The Weather and Meteorology thread

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Kullu › Weather is bad in Manali as snowfall is creating havoc & Chilled weather / Cold Wave is not alllowing Electricity to be restored in more than 500 villages.

पहले दुश्वारियां कम नहीं, फिर हिमपात शुरू
Updated Sat, 11 Jan 2020 09:57 PM IST

कुल्लू। दुश्वारियों से जूझ रहे कुल्लू घाटी के लोगों के लिए मौसम एक बार फिर से परेशानी बनता जा रहा है। रोहतांग दर्रा के साथ कुल्लू-मनाली की ऊंची पहाड़ियों में शनिवार को रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर जारी रहा। कुल्लू-मनाली में कड़ाके की ठंड और शीतलहर चलने से लोगों को घर से बाहर निकले में दिक्कत हुई।

पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद जिले में जनजीवन अभी तक पटरी पर नहीं लौटा है। सप्ताह बाद भी घाटी के सैकड़ों गांव अंधेरे में हैं। जिले में करीब 150 बिजली ट्रांसफार्मर जाम हैं। लोग सर्द रातों को अंधेरे में काटने को मजबूर हैं। दो हाईवे समेत 70 से अधिक सड़कों पर बसों की आवाजाही बंद हैं। हालांकि एनएच अथॉरिटी ने मनाली के ग्रीन टैक्स बैरियर तक नेशनल हाईवे को बसों के लिए खोल दिया है। लेकिन मनाली तक बसें नहीं पहुंच रही हैं। इससे पर्यटकों और आम लोगों को लगभग दो किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। यही हाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का भी है। यहां लोग अपने कामकाज को निपटाने के लिए कई किमी तक बर्फ में चलने को मजबूर हैं। जिले के कई इलाके उपमंडल के साथ जिला मुख्यालय से कटे हुए हैं। पहाड़ों में भारी बर्फबारी से 50 से ज्यादा पानी की स्कीमों के जाम से होने से लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। लोग बर्फ में नदी-नाले से पानी ढो रहे हैं। खासकर जिले की ऊझी घाटी, मणिकर्ण, सैंज, बंजार की तीन कोठी तथा बाह्य सराज के निरमंड, रघुुपुर और जलोड़ी के ग्रामीणों को जोड़ने वाली स्कीमें ठंड से जाम हो गई हैं। लेकिन खराब मौसम ने लोनिवि, एनएच अथॉरिटी, आईपीएच तथा बिजली बोर्ड की चिंताओं को बढ़ा दिया है।


पहले दुश्वारियां कम नहीं, फिर हिमपात शुरू
 

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Kullu › Tourists are stuck on road due to Black Ice and accumulated snow.
No arrangements are done to remove snow / ice from roads to Manali.

मनाली पहुंचाने के लिए पर्यटकों से लूट खसोट
Updated Fri, 10 Jan 2020 10:12 PM IST


मनाली में लगें जाम के बीच पैदल ही जाते पर्यटक।

मनाली में लगें जाम के बीच पैदल ही जाते पर्यटक। - फोटो : Kullu


पतलीकूहल (कुल्लू)। पिछले साल मई-जून का समर पर्यटन सीजन पिट जाने के बाद पर्यटन कारोबारियों को विंटर सीजन से आस थी। उम्मीद के मुताबिक विंटर सीजन के दस्तक देते ही दिसंबर महीने में बर्फबारी शुरू हो गई। शूटिंग को पहुंचे बिग बी ने भी बर्फबारी की तस्वीरें सोशल मीडिया में सांझा कर मनाली की ओर सैलानियों को आकर्षित किया।

