Viral Shocking Messages Facts/Fake on Social Media: Whatsapp, facebook etc.

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पड़ताल: क्या मात्र 14 साल के इस ज्योतिषी ने कोरोना की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी?


रजत

[email protected]
अप्रैल 14, 2020 10:44 PM

पड़ताल: क्या मात्र 14 साल के इस ज्योतिषी ने कोरोना की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी?

दावा वायरल है कि अभीज्ञ ने 2019 में ही कोरोना की भविष्यवाणी कर दी थी.


दावा
सोशल मीडया पर 14 साल के एक बच्चे की तस्वीर दिखाकर दावा किया जा रहा है कि उसने कोरोना वायरस की भविष्यवाणी डेढ़ साल पहले ही कर दी थी. दावा किया जा रहा है कि डेढ़ साल पहले इस बच्चे का मज़ाक उड़ाया गया था लेकिन अब इसकी बातें सही साबित हो रही हैं.(आर्काइव लिंक)
दावा विस्तृत है, हम दावे में बिना बदलाव किए ज्यों का त्यों लिख रहे हैं-
यह 14 साल का बच्चा जिसका नाम अभीज्ञ आनंद है। यह कर्नाटक का रहने वाला है इसने डेढ़ साल पहले ही अपने यूट्यूब चैनल conscience पर भविष्यवाणी कर दी थी की 2020 में मनुष्य और इंसान के बीच में भयानक जंग होगी।
जिसमें पूरी दुनिया त्राहिमाम त्राहिमाम हो जाएगी। 31 अप्रैल 2020 से अचानक इस बीमारी में विस्फोट होगा जिसमें कई देश इस में समा जाएंगे! इसने वही सुरक्षित रहेगा जो घर में रहेगा बाकी सब कुछ खत्म हो जाएगा ।
29 मई तक विश्व की 80 पर्सेंट आबादी वायरस से ग्रसित हो जाएगी और विश्व की 20 पर्सेंट आबादी इसमें खत्म हो जाएगी। 30 मई से इसमें सुधार होने लगेगा जो 5 सितंबर तक चलेगा इस वायरस से अंतिम मौत 10 सितंबर को होगी उसके बाद या वायरस पूर्णतया खत्म हो जाएगा। परंतु इसके बाद कई देश भूखमरी से ग्रसित हो जाएंगे चारों और लूटपाट मचाएंगे कई देश अपना वर्चस्व खो देंगे।
जब इस बालक नहीं है वीडियो डाला था तो कई लोगों ने और भविष्य कर्ताओं ने इसका मजाक उड़ाया था मगर आज जब इसकी भविष्यवाणी वाला वह वीडियो सही हुआ तो सब लोग इसकी को पूछ रहे हैं।
शब्दश: इसी दावे के साथ एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. इसमें अभीज्ञ आनंद नाम का ये बच्चा कोरोना के इलाज के लिए कुछ मंत्र बताता है और दावा करता है कि भगवान राम और कृष्ण का नाम लेने से कोरोना ख़त्म हो जाएगा. इस वीडियो को कई ग्रुप्स में शेयर किया जा रहा है.(आर्काइव लिंक)

यानी मोटे तौर पर दो दावे किए जा रहे हैं
1. अभीज्ञ आनंद ने कोरोना वायरस की भविष्यवाणी डेढ़ साल पहले ही कर दी थी
2. अभीज्ञ आनंद दावा कर रहे हैं कि मंत्रोच्चार से कोरोना ख़त्म हो जाएगा.
पड़ताल
‘दी लल्लनटॉप’ ने दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा झूठ और भ्रामक निकला.
दावे में अभीज्ञ के यूट्यूब चैनल का नाम दिया था- conscience. हमने यूट्यूब पर खोजा तो हमें एक वीडियो मिला जिसका टाइटल था-
SEVERE DANGER TO THE WORLD FROM NOV 2019 TO APRIL 2020—Abhigya in English and Hindi
अभीज्ञ ज्योतिषी होने का दावा करते हैं. अपने इस वीडियो में अभीज्ञ आनंद का दावा है कि नवंबर 2019 से अप्रैल 2020 तक, दुनिया पर बड़ा खतरा आने वाला है. 22 अगस्त, 2019 को अपलोड हुआ 20 मिनट 52 सेकेंड का ये वीडियो क़रीब 50 लाख बार देखा जा चुका है.
हमने ये वीडियो पूरा सुना. इसमें अभीज्ञ ने जो दावे किए हैं, वो यहां लिख रहे हैं. अभीज्ञ ने इन दावों के पीछे शनि, केतु, शुक्र ग्रहों को वजह बताया है. हम इन ग्रहों की कथित स्थितियों के बारे में कुछ नहीं लिख रहे हैं. बस जो दावा इस वीडियो में अभीज्ञ ने किया है, वो बता दे रहे हैं आपको. अभीज्ञ ने कहा है कि नवंबर 2019 से अप्रैल 2020 के बीच-
1. भारत और पाकिस्तान के बीच जंग होने की 99% तक संभावना है.
2.सोना, चांदी और तेल के दाम बहुत बढ़ेंगे.
3. मध्य एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच जंग छिड़ जाएगी.
4. भारत ऊर्जा का भंडार है, यहां ऊर्जा के बहुत पॉइंट हैं. जैसे हाथ में एक्यूप्रेशर के पॉइंट्स होते हैं.


