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Heavy Rain In Telangana: Hyderabad में Waterlooging और बाढ़ के हालात
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•Oct 13, 2020



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Amar Ujala
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#HeavyRainInTelangana #HyderabadRain
Telangana में भारी बारिश से बुरे हाल हो गए हैं। आपको तस्वीर दिखाते हैं हैदराबाद की जहां कई इलाकों में जलजमाव और बाढ़ के हालात बने हुए हैं।
 

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Viral Video: Telangana में आपस में टकरा रहीं गाड़ियां, ऐसा है सड़कों का हाल | Hyderabad Rain
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•Oct 14, 2020


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#HyderabadRains #Hyderabad #HyderabadFloods #TelanganaFlood

Hyderabad में Rain में सड़के पानी से भरी हुई हैं। इसी दौरान एक Video Viral हुआ है जरा देखिए।
 

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Weather Forecast Today Update In Uttarakhand News: Weather Is Clear But Cold Increasing

Weather Today: बदला मौसम, चारों धाम समेत हेमकुंड साहिब में हुई सीजन की पहली बर्फबारी

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 22 Oct 2020 06:52 PM IST


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- फोटो : amar ujala


उत्तराखंड में गुरुवार को दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली। मौसम में बदलाव के साथ ही बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी हुई।
केदारनाथ में सुबह 11 बजे से दोपहर बाद 2 बजे तक रूक-रूककर तेज बर्फबारी होती रही। बर्फबारी के कारण धाम में ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ में आदिगुरू शंकराचार्य समाधि स्थल का पुनर्निर्माण कार्य कर रही वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि केदारपुरी के चारों तरफ ऊंची पहाड़ियों पर हल्की बर्फ जमी हुई है, जिससे शीतलहर का प्रकोप तेज होने से ठंड बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि केदारनाथ में अधिकतम तापमान आठ और न्यूनतम माइनस 2 डिग्री दर्ज किया गया। द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के ऊपरी क्षेत्रों में भी सीजन का पहला हिमपात हुआ है। खराब मौसम के कारण पड़ावों पर भी ठंड बढ़ गई है। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत पुलिस को यात्रियों की सुरक्षा व ठंड से बचाव के लिए उचित व्यवस्था बनाने के आदेश दिए हैं।
बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब में में भी बर्फबारी से बढ़ी ठंड
बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में भी बृहस्पतिवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई। जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। जोशीमठ में भी करीब आधा घंटे तक बारिश हुई। दोपहर बाद से बदरीनाथ धाम में मौसम खराब है, जिससे धाम के साथ ही निचले क्षेत्रों में मौसम में ठंडक आ गई है।

बदरीनाथ धाम में सुबह चटख धूप खिली थी, लेकिन दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ मौसम ने करवट बदली और करीब दस मिनट तक धाम में आंशिक बर्फबारी हुई। बदरीनाथ में मौसम खराब होने से गोपेश्वर, पीपलकोटी, नंदप्रयाग क्षेत्रों में भी शाम को ठंडी हवाएं चलीं और मौसम में ठंडक आ गई है। वहीं, हेमकुंड साहिब में सुबह से ही बादल छाए हुए थे। दोपहर बाद हेमकुंड साहिब में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई। जिससे गोविंदघाट क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है।

यमुना घाटी में भी बर्फबारी से ठंड का आगाज
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम से लगी चोटियों पर भी हल्की बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई है। यात्रा पर पहुंचे तीर्थयात्रियों को यहां कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। शाम के समय उत्तरकाशी जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम से लगी चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट आ गई है।

घाटी वाले क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 19 डिग्री तथा न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में अधिकतम तापमान 11 डिग्री और न्यूनतम 3 डिग्री रहा।
भूवैज्ञानिकों के सुझाव पर हटाए गए लूज बोल्डर
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में भूवैज्ञानिकों ने जिन लूज बोल्डरों को हटाने का सुझाव दिया था। उन्हें हटा दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट एसडीएम कीर्तिनगर को भेजी जा रही है। हालांकि वाहनों के संचालन के लिए शुक्रवार को हाईवे की स्थिति देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।

छह माह से अवरुद्ध चल रहे तोताघाटी को लोनिवि ने 16 अक्तूबर की शाम खोल दिया था, लेकिन यहां खतरा देख प्रशासन को दोबारा हाईवे बंद करना पड़ा। आल वेदर रोड परियोजना के टीम लीडर जेके तिवारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को तोताघाटी में खतरा बनी चट्टानों को हटाने का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। इस संबंध में एसडीएम कीर्तिनगर को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

