।



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पौड़ी जिले में श्रीनगर से कलियासौड़ के बीच बदरीनाथ हाईवे करीब दस स्थानों पर पहाड़ी से मलबा आने से बंद पड़ा हुआ है।



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श्रीनगर के चमधार में पहाड़ी से मलबा आने के कारण एक कार मलबे में दब गई। गनीमत रही कि तब तक सभी यात्री वाहन से बाहर आ चुके थे।




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जब ये हादसा हुआ कार सवार यात्री देहरादून से गैरसैंण जा रहे थे। वाहन में दो लोग सवार थे। दोनों सुरक्षित हैं। और हाईवे को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।




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बदरीनाथ हाईवे बंद होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई है। वहीं उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे खुला हुआ है, लेकिन जर्झर गाड़ के पास हाईवे पर आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।

 

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Haridwar › Bandhi Rearing In Jwalapur, Kankhal And North Haridwar Has No Effect

बंदी का ज्वालापुर में पालन, कनखल और उत्तरी हरिद्वार में नहीं कोई असर


देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 08 Jul 2020 11:15 PM IST


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साप्ताहिक बंदी के दौरान कुछ दुकानों बंद और कुछ खुली रही । - फोटो : HARIDWAR


लॉकडाउन में छूट देने के बाद बाजार की साप्ताहिक बंदी का पालन नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी कनखल और उत्तरी हरिद्वार में दुकानें खुली रही। ज्वालापुर का बाजार जरूर बंद रहा।

लॉकडाउन के पहले से हरिद्वार में बाजारों के लिए दो दिन साप्ताहिक बंदी के लिए तय हैं। ज्वालापुर, कनखल और उत्तरी हरिद्वार में बुधवार को बाजार बंद रहता रहा है। जबकि मध्य हरिद्वार के बाजार शनिवार को बंद रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से साप्ताहिकी बंदी के नियम का पालन नहीं हो रहा था। बाजार सप्ताह में पूरे सात दिन तक खोले जा रहा थे। मंगलवार को जिलाधिकारी सी रविशंकर ने साप्ताहिक बंदी का नियम सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी बुधवार को साप्ताहिकी बंदी का असर मिलाजुला रहा। केवल ज्वालापुर के शास्त्रीनगर, गोल गुरुद्वारा, बड़ा बाजार, सराफा बाजार, रेल चौकी बाजार आदि बंद रहे। व्यापारी नेता रवि धींगड़ा ने बताया कि कुछ दुकानें खुल गई थी, लेकिन उन्होंने आग्रह किया तो दुकानें बंद कर ली। लेकिन कनखल में सिंहद्वार से लेकर झंडा चौक तक कुछ दुकानें दोपहर तक बंद रही, लेकिन एक दूसरे को देखते हुए सभी ने खोल ली। यही स्थिति उत्तरी हरिद्वार में खड़खड़ी, भूपतवाला में रही। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शिवकुमार कश्यप ने बताया कि दुकानदारों से साप्ताहिकी बंदी का पालन कराने को आग्रह किया गया, लेकिन कुछ व्यापारियों ने माना और कुछ ने नहीं। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि नगर निगम से रिपोर्ट मांगी गई है। बंदी का पालन न करने वालों पर जुर्माना की कार्रवाई होगी।



बंदी का ज्वालापुर में पालन, कनखल और उत्तरी हरिद्वार में नहीं कोई असर
 

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Roorkee: Traffic Jam On Delhi Haridwar Highway, 2500 Vehicle Returned From Border

हरिद्वार: बॉर्डर पर लगी वाहनों की लंबी कतार, हाईवे हुआ जाम, 2500 वाहन वापस लौटाए, तस्वीरें...