ऊपर लिखी सारी बातें अभीज्ञ पहले इंग्लिश में बोलते हैं, बाद में 15.46 सेकेंड से इसका हिंदी अनुवाद शुरू होता है. इसमें भी यही दावे हिंदी में दोहराए जाते हैं.


22 अगस्त, 2019 को अपलोड किए गए इस वीडियो में नवंबर, 2019 से अप्रैल, 2020 के बीच जंग होने की बात है. बीमारी की बात कहीं नहीं हुई है. किसी वायरस या रोग की बात कहीं नहीं है. क्रमवार सभी दावों के देखते हैं-
1. भारत और पाकिस्तान के बीच जंग होने की 99% संभावना का दावा झूठ साबित हुआ है. नवंबर 2019 से अप्रैल 2020 तक दोनों देशों के बीच युद्ध वाले हालात नहीं बने हैं. हां, सीज़फायर उल्लंघन की घटनाएं होती रही हैं.
2. किसी भी युद्ध का असर अर्थव्यवस्था पर होता है. दावा है कि दिए वक्त में सोना-चांदी और तेल के दाम बढ़ेंगे. ये तय मानक नहीं है. कोरोना के बाद से बाज़ारों में अस्थिरता है. सोने-चांदी के दाम बढ़ते-घटते रहे हैं.
वहीं, कच्चे तेल के दामों में दावे के उलट भयंकर गिरावट आई है.
3. तीसरा दावा था, अमेरिका-ईरान के बीच जंग. जो नहीं हुई. हां, दोनों देशों में 2019 की शुरुआत से ही तल्ख़ी है. जो अब भी बरक़रार है. यानी जब अभीज्ञ ने 22 अगस्त, 2019 को वीडियो अपलोड किया था, उस वक्त भी दोनों देशों में तल्ख़ी थी.
4. चौथा दावा कि भारत में ऊर्जा के बहुत पॉइंट हैं. जैसे हाथ में एक्यूप्रेशर के पॉइंट्स होते हैं. इसे साबित करता कोई भी वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है.
अभीज्ञ ने अपने वीडियो में दो और दावे किए हैं. ये किसी की अपनी राय भी हो सकती है. लेकिन ये प्रभावशाली दावे हैं, इसलिए यहां लिख रहे हैं-
– नास्तिकता दुनिया की समस्याओं की जड़ है. और पूरी दुनिया में ये फैला हुआ है
– ज्योतिष निदान, भविष्यवाणी और इलाज करने वाला टूल है. दुनिया में ज्योतिष से कुछ भी ठीक किया जा सकता है.
इन दोनों दावों को नक़ारने और पक्ष लेने के लिए कई तरह के तर्क आ सकते हैं. ये निजी इच्छा पर निर्भर करता है. हां, अगर वैज्ञानिक पक्ष ढूंढने जाएंगे, तो अभीज्ञ के दावों के पक्ष में न के बराबर तथ्य होंगे.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में किए दावों का कोई आधार नहीं.
फेसबुक पर अभीज्ञ का एक 9 मिनट का वीडियो भी वायरल हो रहा है. इसमें अभीज्ञ दावा कर रहे हैं कि कोरोना का इलाज मंत्रों से हो जाएगा. उनका दावा है कि मंत्र उस फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं, जहां वायरस मर जाता है.
अभीज्ञ के इन दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. आवाज़ की फ्रीक्वेंसी से वायरस नहीं मरता. न ही तालियां बजाने से. 22 मार्च को तालियां-थालियां बजाने के बाद भी ऐसे दावे वायरल हुए थे कि इससे कोरोना मर जाएगा. उस वक्त सरकारी सूचना विभाग PIB ने इस दावों को नकारा था.

