The Weather and Meteorology thread

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Yellow Alert in Himachal Pradesh.


Sunday and Monday can see good Snowfall and rain at low altitudes.
Delhi Rain possible on Monday and Tuesday.
 

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Heavy Rain-Snowfall Warning In Half Of Himachal, Yellow Alert Issued

आधे हिमाचल में फिर भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी, दुश्वारियां बढ़ीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला, Updated Thu, 09 Jan 2020 03:45 PM IST

Heavy rain-snowfall warning in half of Himachal, Yellow alert issued

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- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में इस सीजन के सबसे बड़े हिमपात के बाद दुश्वारियां अभी कम नहीं हुई हैं लेकिन राज्य के लिए फिर से भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी हुई है। प्रदेश में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। दो दिनों से शिमला, कुल्लू, चंबा, मंडी के कई इलाकों के अलावा लाहौल और किन्नौर जिले देश-दुनिया से कटे हुए हैं। परिवहन, बिजली और पानी सेवाएं ठप हैं। राजधानी शिमला समेत बर्फीले क्षेत्रों में सड़कें शीशा बनी हैं। घर से सड़क तक पूरी तरह जिंदगी जम गई है।



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- फोटो : अमर उजाला

पेड़ गिरने से बिजली के सैकड़ों ट्रांसफार्मर जल गए। बर्फबारी के बाद गुरुवार को खिली धूप ने लोगों की दुश्वारियां और बढ़ा दीं। पाइपों में पानी जमने से पेयजल संकट गहरा गया है। गुरुवार दोपहर तक प्रदेश में पांच नेशनल हाईवे समेत 1034 सड़कें बंद रहीं। लोक निर्माण विभाग के नेशनल हाईवे विंग के साथ बीआरओ मार्ग बहाली को सड़कों पर उतर गया है। कुल्लू-मनाली, शिमला-रामपुर, रामपुर-किन्नौर, चंबा-भरमौर और औट-बंजार-सैंज नेशनल हाईवे पर यातायात ठप रहा।


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- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में बुधवार को इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई है। राजधानी शिमला समेत सूबे के आठ स्थानों का न्यूनतम तापमान माइनस में है। बुधवार रात आठ बजे से गुरुवार सुबह आठ बजे तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ी। केलांग का अधिकतम पारा माइनस 7.1 रहा।



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- फोटो : अमर उजाला

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार से हिमाचल में दोबारा बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं। 15 जनवरी तक मौसम खराब रहने की संभावना है। 13 को शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा और किन्नौर व लाहौल-स्पीति के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। 13 जनवरी को येलो अलर्ट के साथ चेतावनी जारी की है।



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- फोटो : अमर उजाला

क्षेत्र न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
केलांग -14.6
कुफरी -5.2
कल्पा -9.1
मनाली -7.8
डलहौजी -5.6
शिमला -3.7


 
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दिनका से लेकर भरमौर तक सड़क पर बर्फ जमने से बढ़ी फिसलन

[https://spiderimg]शिमला ब्यूरो Updated Thu, 09 Jan 2020 10:09 PM IST



भरमौर (चंबा)। पठानकोट-चंबा-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर दिनका से लेकर भरमौर तक सड़क पर गाड़ी चलाना काफी खतरनाक हो गया है। इस मार्ग पर बर्फ जमने से फिसलन बढ़ गई है। इससे वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में काफी परेशानी हो रही है। सड़क पर तीन इंच तक मोटी बर्फ जमी हुई है। इसके ऊपर चलने वाले वाहन फिसल रहे हैं। दोपहिया वाहनों से लेकर बड़े वाहन इस फिसलन का शिकार बन रहे हैं। इसलिए एनएच प्राधिकरण को समय रहते सड़क पर बढ़ी फिसलन को खत्म करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। सड़क पर रेत या मिट्टी बिछाकर फिसलन को खत्म किया जा सकता है। इसलिए एनएच प्राधिकरण को इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। लोगों का कहना है कि भरमौर में तीन दिन तक रूक-रूक कर बर्फबारी होती रही। इसके चलते सड़क पर भी बर्फ जमा हो गई। विभाग की मशीनरी ने सड़क पर गिरी बर्फ को हटाया भी है लेकिन हटाने के बावजूद सड़क पर बर्फ अभी तक जमी हुई है। इसके ऊपर वाहन चालकों को गाड़ी चलाना मुश्किल हो रहा है। लोगों ने जिला और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर फिसलन का समाधान करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।


