Road conditions - Uttarakhand

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Char Dham Yatra 2020: Lord Shiva Shlok And Paintings Will Made On Gaurikund-Kedarnath Walk Route
Char dham Yatra: गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग पर बाबा केदार की महिमा से रूबरू होंगे तीर्थयात्री
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Thu, 22 Oct 2020 07:48 PM IST


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केदारनाथ - फोटो : फाइल फोटो



सार
रास्ते के दोनों ओर चट्टानों और पत्थरों पर उकेरे जाएंगी आकृतियां व श्लोक

विस्तार
केदारनाथ धाम के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु अब गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर केदार बाबा की गाथा के दर्शन कर सकेंगे। चट्टानों और पत्थरों समेत अन्य स्थानों पर शिव के रूपों की आकृतियां उकेगी जाएंगी।
जिला प्रशासन की ओर से गौरीकुंड से केदारनाथ तक 17 किमी पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए 50-50 मीटर की दूरी पर चट्टानों, पत्थरों पर केदारनाथ की महिमा के श्लोक भी उकेरे जाएंगे।
यह भी पढ़ें: ...तो तीर्थयात्रियों को चारों धामों के आधे रास्ते में नहीं छोड़ेगी रेल, केबिल कार की संभावना पर विचार

डीएम वंदना सिंह ने बताया कि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बाबा की महिमा का उल्लेख करने के लिए तैयारियां शुरू की गई हैं। इसके लिए चट्टानों और बड़ी-बड़ी शिलाओं का प्रयोग किया जाएगा। चित्र व श्लोक देखकर और पढ़कर धाम पहुंचने वाले भक्तों को वहां के धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

रास्ते में बनेंगे चार आध्यात्मिक केंद्र
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चार स्थानों पर आध्यात्मिक केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें श्रद्धालु विश्राम करने के साथ ही योग व ध्यान कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा ही आध्यात्मिक केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि चयन कर अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएगी।

1941 श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन
गुरुवार को केदारनाथ में 1941 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। पिछले एक सप्ताह में एक दिन में दर्शनार्थियों की यह सबसे कम संख्या है। धाम में 12 जून से अभी तक कुल 60044 श्रद्धालु धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन कर चुके हैं।

Char dham Yatra: गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग पर बाबा केदार की महिमा से रूबरू होंगे तीर्थयात्री
 

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Unlock 04 In Uttarakhand Latest News : Tourist In Uttarakhand On Weekend

Unlock 5.0 : वीकेंड से पहले ही नैनीताल में सैलानियों की चहल पहल, नैनी झील में नौका विहार का लिया आनंद


न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Updated Sat, 24 Oct 2020 01:02 PM IST



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- फोटो : अमर उजाला


नैनीताल नगर में वीकेंड से पहले ही शुक्रवार को दिनभर पर्यटकों की चहल-पहल रही। इसी तहर शनिवार को भी यहां पर्यटकों की चहल-पहल नजर आई।
पर्यटकों ने गुनगुनी धूप का आनंद लेते हुए नैनी झील में नौका विहार का आनंद लिया। साथ ही नगर के दर्शनीय और धार्मिक स्थलों का दीदार किया।
नगर के चिड़ियाघर में शुक्रवार को 255 पर्यटकों ने वन्यजीवों का दीदार किया। केव गार्डन में 135, नैनीताल-कालाढूंगी मोटर मार्ग स्थित वाटर फॉल में 224 और बॉटनिकल गार्डन में 36 पर्यटकों ने भ्रमण किया। बारापत्थर और टिफिन टॉप में भी पर्यटकों ने घुड़सवारी का आनंद लिया।
फाटो में रात्रि विश्राम कर सकेंगे पर्यटक
रामनगर (नैनीताल) में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो रेंज में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने पर विचार चल रहा है। फाटो में रात्रि विश्राम की सुविधा के लिए ट्री हाउस बनाने की योजना है। विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे शासन को भेजा जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को स्थानीय विधायक ने स्थलीय निरीक्षण किया।

तराई पश्चिमी वन प्रभाग का फाटो रेंज कॉर्बेट के ढेला रेंज से लगा हुआ है। फाटो में पर्यटकों को रात्रि विश्राम कराने पर विचार चल रहा है। इस क्षेत्र में छह से सात ट्री हाउस बनाने का विचार है। क्षेत्र में दो कक्ष के अतिरिक्त छह कक्ष और बनने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें 30 पर्यटकों के रुकने की व्यवस्था होगी। प्रस्ताव तैयार करने के बाद शासन को भेजा जाएगा।