PIB Fact Check

✔@PIBFactCheck

https://twitter.com/PIBFactCheck/status/1241598340715950080

NO ! The vibration generated by clapping together will NOT destroy #Coronavirus infection#PIBFactCheck: The #JantaCurfew clapping initiative at 5pm is to express gratitude towards the Emergency staff working selflessly to counter #coronavirusinindia #Covid19India
A stamp of fake news on a message claiming the vibrations generated by people clapping together will kill  the Coronavirus infections.

3,071

11:01 AM - Mar 22, 2020
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इसके अलावा ‘दी लल्लनटॉप’ ऐसे ढेर सारे दावों की पोल खोल चुका है. उन्हें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. इसके अलावा हमने 25 उन तरीकों की सूची तैयार की है जिनसे कोरोना नहीं रुकता. नीचे क्लिक करके आप वो भी पढ़ सकते हैं.
पड़ताल: ये 25 नुस्खे आपको कोरोना वायरस से नहीं बचा सकते हैं
नतीजा

तस्वीर और वीडियो के दिखाकर अभीज्ञ आनंद नाम के 14 साल के बच्चे के कोरोना की भविष्यवाणी करने का दावा झूठ है. अभीज्ञ ने 22 अगस्त, 2019 को अपलोड किए गए वीडियो में भारत-पाक और अमेरिका-ईरान के युद्ध का दावा किया था. कोरोना या किसी भी महामारी का ज़िक्र तक नहीं है.


पड़ताल: क्या मात्र 14 साल के इस ज्योतिषी ने कोरोना की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी?
 

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Was Switzerland’s Matterhorn mountain lit up in tricolour after India supplied HCQ tablets?
Kinjal
21st April 2020

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Kinjal

On April 18, BJP’s National General secretary BL Santosh tweeted an image of Switzerland’s Matterhorn mountain with the message, “Matterhorn mountain in Swiss Alps lighted with tricolour in the name of HOPE after India under @narendramodi supplied HCQ tablets & leads the #Covid_19 battle… #IndiaFightsCorona”. The image shows the mountain lit up in the colours of the Indian national flag. The post has been retweeted more than 2,400 times so far.



The official Facebook page of Prasar Bharati News Services also posted the photo with the same claim.

The same message is viral with the image on Twitter and Facebook.

Alt News has also received a few requests on its Android application to fact-check this image.

Fact-check
We found that the image of the Indian National flag being projected on Switzerland’s Matterhorn mountain is true. However, the claim shared along with the image that this happened after India supplied HCQ tablets to the country is false. With a keyword search on Twitter, Alt News found a tweet by the official handle of the Indian embassy in Switzerland. According to a tweet, the Indian tricolour was projected on the Matterhorn mountain to express solidarity to all Indians in the fight against COVID-19.

India in Switzerland, The Holy See & Liechtenstein

✔@IndiainSwiss

https://twitter.com/IndiainSwiss/status/1251284935740194819

INDIAN TRICOLOR ON THE MATTERHORN MOUNTAIN: Indian Tricolor of more than 1000 meters in size projected on Matterhorn Mountain, Zermatt, Switzerland to express Solidarity to all Indians in the fight against COVID 19. A big Thank You to @zermatt_tourism for the gesture. @MEAIndia

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The same photo was put out by the official Instagram handle of Zermatt Matterhorn’s tourism website. “Hope and strength to all Indians,” said the message posted along with the image.
According to the tourism website of Zermatt Matterhorn, flags of several other countries fighting the pandemic were projected on the mountain, not just the Indian tricolour. You can see the images of the mountain lit up with national flags of India, China, America, Japan, Germany, Britain, Spain, France, and Italy.






In conclusion, flags of many countries including India were projected on Switzerland’s Matterhorn mountain. A photo showing the mountain lit up with an image of the Indian national flag was shared with the false claim that it was a gesture from the country after India supplied Hydroxychloroquine tablets.




