Viral Shocking Messages Facts/Fake on Social Media: Whatsapp, facebook etc.

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Quick Fact Check : सोनिया गांधी की तस्‍वीर के साथ छेड़छाड़ करके किया जा रहा है उन पर आपत्तिजनक कमेंट

By Vishvas NewsUpdated: April 24, 2020






नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। एक बार फिर से सोनिया गांधी की फर्जी तस्‍वीर को कुछ लोग वायरल करते हुए आपत्तिजनक कमेंट कर रहे हैं।
विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल तस्‍वीर मॉर्फ्ड है।ओरिजनल तस्‍वीर के साथ छेड़छाड़ करके इसे बनाया गया है। विश्‍वास न्‍यूज ने पहले भी इस तस्‍वीर की पड़ताल की थी। आप इसे यहां पढ़ सकते हैं।

क्‍या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर अरुण नवल ने 23 अप्रैल को कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी की एक फर्जी तस्‍वीर को अपलोड करते हुए लिखा कि लो चमचों अपली मालकिन के दर्शन कर लो।
फेसबुक यूजर के अलावा दूसरे कई लोग भी सोनिया गांधी की फर्जी तस्‍वीर को वायरल करके उनके चरित्र पर हमला कर रहे हैं।

पड़ताल
हमारी पड़ताल में पता चला कि ओरिजनल फोटो 29 मार्च 2005 की है, जब मालदीव के तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल गयूम भारत के दौरे पर आए थे और उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। मुलाकात की यह तस्वीर न्यूज एजेंसी एएफपी के फोटोग्राफर प्रकाश सिंह ने ली थी।



वायरल पोस्‍ट को लेकर कांग्रेस प्रवक्‍ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि ये ट्रोल ऑर्मी की करतूत है। इन लोगों को सिर्फ सोनिया गांधी नहीं, बल्कि पूरे गांधी परिवार से डर लगता है।
अंत में हमने फर्जी तस्‍वीर को वायरल करने वाले फेसबुक यूजर की जांच की। हमें सोशल स्‍कैनिंग में पता चला कि अरुण नवल एक खास विचारधारा से प्रभावित हैं। इनके अकाउंट पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पोस्‍ट ज्‍यादा मिलीं।
पूरी

पड़ताल यहां पढ़ें


निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि 2005 की सोनिया गांधी की तस्‍वीर के साथ छेड़छाड़ करके उसे वायरल किया जा रहा है।


Quick Fact Check : सोनिया गांधी की तस्‍वीर के साथ छेड़छाड़ करके किया जा रहा है उन पर आपत्तिजनक कमेंट - Vishvas News
 

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Fact Check: हिमालया कंपनी के संस्थापक के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो सपा नेता माविया अली का है
  • By Vishvas News
  • Updated: April 23, 2020



नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है,’सबसे पहले हम मुसलमान हैं और दूसरे नंबर पर हिंदुस्तानी हैं’। दावा किया जा रहा है ऐसा बोलने वाले व्यक्ति हिमालया ड्रग कंपनी के मालिक मोहम्मद मेनाल हैं।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। जिस व्यक्ति के वीडियो को मोहम्मद मेनाल के नाम से वायरल किया जा रहा है, वह समाजवादी पार्टी के नेता माविया अली का पुराना वीडियो है।
क्या है फेसबुक पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘दीपक यादव दीपू’ ने वायरल वीडियो(आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, ”हिमालय ड्रग कंपनी के स्वामी… मोहम्मद मानल-कहते हैं कि वह भारत के प्रति वफादार नहीं, बल्कि भारत के ‘मालिक’ है…!!”
पड़ताल किए जाने तक इस वीडियो को करीब 700 लोग शेयर कर चुके हैं, जबकि इसे करीब 5000 से अधिक बार देखा जा चुका है।