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार/ रुड़की, Updated Tue, 07 Jul 2020 10:38 PM IST

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- फोटो : अमर उजाला

अनलॉक-2 के बाद से ही हरिद्वार आने वाले लोगों की तादाद बढ़ गई है। रुड़की के नारसन बॉर्डर पर मंगलवार को भी बाहरी प्रदेशों से हरिद्वार पहुंचने के लिए वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन पुलिस ने बिना पास वाले वाहनों को प्रवेश देने से इंकार कर दिया। इस दौरान यात्रियों से नोकझोंक भी होती रही।

कांवड़ मेले पर सख्ती के चलते बॉर्डर पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत मंगलवार को बाहरी प्रदेशों से पहुंचे करीब 2500 वाहनों को वापस लौटा दिया गया। इस दौरान पुलिस और यात्रियों के बीच बहस हो गई। लेकिन बिना पास और उत्तराखंड के स्थानीय लोगों के अलावा किसी को आने की अनुमति नहीं दी गई। बॉर्डर पर तैनात एसआई दिलमोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार को करीब दो हजार से ज्यादा वाहनों को वापस लौटा दिया गया है। खानपुर में बॉर्डर पर हरिद्वार जा रहे दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियों में सवार लोगों को भी वापस लौटा दिया।



खानपुर थाने के उपनिरीक्षक रुकम सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र के खानपुर-पुरकाजी बॉर्डर, बालावाली-मंडावर बाॅर्डर, सिकंदरपुर-पुरकाजी बाॅर्डर, दल्लावाला-मोरना बाॅर्डर पर हरिद्वार जाने के लिए आने वाले लोगों को वापस लौटाया जा रहा है।


वहीं, भगवानपुर क्षेत्र स्थित काली नदी चौकी पर तैनात एसआई प्रदीप रावत ने बताया कि दिन में भगवानपुर से 65 लोगों को वापस लौटाया गया है। जबकि मंडावर चेक पोस्ट प्रभारी मनोज ममगाई ने बताया कि 80 वाहनों को बैरंग लौटा दिया गया है।

 

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Boulders fall on Badrinath highway, route blocked


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•Jul 16, 2020

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ANI News

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#Chamoli #Uttarakhand #Badrinath #Highway Chamoli (Uttarakhand), July 16 (ANI): Massive boulders fell from mountains, blocking Badrinath highway at Pagal Nala and Lam Bagar in Uttarakhand’s Chamoli district on July 16. Boulders fell following heavy rainfall last night. The operation to clear the highway is underway.
 
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Harela Is A Festival Of Joy And Happiness

पहाड़ की सुख और समृद्धि का त्योहार है हरेला : गामा

अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2020 06:30 PM IST


माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। हरेला के मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा और विधायक खजान दास ने पौधे लगाए व उनकी रक्षा का संकल्प लिया। मेयर गामा ने सभी लोगों से पौधों की समुचित देखभाल करने की अपील की। अंबेडकर नगर मंडल में अध्यक्ष विशाल गुप्ता के संयोजन में धूमधाम से हरेला मनाया गया। मेयर गामा ने कहा कि हरेला हमारे पहाड़ का पारंपरिक पर्व है। कभी पहाड़ के कुछ हिस्सों में मनाए जाने वाला यह त्योहार आज पूरी दुनिया भर में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण आने वाले वक्त की जरूरत है। हरेला का पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने पर्यावरण की चिंता करें और पेड़ पौधे लगाकर उनका संरक्षण करें, यही हरेला का संदेश है। विधायक खजान दास ने कहा कि हरेला को अच्छी फसल का सूचक माना जाता है। मान्यता है कि जिसका हरेला जितना बड़ा होगा, उसकी खेती उतनी अच्छी होगी। इस मौके पर दर्जाधारी नरेश बंसल, प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, प्रदेश मीडिया प्रभारी विनय गोयल, दर्जाधारी विश्वास डाबर, रविंद्र कटारिया, डॉ आदित्य, अरुण खरबंदा, विपिन खंडूरी, पार्षद विमला गौड, अनीता गर्ग, मनोज जाटव, संतोष नागपाल, रोहिल चंदेल, देवेंद्र पाल समेत अन्य मौजूद रहे। - मेयर ने कई जगह लगाए पौधे देहरादून। हरेला के मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा ने कई जगह पौधे लगाकर लोगों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने लक्ष्मण विद्यालय पथरीबाग, एमकेपी महाविद्यालय, रेसकोर्स में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और लोगों से हरेला से जुड़ते हुए पौधे लगाने का आह्वान किया।



पहाड़ की सुख और समृद्धि का त्योहार है हरेला : गामा
 

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Uttarakhand Weather Update: Monsoon Is Mild Now Rain May Decrease In The Season

Weather Update: उत्तराखंड में हल्का पड़ा मानसून, सीजन की बारिश में आ सकती है कमी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 15 Jul 2020 11:16 PM IST