इधर, एसडीएम आकांक्षा वर्मा ने बताया कि चार शर्तों पर ही कौड़ियाला से देवप्रयाग के बीच यातायात बहाल करने की अनुमति दी जाएगी। लोनिवि को हाईवे से मलबा और पत्थर हटाने होंगे। जहां सड़क की चौड़ाई से 3 से 4 मीटर है, वहां कम से कम चौड़ाई 6 मीटर करनी होगी। शुक्रवार को हाईवे की स्थिति देखने के बाद फिलहाल छोटे वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी, वो भी सुबह 5 बजे से रात की सात बजे तक ही।


Weather Today: बदला मौसम, चारों धाम समेत हेमकुंड साहिब में हुई सीजन की पहली बर्फबारी
 

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Uttarakhand › Dehradun › Uttarakhand Weather Forecast Today: Indian Army Soldiers Doing Duty During Minus 8 Degree Temperature On China Border

माइनस आठ डिग्री तापमान में सीमा की निगहबानी कर रहे जवान, लिपुपास और नाभिढांग में जमने लगा पानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़) Updated Thu, 22 Oct 2020 07:23 PM IST



उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला


उच्च हिमालयी क्षेत्र में हल्का हिमपात शुरू होने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। रात को तापमान माइनस आठ डिग्री तक पहुंच रहा है। तापमान में गिरावट आने से नलों का पानी भी जमने लगा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के जवान सीमा पर मुस्तैदी के साथ डटे हुए हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में अक्तूबर से हल्का हिमपात होने लगता है। पिछले वर्षों तक चीन सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के जवान अक्तूबर-नवंबर तक अग्रिम चौकियों से निचली चौकियों में शिफ्ट हो जाते थे। इस बार चीन से चल रही तनातनी को देखते हुए शीतकाल में भी जवान अग्रिम चौकियों में तैनात रहेंगे।
यह भी पढ़ें: Weather Today: बदला मौसम, चारों धाम समेत हेमकुंड साहिब में हुई सीजन की पहली बर्फबारी

सूत्रों के अनुसार लिपुपास, नाभिढांग सहित अन्य क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह में तापमान में भारी गिरावट आई है। इन क्षेत्रों का तापमान माइनस 8 डिग्री तक पहुंचने लगा है। इसके चलते नलों का पानी भी जमने लगा है।

धूप निकलने के बाद नलों से पानी बहना शुरू होता है। शीतकाल में अग्रिम चौकियों में जवानों के लिए रसद की आपूर्ति कर दी गई है। हाड़ कंपाने वाली ठंड से सुरक्षा के लिए जवानों को खास पोशाकें भी उपलब्ध कराई गई हैं।
पंचाचूली सहित ऊंची चोटियों में तीसरा हिमपात
दिसंबर और जनवरी में उच्च हिमालयी क्षेत्र में तापमान माइनस 25 डिग्री तक चला जाता है। अभी मिलम से लिपुलेख तक सुरक्षा बलों के जवान नियमित गश्त कर सीमा पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

बृहस्पतिवार को जिले की ऊंची चोटियों हंसलिंग, नग्निधूरा, पंचाचूली आदि पर इस मौसम का तीसरा हिमपात हुआ। दिन में हिमालय बादलों से ढंका रहा। बादल छाए रहने, हिमपात और निचले इलाकों में ठंडी हवाएं चलने से ठंड महसूस की गई।

मुनस्यारी में लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। इधर जिला मुख्यालय सहित जनपद के अन्य हिस्सों में दिन में धूप खिली रही। पिथौरागढ़ सहित डीडीहाट में सुबह-शाम तापमान में गिरावट आने से ठंड महसूस होने लगी है।


माइनस आठ डिग्री तापमान में सीमा की निगहबानी कर रहे जवान, लिपुपास और नाभिढांग में जमने लगा पानी
 

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This Time La Nina Will Bring Bitter Cold Winter, Scientists Are Guessing

इस बार कड़ाके की सर्दी लाएगा ला नीना, वैज्ञानिक लगा रहे अनुमान, तीन-चार दिन में मौसम लेगा करवट


न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sat, 24 Oct 2020 10:42 AM IST



इस बार मौसम पर ला नीना का प्रभाव रहेगा और कड़ाके की ठंड होगी। हालांकि अभी तापमान सामान्य से अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सप्ताह भर बाद मौसम में बदलाव होना शुरू हो जाएगा।
शुष्क मौसम के कारण पिछले चार पांच साल के बाद इस बार अक्तूबर में दिन का तापमान नार्मल से एक से तीन डिग्री ज्यादा चल रहा है। रात का तापमान एक दो दिन से कम हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि तीन-चार साल में ऐसा होता है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि एक सप्ताह बाद न्यूनतम तापमान दो डिग्री नीचे जा सकता है। पर्वतीय जनपदों में तीन-चार दिन में हल्की बारिश और ऊंचाई वाली जगहों पर बर्फबारी भी हो सकती है।
क्या है ला नीना और एल नीनो
इधर, पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह के अनुसार, कमजोर ला नीना की वजह से सर्दियों में इस बार कड़ाके की ठंड रहेगी, क्योंकि यह ठंडी हवाओं के अनुकूल होता है। एल नीनो और ला नीना का मौसम के रुख को तय करने में काफी प्रभाव रहता है।