इस क्षेत्र के पर्यटन से जुड़ने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। क्षेत्रीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने स्थलीय निरीक्षण किया और डीएफओ ने उन्हें इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया। विधायक बिष्ट ने प्रस्ताव को पास कराने में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

Unlock 5.0 : वीकेंड से पहले ही नैनीताल में सैलानियों की चहल पहल, नैनी झील में नौका विहार का लिया आनंद
 

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Dussehra 2020: Mela Will Not Be Held, Only 50 People Will Be Involved In Dehradun

Dussehra 2020: नहीं जलेगा 10 फीट से ज्यादा का रावण, नहीं लगेगा मेला, 50 लोग ही होंगे शामिल


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 23 Oct 2020 11:25 PM IST

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- फोटो : फाइल फोटो


राजधानी देहरादून में दशहरे पर रविवार को रावण के पुतले का दहन तो होगा लेकिन मेला नहीं लगेगा। आयोजन के लिए आयोजकों को सिटी मजिस्ट्रेट या एसडीएम से परमिशन लेनी होगी। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला 10 फीट से अधिक बड़ा नहीं होगा। पुतला दहन में आयोजकों समेत केवल 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा मेला नहीं लगेगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड-19 नियमों के पालन के साथ ही अनुमति दी गई है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दशहरा के कार्यक्रम में अधिक लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
लोगों से अपील है कि वह भी सहयोग करें। अगर कोई आयोजक बगैर प्रशासन के अनुमति के पुतला दहन करता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी जिम्मेदारी
दशहरा पर कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए जिलाधिकारी ने एसडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके तहत सिटी मजिस्ट्रेट को पूरा नगर क्षेत्र, एसडीएम विकासनगर, चकराता, कालसी, डोईवाला, देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी को भी अपने क्षेत्र में पर्व शांतिपूर्वक संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। पर्व संपन्न होने के बाद इसकी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को देने के भी निर्देश दिए।


Dussehra 2020: नहीं जलेगा 10 फीट से ज्यादा का रावण, नहीं लगेगा मेला, 50 लोग ही होंगे शामिल
 

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Rishikesh - Devprayag Route is open for Small Vehicles.
Can't confirm but the news seems good.


ऋषिकेश से बदरी-केदार का सफर आसान, खुल गई तोताघाटी..अब टिहरी होकर नहीं जाना पड़ेगा
गुरुवार की शाम के समय तक तोताघाटी में बोल्डर हटाने का काम पूरा कर दिया गया था। साथ ही एनएच द्वारा रोड कटिंग का काम पूरा कर लिया गया था।
उत्तराखण्ड
ऋषिकेश
Totaghati


Komal Negi, Oct 23 2020 3:29PM, 3069






लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ऋषिकेश बद्रीनाथ हाईवे को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। अब इस रूट से जाने वाले वाहनों को टिहरी की ओर से नहीं जाना पड़ेगा। आपको बता दें कि बीते तीन माह से ऋषिकेश बद्रीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में काम चल रहा था। गुरुवार की शाम के समय तक तोताघाटी में बोल्डर हटाने का काम पूरा कर दिया गया था। साथ ही एनएच द्वारा रोड कटिंग का काम पूरा कर लिया गया था। एस डीएम कीर्तनगर आकांक्षा वर्मा के नेतृत्व में पुलिस, जियोलॉजिस्ट, पीडब्लुडी, परिवहन के अधिकारियों ने तोता घाटी का निरीक्षण किया था। बीती 8 जुलाई से ये रोड बंद है। चट्टान कटान कार्य के चलते तोताघाटी-देवप्रयाग के बीच रोड पिछले 3 महीने से बंद है। जिस वजह से लोगों को श्रीनगर समेत पहाड़ के कई दूसरे इलाकों में आवाजाही करने में परेशानी हो रही है। रोड बंद होने की वजह से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। आपको याद होगा बीते मंगलवार को देहरादून से रुद्रप्रयाग जा रहा एक वाहन टिहरी झील में समा गया था। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई थी। दरअसल ऋषिकेश-श्रीनगर रोड बंद होने की वजह से ही ये लोग टिहरी होते हुए रुद्रप्रयाग जा रहे थे। रात के अंधेरे में वाहन हादसे का शिकार हो गया। आगे पढ़िए


