The Weather and Meteorology thread

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WEATHER UPDATE, 11, 13, 14, 17 Mar 2019

Please check out the expected snowfall which may take place on the dates mentioned on the screen shots
so you can better plan your trips.

Happy Landings.
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WEATHER UPDATE for 19 Mar 19, Tuesday.

Those planning to go to the Himalayas after 19 Mar, do keep a check on this WD,

It does appear to be a big one as of today which is 13 Mar, and should arrive by 19 night or 20 morning. So another 6 days, and things could change a bit.
There also appears to be lot of rain with it, so keep a check on reports of landslides.

Happy Landings.
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Today Delhi is Cloudy !
On Wednesday in evening around 7pm, rain occured in Delhi - NCR for 10-2 minutes only.

Let's see today !

Rain, Thundershowers Likely In Delhi Today

Delhi weather. Cloudy sky conditions prevail in Delhi-NCR today due to the presence of fresh western disturbance approaching Jammu and Kashmir. Rain, thundershower likely in evening.

Delhi | Edited by Richa Taneja (with inputs from Agencies) | Updated: March 13, 2019 11:32 IST



Rain, Thundershowers Likely In Delhi Today

Delhi weather: Skies will be partly cloudy and light rains and thundershowers expected today.

NEW DELHI:
Rain and thundershower is expected in Delhi and neighbouring Gurugram, Noida, Faridabad and Ghaziabad later in the day today, the India Meteorological Department said.
Cloudy sky conditions prevail in Delhi-NCR today due to the presence of fresh western disturbance approaching Jammu and Kashmir.
According to the weather department, the skies will be partly cloudy and there is a likelihood of light rains and thundershowers towards evening and night. The maximum and minimum temperatures are likely to hover at 25 and 14 degrees respectively.
"Under the influence of fresh western disturbance, scattered to fairly widespread rain/snow would occur over western Himalayan region and isolated over Punjab, Haryana, Chandigarh and Delhi, Uttar Pradesh and north Rajasthan on March 13," the Met Department said.
"Its intensity and distribution will increase thereafter with fairly widespread to widespread rain/snow would occur over Western Himalayan Region and isolated to scattered rainfall over Punjab, Haryana, Chandigarh and Delhi, Uttar Pradesh and north Rajasthan on March 14; and will decrease significantly on March 15," it added

Thunderstorm accompanied with hailstorm, lightning, and gusty winds is expected over Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh, Uttarakhand and Rajasthan on March 13 and March 14.
On Tuesday, the maximum temperature settling at 27.4 degrees Celsius, two notches below the season's average. The minimum temperature was recorded at 12.8 degrees, three notches below the normal, said a Meteorological (MeT) Department official.
The humidity oscillated between 96 and 34 per cent.
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Monday's maximum and minimum temperatures were 28.4 degrees Celsius and 12.4 degrees Celsius, respectively.

(With Inputs From ANI, PTI)


Rain, Thundershowers Likely In Delhi Today
 

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Western Disturbance will cause Cloudy / Rainy / Snowy conditions at places according to height and temperatures till March End.


उत्तर भारत को लेकर पढ़िए मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी, जानिए- होली तक का हाल

Publish Date:Wed, 13 Mar 2019 01:59 PM (IST)



उत्तर भारत को लेकर पढ़िए मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी, जानिए- होली तक का हाल


18 मार्च के आसपास तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। हालांकि 21 मार्च को होली के दिन मौसम दोबारा से करवट ले सकता है और हल्की बारिश हो सकती है।


नई दिल्ली, जेएनएन। आए दिन के मौसमी उतार चढ़ाव के बीच बुधवार शाम या रात को फिर से हल्की बारिश होने के आसार हैं। दिन भर आंशिक रूप से बादल भी छाए रहेंगे। बृहस्पतिवार को तेज बारिश के साथ कहीं- कहीं ओले पड़ने की संभावना भी बन रही है।

India Meteorological Department (भारतीय मौसम विभाग) के मुताबिक, शुक्रवार को बारिश तो नहीं होगी, लेकिन दिन भर तेज ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे तापमान में दो-तीन डिग्री की गिरावट भी आएगी। इसके बाद तापमान में वृद्धि होने लगेगी।




18 मार्च तक बढ़ जाएगा तापमान
18 मार्च के आसपास तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। हालांकि, 21 मार्च को होली के दिन मौसम दोबारा से करवट ले सकता है और हल्की बारिश हो सकती है। बुधवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के आसमान में बादल छाए, लगा कि बारिश होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक, शाम तक बारिश हो सकती है।






दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में होगी बारिश

स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की तरफ हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है। इसी के फलस्वरूप अगले एक दो-दिनों में जम्मू कश्मीर में बर्फबारी सहित कई राज्यों में बारिश की भी संभावना बन रही है। मौसम में बदलाव का यह दौर होली तक जारी रहेगा।





इस बीच इससे पहले मंगलवार को आसमान साफ होने से खासी गर्माहट का अहसास हुआ। दिन भर तेज धूप भी खिली रही। अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि सामान्य से दो डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से तीन डिग्री कम है। नमी का स्तर 34 से 96 फीसद रहा। बुधवार को अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 25 व 14 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।





मार्च के अंतिम सप्ताह तक रहेगी सर्दी
यहां पर बता दें कि सर्दी आमतौर पर फरवरी में ही कम हो जाती है महीने के अंत तक खत्म भी हो जाती है या फि सर्दी का असर बेहद कम हो जाता है। अब आधा मार्च बीतने को है, लेकिन सुबह-शाम सर्दी रहती है। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मार्च के पहले सप्ताह तक सर्दी का मौसम जारी रह सकता है। गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस साल फरवरी में अच्छी खासी ठंड रही है। खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर भारत के अधिकतकर इलाकों में इस महीने में ठंड जारी है।





फरवरी महीने में ही 6 से अधिक बार पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित हुआ। यह सिलसिला मार्च में भी जारी है और पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत में सर्दी मार्च तक रह सकती है।





पश्चिमी विक्षोभ के चलते ही पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर बर्फबारी देखने को मिली है और मार्च में हो रही है, इसके चलते उत्तर और मध्य भारत में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से राहत

दूसरी तरफ मौसम की मेहरबानी से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण भी अब पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया है। यही वजह है कि पिछले कई दिनों से यह लगातार सामान्य श्रेणी में चल रहा है।
मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 134, फरीदाबाद का 122, गाजियाबाद का 136, ग्रेटर नोएडा का 140, गुरुग्राम का 127 और नोएडा का 122 दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल मौसम में बदलाव के चलते प्रदूषण बढ़ने की संभावना नहीं है।


उत्तर भारत को लेकर पढ़िए मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी, जानिए- होली तक का हाल
 

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15 March 2019

1. AS PER IMD WEATHER WARNING: -

15 March 2019: Thundersquall accompanied with lightning at isolated places very likely over Jharkhand and Gangetic West Bengal. Thunderstorm accompanied with lightning & gusty winds at isolated places very likely over East Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Bihar, Arunachal Pradesh, Assam & Meghalaya, Bihar, Sub-Himalayan, West Bengal & Sikkim and Odisha.

16 March 2019: Thunderstorm accompanied with lightning & gusty winds at isolated places very likely over Arunachal Pradesh, Assam & Meghalaya, Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura and Jharkhand.

17 March 2019: Thundersquall accompanied with lightning & gusty winds at isolated placeslikely over Odisha. Thunderstorm accompanied with lightning & gusty winds at isolated places likely over Assam & Meghalaya, Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura, Chhattisgarh, East Madhya Pradesh, Jharkhand and Gangetic West Bengal. Heavy rain at isolated places likely over Odisha.

18 March 2019: Thunderstorm accompanied with lightning & gusty winds at isolated places likely over Gangetic West Bengal and Odisha.

19 March 2019: Thunderstorm accompanied with lightning & gusty winds at isolated places likely over Gangetic West Bengal and Odisha.



FOR FURTHER DETAILS, PLEASE VISIT IMD WEBSITE



2. AS PER SASE: -

Avalanche Warning valid from 14 Mar 2019 (1700 hrs) to 15 Mar 2019 (1700 hrs):

Danger Level - 4 (Yellow): Lahual-Spiti and Kullu.

Danger Level - 3 (Yellow): Kupwara, Chamba, Kinnaur, Uttarkashi, Chamoli, Rudraprayag and Pithoragarh.

Danger Level - 2 (Yellow): Poonch, Rajouri, Reasi, Ramban, Doda, Kishtwar Anantnag, Kulgam, Badgam, Baramulla, Bandipora, Ganderbal and Kargil.

NOTE: People are advised not to venture in the avalance prone areas during warning period.




