Road conditions - Uttarakhand

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You can go into UK without any Negtive Covid Report.
Today's order NO.: 635/USDMA/792(2020)

This is old report only showing the problem.

Uttar Pradesh › Bareilly › Now Go To Udham Singh Nagar On Bike Without E-Pass
बाइक पर अब बगैर ई-पास जाएं ऊधमसिंह नगर तक
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Updated Tue, 22 Sep 2020 02:08 AM IST


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बार्डर क्रास करने की कोशिश लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली


सार
किसानों और सीमा पार नौकरी करने वालों को उत्तराखंड प्रशासन ने दी राहत

विस्तार
दूसरे जिलों में जाने पर रहेगी पाबंदी, 24 घंटे के अंदर वापस लौटना भी होगा
बहेड़ी। खेती-किसानी या नौकरी के लिए यूपी और उत्तराखंड के बीच रोज आवाजाही करने वालों को राहत दी गई है। उत्तराखंड प्रशासन ने बहेड़ी सीमा को सोमवार शाम चार बजे से बाइक पर आने-जाने वालों के लिए खोल दिया है। अब सीमा पर उनके ई-पास चेक नहीं किए जाएंगे। हालांकि उन्हें 24 घंटों के अंदर वापस लौटना होगा, साथ ही दूसरे वाहनों के लिए भी ई-पास की अनिवार्यता लागू रहेगी।

कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर उत्तराखंड सरकार ने राज्य की सीमा सील कर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का मार्च से ही ई-पास के बगैर प्रवेश निषेध कर दिया था जो अब तक जारी है। बीच-बीच में कुछ नियमों को शिथिल कर लोगों को कुछ राहत दी गई। कुछ समय पहले उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में प्रवेश करने के लिए तय की गई संख्या की सीमा खत्म कर दी थी लेकिन ई-पास की अनिवार्यता लागू रखी। सोमवार शाम चार बजे ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन ने यूपी के किसानों और सिडकुल में नौकरी करने जाने वालों की समस्या के मद्देनजर बाइक पर आने वालों को बगैर ई-पास प्रदेश में प्रवेश की अनुमति दे दी।
नई व्यवस्था के मुताबिक बाइक पर सवार दो लोग बगैर ई-पास के उत्तराखंड में प्रवेश कर सकेंगे लेकिन उन्हें 24 घंटे के अंदर लौटना होगा। इसके अलावा वे ऊधमसिंह नगर जिले के बाहर भी नहीं जा सकेंगे। दूसरे जिलों में जाने के लिए ई-पास अनिवार्य होगा। दूसरे वाहनों के लिए भी ई-पास की अनिवार्यता लागू रहेगी।
लिंक मार्ग पर डग्गामारों का कब्जा, किराया भी पूरे सौ रुपये
सीमा पर बंदिशों के बीच डग्गामार चालकों ने भी जुगाड़ का रास्ता तलाश लिया है। छूट का फायदा उठाते हुए सीमा के पास से रेलवे क्रासिंग के कच्चा रास्ते से उत्तराखंड की सीमा के गांव भंगा से किच्छा तक सवारियां ढो रहे हैं। भंगा गांव के कुछ दबंग लोग इन चालकों से सौ रुपये उनके प्रदेश में आने के वसूल रहे हैं। वहीं चालक भी बहेड़ी से किच्छा का किराया बीस रुपये से बढ़ाकर अब सौ रुपये वसूलने लगे हैं।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर बाइक सवारों को सोमवार शाम से छूट दी गई है। यह एक ट्रायल भी है, अगर ऊधमसिंह नगर में कोरोना केस बढ़े तो यह व्यवस्था बंद भी की जा सकती है। - विनोद जोशी, इंस्पेक्टर थाना पुलभट्टा


बाइक पर अब बगैर ई-पास जाएं ऊधमसिंह नगर तक
 

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Uttarakhand: Saptkund Trek पर मिला दुर्लभ Orchid Flower, 100 साल पहले Sikkim में दिखा था
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•Sep 11, 2020


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Amar Ujala Uttarakhand

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#Uttarakhand #LiparisPygmaea #Orchid #RareOrchid #RareFlower
Uttarakhand में पहली बार Orchid प्रजाति का Rare Flower ‘Liparis Pygmaea’ पाया गया है। Forest Research Center के Research Fellow Manoj Singh और Ranger Harish Negi ने इसे खोजा है। ये पहली बार है कि इस तरह का फूल Uttarakhand में मिला है।
 
