The Weather and Meteorology thread

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भाखड़ा बांध द्वारा 3:00 बजे तक 8 फीट तक गेट खोले जाएंगे .
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Din Bhar

Published on Aug 19, 2019


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भाखड़ा बांध द्वारा 3:00 बजे तक 8 फीट तक गेट खोले जाएंगे आपको बता दें कि अभी भाखड़ा बांध के करीब 4 फुट तक गेट खुले हैं जो की एक वजे तक 6 फुट कर दिए जाएंगे जिससे भाखडा से 77000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा जिससे सतलुज दरिया में और पानी बढ़ेगा और हालात पहले से भी ज्यादा खराब हो सकते हैं।
 

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When there is good rain then Landslides happen.
But when after good rains Good Sun appears with it's hot hot rays,
Rocks break apart with the steam inside it.

1.
This is the reason of such Landslide :

1566378835974.png


^20 August 2019^
Weather became clear after 2-3 days of Heavy Rain.

Just in.
Rohtang pass blocked from manali because of below incident: probably will be open from tomorrow.
People at marhi are today allowed to travel further
2019 Manali-Leh Road Status



2.
Himachal se Chandigarh by Bus
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Indian youtuber deepak

Published on Aug 20, 2019
 
Last edited:

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Check flood water nearby Sutlej River and nearby villages
Water Level now decreased.

after 1988, such water level is seen here now.

karanveer want to see ਹੜ੍ਹ ਦਾ ਪਾਣੀ flood water
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JaanMahal video

Published on Aug 20, 2019
 

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Monsoon Will Be Active Till 31st August 2019 In Himachal Pradesh
बारिश से सिरमौर, कांगड़ा, मंडी में नुकसान, 31 तक सक्रिय रहेगा मानसून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 25 Aug 2019 06:57 PM IST

monsoon will be active till 31st august 2019 in himachal pradesh

- फोटो : अमर उजाला


हिमाचल में बारिश से कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिले में नुकसान हुआ है। शनिवार रात और रविवार सुबह बारिश के साथ बिजली गिरने से नूरपुर के सुल्याणी पंचायत के बासा लुहारपुरा और बलारा गांव के चार घरों और जमीन में दरारें आ गईं। लोगों के घरों के बिजली उपकरण जल गए। लोगों ने रातभर दहशत में गुजारी। सरकाघाट के खरोह में एक गोशाला ध्वस्त हो गई है। मनाली-लेह मार्ग पर बंता मोड़ के पास रविवार सुबह करीब छह बजे भूस्खलन होने से करीब तीन घंटे तक सैकड़ों वाहन फंसे रहे।

रोहतांग दर्रा सहित बारालाचा और कुंजुम जोत में धुंध से सफर जोखिम भरा हो गया है। शिमला-नाहन नेशनल हाईवे पर भी जगह-जगह पत्थर और भूस्खलन होने से सफर खतरनाक हो गया है। घुमारवीं में रविवार सुबह जम कर बारिश हुई। कई दुकानों में पानी घुस गया। जबकि नगर परिषद क्षेत्र में कई स्थानों में डंगे भी गिर गए। बता दें कि प्रदेश में अभी भी 333 सड़कों पर यातायात बंद है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 31 अगस्त तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। प्रदेश के मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। रविवार को अधिकतर क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। हालांकि, शिमला में दिनभर बादल छाए रहे और दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई।

प्रदेश के प्रमुख शहरों शिमला 16.1, सुंदरनगर 22.1, भुंतर 21.0, कल्पा 14.4, धर्मशाला 20.4, ऊना 23.2, नाहन 17.5, केलांग 11.8, पालमपुर 19.5, सोलन 19.6, मनाली 16.2, कांगड़ा 22.0, मंडी 21.2, बिलासपुर 21.8, हमीरपुर 22.0, चंबा 21.0, डलहौजी 15.0 और कुफरी 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