उत्तराखंड में दक्षिण पश्चिमी मानसून कमजोर पड़ गया है। इससे मानसून सीजन की बारिश में कमी आ सकती है। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कई स्थानों पर भारी और कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

इस दौरान राजधानी देहरादून व धुमाकोट में 70, गैरसैंण में 50, नंदप्रयाग में 40, चौखुटिया, श्रीनगर, अल्मोड़ा, सोमेश्वर में 30, नंदकेसरी में 20, जौलीग्रांट, लैंसडाउन, थराली, लोहार खेत, मुनस्यारी, धारचूला में 20 और बागेश्वर, कपकोट, बिरही, चमोली, गरुड़, हरिपुर कलां और कर्णप्रयाग में 10 मिमी के आसपास बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मानसून के अगले कुछ दिन में गति पकड़ने की उम्मीद है। इस दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है।
घंटाघर के इलाके में जमकर बरसे बादल
राजधानी के घंटाघर इलाके में बुधवार दोपहर जमकर बारिश हुई। इस दौरान करीब आधे घंटे में 44 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि आसपास के अन्य इलाकों में केवल बूंदाबांदी या बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई। मौसम केंद्र निरीक्षक बिक्रम सिंह ने बताया कि राजधानी के अन्य इलाकों में बारिश नहीं हुई। केवल एक इलाके में ही तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को भी राजधानी दून और आसपास के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

राजधानी के लगभग सभी क्षेत्रों में बुधवार को सुबह से अच्छी धूप खिली रही। इस बीच कुछ देर के लिए आसमान में बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी भी हुई। उसके बाद फिर मौसम साफ हो गया और तेज धूप निकल आई। दोपहर बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव हुआ और आसमान बादलों से घिर गया।

इसी बीच घंटाघर क्षेत्र में काफी तेज बारिश हुई। अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश या फिर बहुत कम हुई। मोहकमपुर में एक मिमी से भी कम और पटेल नगर में आधे मिमी से भी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, अन्य क्षेत्रों में भी यही स्थिति रही। घंटाघर में हुई बारिश से उस पूरे इलाके में जलभराव हो गया और लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। काफी देर तक जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे कुछ देर के लिए अधिकतम तापमान में भी कमी आई।



Weather Update: उत्तराखंड में हल्का पड़ा मानसून, सीजन की बारिश में आ सकती है कमी
 

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Four Trekkers From Dehradun And Nainital Missing From Triyuginarayan Trek
उत्तराखंड: वासुकीताल से त्रियुगीनारायण ट्रैक पर निकले देहरादून और नैनीताल के चार ट्रैकर लापता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Wed, 15 Jul 2020 11:44 PM IST


सार
दो दिन पहले केदारनाथ से ट्रैकिंग पर निकले थे चारों
तीन रेस्क्यू टीमें ट्रैकर्स की खोजबीन में जुटीं
ड्रोन, हेलीकॉप्टर से भी की जा रही खोज


विस्तार
केदारनाथ में दर्शन के बाद वासुकीताल से त्रियुगीनारायण ट्रैकिंग रूट पर निकले देहरादून और नैनीताल के चार ट्रैकर लापता हो गए हैं। पुलिस ने रेस्क्यू के लिए तीन टीमें गठित की हैं। एसडीआरएफ के साथ मिलकर वह ड्रोन और हेलीकॉप्टर से त्रियुगीनारायण से वासुकीताल तक दो बार हेलीकॉप्टर से राउंड लेकर रेकी भी कर चुकी है, लेकिन अभी तक ट्रैकर्स का पता नहीं चल पाया है।

जानकारी के मुताबिक हिमांशु (28), पुत्र बलबहादुर सिंह, जितेंद्र भंडारी (34) पुत्र जीएस भंडारी, निवासी देहरादून और मोहित भट्ट (40), पुत्र गंगा भट्ट तथा जगदीश बिष्ट (47) पुत्र गंगा बिष्ट निवासी नैनीताल बीती 12 जुलाई को ई-पास के जरिए सोनप्रयाग से केदारनाथ दर्शन के लिए रवाना हुए थे।
13 जुलाई को मंदिर परिसर में बाबा केदार के दर्शन के बाद ये चारों युवक वासुकीताल के लिए रवाना हो गए, जहां से इन्हें त्रियुगीनारायण आना था। यह बात उन्होंने अपने साथी शशांक डोभाल को बताई थी और उससे सोनप्रयाग में उनका इंतजार करने को कहा।
देर रात तक जब ये चारों सोनप्रयाग नहीं पहुंचे तो शशांक ने सोनप्रयाग थाने मे जाकर यह जानकारी दी। इसके बाद थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली ने एसपी को मामले के बारे में बताया। 14 जुलाई को चारों युवकों की खोज के लिए दो रेस्क्यू टीमें त्रियुगीनारायण से तोषी और तोषी से वासुकीताल ट्रैक के लिए रवाना की गईं। लेकिन दिनभर खोजबीन के बाद भी चारों लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