Was Switzerland's Matterhorn mountain lit up in tricolour after India supplied HCQ tablets? - Alt News
 

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Tirupur Police | Viral Video | Police Corona Patient Ambulance Comedy
3,060 views
•Apr 24, 2020


114
1



Karthigai Puu

3.06K subscribers

^^^This video is made for Awareness only ^^^


फैक्ट चेक: पुलिस का मनचलों को एंबुलेंस में बंद करने के वीडियो का ये है सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु में पुलिस ने बेवजह सड़कों पर घूम रहे मनचलों को काबू करने के लिए यह तरीका अपनाया है.

वायरल वीडियो से कैप्चर तस्वीर


वायरल वीडियो से कैप्चर तस्वीर



अमनप्रीत कौर
नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2020, अपडेटेड 21:56 IST



सोशल मीडिया पर एक मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में लॉकडाउन के दौरान बाइक पर घूम रहे कुछ युवकों को पुलिस चेकपोस्ट पर रोकती है. युवकों ने मास्क भी नहीं पहने हैं, ऐसे में पुलिसकर्मी उन्हें एक एंबुलेंस में बंद कर देते हैं जिसमें पहले से ही एक मरीज लेटा दिखता है. इसके बाद युवक एंबुलेंस से बाहर निकले की कोशिश करते हैं, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें अंदर धकेलते हैं.
इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु में पुलिस ने बेवजह सड़कों पर घूम रहे मनचलों को काबू करने के लिए यह तरीका अपनाया है. पुलिस ऐसे लोगों को नकली कोरोना पेशेंट के साथ एंबुलेंस में बंद कर रही है.

वायरल हो रहा यह वीडियो असल में तमिलनाडु के तिरुपुर जिले का है. यहां पुलिस ने जागरूकता फैलाने के लिए यह वीडियो शूट किया है, ताकि लोगों को स्थिति की गंभीरता को समझाया जा सके.
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
वीडियो के अंत में भी पुलिसकर्मी तमिल भाषा में यह बताती हैं कि इस वीडियो के जरिये यह बताने की कोशिश की जा रही है कि आप घरों में रहें और सुरक्षित रहें. वीडियो के अंत में पुलिसकर्मियों के साथ तीनों युवक भी मास्क पहने खड़े नजर आते हैं.
वीडियो के पीछे की कहानी जानने के लिए आजतक ने तिरुपुर जिले की एसपी आईपीएस दिशा मिश्रा से बात की. उन्होंने बताया कि यह वीडियो दो-तीन दिन पहले ही शूट किया गया था. वीडियो शूट करने के पीछे मकसद लोगों को यह समझाना था कि जब तक वायरस का खतरा किसी को नजर नहीं आ रहा, तब तक लोग इसे हलके में लेते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें यह खतरा दिखता है वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं.

वीडियो में भी एक्टिंग कर रहे युवक बिना मास्क पहने बेखौफ घूमते नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें एंबुलेंस में बंद किया जाता है जिसमें पहले से ही नकली कोरोना पेशेंट लेटा होता है, वे अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास करते हैं.
मिश्रा ने आजतक को वीडियो का एक और वर्जन भेजा, जिसकी शुरुआत में डिसक्लेमर दिया गया है. इस डिसक्लेमर में साफ लिखा है कि यह वीडियो सभी एतियाती उपाय बरतने के बाद शूट किया गया है और इसका मकसद केवल लोगों को जागरूक करना है. वायरल वीडियो से यह डिसक्लेमर हटा दिया गया है.


डिसक्लेमर के साथ पूरा वीडियो यहां देखा जा सकता है.

पड़ताल में साफ हुआ कि वायरल वीडियो कोई सच्ची घटना नहीं है, बल्कि यह जागरूकता फैलाने के लिए तमिलनाडु पुलिस की ओर से शूट किया गया एक वीडियो है जिसमें दिख रहे लोग एक्टिंग कर रहे हैं.
फैक्ट चेक
फैक्ट चेक: पुलिस का मनचलों को एंबुलेंस में बंद करने के वीडियो का ये है सच


दावा:
तमिलनाडु पुलिस लॉकडाउन में बेवजह घूमने वाले मनचलों को कंट्रोल करने के लिए उन्हें नकली कोरोना मरीज के साथ एंबुलेंस में बंद कर रही है.निष्कर्षतमिलनाडु पुलिस ने यह वीडियो जागरूकता फैलाने के लिए बनाया है.
वीडियो में सब लोग एक्टिंग कर रहे हैं, यह असल घटना नहीं है.