पहाड़ के लोग और चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री रोड के खुलने का इंतजार कर रहे हैं और ये इंतजार अब बस कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है। ऋषिकेश-श्रीनगर रोड के खुलने से श्रीनगर और रुद्रप्रयाग समेत पहाड़ के दूसरे कई रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी दूर हो जाएगी। तोताघाटी-देवप्रयाग के बीच चट्टान के कटान का काम कुछ दिन पहले लगभग पूरा हो गया । टिहरी प्रशासन ने लोनिवि को कटान का काम क हर हाल में जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। आपको बता दें कि तोताघाटी के पास रोड बंद होने की वजह से इस वक्त छोटे वाहन नरेंद्रनगर-खाडी और देवप्रयाग होते हुए जा रहे हैं, जबकि बड़े वाहन चंबा-टिहरी से होते हुए श्रीनगर-रुद्रप्रयाग जा रहे हैं। अब ये समस्या दूर हो जाएगी। रोड पर एक बार फिर ट्रैफिक बहाल हो जाएगा।


ऋषिकेश से बदरी-केदार का सफर आसान, खुल गई तोताघाटी..अब टिहरी होकर नहीं जाना पड़ेगा
 

Nitish Kumar

Well-Known Member
Rishikesh - Devprayag Route is open for Small Vehicles.
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ऋषिकेश से बदरी-केदार का सफर आसान, खुल गई तोताघाटी..अब टिहरी होकर नहीं जाना पड़ेगा
गुरुवार की शाम के समय तक तोताघाटी में बोल्डर हटाने का काम पूरा कर दिया गया था। साथ ही एनएच द्वारा रोड कटिंग का काम पूरा कर लिया गया था।
उत्तराखण्ड
ऋषिकेश
Totaghati


Komal Negi, Oct 23 2020 3:29PM, 3069






लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ऋषिकेश बद्रीनाथ हाईवे को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। अब इस रूट से जाने वाले वाहनों को टिहरी की ओर से नहीं जाना पड़ेगा। आपको बता दें कि बीते तीन माह से ऋषिकेश बद्रीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में काम चल रहा था। गुरुवार की शाम के समय तक तोताघाटी में बोल्डर हटाने का काम पूरा कर दिया गया था। साथ ही एनएच द्वारा रोड कटिंग का काम पूरा कर लिया गया था। एस डीएम कीर्तनगर आकांक्षा वर्मा के नेतृत्व में पुलिस, जियोलॉजिस्ट, पीडब्लुडी, परिवहन के अधिकारियों ने तोता घाटी का निरीक्षण किया था। बीती 8 जुलाई से ये रोड बंद है। चट्टान कटान कार्य के चलते तोताघाटी-देवप्रयाग के बीच रोड पिछले 3 महीने से बंद है। जिस वजह से लोगों को श्रीनगर समेत पहाड़ के कई दूसरे इलाकों में आवाजाही करने में परेशानी हो रही है। रोड बंद होने की वजह से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। आपको याद होगा बीते मंगलवार को देहरादून से रुद्रप्रयाग जा रहा एक वाहन टिहरी झील में समा गया था। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई थी। दरअसल ऋषिकेश-श्रीनगर रोड बंद होने की वजह से ही ये लोग टिहरी होते हुए रुद्रप्रयाग जा रहे थे। रात के अंधेरे में वाहन हादसे का शिकार हो गया। आगे पढ़िए


पहाड़ के लोग और चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री रोड के खुलने का इंतजार कर रहे हैं और ये इंतजार अब बस कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है। ऋषिकेश-श्रीनगर रोड के खुलने से श्रीनगर और रुद्रप्रयाग समेत पहाड़ के दूसरे कई रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी दूर हो जाएगी। तोताघाटी-देवप्रयाग के बीच चट्टान के कटान का काम कुछ दिन पहले लगभग पूरा हो गया । टिहरी प्रशासन ने लोनिवि को कटान का काम क हर हाल में जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। आपको बता दें कि तोताघाटी के पास रोड बंद होने की वजह से इस वक्त छोटे वाहन नरेंद्रनगर-खाडी और देवप्रयाग होते हुए जा रहे हैं, जबकि बड़े वाहन चंबा-टिहरी से होते हुए श्रीनगर-रुद्रप्रयाग जा रहे हैं। अब ये समस्या दूर हो जाएगी। रोड पर एक बार फिर ट्रैफिक बहाल हो जाएगा।