ला नीना समुद्री प्रक्रिया है, जिसमें समुद्र में पानी ठंडा होने लगता है। जिसका हवाओं पर भी असर होता है और तापमान पर प्रभाव पड़ता है।

जबकि एल नीनो में इसके विपरीत होता है। यानी समुद्र का पानी गर्म होता है और इसके प्रभाव से गर्म हवाएं चलती हैं और दोनों का असर मानसून पर भी पड़ता है।



 

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Sach Pass In Himachal Pradesh's Chamba Covered In Snow After Receiving Fresh Snowfall

Manmohan Singh, Director Indian Meteorology Department (IMD) Himachal Pradesh, said that the temperature in Chamba, Kullu and Lahaul-Spiti distrctsi have reached sub-zero level.


All India
ANI
Updated: October 24, 2020 7:38 am IST

Sach Pass In Himachal Pradesh's Chamba Covered In Snow After Receiving Fresh Snowfall


Sach Pass covered in a blanket of snow as the area received fresh snowfall.



Chamba:
Sach Pass in Chamba got covered in a blanket of snow after receiving fresh snowfall on Friday.

According to the Mangal Chand Manepa, Regional Manager, Keylong, Lahaul Spiti, "Keeping in view of the fresh snowfall on Saach pass Himachal Road and Transport Corporation (HRTC), Keylong will stop it's 'Killar-Chamba' bus service from tomorrow onwards."

Manmohan Singh, Director Indian Meteorology Department (IMD) Himachal Pradesh, said that the temperature in Chamba, Kullu and Lahaul-Spiti distrctsi have reached sub-zero level.
"The temperature has declined by 4 to 5 degree Celsius in the region. The higher reaches of Chamba, Kullu and Lahaul-Spiti districts are in sub-zero," Manmohan Singh said.


However, Local weather department did not forecast snow or rain for next five days in the region.


 

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First-Of-Its-Kind Flash Flood Warning System For South Asian Countries Launched

WMO has entrusted India with the responsibility of the Regional Centre of South Asia Flash Flood Guidance System for coordination, development and its implementation.

All IndiaPress Trust of IndiaUpdated: October 24, 2020 1:36 am IST

First-Of-Its-Kind Flash Flood Warning System For South Asian Countries Launched


System will enable the member countries issue impact-based forecasting of floods (Representational)



New Delhi:
The first-of-its-kind system for South Asian countries that will provide alerts for flash floods 6-24 hours in advance was launched at the India Meteorological Department (IMD) on Friday.
The World Meteorological Department (WMO) has entrusted India with the responsibility of the Regional Centre of South Asia Flash Flood Guidance System for coordination, development and its implementation.
India also shares cyclone warning alerts with neighbouring countries.
The system will enable the member countries -- India, Sri Lanka, Bangladesh, Nepal and Bhutan -- issue impact-based forecasting of floods which are very sudden and of short duration at watershed and also city level, IMD director general Mrutunjay Mohapatra said at the online launch.
Representatives of the member countries attended the event.
Flash floods are highly localised events of short duration with a very high peak and usually have less than six hours between the occurrence of the rainfall and peak flood. There is a general lack of flash flood warning capabilities and capacities among countries across the world.
Recognising that flash floods have a particularly disastrous impact on lives and properties of the affected populations, the 15th WMO Congress had approved the implementation of a Flash Flood Guidance System (FFGS) project with global coverage.
The system has been developed by the WMO Commission for Hydrology, jointly with the WMO Commission for Basic Systems and in collaboration with the US National Weather Service, the US Hydrologic Research Centre (HRC).

The IMD has highly advanced capabilities with respect to computing power, numerical weather prediction, vast observational network (ground, air and space based), and an internationally acclaimed weather forecasting system.
It has tested the performance of the system during recent monsoon seasons in the pre-operational mode and the flash flood bulletins were issued to national hydrological and meteorological services in the region for its validation, said BP Yadav, a senior scientist at the IMD.
The system has in-depth science, dynamics and diagnostics to provide guidance for the possible occurrences of flash floods at local level, Yadav added.
"The guidance for flash floods in the form of Threats (6 hours in advance) and Risks (24 hours in advance) will be provided by Regional Centre to National Meteorological & Hydrological Services, National and State Disaster Management Authorities and all other stakeholders for taking necessary mitigation measures to reduce the loss of life and property in the South Asian region countries of India, Bangladesh, Bhutan, Nepal and Sri Lanka," Mr Mohapatra said.