झूठ बोले कौआ काटे
जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ
  • 1 कौआ: आधा सच
  • 2 कौवे: ज्यादातर झूठ
  • 3 कौवे: पूरी तरह गलत
फैक्ट चेक: पुलिस का मनचलों को एंबुलेंस में बंद करने के वीडियो का ये है सच
 

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Tiruppur Police teaches lesson to lockdown violators. Funny viral video impresses Internet

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Cops use a unique way to teach lockdown violators a lesson
233 views
•Apr 24, 2020



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Mirror Now


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Tamil Nadu's Tirupur police devise a very unique strategy to create awareness and teach the violators a lesson. People who were roaming around without masks were made to get to get onto an ambulance, with a fake COVID-19 patient.
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A video of Tiruppur Police teaching lesson to people violating lockdown guidelines is going viral on social media.



India Today Web Desk

New Delhi
April 24, 2020
UPDATED: April 24, 2020 14:30 IST

Tiruppur Police teaches lesson to people breaking lockdown Photo: Facebook


Tiruppur Police teaches lesson to people breaking lockdown Photo: Facebook

It has been weeks since the government imposed the nationwide lockdown to contain the spread of the novel coronavirus. People have been practicing self-isolation at this time. However, there have been few offenders who have been flouting the guidelines.
An initiative by the Tiruppur Police to teach offenders a lesson and raise awareness about the novel coronavirus is going viral online. The internet is in love with this funny initiative conducted by the police department and the video is being shared widely on various social media platforms.
The clip was shared by a meme page on Facebook. Take a look:

The video shows, police officers stopping three men riding a bike because they were violating the lockdown guidelines. They were roaming around the city without face masks. To teach the men a lesson, the police officers then put them inside an ambulance that has a man pretending to be infected by Covid-19. The scared men then beg the officers to let them out of the van.
The funny video ends with a message from the officer saying, "When you roam around, anyone can have the novel coronavirus and you may not know. The government and the police officials have been stressing on the importance of staying indoors. If at all you need to come out to buy essentials, please wear masks."
The video was viewed over 1.4 million times by netizens. Many people took to the comments section to praise the initiative. Here's what they wrote:




At the time of writing this article, the post had over 37k likes and 2.1k comments.

Tiruppur Police teaches lesson to lockdown violators. Funny viral video impresses Internet
 

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The German government hasn’t billed China for “coronavirus damages”
20th Apr 2020

Claim
Germany has sent a bill to China for “coronavirus damages”.

Conclusion
Incorrect. A German newspaper drew up a mock bill but the German government has not sent a bill, as suggested.
“Germany sends China £130billion bill for 'coronavirus damages'.”
Daily Express, 20 April 2020

An article on the Daily Express website claiming that “Germany” has sent a bill of £130 billion to China for “coronavirus damages” contains several inaccuracies suggesting the German government sent the bill.
As well as referring to Germany sending the bill in the headline, the article subheading says Berlin issued the invoice, the piece uses a photo of Germany’s Chancellor Angela Merkel and it puts her name in the url.
The bill was actually mocked up by Germany’s largest newspaper, Bild, which assessed the “damages” to its economy from the virus to total €149 billion (£130 billion).
The Express does say in the first paragraph that the bill was drawn up by a “major newspaper”, but the suggestion from the headline, subheading and photograph means that anyone glancing at the piece would assume the German government had sent the bill. Screenshots of the headline have also been shared in isolation on social media.
The German Minister of Foreign Affairs Heiko Mass has said the idea of billing China is “illusory”.
This article is part of our work fact checking potentially false pictures, videos and stories on Facebook. You can read more about this—and find out how to report Facebook content—here. For the purposes of that scheme, we’ve rated this claim as false because this “bill” was mocked up by a German newspaper, not sent by the German government.