ऋषिकेश से बदरी-केदार का सफर आसान, खुल गई तोताघाटी..अब टिहरी होकर नहीं जाना पड़ेगा
Can confirm. Passed it today though roads are still mess after Srinagar. Managed to reach close to Rishikesh but construction at many a places. Shivpuri being last hopefully

Nitish Kumar
 
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Unlock-5 In Uttarakhand Latest News Today: Tourist Heavy Rush In Mussoorie During Festive Season On October

त्योहारी सीजन में सैलानियों से गुलजार हुई मसूरी, अक्तूबर में 30 फीसदी बढ़े पर्यटक, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ मसूरी, Updated Wed, 28 Oct 2020 08:40 PM IST


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- फोटो : अमर उजाला

त्योहारी सीजन में प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मसूरी पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार होने लगी है। सितंबर माह की तुलना में अक्तूबर में पर्यटकों की आमद में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा पर्यटक दिल्ली, गुरुग्राम, उत्तर प्रदेश समेत अन्य शहरों से आ रहे हैं।


उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी का कहना है कि मसूरी में निरंतर पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। लॉकडाउन के बाद अब पर्यटन में तेजी आ रही है। मसूरी में सबसे ज्यादा पर्यटक दिल्ली, एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों से आ रहे हैं। होटलों में बुकिंग बढ़ रही है। त्योहारी सीजन में पर्यटकों की तादाद और अधिक होने की उम्मीद है।


पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर का कहना है कि मसूरी आने वाले पर्यटकों के उत्साह को देखते हुए जाहिर है कि प्रदेश में पर्यटन की वापसी हो रही है। ये पर्यटन पर आधारित अर्थव्यवस्था वाले राज्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं।


पर्यटन के मामले में हम तेजी से सामान्य होने की तरफ बढ़ रहे हैं। उम्मीद है कि पर्यटन से जुड़े सभी हित धारक कोविड 19 के मद्देनजर जारी दिशा निर्देशों का पालन करेंगे। जिससे पर्यटकों में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों को लेकर भरोसा बढ़ सके।


पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से लॉकडाउन के बाद अनलॉक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई सकारात्मक कोशिशें की गई। जिसका परिणाम अब पर्यटकों की संख्या के रूप में देखने को मिल रहा है। सरकार की तरफ से पर्यटन को उबारने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।





त्योहारी सीजन में सैलानियों से गुलजार हुई मसूरी, अक्तूबर में 30 फीसदी बढ़े पर्यटक, तस्वीरें...
 

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Corbett Tiger Reserve Ring Auda Zone Name Changed To Garjia
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के रिंगौड़ा जोन का नाम बदला, अब इस नाम से होगी ऑनलाइन बुकिंग


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Updated Wed, 28 Oct 2020 10:53 PM IST


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सार
रिंगौड़ा जोन का नाम बदलकर किया गर्जिया, एक नवंबर से होगी ऑनलाइन बुकिंग
सुबह-शाम 30-30 जिप्सियों से होगी जंगल सफारी

विस्तार
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रशासन ने रिंगौड़ा पर्यटन जोन का नाम बदलकर गर्जिया जोन कर दिया है। इस नए जोन का प्रवेश द्वार भी गर्जिया से कर दिया गया है। नए जोन के लिए ऑनलाइन बुकिंग पहली नवंबर से शुरू हो जाएगी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए सीटीआर प्रशासन ने रिंगौड़ा पर्यटन जोन विकसित किया। इसे सीटीआर के बफर जोन में बनाया गया है। एनटीसीए और चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से इस नए जोन की अनुमति मिलने के बाद सीटीआर प्रशासन अब 15 नवंबर से इस जोन को शुरू कर रहा है।
यह भी पढ़ें: 15 नवंबर से खुलेगा राजाजी टाइगर रिजर्व, जंगल सफारी के लिए इतना होगा किराया

पहले इस जोन का नाम रिंगौड़ा रखा गया था और जोन का गेट भी रिंगौड़ा गांव के आसपास से खोलने पर विचार चल रहा था। रिंगौड़ा के आसपास गेट खोलने से वहां जाम समेत अन्य अव्यवस्थाएं होने की आशंका थी।