 

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Avalanche hits HP’s Lahaul & Spiti after heavy snowfall - ANI News

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Weather Update: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर खत्म, जानिए- इससे मौसम पर क्या पड़ेगा असर

Publish Date:Fri, 15 Mar 2019 11:24 AM (IST)


Weather Update: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर खत्म, जानिए- इससे मौसम पर क्या पड़ेगा असर


मौसम विभाग का अनुमान है कि अब तापमान में बढ़ोतरी का क्रम शुरू होगा और सप्ताह के अंदर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।


नई दिल्ली, जेएनएन। Weather Update बृहस्पतिवार को दिन में हुई हल्की बूंदाबांदी के साथ ही दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ का असर लगभग समाप्त हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अब तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू होगा। हालांकि होली के आसपास मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।
मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच इस बार सर्दियों का मौसम काफी लंबा खिंच गया है। बृहस्पतिवार को भी बादल, तेज हवा और हल्की बूंदाबांदी का क्रम बना रहा। खास तौर पर मौसम विभाग के पालम, सफदरजंग, लोधी रोड, रिज और आयानगर क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी या बरसात दर्ज की गई। इसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक, दिनभर का अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से पांच कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से चार कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अब तापमान में बढ़ोतरी का क्रम शुरू होगा और सप्ताह के अंदर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, तापमान में बढ़ोतरी नहीं होने पर भी चिंता जताई जा रही है। माना जा रहा है कि मार्च में इस समय तो कम से कम इतनी ठंडी नहीं पड़नी चाहिए।


वायु गुणवत्ता हुई है प्रभावित
मौसम में बनी नमी के चलते वायु गुणवत्ता में बदलाव आया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिनभर का औसत एयर इंडेक्स 266 रहा। इस स्तर की हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है।


वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (Western Disturbance) क्या है?
वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (Western Disturbance) जिसको पश्चिमी विक्षोभ भी बोला जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाक़ों में सर्दियों के मौसम में आने वाले ऐसे तूफ़ान को कहते हैं जो वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर, अटलांटिक महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे अचानक वर्षा और बर्फ़ के रूप में उत्तर भारत, पाकिस्तान व नेपाल पर गिरा देता है। यह एक गैर-मानसूनी वर्षा का स्वरूप है जो पछुवा पवन (वेस्टर्लीज) द्वारा संचालित होता है।


वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ का निर्माण कैसे होता है?
वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर में अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के रूप में उत्पन्न होता है। यूक्रेन और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर एक उच्च दबाव क्षेत्र समेकित होने के कारण, जिससे ध्रुवीय क्षेत्रों से उच्च नमी के साथ अपेक्षाकृत गर्म हवा के एक क्षेत्र की ओर ठंडी हवा का प्रवाह होने लगता है। यह ऊपरी वायुमंडल में साइक्लोजेनेसिस के लिए अनुकूल परिस्थितियां उत्पन्न होने लगती है, जो कि एक पूर्वमुखी-बढ़ते एक्सट्रैटॉपिकल डिप्रेशन के गठन में मदद करता है। फिर धीरे-धीरे यही चक्रवात ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मध्य-पूर्व से भारतीय उप-महाद्वीप में प्रवेश करता है।


भारतीय उप-महाद्वीप पर वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ खासकर सर्दियों में भारतीय उपमहाद्वीप के निचले मध्य इलाकों में भारी बारिश तथा पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कृषि में इस वर्षा का बहुत महत्व है, विशेषकर रबी फसलों के लिए। उनमें से गेहूं सबसे महत्वपूर्ण फसलों में से एक है, जो भारत की खाद्य सुरक्षा को पूरा करने में मदद करता है।




ध्यान दें कि उत्तर भारत में गर्मियों के मौसम में आने वाले मानसून से वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ का बिलकुल कोई सम्बन्ध नहीं होता। मानसून की बारिशों में गिरने वाला जल दक्षिण से हिन्द महासागर से आता है और इसका प्रवाह वायुमंडल की निचली सतह में होता है। मानसून की बारिश ख़रीफ़ की फ़सल के लिये ज़रूरी होती है, जिसमें चावल जैसे अन्न शामिल हैं। कभी-कभी इस चक्रवात के कारण अत्यधिक वर्षा भी होने लगती है जिसके कारण फसल क्षति, भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन होने लगता है।


Weather Update: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर खत्म, जानिए- इससे मौसम पर क्या पड़ेगा असर
 

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Delhi

ग्लोबल वार्मिंग के साइड इफेक्ट से हैरत में वैज्ञानिक, ठंड ने तोड़ा 118 साल का रिकॉर्ड