बर्फबारी के पहाड़ों से उतरकर मनाली की सरजमीं को छूते ही सारा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कहीं बिजली चली गई तो कहीं पानी की पाइपें ही जम गई। इतना ही नहीं पतलीकूहल से लेकर मनाली तक सड़क पर बर्फबारी होने से सैलानियों को लाने वाली वाल्वों बसे पतलीकूहल में ही खड़ी हो गई। इस बीच जिप्सी वालों नेे सैलानियों को जमकर लूटा। पर्यटकों से 16 किलोमीटर की दूरी के पांच-पांच हजार रुपये वसूले गए। बेशक पुलिस और प्रशासन ने सोशल मीडिया में एडवायजरी जारी कर सड़क बंद होने और सड़क के किनारों से पत्थर लुढ़कने को लेकर सचेत भी किया। लेकिन विंटर सीजन को कैश करने के लिए सड़कें रोड़ा बन गई। मनाली तक सड़क बहाल न होने से पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मनाली घूमने आए सैलानी रोमेश, कमल, मीनू, नीता, सिम्मी, चमनभाई पटेल और रीनाबेन ने कहा कि बर्फ में उन्हें बस से उतार कर अपने स्तर पर मनाली पहुंचने को कहा गया। इस बीच भारी कीमत चुकाकर वे मनाली पहुंच सके। सड़क पर बर्फबारी होने के बावजूद तीन-तीन लाइनें लगने से ठंड में वे जाम में फंस गए। मनाली होटलियर एसासिएशन के अध्यक्ष अनूपराम ठाकुर ने कहा कि कुछ समय के लिए ही मनाली में सैलानियों की संख्या बढ़ती है। लेकिन हर बार कोई सबक लेने के बजाय समय रहते सड़क खोलने के लिए मशीनों की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में सड़क बहाली का कार्य भगवान भरोसे छोड़कर व धूप से बर्फ पिघलकर सड़क खुलने का इंतजार किया जाता है।
---संजय ठाकुर


मनाली पहुंचाने के लिए पर्यटकों से लूट खसोट
 

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Kullu › Weather will be bad from 12 to 19th Jan 2020 and avoid going to upper regions in hills of Kullu District.


जिले में 12 से 19 तक मौसम रहेगा खराब, सतर्क रहें

शिमला ब्यूरो Updated Sun, 12 Jan 2020 09:36 PM IST



मनाली के समीप बर्फ से ढकी घाटी का नजारा।


मनाली के समीप बर्फ से ढकी घाटी का नजारा। - फोटो : Kullu

कुल्लू। मौसम विभाग ने कुल्लू जिले में 12 से 19 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से भारी बारिश और हिमपात होने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान जिले के पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचाई और बर्फीले क्षेत्रों की ओर न जाने की हिदायत दी है।

प्रशासन ने भी आम लोगों के साथ घाटी के पर्यटन कारोबारियों से कहा कि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सुझाव दें कि वे ऐसे मौसम में बर्फ वाले क्षेत्रों में न जाएं, यह जानलेवा हो सकता है। आपातकालीन स्थिति होने पर पुलिस प्रशासन ने 1077 पर सूचित करने को कहा है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि मौसम के इस मिजाज को देखते हुए लोगों से एहतियात बरतने को कहा है। आगामी एक सप्ताह तक जिले में भारी बारिश व हिमपात की चेतावनी मौसम केंद्र की ओर से दी गई है और विभागों के अधिकारियों को प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा है। मौसम के बदले तेवर को देखते हुए एचआरटीसी कुल्लू ने जिले में कई रूटों पर शाम को जाने वाली बसों को सुरक्षित जगहों तक भेजा है। हालांकि जिले में अभी दो हाईवों के साथ 60 से ज्यादा मार्गों पर बसों का आवागमन बंद है। एसडीएम तेज सिंह ने सैलानियों व आम लोगों से जलोड़ी दर्रा की तरफ पैदल सफर नहीं करने को कहा है। भारी बर्फबारी के कारण दर्रा को आरपार करना जोखिम भरा हो सकता है। आरएम कुल्लू डीके नारंग ने कहा कि निगम मौसम को भांपकर ही रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है।





जिले में 12 से 19 तक मौसम रहेगा खराब, सतर्क रहें
 

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Bitter Cold Wave Conditions in Kullu District.

Civic Amenities
ऐसी सर्दी कि गीले होने के बाद बाल भी जम जाए
Updated Sat, 11 Jan 2020 10:00 PM IST


केलांग में बर्फबारी का दृश्य।

केलांग में बर्फबारी का दृश्य। - फोटो : Kullu


केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में पारा शून्य से फिर 20 डिग्री नीचे लुढ़क गया है। कड़ाके की ठंड के चलते घाटी में 80 फीसदी नलके जाम हो गए हैं। लिहाजा लोग प्राकृतिक चश्मों से गुुुुजारा करने को मजबूर हैं। लाहौल में इस सर्दी में अभी तक दो से तीन फीट तक बर्फ गिरी है।