पड़ताल
वायरल वीडियो में बोलने वाले व्यक्ति के नाम को जानबूझकर छिपाने की कोशिश की गई है। वीडियो को गौर से देखने पर उसमें बोलने वाले व्यक्ति का नाम ‘माविया अली, पूर्व विधायक, एसपी’ लिखा हुआ नजर आता है।
इस की-वर्ड के साथ सर्च करने पर हमें 14 अगस्त 2017 को इंडिया टुडे की वेबसाइट पर प्रकाशित वीडियो बुलेटिन मिला, जिसमें वायरल हो रहे वीडियो का इस्तेमाल किया गया है।
वीडियो के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के नेता माविया अली के विवादित बयान (पहले हम मुसलमान और फिर भारतीय) को लेकर सियासी हंगामा खड़ा हो गया है। माविया अली ने देवबंद से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह बीजेपी प्रत्याशी ब्रजेश सिंह से चुनाव हार गए। myneta.info पर उपलब्ध जानकारीसे इन दावों की पुष्टि होती है।




हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के देवबंद प्रभारी मोइन सिद्दीकी ने बताया, ‘यह काफी पुराना मामला है, जो उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से जारी एक सर्कुलर को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है।’ उन्होंने बताया कि वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति माविल अली ही हैं।
इसके बाद हमने हिमालया कंपनी की वेबसाइट को सर्च किया। वहां दी गई जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद मेनाल ने 1930 में इस कंपनी की स्थापना की थी और 1986 में उनका निधन हो गया।




वायरल वीडियो शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब 15 हजार लोग फॉलो करते हैं। उनकी प्रोफाइल पर दी गई जानकारी के मुताबिक, वह बरेली में बीजेपी के आईटी सेल के सह-प्रमुख हैं।




निष्कर्ष: हिमालया कंपनी के दिवंगत संस्थापक मोहम्मद मेनाल के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो समाजवादी पार्टी के नेता माविया अली का है। माविया अली के एक पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में दिवंगत मोहम्मद मेनाल से जोड़कर फैलाया जा रहा है।
  • CLAIM REVIEW : हिमालय कंपनी के मालिक ने कहा पहले हम मुसलमान हैं और फिर भारतीय
  • CLAIMED BY : FB User-दीपक यादव दीपू
  • FACT CHECK : झूठ

Fact Check: हिमालया कंपनी के संस्थापक के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो सपा नेता माविया अली का है - Vishvas News
 

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Fact Check : दिल्‍ली के सुल्‍तानपुरी के क्‍वारंटाइन सेंटर के वीडियो को झूठे दावे से किया गया वायरल

By Vishvas NewsUpdated: April 23, 2020




नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया में दिल्‍ली के सुल्‍तानपुरी के क्‍वारंटाइन सेंटर के एक वीडियो को झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि सुल्तानपुरी एस ब्लॉक में 48 पेशेंट कोरोना के पॉजिटिव मिले हैं, जो जमात वाले है।
विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट का दावा फर्जी साबित हुआ। 22 अप्रैल को सुल्‍तानपुरी के क्‍वारंटाइन सेंटर में एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। उसे ही एंबुलेंस से अस्‍पताल ले जाते वक्‍त के वीडियो को कुछ लोगों ने फर्जी दावों के साथ वायरल कर दिया।

क्‍या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर प्रवीण माथुर ने 22 अप्रैल को एक वीडियो अपलोड करते हुए दावा किया : ”सुल्तानपुरी एस ब्लॉक में 48 पेशेंट को रोना के पॉजिटिव मिले हैं जो जमात वाले है!”
इस वीडियो को दूसरे कई यूजर्स भी फर्जी दावों के साथ वायरल कर रहे हैं।