Publish Date:Fri, 15 Mar 2019 03:12 PM (IST)




इस बार पश्चिमी विक्षोभ भी एक के बाद एक आते रहे। कई बार ऐसी स्थिति आई जब दिल्ली को शिमला से भी ठंडा बताया गया। 7 फरवरी को बड़े स्तर पर हुई ओलावृष्टि ने सभी को हैरत में डाल दिया था।


नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Weather Update इस सर्दी में बार-बार बदल रहे मौसम से दिल्लीवासी ही हैरान-परेशान नहीं हैं, बल्कि मौसम विशेषज्ञ भी इसे सामान्य नहीं मान रहे हैं। उनकी नजर में इस बार दिल्ली की सर्दी असामान्य है। इस बार जितने रिकॉर्ड टूटे हैं, उतने पहले कभी नहीं टूटे। इसके पीछे जलवायु परिवर्तन का असर भी बताया जा रहा है। सर्दी के बाद गर्मी के मौसम में भी ऐसी ही हालत रह सकती है। आमतौर पर सर्दी का मौसम नवंबर से फरवरी तक माना जाता है, लेकिन इस बार सर्दी मार्च के तीसरे सप्ताह में भी प्रभावी है।

एक मार्च रहा 118 सालों में सबसे ठंडा
इस बार तो कई बार ऐसी स्थिति आई जब दिल्ली को शिमला से भी ठंडा बताया गया। सात फरवरी को बड़े स्तर पर हुई ओलावृष्टि ने तो सभी को हैरत में डाल दिया था। एक मार्च को 118 वर्षों में सबसे अधिक ठंड पड़ने वाली तिथि के रूप में दर्ज किया गया। इस बार पश्चिमी विक्षोभ भी एक के बाद एक आते रहे तो बारिश ने भी पिछले तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए। कोहरा भी इस बार नहीं के बराबर ही नजर आया।



पश्चिमी विक्षोभ ने बिगाड़ा मौसम

भारतीय मौसम विभाग (Indian Meteorological Department) के विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्यतया फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ धीरे-धीरे ऊपरी अक्षांश की ओर जाना शुरू हो जाते हैं। इससे भारतीय क्षेत्र प्रभावित नहीं होता। इस बार पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण की तरफ ज्यादा रहे हैं यानी भारतीय क्षेत्र पर ही प्रभावी हो रहे हैं।





जलवायु परिवर्तन भी है बड़ी वजह
एक तथ्य यह भी सामने आ रहा है कि जनवरी में पश्चिमी विक्षोभ की अधिकता के पीछे भी यही कारण था लेकिन वर्तमान में यह स्थिति न होने के बावजूद पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी साबित हो रहे हैं। निश्चय ही यह जलवायु परिवर्तन का असर है।


कंपकंपी वाले दिन रहे नदारद, विज्ञानी भी हैरान


महेश पलावत (मुख्य मौसम विज्ञानी, स्काईमेट वेदर) के मुताबिक, निसंदेह इस बार की सर्दी असामान्य रही है। बारिश और पश्चिमी विक्षोभ का दौर लगातार बन रहा है। जनवरी में सात, फरवरी में पांच और मार्च में भी अभी दो-तीन विक्षोभ आ चुके हैं। कोहरा अधिक न पड़ने के कारण इस बार कंपकंपी वाले दिनों का गायब रहना भी हैरान करता है। इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखा जा सकता है।




सर्दी में तापमान कम हुआ पर शीत लहर बढ़ी
वहीं, डॉ. केजे रमेश (महानिदेशक, मौसम विज्ञान विभाग) का कहना है कि मौसम की स्थिति में चरम की ओर तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। सर्दी में न्यूनतम तापमान कम हो रहा है और शीत लहर बढ़ रही है, जबकि गर्मी में अधिकतम तापमान बढ़ रहा है और लू चलने की बारंबारता बढ़ रही है। यह बदलाव भी न केवल दिल्ली बल्कि देश-विदेश में सभी जगह देखने को मिल रहा है। प्रारंभिक तौर पर इसकी वजह जलवायु परिवर्तन ही सामने आ रही है।



https://www.jagran.com/delhi/new-delhi-city-delhi-records-coldest-march-one-in-118-years-jagran-special-19044286.html
 

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Extreme Weather in North American Continent:

'Bomb cyclone' is more than clickbait
By Don Lincoln

Updated 0101 GMT (0901 HKT) March 15, 2019
Watch hurricane-force winds hit Colorado











Play Video


Watch hurricane-force winds hit Colorado 01:11
Don Lincoln is a senior scientist at the Fermi National Accelerator Laboratory. He is the author of "The Large Hadron Collider: The Extraordinary Story of the Higgs Boson and Other Stuff That Will Blow Your Mind." He also produces a series of science education videos. Follow him on Facebook. The opinions expressed in this commentary are solely his. View more opinion articles on CNN.