अब लाहौल में सियाचिन की तरह तरल खाद्य वस्तुएं घरों के अंदर ही जाम हो रही हैं। लाहौल में ठंड इतनी है कि कुछ मिनटों के अंदर चीजें जाम हो रही हैं। एटीएम जाम होने से पैसे भी नहीं निकल रहे हैं। कर्मचारी सुनील ने कहा कि जब वह बाथरूम से नहाकर निकले तो अपने कमरे तक पहुंचने तक उनके गीले बाल भी जम गए। जिला मुख्यालय केलांग में महज आधा फीट बर्फबारी हुई है। कम बर्फबारी के बावजूद इस बार लाहौल घाटी में सर्दी ने दशकों का रिकॉर्ड तोड़ डाला है। पिछले करीब 20 दिनों से कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। 27 दिसंबर को काजा में ठंड ने तीन दशकों का रिकॉर्ड तोड़ा। काजा में इस दिन पारा माइनस 30 डिग्री का तक लुढ़क गया था। कोकसर में इसी दिन पारा माइनस 26 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उधर ठंड के चलते पेयजल को लेकर संकट बढ़ गया है। आईपीएच के सहायक अभियंता सुनील ने कहा कि पारा माइनस 20 डिग्री तक लुढ़क जाने से पेयजल स्रोत पूरी तरह से जम गए हैं। लिहाजा पेयजल आपूर्ति सुचारु रखना विभाग के लिए मुश्किल हो गया है। ठंड के कारण पानी आपूर्ति कम होने से लाहौल की एकमात्र विद्युत परियोजना थिरोट में उत्पादन घट गया है। ऐसे में बिजली रोटेशन पर दी जा रही है। उधर, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता बिक्रम राणा ने कहा कि पानी की आपूर्ति कम होने से बिजली उत्पादन कम हो गया है। मनाली से लाहौल आने वाले 33केवी बिजली में खराबी आई है। कार्यकारी उपायुक्त एवं एसडीएम अमर नेगी ने कहा कि कड़ाके की ठंड को देखते हुए लोग देर रात तक अपने घरों से बाहर न रहे।


ऐसी सर्दी कि गीले होने के बाद बाल भी जम जाए
 

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200 Villages are living without any Electricity in Kullu District !

Kullu › Civic Amenities

जिले के 200 गांवों में आठ दिनों से पसरा अंधेरा
Updated Sun, 12 Jan 2020 09:36 PM IST

कुल्लू। जिला कुल्लू में एक सप्ताह से भी अधिक समय से जनजीवन ठहरा हुआ है। पहले से जिले की करीब सौ से अधिक पंचायतों का संपर्क उपमंडल और जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। जनजीवन को पटरी पर लाने में जुटे लोनिवि, एनएच अथॉरिटी, बिजली बोर्ड और आईपीएच विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

जिले में आठ दिनों से 200 से अधिक गांवों में ब्लैक आउट है। कुल्लू में 21, बंजार में 22 और बाह्य सराज आनी में करीब दो दर्जन बिजली के ट्रांसफार्मर प्रभावित चल रहे हैं। दुर्गम इलाकों में बिजली बहाल करना विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को चुनौती बन गया है। दो से तीन फीट बर्फ में अभी घाटी में 55 सड़कों पर बसों के पहिये थमे हुए हैं। एनएच-305 को भी बहाल करने में एनएच अथॉरिटी जुटा हुआ है। पेयजल के लिए लोगों को कड़ाके की ठंड में हाहाकार मचा है और तीन दर्जन स्कीमों में पानी नहीं आने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर कई किमी दूर नदी और नालों से पानी लेकर आना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन जिले की अधिकतर स्थानों पर जनजीवन सामन्य होने का दावा कर रहा है। पूरे जिले के दुर्गम गांवों को बिजली के साथ सड़क और पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक मौसम फिर से खराब रहने की चेतावनी दी है। उधर, विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि सर्दी में लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसको लेकर प्रशासन व संबंधित विभागों को हालात जल्द सामान्य करने के आदेश दिए गए हैं।

जिले के 200 गांवों में आठ दिनों से पसरा अंधेरा
 

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Tourist
नेहरूकुंड में बर्फ के बीच सैलानियों ने की मस्ती
Updated Sun, 12 Jan 2020 09:33 PM IST