राज्य के प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान शिमला 19.8, सुंदरनगर 29.8, भुंतर 30.4, कल्पा 22.3, धर्मशाला 27.2, ऊना 32.8, नाहन 28.2, सोलन 29.5, कांगड़ा 30.3, बिलासपुर 30.5, हमीरपुर 30.2, चंबा 29.9, डलहौजी 19.4 और केलांग 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।



बारिश से सिरमौर, कांगड़ा, मंडी में नुकसान, 31 तक सक्रिय रहेगा मानसून
 

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Highway Blocked And Houses, Vehicle Damaged Due To Cloudburst In Rampur Shimla

बादल फटने से हाईवे ठप, गाड़ियों को नुकसान, घरों को छोड़ जान बचाने भागे लोग, तस्वीरों में देखें तबाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला, Updated Mon, 26 Aug 2019 12:53 PM IST

highway blocked and houses, vehicle damaged due to cloudburst in rampur shimla

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- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में कुदरत का कहर जारी है। शिमला समेत हिमाचल के कई भागों में बादल जमकर बरसे। इससे राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से सड़कें ठप हो गई हैं। रामपुर में बादल फटने से व्यापक नुकसान हुआ है। राज्य में भूस्खलन से करीब 250 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं।



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- फोटो : अमर उजाला

शिमला के रामपुर खंड की अंतिम पंचायत बधाल के जंगल में बादल फटने से व्यापक नुकसान हुआ है। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से नेशनल हाइवे-5 पर बने होटल और खड़ी गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा है।




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- फोटो : अमर उजाला

वहीं, नेशनल हाईवे-5 यातायात के लिए बंद हो गया है।
सोमवार सुबह करीब तीन बजकर 40 मिनट पर आई बाढ़ की आवाज इतनी भयानक थी कि आसपास रह रहे लोग अपने घरों से निकल कर सुरक्षित स्थान की ओर जान बचाने के लिए भागे।



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- फोटो : अमर उजाला

प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक छोटी गाड़ी भी गायब है। जिसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। हाईवे के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन फंस गए



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- फोटो : अमर उजाला

वहीं, चंबा जिले में भारी बारिश से भरमौर और हड़सर के बीच एक पुलिया बह गई है। इस कारण मणिमहेश यात्रा पर रोक दी गई है। प्रशासन के अनुसार भरमौर से आगे वाहनों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है।




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- फोटो : अमर उजाला

मणिमहेश यात्रा पर आए सैकड़ों श्रद्धालु हड़सर के पास फंसे हैं। रविवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश से भरमौर- मणिमहेश मार्ग पर परनाला के पास पुलिया बह गई। इसकी वजह से रास्ता बंद हो गया। इसके चलते श्रद्धालुओं ने पूरी रात बारिश में भीगकर काटी।



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- फोटो : अमर उजाला

कांगड़ा जिले में भूस्खलन से पालमपुर-कंडी सड़क यातायात के लिए बंद हो गई है। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। जिले में भूस्खलन से कई अन्य सड़कें भी बाधित हैं।




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- फोटो : अमर उजाला

भारी बारिश से कांगड़ा जिले की मंद खड्ड भी उफान पर है। गांव के लोगों को जान जोखिम में डालकर खड्ड को पार करना पड़ रहा है। विशेषकर स्कूली बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।



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- फोटो : अमर उजाला

कुल्लू जिले में भी बारिश का कहर जारी है। जिले की सैंज घाटी के पागल नाला तड़के दो बजे से बंद है। नाले में बाढ़ आने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते वाहनों की आवाजाही बंद है। राज्य में एक सितंबर तक मौसम खराब बने रहने के आसार हैं।


बादल फटने से हाईवे ठप, गाड़ियों को नुकसान, घरों को छोड़ जान बचाने भागे लोग, तस्वीरों में देखें तबाही
 

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Urban Heat Islands


Permeable Concrete Could Help Reduce Urban Heat Island Effect
Posted on August 1, 2019


Specimen of Permeable Concrete


Image: Hao Wang/Rutgers University-New Brunswick

The above image shows a specimen of permeable concrete. Researchers from Rutgers found increased use of this type of pavement could help reduce the urban heat island effect.
The study found that permeable concrete pavement gives off slightly more heat on sunny days compared with conventional concrete pavement, but 25 to 30 percent less heat on days after rainfall. The research paper was published in the Journal of Cleaner Production. Rutgers engineers also improved the design of permeable concrete so that is has high thermal conductivity, meaning it can transfer heat more quickly to the ground.