(CNN)Say what you will about weather being mundane small-talk, but it has a flair for inspiring dramatic ways to describe it. The term snowmageddon seems to show up every year these days, but there's also snOMG, snowpocalypse, polar vortex and now the bomb cyclone.
Don Lincoln


Don Lincoln

Of course, this begs the question: Is the bomb cyclone a real thing, or just a bit of clickbait hyperbole? The foreboding moniker became famous last winter when the Northeast was hit with a powerful snowstorm and has re-emerged in the last few days as another storm bears down on the middle of the country. As those who have witnessed these tempests can attest, a bomb cyclone can indeed be a severe weather event. It usually comes with incredibly strong winds and very substantial precipitation. If one's heading your way, it is completely reasonable to make appropriate preparations. Just take a look at some of the footage from the Denver airport.

But just what is a bomb cyclone and how are they made? Well, they're not new and they're probably not quite as dangerous as the name sounds because, well, "bomb" sounds super scary. Typically, a bomb cyclone occurs when cold winds blowing over land collide with warm ocean breezes. This causes a very fast drop in pressure and the result is kind of a cold hurricane.

The term "bomb" is a colorful one, originating from the speed at which the atmospheric pressure changes. On average, air pressure at sea level is about a thousand millibars (1,013.25 for the science wonks). Pretty much all weather originates from the changing of pressure, which can stem from temperature fluctuations, among other things. Changes of 12 millibars over 24 hours are relatively common. However, in order to be a bomb, the pressure must change by one millibar or more per hour for at least 24 hours. The recent storm, which experienced a change of 33 millibars from Tuesday to Wednesday, certainly satisfied that criterion.

When pressure changes so rapidly, weather conditions develop very quickly. In fact, the term that is sometimes used is "explosive," which is of course from where the term bomb arose.

To give a sense of context, this change in pressure was accompanied by winds approaching 100 mph. By any judgment, this storm is rather severe. Were this weather event a hurricane, it would have satisfied many of the criteria for a category 2 storm.

However, the recent storm didn't have the classic origins of a bomb cyclone. In this instance, a deep trough moved over the Rockies and encountered two jet streaks. A trough is an area of low pressure that dipped down from farther north. Jet streaks are places in the jet stream with especially high wind speed.

This chance confluence of events caused air in the upper atmosphere to move away from a central point called a divergence. Because the air was leaving, air closer to the Earth was sucked upward, resulting in very low pressure near the ground. And that quick drop in air pressure is what caused the bomb cyclone, with the damaging winds and precipitation. It's an unusual origin for a bomb cyclone, which more often relies more directly on the interplay of warm winds over water and cold winds over land.

Dr. Philippe Papin, an atmospheric scientist at the Naval Research Laboratory, has tweeted some fascinating animations of the storm's development, which reveal pretty impressive wind patterns with an enormous counterclockwise movement.

As I write this, I'm sitting in my office, just outside Chicago, looking west from my 11th-floor window and watching the clouds roll in. The storm is already weakening but according to the US Weather Service, we're in for some heavy rain and wind gusts that could hit 40 mph. And, just to make things even more inconvenient, we're looking at an upcoming temperature drop of about 30 degrees. In short, it's a typical Chicago spring, albeit perhaps a little more dramatic than usual.

This storm isn't done with America yet. It will continue to bring rain and snow to much of the middle part of the country, with flooding in the North and the potential for tornadoes in the South.

It's said that March weather has a personality, "In like a lion and out like a lamb." If that's true, I think that this year we can look forward to a glorious April.


https://edition.cnn.com/2019/03/14/opinions/bomb-cyclone-opinion-lincoln/index.html
 

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A Powerful 'Bomb Cyclone' Could Impact 70 Million Americans: Here's Everything To Know | TIME
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TIME

Published on Mar 13, 2019

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A “bomb cyclone” is approaching the central U.S. and is expected to bring blizzard conditions and strong winds to a major portion of the country.
 
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