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Nitish Kumar

Well-Known Member
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So, the rules for travel in uttarakhand have been changed again. Need to register is must. No negative Covid Report requiment now on.
Officials acting in moronic ways. Asking for registration on a site which doesn't even has the option without report registration. UK police posts something else in morning, then govt posts something else in evening and then order also leaves option for hotels that they can deny you if you don't have report

If you want locked then be fair and transparent on that than conflicting statements and border hassle for police and commuter both. If non-tourist allowed then tourist didn't got dragon tattoos on him

Nitish Kumar
 

citymonk

Super User
Officials acting in moronic ways. Asking for registration on a site which doesn't even has the option without report registration.
That does not means they a morons. They all are well qualified competent persons, even if they have secured government jobs by bribing the system at least their basic qualifications are checked before they are appointed.

They act in this way because Governments all over have policy to keep masses confused. This way they can govern better incase problem being faced is unsolvable by any means.

As for how to tackle these well qualified but confusing government officials is by thumb rule of greasing their palms. All these government people love bribes and practical way out in India is to bribe your way out. Rs. 50 or Rs. 100 note is enough to buy these clear minded people or they will themselves tell their rates to bend rules for you.
 

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Uttarakhand › Champawat › Uttarakhand Weather Forecast Today Update: Heavy Rainfall And Debris In Champawat And Pithoragarh

Weather Today: अंधड़ के साथ तेज बारिश ने मचाई तबाही, मलबा आने स टनकपुर-चंपावत मार्ग नौ घंटे रहा बंद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत/पिथौरागढ़ Updated Wed, 23 Sep 2020 11:52 PM IST

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- फोटो : फाइल फोटो


उत्तराखंड में चंपावत और पिथौरागढ़ क्षेत्र में मंगलवार रात अंधड़ के साथ हुई तेज बारिश ने काफी तबाही मचाई। मलबे और बारिश के कारण चंपावत जिले में तीन सड़कें बंद हैं। वहीं पिथौरागढ़ जिले में पांच सड़कें बंद हैं।

बारिश से आठवें मील के पास जगह-जगह मलबा आने से टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग साढ़े नौ घंटे बंद रहा। अंधड़ से सूखीढांग क्षेत्र के गांवों में फलदार पेड़ धराशायी हो गए। मलबे से बस्तिया गांव की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई।
बारिश से उफनाए किरोड़ा नाले ने गैड़ाखाली और थ्वालखेड़ा में हाथी से सुरक्षा के लिए लगाई गई सोलर फेंसिंग लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ नाले की चपेट में आने से सड़क का काफी हिस्सा बह गया है।
उधर, भारी बारिश के बाद मुनस्यारी और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। मुनस्यारी सड़क हरड़िया के नयाबस्ती के पास मलबा आने से नौ घंटे बंद रही। हल्द्वानी जाने वाले टैक्सी वाहनों को सड़क खुलने के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया
उधर, खटीमा क्षेत्र में अंधड़ के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों की लहलहाती धान एवं गन्ने की फसल डूबने के साथ ही पानी में गिरकर सड़ने लगी है। भारतीय किसान यूनियन ब्लॉक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने डीएम को संबोधित पत्र एसडीएम निर्मला बिष्ट को सौंपा और मुआवजे की मांग की है।


वहीं, वर्ष 1948 में लगाया आम का पेड़ मंगलवार रात आए तूफान में धराशायी हो गया। क्षेत्र में 24 घंटों के दौरान 118 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, 11 हजार वोल्टेज की लाइन में पहेनिया और जमौर के पास इंसुलेटर पंक्चर होने से कई गांवों की बिजली छह घंटे तक गुल हो गई। इधर, शांतिपुरी के जवाहरनगर क्षेत्र में भी बारिश से धान की खड़ी फसल जमीन पर पसर गई है। अल्मोड़ा में सिकुड़ा बैंड पर स्थित पार्किंग में पहाड़ी का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। इससे आसपास के घर भी हिल गए।



Weather Today: अंधड़ के साथ तेज बारिश ने मचाई तबाही, मलबा आने स टनकपुर-चंपावत मार्ग नौ घंटे रहा बंद
 
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