 

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Uttarakhand Weather Today: Cloudy Weather In Dehradun, Bitter Cold Increased Again

उत्तराखंडः ठंड ने तोड़ा सात सालों का रिकॉर्ड, बर्फबारी के कारण गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 11 Jan 2020 07:37 PM IST


uttarakhand weather today: cloudy weather in dehradun, bitter cold increased again

- फोटो : अमर उजाला


दो दिन चटख धूप खिलने के बाद आज शनिवार को एक बार फिर देहरादून में मौसम खराब हो गया। राजधानी में सुबह से बादल छाए रहे। हालांकि बाद में धूप खिल आई।

शनिवार को अधिकांश इलाकों में दोपहर तक चटक धूप खिली रही थी। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में घने बादल छा गए थे, जिससे ठंड बढ़ गई थी। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से निचले क्षेत्रों में शीतलहर चलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।

वहीं पहाड़ के कई गांव बर्फ से ढके होने से ठंड का प्रकोप बरकरार है। इसके अलावा बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब आदि क्षेत्रों में भी धूप खिली रही। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे समेत तीन मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। केदारनाथ का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।

हरिद्वार। भले ही दो दिन से धूप निकल रही हो, लेकिन शीतलहर का प्रकोप पूरी तरह से जारी है। सुबह शाम की ठंड ज्यादा परेशान कर रही है। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि भले ही दिन में धूप पर फिर भी गर्म कपड़े पहनकर ही घर से निकले।

यमुनोत्री घाटी में बादल छाए हुए हैं। बर्फबारी के कारण कई दिनों से बंद पड़ा यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद हैं। मार्ग खोलने के प्रयास जारी है। बारिश, बर्फबारी के बाद शीतलहर और गलन के कारण कुमाऊं के इलाकों में हाड़कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। इस ठंड ने सात वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है। शुक्रवार सुबह से ही हल्द्वानी में धूप खिली थी। बावजूद इसके शीतलहर और गलन ने बेहाल कर रखा था।

अधिकतम तापमान 12.5 और न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 88 प्रतिशत रही और हवाएं 4.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिम दिशा से चलीं। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 11.0 और न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से एक और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा।

मालढैया में दो घंटे बाधित रहा बदरीनाथ राजमार्ग

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर उफल्डा के समीप मालढैया नया सिरदर्द बन गया है। यहां पहाड़ी से मलबा आने की वजह से बार-बार यातायात अवरुद्ध हो रहा है। शनिवार को यहां दो घंटे यातायात बाधित रहा। कीर्तिनगर मेले में शिरकत करने जा रहे प्रदेश के वन एवं श्रम मंत्री डा. हरक सिंह को भी वैकल्पिक मार्ग मेला स्थल तक जाना पड़ा।
धनोल्टी के कई गांव अब भी बर्फ में कैद
बर्फबारी के बाद चटक धूप तो खिली है, लेकिन धनोल्टी और आसपास गांव के हालात अभी सामान्य नहीं हो पाए हैं। बर्फ के कारण क्षेत्र के कई गांव के लोग अब भी अपने घरों में कैद हैं। धनोल्टी व्यापार मंडल के अध्यक्ष रघुवीर चंद रमोला ने बताया कि पर्यटन नगरी में बर्फबारी के बाद पानी और बिजली की सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के कारण ग्राम चोरगढ़, लामीधार, चूलीसैण और बटवालधार आदि गांवों के लोग पूरी तरह से अपने घरों में कैद हैं। गांव के पैदल रास्तों पर पड़ी बर्फ के ऊपर पाला गिरने से भी लोगों का पैदल चलना मुश्किल बना हुआ है।

धनोल्टी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नई टिहरी विधायक शक्ति लाल शाह ने बारिश और बर्फबारी के कारण घनसाली क्षेत्र में हुए नुकसान की तत्काल भरपाई करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।

भिलंगना और प्रतापनगर के गांवों में बिजली नहीं

आठ जनवरी को हुई भारी बर्फबारी के कारण टिहरी में भिलंगना ब्लाक के दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। बर्फ के कारण कई गांवों में विद्युत तार टूटे हुए हैं। क्षेत्र के ग्यारहगांव, हिंदाव, बूढ़ाकेदार और बासर पट्टी के दर्जनों गांव की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।