The German government hasn’t billed China for “coronavirus damages”

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“Germany sends China £130billion bill for 'coronavirus damages'.”
Daily Express, 20 April 2020
China furious as leading German newspaper writes out £130BN bill for 'coronavirus damages'
GERMANY has rattled China by joining the UK, France and the US in a rare attack, after Berlin called out Beijing's responsibility for the global pandemic and a leading newspaper issued a £130bn invoice.
By OLI SMITH
PUBLISHED: 00:01, Tue, Apr 21, 2020 | UPDATED: 12:36, Wed, Apr 22, 2020


Germany: Expert discusses ‘itemized coronavirus invoice’

Germany has sparked outrage in China after a Bild, the tabloid newspaper in the country, put together a £130bn invoice that Beijing "owes" Berlin following the impact of the coronavirus pandemic. Germany has followed France, the UK and the US in directing its coronavirus anger at China, where the virus originated. Recent attacks come amid findings that Beijing appeared to cover up the true scale of the crisis, as the source of the outbreak remains a mystery.
On Saturday, Donald Trump warned that China should face consequences if it was “knowingly responsible” for unleashing the coronavirus pandemic.
President Trump told reporters: "It could have been stopped in China before it started and it wasn’t, and the whole world is suffering because of it.


“If it was a mistake, a mistake is a mistake. But if they were knowingly responsible, then there should be consequences.

He said the Chinese were “embarrassed” and the question was whether what happened with the coronavirus was “a mistake that got out of control, or was it done deliberately?”

China furious as leading German newspaper writes out £130BN bill for 'coronavirus damages'
 

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Fact Check: Did Germany send China a £130 billion bill for coronavirus damages?

A news report by Express whose display headline claims that Germany has sent China a £130 billion bill for coronavirus damages has gone viral on social media.



Arjun Deodia New DelhiApril 21, 2020UPDATED: April 21, 2020 23:26 IST




Angela Merkel hits out at China over its handling on Covid-19. (GettyImage)

Anews report by Express whose display headline claims that Germany has sent China a £130 billion bill for coronavirus damages has gone viral on social media. The display picture of the article is of German chancellor Angela Merkel.
Social media users, while sharing the article, have demanded that since Angela Merkel’s Germany has sent China an invoice of £130 billion for coronavirus damages, India should do the same and send Beijing an invoice of £300 billion. The archived version of the post can be seen here.




India Today Anti Fake News War Room (AFWA) has found that the headline of Express’s article is misleading. The German government has not sent any such bill to China. It was actually a tabloid newspaper in Germany called “Bild” which issued a mock bill to China after assessing damages to the country’s economy due to Covid-19. The newspaper said China owes Berlin around 149 billion (£130 billion) for coronavirus damages.
The misleading post is being widely circulated on Facebook and Twitter.


55 people are talking about this




Viral article
The “Express” article says in the very first paragraph that “Bild” has put together a £130 billion invoice that Beijing “owes” Berlin, but the misleading display headline, along with Merkel’s photo, gave the impression that the German government had sent the bill to China.

The inside headline of the article was later changed with a clarification that it was not the German government that estimated the bill for coronavirus damages (that should be paid by China), but rather the leading German news publication “Bild”.
Some global media houses had also covered the news that “Bild” demanded China pay billions in coronavirus damages.


Fact-check website Full Fact has also debunked the misleading news.
As of April 21 evening, Germany reported almost 1.5 lakh coronavirus cases with close to 5,000 deaths. More than 95,000 people have also recovered.


Fact Check: Did Germany send China a £130 billion bill for coronavirus damages?



INDIA TODAY FACT CHECK

ClaimGermany has sent China a bill of £130 billion for damages caused to the economy due to coronavirus.ConclusionA German newspaper drew up a mock bill after assessing damages caused by Covid-19 in Germany. The German government has not sent the bill.
JHOOTH BOLE KAUVA KAATE
The number of crows determines the intensity of the lie.
  • 1 Crow: Half True
  • 2 Crows: Mostly lies
  • 3 Crows: Absolutely false
 

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Crystal Clear Water in Rishikesh in Lockdown only ??

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Video during Lockdown :
2020, April


Holy Ganga at Rishikesh, near the Lakshman jhoola on 24.04.2020. Insaan hi pollution tha

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•Apr 25, 2020




Ajay Chhabra
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This is video from 2019 >>>>>


2019, April

RISHIKESH
Rishikesh: Crystal Clear Water Of Ganga
69 views
•Apr 2, 2019



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Essence of Nature

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The mesmerising and the breath taking view of ‘Ganges’.



Water was clear in Rishikesh in this month of April earlier also when there is No rain and No Garbage / Debris from upper hills come down.
This is naturally clean most of the year.
 
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