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M Rajeevan, the secretary in the Ministry of Earth Sciences, stressed the need for enhancing the observational network for rainfall and soil moisture to improvise the performance of the system.

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)


 

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Rajasthan Weather Update: एक सप्ताह में रात का पारा 3 डिग्री, दिन का 1 डिग्री गिरा


jodhpur news
-Mount Abu में तापमान 5 डिग्री पर

By: Gajendrasingh Dahiya
Updated: 05 Nov 2020, 07:00 PM IST
Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India


मौसम में घुली ठंडक

जोधपुर. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच गुरुवार का मैदानी इलाकों में रात व अलसुबह सर्दी का मौसम रहा, जबकि दिन में तीखी धूप खिली रहने व आसमां साफ रहने से मौसम सामान्य बना रहा। मैदानी इलाकों में इक्का-दुक्का स्थानों पर ही पारा 10 डिग्री से नीचे गया। भीलवाड़ा 9.2 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। पर्वतीय स्थल माउंट आबू में पारा 5 डिग्री मापा गया। वहां कोहरे व कड़ाके की सर्दी के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार रात के तापमान में गिरावट होने का पूर्वानुमान है।
सूर्यनगरी में बीती रात पारा 13.1 डिग्री रहा। रात व अलसुबह सर्दी के कारण लोग गर्म कपड़े पहने नजर आए। दिन में चटख धूप के कारण तापमापी में पारा तेजी से ऊपर चढ़ा और दोपहर में तापमान 32.5 डिग्री रहा। हालांकि सर्दी के सीजन के लिहाज से यह दिन में अब तक का सबसे कम तापमान है। केवल मानसून के दिनों में ही तापमान तीस डिग्री से नीचे गया था। वैसे पिछले एक सप्ताह में जोधपुर में रात के तापमान में तीन डिग्री और दिन के तापमान में करीब एक डिग्री की गिरावट आई है। दिन का पारा अभी भी 32 व 33 डिग्री के मध्य झूल रहा है।

जोधपुर में पिछले 7 दिन का तापमान
तिथि------ न्यूनतम तापमान ----- अधिकतम तापमान
5 नवम्बर ------ 13.1 ------ 32.2
4 नवम्बर ------ 12.9 ------ 32.5
3 नवम्बर ------12.7 ------ 33.1
2 नवम्बर ------ 14.2 ------ 33.1
1 नवम्बर ------ 16 ------ 32.5
31 अक्टूबर------16.9 ------ 33.3
30 अक्टूबर ------15.9 ------ 33.5

Rajasthan Weather Update: एक सप्ताह में रात का पारा 3 डिग्री, दिन का 1 डिग्री गिरा
 

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Weather Updates : आने वाले 48 घंटों में तेज हवा के साथ इन राज्यों व इलाकों में हो सकती है बारिश



भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है।


Publish Date:Fri, 13 Nov 2020 10:28 PM (IST)Author: Dhyanendra Singh

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि तमिलनाडु पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में 14 को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली रामानाथपुरम और तूतूकुड़ी जिलों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है।

नई दिल्ली, एएनआइ। उत्तर भारत के कई राज्यों व शहरों में ठंड ने दस्तक दे दी है। वहीं, दूसरी ओर दक्षिण भारत में आने वाले 48 घंटों में बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में 14 को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली, रामानाथपुरम और तूतूकुड़ी जिलों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है।
चेन्नई शहर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों तक आमतौर पर बादल छाए रहने की संभावना है। चेन्नई के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है, जहां इसका तापमान अधिकतम और न्यूनतम क्रमश: 31 से 25 डिग्री सेल्सियस बने रहने की संभावना है।


पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो सकती है बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के असर से रविवार को सीजन की पहली बारिश हो सकती है। बारिश हल्की होगी या तेज, इसे लेकर मौसम विभाग सटीक रूप से कुछ नहीं बता पा रहा है। हल्की हुई तो दीपावली के अगले दिन वायु प्रदूषण अधिक रह सकता है, तेज होने पर आसमान साफ हो जाएगा। इस बीच शुक्रवार को राजधानी दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 29.7 और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हवा में नमी का स्तर 39 से 95 फीसद रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में धुंध भी गहराने लगेगी। जहां तक शनिवार का पूर्वानुमान है तो आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 30 एवं 12 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं स्काईमेट वेदर के अनुसार, सोमवार से अधिकतम तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया AQI
वर्तमान में दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब है और दिवाली के बाद यानी रविवार को यह और भी ज्यादा खराब होने की उम्मीद है। दिवाली के एक दो दिन बाद AQI में सुधार होगा। त्योहारी सीजन के दौरान यानी शुक्रवार को सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।



Weather Updates : आने वाले 48 घंटों में तेज हवा के साथ इन राज्यों व इलाकों में हो सकती है बारिश
 
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