प्रधान चंद्रशेखर पैन्यूली, जिला पंचायत सदस्य रेखा असवाल ने बताया कि प्रतापनगर में भदूरा पट्टी के ग्राम लिखवार गांव, बनियाड़ी, सिनवालगांव, उपली रमोली के खंभाखाल, ओनालगांव, मुखमाल गांव, गरवाण गांव, मौहल्या, बैल्डोगी आदि गांव में तीन दिन से बिजली ठप है। ऊर्जा निगम के ईई राकेश कुमार ने कहा कि बर्फबारी से विद्युत लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है।

दो घंटे अवरूद्ध रहा टिहरी मोटर मार्ग

ऑल वेदर रोड कटिंग से देवप्रयाग टिहरी मोटर मार्ग का एक हिस्सा शनिवार सुबह करीब आठ बजे ढह गया। जिससे नई टिहरी, हिंडोलाखाल, पौड़ीखाल, चंद्रवदनी, अंजनीसैण आदि क्षेत्रों को जोड़ने वाला मोटर मार्ग करीब दो घंटे बंद रहा। लोनिवि के सहायक अभियंता सतीशचंद्र भट्ट ने बताया कि फिलहाल टिहरी मार्ग की ओर यातायात बहाल किया गया है। धंस रहे मोटर मार्ग के इस भाग पर पुश्ता लगाए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। चंबा-नई टिहरी मोटर मार्ग भी पूरी तरह से नहीं खुल पाया है।

119 गांवों में बिजली गुल, 21 गांव में पानी नहीं

उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले कई इलाकों में अभी भी यातायात, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। हालांकि शनिवार दोपहर तक दर्जनों गांवों में यातायात व पेयजल बहाली के साथ ही करीब 100 गांवों में विद्युत आपूर्ति भी सुचारु कर दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप तथा यमुनोत्री हाईवे पर फूलचट्टी से आगे बर्फ व पाला जमा होने के कारण यातायात बाधित है, जबकि 18 संपर्क मार्गों में भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित है।

वहीं मोरी ब्लॉक के 60, डुंडा-धौंतरी के 17, भटवाड़ी के 13, नौगांव के 12, चिन्यालीसौड़ के 10 तथा पुरोला के 12 गांवों सहित जिले के कुल 119 गांवों में अभी भी विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। इसके अतिरिक्त खरसाली, नारायणपुरी, जानकीचट्टी, कासलो, डिंगाड़ी, किमडार, लिवाड़ी, फिताड़ी, कसाला, कलाप, गंगाड़ सहित 21 गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित है। आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बचे इलाकों में रविवार तक हालात सामान्य हो जाएंगे।
डाडाधार में फंसे रुद्रपुर के पर्यटकों को पुलिस ने सकुशल निकाला
रुद्रपुर से मुनस्यारी घूमने आए तीन पर्यटक शुक्रवार रात डाडाधार में फंस गए थे। सूचना मिलने पर मुनस्यारी पुलिस ने तीनों पर्यटकों को चालक समेत सुरक्षित निकाल लिया। रुद्रपुर के प्रवीण सिंह, सौरभ अरोड़ा और रंजीत सिद्धू मुनस्यारी घूमने आए थे। शुक्रवार को तीनों एक वाहन से बर्फबारी का लुत्फ उठाने डाडाधार गए थे। वापस में इन लोगों का वाहन बर्फ में फंस गया।

इन लोगों ने वाहन को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन वाहन नहीं निकला। देर रात इन लोगों ने मुनस्यारी पुलिस से संपर्क साधा। मुनस्यारी थाने से उप निरीक्षक मोहन चंद्र जोशी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने रात करीब डेढ़ बजे तीनों लोगों को मय वाहन सुरक्षित निकाल लिया।

पुलिस ने तीनों लोगों को सुरक्षित होटल पहुंचाया। तीनों सैलानियों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की। बताया कि वाहन फंसने से वह लोग एक बार तो डर ही गए थे। पुलिस की मदद पहुंचने से उन लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस टीम में कांस्टेबल संजय चौहान, विनोद अधिकारी शामिल थे। संवाद

नामिक गांव को जाने वाले दोनों रास्ते बंद, 124 परिवार कैद

पिथौरागढ़ जिले में बर्फ से पटे नामिक गांव को जाने वाले दोनों रास्ते बंद होने से 124 परिवार गांव में कैद हो गए हैं। विद्युत आपूर्ति भी दो दिन से बाधित है। ऐसे ही हाल उन इलाकों के भी हैं, जहां जमकर बर्फबारी हुई है। सड़कें बंद होने से ग्रामीण कई किलोमीटर पैदल आवाजाही को मजबूर हैं। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है।