इसे देखते हुए सीटीआर प्रशासन गर्जिया से नए पर्यटन जोन का गेट खोल रहा है। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि नए पर्यटन जोन गर्जिया की ऑनलाइन बुकिंग एक नवंबर से शुरू की जा रही है। सुबह-शाम की पाली में 30-30 जिप्सियों से जंगल सफारी होगी।



कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के रिंगौड़ा जोन का नाम बदला, अब इस नाम से होगी ऑनलाइन बुकिंग
 
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Unlock 5.0 In Uttarakhand: Rajaji Tiger Reserve Will Open For Tourist From 15th November
15 नवंबर से खुलेगा राजाजी टाइगर रिजर्व, जंगल सफारी के लिए इतना होगा किराया


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 28 Oct 2020 06:08 PM IST

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- फोटो : फाइल फोटो

सार
सफारी ट्रैक की मरम्मत करने में जुटा पार्क प्रशासन

विस्तार
विश्व प्रसिद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क पर्यटकों के लिए 15 नवंबर से खुल जाएगा। पार्क खोलने से पहले सफारी ट्रैक तैयार करने और उसकी सफाई का कार्य अंतिम चरण में है। 31 अक्तूबर तक पार्क के अंदर अलग-अलग रेंजों में 30 किमी के सफारी ट्रैक तैयार हो जाएंगे।
राजाजी नेशनल पार्क में हाथी, तेंदुए, बाघ, सांभर, चीतल, पैंगोलिन और भालू समेत कई जंगली जानवर हैं। पार्क हर साल 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए खोला जाता है। 15 जून तक खुलने वाले पार्क में देशी और विदेशी पर्यटक सफारी करने पहुंचते हैं।
यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: अब उच्च हिमालयी क्षेत्र में तलाशे जाएंगे बाघ, तीन से पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर लगेंगे ट्रैप कैमरा

कोरोनाकाल में इस साल पार्क चार महीने पहले यानी मार्च में लॉकडाउन के बाद बंद हो गया था। अनलॉक-5 में पार्क को पर्यटकों को खोलने की जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं।
देशी पर्यटकों के लिए 150 रुपये होगा टिकट
पार्क के वार्डन कोमल सिंह के मुताबिक पार्क के चीला, रानीपुर, मोतीचूर, मोहंड और आशारोड़ी रेंज में पर्यटक सफारी का लुत्फ उठा पाएंगे। इनमें ट्रैक तैयार किए जा रहे हैं। उसकी सफाई हो रही है और 31 अक्तूबर तक पूरा कार्य हो जाएगा।

पर्यटकों के पार्क की सफारी के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा होगी। देशी पर्यटकों के लिए 150 रुपये का टिकट होगा, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट 550 रुपये का होगा। एडवांस ऑनलाइन बुकिंग खोले जाने की तिथि अभी निर्धारित नहीं है। नवंबर पहले सप्ताह से खुलने की उम्मीद है।



15 नवंबर से खुलेगा राजाजी टाइगर रिजर्व, जंगल सफारी के लिए इतना होगा किराया
 

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Uttar Pradesh › Bareilly › Now Janshatabdi Express Will Stop In Haldwani
अब हल्द्वानी में भी रुकेगी जनशताब्दी एक्सप्रेस


बरेली ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 12:08 AM IST

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बरेली।
इज्जतनगर रेल मंडल ने काठगोदाम से देहरादून जाने वाली नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस अब हल्द्वानी स्टेशन पर भी रुकेगी।
अब तक यह ट्रेन काठगोदाम से चलकर लालकुआं रुकती है।
हल्द्वानी से लालकुआं की दूरी 16 और काठगोदाम की छह किलोमीटर है।
ऐसे में हल्द्वानी के यात्रियों को नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा करने के लिए लालकुआं या काठगोदाम जाना होता था।
इससे उनका ज्यादा समय खर्च होता था।
अब रेलवे प्रबंधन ने ट्रेन का ठहराव हल्द्वानी में करने के आदेश दिए हैं।
इज्जतनगर रेल मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि लॉकडाउन में जिला प्रशासन के आदेश पर ट्रेन का हल्द्वानी स्टेशन पर ठहराव बंद किया गया था। हालांकि अभी प्रशासन से ट्रेन के ठहराव के बाबत कोई आदेश नहीं मिला है।


अब हल्द्वानी में भी रुकेगी जनशताब्दी एक्सप्रेस
 
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