Hao Wang, an associate professor in the Department of Civil and Environmental Engineering in the School of Engineering at Rutgers University-New Brunswick and co-author of the study, says in a statement, "Highly efficient permeable concrete pavement can be a valuable, cost-effective solution in cities to mitigate the urban heat island effect, while benefitting stormwater management and improving water quality."

The Rutgers-led research team is currently studying how to make permeable concrete stronger and more durable so it can be used in urban streets. So far it has primarily been used for lightly trafficked areas like sidewalks, parking lots and rest areas.



Permeable Concrete Could Help Reduce Urban Heat Island Effect
 

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How roads can help cool sizzling cities

Date: August 1, 2019Source:Rutgers UniversitySummary:Special permeable concrete pavement can help reduce the 'urban heat island effect' that causes cities to sizzle in the summer, according to a team of engineers.

Special permeable concrete pavement can help reduce the "urban heat island effect" that causes cities to sizzle in the summer, according to a Rutgers-led team of engineers.
Their study appears in the Journal of Cleaner Production.

Impermeable pavement made of concrete or asphalt covers more than 30 percent of most urban areas and can exceed 140 degrees Fahrenheit in the summertime. It heats the air, posing human health risks, and surface runoff, threatening aquatic life.
In cities with 1 million or more people, average air temperatures can be 1.8 to 5.4 degrees Fahrenheit higher than in less densely populated areas. The difference can be up to 22 degrees at night. The heat can increase peak demand for energy in the summertime, air conditioning costs, air pollution and greenhouse gas emissions, heat-related illness and deaths, and water pollution, according to the U.S. Environmental Protection Agency.
The engineering team at Rutgers developed designs for permeable concrete that is highly effective in handling heat. Permeable pavement contains large connected pores, allowing water to drain through and reducing pavement temperature. Water in pores will also evaporate, reducing pavement surface temperature. Moreover, permeable concrete pavement does a better job reflecting heat than asphalt pavement.
The study found that permeable concrete pavement gives off slightly more heat on sunny days compared with conventional concrete pavement, but 25 to 30 percent less heat on days after rainfall. The engineers improved the design of permeable concrete with high thermal conductivity -- meaning it can transfer heat more quickly to the ground -- further reducing heat output by 2.5 percent to 5.2 percent.
"Highly efficient permeable concrete pavement can be a valuable, cost-effective solution in cities to mitigate the urban heat island effect, while benefitting stormwater management and improving water quality," said corresponding author Hao Wang, an associate professor in the Department of Civil and Environmental Engineering in the School of Engineering at Rutgers University-New Brunswick. He is also an affiliated researcher at the Center for Advanced Infrastructure and Transportation.
Incorporating industry byproducts and waste into permeable concrete can increase its economic and environmental benefits. In another study in the Journal of Cleaner Production, Wang's team designed permeable concrete with fly ash and steel slag to reduce the costs, energy consumption and greenhouse gas emissions linked to raw materials.
Previously, permeable pavement has been used as green infrastructure to reduce stormwater runoff and flooding risk in urban areas. Today, permeable concrete is mainly used in lightly trafficked areas, such as sidewalks, parking lots and rest areas. The Rutgers-led team is studying how to make permeable concrete stronger and more durable so it can be used in urban streets.
Story Source:
Materials provided by Rutgers University. Note: Content may be edited for style and length.
Journal Reference:
  1. Jiaqi Chen, Renxin Chu, Hao Wang, Lanchun Zhang, Xiaodan Chen, Yinfei Du. Alleviating urban heat island effect using high-conductivity permeable concrete pavement. Journal of Cleaner Production, 2019; 237: 117722 DOI: 10.1016/j.jclepro.2019.117722




How roads can help cool sizzling cities
 
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