बर्फबारी से पेयजल लाइनें ध्वस्त होने से कई इलाकों में लोग बर्फ पिघलाकर पानी पीने को मजबूर हैं। इधर, शुक्रवार को धूप खिलने से बर्फ पिघलने लगी है। इसके चलते शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। पिथौरागढ़ जिले में थल-मुनस्यारी सड़क सातवें दिन भी नहीं खुली। इस सड़क पर भारी बर्फबारी के चलते फंसे ट्रक चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

यह चालक तीन दिन से ट्रक समेत चार से पांच फीट बर्फ में फंसा था। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि से मुनस्यारी तक 20 किमी के हिस्से में बर्फ जमा है। मुनस्यारी के लिए जौलजीबी-मदकोट मार्ग से वाहनों का संचालन हो रहा है। सब्जी, फल और राशन की आपूर्ति भी मदकोट-जौलजीबी सड़क से हो रही है। लोनिवि ने मुनस्यारी के गांवों को जोड़ने वाले पैदल मार्गों को खोलने के लिए मजदूर लगाए हैं। दर, बोंगलिंग, नागलिंग, दुग्तू, दांतू में तीन फीट तक बर्फ है। गुंजी, गर्ब्यांग, नाभी, कुटी में भी लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
भारी बर्फबारी के बाद पटरी पर लौटने लगी जिंदगी
पहाड़ों की रानी मसूरी में बर्फबारी से हो रही मुसीबतें फिलहाल कम होने लगी हैं। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की अगुवाई में लगातार चलाए गए अभियान के बाद मसूरी पेट्रोल पंप से लेकर गांधी चौक पर जमा बर्फ को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन मसूरी पेट्रोल पंप से पिक्चर पैलेस चौक तक सड़क पर जमा बर्फ के ऊपर पाला पड़ने की वजह से यातायात व्यवस्था शुक्रवार देर शाम तक सुचारु नहीं हो पाई थी।

स्थिति सामान्य होने के साथ ही पुलिस ने छोटी गाड़ियां और दोपहिया वाहन को निकाला। हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस ने बसों व अन्य चार पहिया वाहनों को दो किलोमीटर पहले ही पेट्रोल पंप के पास ही रोक दिया। जिस वजह से सैलानियों के साथ स्थानीय लोगों को पैदल चलकर मसूरी आना पड़ा। रोडवेज की बसों की आवाजाही बंद होने की वजह से देहरादून जाने वाले यात्रियोें को बसें पकड़ने के लिए काफी नीचे जाना पड़ा। जहां बसाें के लिए काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ा।

मसूरी सीओ एएस रावत ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण कुछ परेशानियां हुई हैं लेकिन पुलिस और नगर पालिका की मदद से सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जेसीबी से लोक निर्माण विभाग व पालिका के कर्मचारियों ने सड़कों पर जमी बर्फ को हटाकर सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।

मसूरी पेट्रोल पंप से पिक्चर पैलेस चौक पर सड़क पर जमे पाले के कारण वाहनों को संचालित करना मुश्किल हो रहा है फिर भी पुलिसकर्मी वाहनों को वहां से निकालकर उनके गंतव्य तक भेज रहे हैं। भारी बर्फबारी के कारण मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अभी शुरू नहीं की गई है। जेसीबी की मदद से सड़क को यातायात के लायक बनाया जा रहा है।





उत्तराखंडः ठंड ने तोड़ा सात सालों का रिकॉर्ड, बर्फबारी के कारण गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद
 

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Yellow Alert in Himachal Pradesh.


Sunday and Monday can see good Snowfall and rain at low altitudes.
Delhi Rain possible on Monday and Tuesday.
Good Snowfall in J&K, HP & UK
Delhi will see rains on Monday


Sunday : 12 Jan 2020

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Monday 13 Jan 2020

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15 Jan 2020
Rain in Delhi at evening / night.



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16 Jan 2020
Rain in Delhi at evening.Snowfall in J&K, HP & UK during evening / night.