इसके बाद बुधवार 15 जुलाई को डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और तोषी के पांच युवकों की तीन टीमें गठित कर वासुकीताल-त्रियुगीनारायण ट्रैक, गौरीकुंड-खरक-वासुकीताल ट्रैक और तोषी के जंगलों में भेजी गई हैं।
ड्रोन से भी कर रहे रेकी
थानाध्यक्ष पंखोली के अनुसार गौरीकुंड-खरक-वासुकीताल पर भेजी गई रेस्क्यू टीम ड्रोन से भी रेकी कर रही है। उन्होंने बताया कि चारों लोगों ने अपने परिजनों के जो नंबर केदारनाथ रवानगी से पहले दर्ज कराए, उन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही ट्रैकरों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाए गए हैं, ताकि मोबाइल नंबर चालू होते ही लोकेशन मिल सके।

ट्रैक पर जाने से सवाल उठे
रोक के बावजूद ट्रैकर्स के ट्रैकिंग पर निकल जाने से सिस्टम पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। मसलन किसी भी लेवल पर उनसे पूछताछ, चेकिंग क्यों नहीं की गई? उन्हें ट्रैक पर कैसे जाने दिया गया?

पूर्व में दो ट्रैकर की हो चुकी मौत
2017 में बदरीनाथ-पनपतिया-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट पर पश्चिम बंगाल के 11 ट्रैकर फंसे थे, जिनमें से एक की मौत हो गई थी। 2018 जून में भी इसी रूट पर 23 सदस्यीय ट्रैकिंग दल भटक गया था। इस दौरान भी एक ट्रैकर की जान चली गई थी। इसके बाद 2018 सितंबर में आईआईटी रुड़की का ट्रैकिंग दल गंगी से केदारनाथ पैदल ट्रैक पर भटक गया था। मनणी माई बुग्याल में भी पश्चिम बंगाल के ट्रैकर फंस गए थे। 2019 में देवरियाताल में भी एक विदेशी पर्यटक भटक गया था।

हेलीकॉप्टर की मदद से क्षेत्र में दो बार रेकी की जा चुकी है। साथ ही ड्रोन से भी खोज हो रही है। समय-समय पर मामले की जानकारी ली जा रही है।
-वंदना सिंह, डीएम, रुद्रप्रयाग

रेस्क्यू टीमें ट्रैकिंग रूट से लेकर जंगल तक में लापता ट्रैकर्स की खोजबीन कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है।
-नवनीत सिंह, एसपी, रुद्रप्रयाग

प्रभागीय कार्यालय से ट्रैकिंग के लिए कोई अनुमति नहीं दी जा रही है। कोरोना संक्रमण के चलते अभी ट्रैकिंग और पर्यटन गतिविधियों पर शासन से रोक है।
-अमित कंवर, डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग



उत्तराखंड: वासुकीताल से त्रियुगीनारायण ट्रैक पर निकले देहरादून और नैनीताल के चार ट्रैकर लापता
 

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Heavy Rains Led To Debris On Yamunotri Highway, Badrinath Highway Also Closed

Chardham 2020 : कड़ी मशक्कत के बाद खोला गया यमुनोत्री हाईवे, बदरीनाथ एनएच लामबगड़ और पागल नाले में बंद

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 16 Jul 2020 12:17 PM IST




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हाईवे भूस्खलन होने से बंद - फोटो : amar ujala


यमुनोत्री घाटी में बुधवार रात हुई तेज बारिश से ओजरी डबरकोट के पास हाईवे भूस्खलन होने से बंद हो गया है। वहीं बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और पागल नाले में पहाड़ी से मलबा आने से अवरुद्ध है। एनएच की जेसीबी मार्ग खोलने में जुटी हुई हैं।