नेहरुकुंड में बर्फ का आनंद लेते सैलानी।

नेहरुकुंड में बर्फ का आनंद लेते सैलानी। - फोटो : Kullu


कुल्लू। जिला कुल्लू के पर्यटन स्थलों में हुई भारी बर्फबारी पर्यटकों के लिए आकर्षण बन रही है। हालांकि बर्फबारी के बाद पर्यटन नगरी मनाली सैलानियों से गुलजार हुई है। लेकिन वे सोलंगनाला तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। मौसम को देखते हुए रविवार को भी अधिकतर पर्यटकों को नेहरूकुंड के पास रोका गया।

सुबह के समय कुछ पर्यटक फोर बाई फोर व जिप्सी से सोलंगनाला पहुंचे। यहां उन्होंने बर्फ के बीच खूब मस्ती की। नेहरूकुंड में सैकड़ों पर्यटकों ने बर्फ में स्कीइंग के साथ घुड़सवारी, याक सवारी का आनंद लिया। बर्फ की चांदी से लकदक पहाड़ों को भी पर्यटक अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं। रोहतांग में शनिवार रात और रविवार को जमकर बर्फबारी हुई। सोलंगनाला, मढ़ी, गुलाबा, धुंधी और कोठी में रुक-रुक कर फाहे गिरते रहे। इसके चलते प्रशासन भी सैलानियों को सोलंगनाला नहीं भेज रहा है। पर्यटन विकास निगम मनाली के डीजीएम अनिल तनेजा ने कहा कि बर्फबारी के बाद मनाली में सैलानियों की संख्या में रोज बढ़ोतरी हो रही है। आने वाले दिनों के लिए भी निगम के होटलों में ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है। डीएसपी मनाली शेर सिंह ठाकुर ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पुलिस ने सैलानियों को अलर्ट जारी किया है कि वे खतरे वाली जगहों से दूर रहे। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए रविवार को भी सैलानियों को नेेहरूकुंड से आगे सोलंगनाला की तरफ नहीं भेजा गया।


नेहरूकुंड में बर्फ के बीच सैलानियों ने की मस्ती
 

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Road Block
पागलनाला में चार घंटे बंद रही सड़क
Updated Sun, 12 Jan 2020 09:36 PM IST

सैंज-लारजी सड़क पर पागलनाला में मलबा आने से लगा जाम।

सैंज-लारजी सड़क पर पागलनाला में मलबा आने से लगा जाम। - फोटो : Kullu


सैंज (कुल्लू)। पागलनाला ने रविवार को सैंज घाटी की जनता पर कहर बरपाया। लारजी-सैंज सड़क पर रविवार को नाले का भारी मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ। सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक नाले ने घाटी की रफ्तार रोके रखी।

लोनिवि की जेसीबी आने के बाद सड़क को यातायात के लिए बहाल किया गया। इस दौरान नाले के दोनों ओर दर्जनों वाहनों की कतारें लगी रही। कड़ाके की ठंड में लोग गाड़ियों के अंदर ठिठुरते रहे। बारिश होने पर शनिवार रात से नाले में मलबा आना शुरू हो गया था। इसके चलते रविवार सुबह सड़क पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई। बारिश से सैंज घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सैंज-न्यूली, सैंज-धाउगी, सैंज-देहुरी, सैंज-शांघड़ और सैंज-कनौन सड़कों पर भी बसें नहीं चल पाई। कई पैदल रास्ते मलबा गिरने से बाधित हुए हैं। सैंज घाटी के दीपू ठाकुर, बालमकुंद, हरभजन, दीपक, ऐले राम, रोशन लाल, विद्या प्रकाश नेगी, महेंद्र सिंह शर्मा, मोती राम ठाकुर, पूर्णचंद, प्रेम सिंह और सेस राम ने कहा कि पागलनाला बंद होने से उन्हें हर बार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, लोक निर्माण विभाग बंजार के अधिशासी अभियंता चमन लाल ठाकुर ने कहा कि पागलनाला में मलबा हटाने के लिए मशीन लगाई गई है। बारिश होने से नाले में मलबा आ रहा है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने ग्रामीणों को नदी-नाले और भूस्खलन संभावित क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी है। क्षेत्र में बिजली, पानी और यातायात बहाल रखने के लिए सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं।

पागलनाला में चार घंटे बंद रही सड़क
 

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Kullu › Landslide started due to delayed Four Lane Road work between Jia - Ramshila in and around Khrahal area.