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Bus Services Start Returning On Track After Four Days Of Snowfall In Himachal, 632 Routes Suspended
तस्वीरें: हिमाचल में 632 मार्ग अभी भी बाधित, बर्फबारी के चार दिन बाद ऐसे हैं हालात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला, Updated Sat, 11 Jan 2020 06:14 PM IST
Bus services start returning on track after four days of snowfall in himachal, 632 routes suspended

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- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में भारी बर्फबारी से थम चुके परिवहन निगम की बसों के पहिये अब चलने शुरू हो गए हैं। बर्फबारी के बाद चौथे दिन शनिवार को परिवहन सेवाएं पटरी पर लौटीं। हालांकि, शनिवार को 100 रूटों पर ही एचआरटीसी की बसों का संचालन शुरू हो पाया। राजधानी शिमला से रामपुर, रिकांगपिओ और किन्नौर के लिए बसों का संचालन वाया धामी किया गया। अभी भी दो सौ से ज्यादा रूट बंद हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

हालात यह हैं कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में ही उनके अधीन काम करने वाला पीडब्ल्यूडी महकमा पांच दर्जन से ज्यादा सड़कों को अभी तक नहीं खोल पाया है। मशोबरा समेत ऊपरी शिमला के लिए अभी भी बसों का संचालन पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है।




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- फोटो : अमर उजाला

निगम के अधिकारियों का कहना है कि सड़क की हालत ठीक होने पर बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग के मंडी, शिमला और कांगड़ा तीनों सर्किलों की शुक्रवार को बाधित 835 सड़कों में से 203 को यातायात के लिए खोला जा चुका है। हालांकि, अभी भी 632 सड़कें बाधित हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

शिमला जोन बंद सड़कें
सोलन 02
शिमला 104
रामपुर 167
नाहन 10
रोहड़ू 205




तस्वीरें: हिमाचल में 632 मार्ग अभी भी बाधित, बर्फबारी के चार दिन बाद ऐसे हैं हालात


Shimla zone Roads:

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Sirmour District :

People Bring The Heart Patient On The Cot To The Road On Foot In Snow
बर्फ ने बढ़ाई बेबसी: सड़क तक चारपाई, फिर जेसीबी से अस्पताल पहुंचाया मरीज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Sat, 11 Jan 2020 08:56 PM IST

people bring the heart patient on the cot to the road on foot in snow

- फोटो : अमर उजाला


हिमाचल के सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल के हरिपुरधार इलाके में शनिवार को एक युवक की सांसें चारपाई पर अटकी रहीं। जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे दिल के मरीज को गांव के ही कुछ युवकों ने चारपाई पर उठाकर ढाई घंटे पैदल सफर के बाद हरिपुरधार पीएचसी पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद युवक को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार हरिपुरधार क्षेत्र के गेहल डिमाइना गांव के 36 वर्षीय हरिचंद नेगी को दिल का दौरा पड़ा। भारी बर्फबारी से बंद पड़ीं गेहल डिमाइना सड़क पर आवाजाही का साधन न होने के कारण हरिचंद को गांव के दर्जन भर युवकों ने चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद जेसीबी में बैठाकर हरिपुरधार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

बता दें कि गेहल डिमाइना व हरिपुरधार की दूरी 11 किलोमीटर है। जैसे ही ग्रामीणों को हरिचंद के अचानक गंभीर होने का पता चला, युवकों ने चारपाई पर उठाकर ढाई घंटे तक हरिपुरधार हेलीपैड तक की खड़ी चढ़ाई चढ़ी। साढ़े तीन बजे तक हरिचंद को 8 किलोमीटर दूर हरिपुरधार के साथ लगते हेलीपैड तक पहुंचाया। यहां एक जेसीबी की मदद से हरिपुरधार स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।


हैरानी इस बात की है कि तीन दिन से मौसम साफ रहने के बाद भी लोक निर्माण विभाग सड़कों से बर्फ हटाने का काम पूरा नहीं कर सका है। लिहाजा, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। युवा कांग्रेस के महासचिव ओपी ठाकुर, विनोद ठाकुर आदि ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग को सड़क खोलने के लिए कहा जा चुका है लेकिन, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

ग्रामीणों ने चेताते हुए कहा कि यदि जल्द क्षेत्र की सड़कें नहीं खोली गईं तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उधर, विभाग के अधिशासी अभियंता रतन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र की सड़कें खोलने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि हरिपुरधार के समीप सड़क पर जेसीबी मशीन लगाई गई है। जेसीबी मशीन में मरीज को हरिपुरधार पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि सोलन-मीनस सड़क को बहाल कर दिया गया है।


बर्फ ने बढ़ाई बेबसी: सड़क तक चारपाई, फिर जेसीबी से अस्पताल पहुंचाया मरीज
 

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Kullu › Civic Amenities
बंजार-आनी, कुल्लू के 500 गांवों में ब्लैक आउट
Updated Fri, 10 Jan 2020 10:12 PM IST