चारधाम यात्रा 2020 : 13 दिन जारी किए गए 10 हजार ई-पास, इस साल अभी तक 6,224 यात्री पहुंचे चार धाम

उत्तरकाशी की यमुनोत्री घाटी में बुधवार पूरी रात मूसलाधार बारिश से कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से खरीदी के पास नगाण गांव मोटर पुल पर बना वैकल्पिक रास्ता बह गया है।
इसके साथ ही ओजरी डबरकोट में भूस्खलन होने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया था, जिसे अब खोल दिया गया है। भारी बारिश के कारण हाईवे देर रात से जगह-जगह बंद था। हालांकि कुथनौर के पास हाईवे पर आवाजाही जोखिम भरी हो रही है। वहीं बदरीनाथ हाईवे भी लामबगड़ और पागल नाले में मलबा आने से बंद हो गया है। एनएच की जेसीबी मार्ग खोलने में जुटी हैं।



31 घंटे बाद खुल सका बदरीनाथ हाईवे
पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने की वजह से बदरीनाथ हाईवे 31 घंटे बाद बुधवार शाम करीब सात बजे खोला जा सका। पीपलकोटी के पास चाड़ातोक में मलबा आने से मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे हाईवे बंद हो गया था। ऐसे में बदरीनाथ यात्रा भी ठप रही। बदरीनाथ धाम जाने और लौटने वाले यात्री पीपलकोटी में ही फंसे थे। हाईवे खुलने के बाद उनकी जान में जान आई।

एनएच की तीन जेसीबी मलबा हटाने के काम में जुटी थीं, लेकिन पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों की वजह से उसके काम में बाधा आ रही थी। बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्री पीपलकोटी में ही फंसे हुए थे। बदरीनाथ से आने वाले कई श्रद्धालु ऐसे भी थे जो रास्ता खुलने का काफी इंतजार करने के बाद गरुड़गंगा लौट गए।

एसडीएम बुशरा अंसारी ने लोगों से सड़क की स्थिति देखकर ही बदरीनाथ जाने की अपील की है। दरअरसल, बारिश होने की वजह से हर दूसरे दिन हाईवे पर मलबा आ रहा है, जिसकी वजह से हाईवे बंद हो रहा है।


पैदल भी की आवाजाही

जो लोग अपने वाहनों से नहीं थे, उन्होंने पैदल ही दूसरी ओर जाकर वहां से गंतव्य तक निजी वाहन बुक कर लिए। दिक्कत उनकी रही जो अपने वाहन से बदरीनाथ की ओर जा रहे थे। उन्हें वहीं इंतजार करना पड़ा।



Chardham 2020 : कड़ी मशक्कत के बाद खोला गया यमुनोत्री हाईवे, बदरीनाथ एनएच लामबगड़ और पागल नाले में बंद
 

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Four Missing Trekkers Located In Uttarakhand; SDRF On Rescue Mission

Four missing trekkers located in Uttarakhand; SDRF on rescue mission


Photo Credit :

16July, 2020
by ANI



Dehradun (Uttarakhand) [India], July 16 (ANI): Four trekkers who went missing on their way to Vasuki Tal from Kedarnath Temple have been located and all of them are safe, according to Uttarakhand Chief Minister's Office (CMO) on Thursday.
"Chief Minister has spoken to all of them and the SDRF team is trying to evacuate them," the CMO said.
The four missing travellers on the Triyuginarayan trek are safe. The administration has contacted them and soon they will be rescued, the CMO said.
The trekkers are Himanshu Gurung, Harsh Bhandari, Mohit Bhatt and Jagdish Bisht and hail from Dehradun and Nainital districts of the state.
Meanwhile, the SDRF teams have left for the Vasukital route to search for missing trackers. On July 14, police gave the information about the missing trekkers to SDRF.
Following this, a team immediately from Kedarnath was deputed to the search for the missing trekkers. However, due to bad weather, the operation could not be continued. Later on Commandant of SDRF, Trupti Bhatt sent teams for extensive search on trekking routes from Kedarnath to Triyuginarayan, Sonprayag to Vasuki Tal, the SDRF said.
A helicopter has also been allocated for the search operations, it added. (ANI)


Four missing trekkers located in Uttarakhand; SDRF on rescue mission
 
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