जिया-रामशिला के बीच हो रहा भूस्खलन
Updated Sun, 12 Jan 2020 09:36 PM IST


कुल्लू। लगातार बारिश से जिया-रामशिला के बीच भूस्खलन हो रहा है। फोरलेन कटिंग से जमीनों में लंबी दरारें पड़ रही हैं। जिया-रामशिला के बीच फोरलेन का निर्माण लटकने से समस्या बढ़ रही है। कई मकानों और लोगों की जमीन भूस्खलन की चपेट में आ सकती हैं। खराहल के देवधार में आधा दर्जन से अधिक परिवार पहले ही उजड़ चुके हैं।

जिया से लेकर रामशिला तक फोरलेन के लिए कुछ जगहों पर पहले ही कटिंग की गई है। कुछ जगहों पर काम चल रहा है। गौर रहे कि खराहल के निचले इलाकों में दलदल वाली मिट्टी पानी की अधिक मात्रा होने पर खिसकने लगती है। इससे लोगों की जमीनों का नुकसान बढ़ सकता है। रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। बारिश से ताजा कटिंग वाली जगहों में मिट्टी खिसकना शुरू हो गई है। आगामी 19 जनवरी तक कुल्लू में खराब मौसम रहने का अंदेशा जताया गया है। ऐसे में आगामी पांच-छह दिनों तक लगातार बारिश होती है तो भूस्खलन से नुकसान बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक फोरलेन निर्माण में देरी का खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। घाटीवासी राम सिंह ठाकुर, चमन लाल, राकेश कुमार, दिनेश ठाकुर ने कहा कि खराहल क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां पर कटिंग के साथ-साथ डंगे लगाने का कार्य भी पूरा किया जाना चाहिए। फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी ने खुदाई कर सड़क छोड़ दी है। बारिश के चलते जिया से रामशिला के बीच भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसमें जानमाल का नुकसान भी हो सकता है।


जिया-रामशिला के बीच हो रहा भूस्खलन
 

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Heavy snowfall in Uttarakhand, tourist footfall up in Mussoorie
According to the data of the Meteorological Centre in Dehradun, 7.5 inches of snowfall was recorded in the first 10 days of this year by the snow gauge at the observatory in Mukteshwar.


Written by Lalmani Verma | Dehradun | Updated: January 13, 2020 1:58:18 am

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According to officials, if snowfall in Mukteshwar increases, it means an increase in snowfall at the higher reaches of the state. (File)

With the higher reaches of Himalayan regions in Uttarakhand receiving heavy snowfall in the first few days of the new year, environment experts and the state government are hoping this would be good for the ecosystem and the upcoming monsoon.
According to the data of the Meteorological Centre in Dehradun, 7.5 inches of snowfall was recorded in the first 10 days of this year by the snow gauge at the observatory in Mukteshwar. There are four observatories in the state — the others are at Dehradun, Pantnagar and Tehri — but only the facility at Mukteshwar at an altitude of 2,171 m has a snow gauge.

Compared to the 7.5 inches of snowfall in the first 10 days of January this year, the snowfall recorded for the whole of January 2019 was 5.8 inches. In 2018, 2.5 inches of snowfall was recorded in January. In the past 20 years, the highest snowfall in January was recorded in 2005 — 25.3 inches.
According to officials, if snowfall in Mukteshwar increases, it means an increase in snowfall at the higher reaches of the state. Many places in the state have received snowfall after more than a decade. Tyuni block in Dehradun district recorded snowfall after four decades. Kalsi block and Hanol area in the same district witnessed snowfall after almost two decades.


EXPLAINED

Good for the ecosystem, say experts
Experts have pointed out that if the Western Disturbance is good in winters, there would be a better monsoon during July-August-September. Higher snowfall during winters replenishes the ground storage of water, which would be beneficial for downstream habitat and agriculture.
Prominent tourist destination Mussoorie received snowfall twice in January, increasing tourist footfall during what is considered an off-season. In 2019, Mussoorie did not receive snowfall.
Speaking to mediapersons about the snowfall, Chief Minister Trivendra Singh Rawat said, “I take it in positive way and this will be very good for our future.”
Director of Meteorological Centre, Dehradun, Bikram Singh, said snowfall has increased because Western Disturbance is more active this time. Singh said there is possibility of snowfall again on January 13 and 14 in the higher reaches of Uttarkashi, Chamoli, Rudraprayag and Pithoragarh districts.
Professor A P Dimri of JNU’s School of Environmental Sciences said the activity of Western Disturbance in some years leads to an increase in snowfall.




Heavy snowfall in Uttarakhand, tourist footfall up in Mussoorie
 
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