पर्यटन नगरी मनाली में बर्फ से दबे वाहन।

पर्यटन नगरी मनाली में बर्फ से दबे वाहन। - फोटो : Kullu


कुल्लू। जिला कुल्लू में हुई भारी बर्फबारी से ग्रामीण इलाकों में चार दिन बाद भी दुश्वारियां बरकरार हैं। बर्फबारी से घाटी में बंद हुई 103 सड़कों में से 84 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। इसके अलावा कुल्लू-मनाली हाईवे तीन के साथ हाईवे 305 भी बंद चल रहा है। इससे सैलानियों के साथ बाह्य सराज के लोगों को परेशानी हो रही है। बंजार, आनी और कुल्लू के करीब 500 गांवों में अंधेरा छाया है।

बर्फबारी के बाद पड़ी कड़ाके की ठंड से पेयजल की 52 स्कीमें प्रभावित चल रही हैं। पहले इसकी संख्या करीब दो दर्जन थी। 200 बिजली के ट्रांसफार्मर भी बंद हैं। इससे ग्रामीण इलाकों के कई गांवों में पांच दिनों से ब्लैक आउट चल रहा है। हालांकि प्रशासन ने मनाली में बिजली को पूरी तरह से बहाल करने का दावा किया है। लेकिन सैकड़ों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। कड़ाके की ठंड के बीच देवभूमि कुल्लू का जनजीवन ठहर सा गया है। कुल्लू-मनाली के बीच बस सेवा अभी भी बंद है और निगम अपनी बसों को पतलीकूहल तक भेज रहा है। हिमपात से जलोड़ी दर्रा के साथ रोहाचला, कांडीबाग, करशाला, कोठी, दलाश, खनाग, ब्यासर, जाणा, पलचान, कोठी, सोलंगनाला, छतरी, गाड़ागुशैणी, खौली, मलाणा, बरशैणी, सोलंगनाला समेत करीब 150 से अधिक बस रूटों पर बसों की आवाजाही थम गई है। भारी बर्फ पड़ने से कुल्लू के सोलंगनाला, जलोड़ी दर्रा समेत लाहौल को जोड़ने वाली अटल टनल के दोनों मुहाने में हिमखंड गिरने की आशंका है। इसको लेकर मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी लोगों को मौसम खुलने तक संवेदनशील इलाकों की ओर आवाजाही न करने का अलर्ट जारी किया है।


बंजार-आनी, कुल्लू के 500 गांवों में ब्लैक आउट
 

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Kullu › Road Jaam

मनाली में बर्फबारी से घंटों लग रहा लंबा जाम
Updated Fri, 10 Jan 2020 10:12 PM IST

मनाली (कुल्लू)। कुल्लू और मनाली में बर्फबारी के बाद दो दिनों से धूप खिल रही है। लेकिन लोगों के साथ सैलानियों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क से बर्फ को सही ढंग से नहीं हटाने से जाम लगने लगा है।

लोगों की ओर से घरों की छत से बर्फ को सड़क पर फेंकने से भी सैलानियों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनाली पुलिस को जाम खोलने के लिए कड़ाके की ठंड में भारी मुश्किल हुई। मनाली में तापमान शून्य से नीचे जाने से घरों और होटलों को जोड़ी गई पानी की पाइपें जमने लगी हैं। इससे खासकर सैलानियों को परेशान होना पड़ रहा है। मनाली और इसके आसपास लोक निर्माण विभाग और एनएच अथॉरिटी की ओर से बर्फ न हटाए जाने के कारण वाहनों के साथ सैलानी फिसलने लगे हैं। अलेउ नाला, प्रीणी नाला, जगतसुख नाला और सजला नाला में भी बर्फ जमने से वाहन फिसलने लगे हैं। ऐसे में दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। कुल्लू-मनाली मार्ग शुक्रवार को भी बसों के लिए बहाल नहीं हो सका है। पर्यटकों को मीलों दूर पैदल चलकर होटल पहुंचना पड़ रहा है। उधर, मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार मनाली नारायण सिंह वर्मा से मिला। कहा कि बर्फबारी से मनाली सहित समूची घाटी के लोगों और सैलानियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मनाली में बर्फबारी से पेश आ रही परेशानियों को लेकर चर्चा करते हुए स्थिति को सामान्य करने की मांग की है।



मनाली में बर्फबारी से घंटों लग रहा लंबा जाम
 
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