पड़ताल
विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो को ध्‍यान से देखा। इसमें एक व्‍यक्ति को यह बोलते हुए सुना जा सकता है कि एक पेशेंट की डेथ हो गई है। वीडियो में एक एंबुलेंस को भी देखा जा सकता है। इसके अलावा बहुत-से लोगों को हंगामा करते हुए देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में दिख रहे मुख्‍य गेट पर हमें दिल्‍ली लिखा हुआ नजर आया। इससे यह बात तो साफ हो गई कि वायरल वीडियो दिल्‍ली का ही है, लेकिन अब हमें इस वीडियो के साथ किए गए दावे की सच्‍चाई जानना था।



वायरल वीडियो की सच्‍चाई जानने के लिए हमने InVID टूल में इसे अपलोड करके गूगल रिवर्स इमेज में सर्च किया। हमें इससे मिलते-जुलते कई वीडियो मिले। समाचार टुडे टीवी नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 22 अप्रैल को अपलोड एक वीडियो में बताया गया कि सुल्तानपुरी के क्वारंटाइन सेंटर में एक शख्‍स की बीमारी की वजह से मौत हो गई। जिसके बाद जमातियों ने हंगामा किया।





सर्च के दौरान हमें दैनिक जागरण की वेबसाइट पर एक खबर मिली। 22 अप्रैल को पब्लिश इस खबर में इस्‍तेमाल तस्‍वीर में हमें वैसी ही इमारत दिखी, जैसी वायरल वीडियो में दिख रही थी। खबर में बताया गया कि सुल्‍तानपुरी के क्‍वारंटाइन सेंटर में जमातियों ने हंगामा किया।





इसी तरह दैनिक जागरण के 23 अप्रैल के दिल्‍ली संस्‍करण में प्रकाशित एक खबर में बताया कि सुल्तानपुरी स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए 700 जमातियों ने बुधवार को हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जमातियों को शांत कराया। दरअसल, क्वारंटाइन सेंटर में दो जमातियों की हालत खराब हो गई थी। इस पर स्वास्थ्यकर्मियों ने दोनों को लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान एक 80 वर्षीय जमाती की मौत हो गई। वह मधुमेह से भी पीड़ित था।




पड़ताल के अगले चरण में हमने दैनिक जागरण के दिल्‍ली संवाददाता अंकुर अग्निहोत्री से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि सुल्‍तानपुर स्थित क्‍वारंटाइन में करीब 700 जमातियों को रखा गया है। इसी में से 80 साल के बुजुर्ग की बुधवार को डायबिटिज के कारण मौत हो गई है। जिसके बाद जमातियों ने सुविधाओं को लेकर हंगामा कर दिया। वायरल वीडियो उस दौरान का है जब बुजुर्ग के शव को लेकर एंबुलेंस ले जा रही थी।
वहीं, रोहिणी के एसडीएम नगेंद्र त्रिपाठी ने सुल्तानपुरी एस ब्लॉक में 48 पेशेंट कोरोना के पॉजिटिव मिलने वाली बात को झूठा बताया।
अंत में हमने फर्जी पोस्‍ट करने वाले फेसबुक यूजर प्रवीण माथुर की सोशल स्‍कैनिंग की। हमें पता चला कि यूजर एक पॉलिटिकल पार्टी से जुड़ा हुआ है। नई दिल्‍ली में रहने वाले इस यूजर के अकाउंट पर हमें धार्मिक और पॉलिटिकल पोस्‍ट ज्‍यादा मिली।





Disclaimer: कोरोनावायरसफैक्ट डाटाबेस रिकॉर्ड फैक्ट-चेक कोरोना वायरस संक्रमण (COVID-19) की शुरुआत से ही प्रकाशित हो रही है। कोरोना महामारी और इसके परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं और जो डाटा शुरू में एक्यूरेट लग रहे थे, उसमें भी काफी बदलाव देखने को मिले हैं। आने वाले समय में इसमें और भी बदलाव होने का चांस है। आप उस तारीख को याद करें जब आपने फैक्ट को शेयर करने से पहले पढ़ा था।
निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की जांच में सुल्तानपुरी में 48 कोरोना पॉजिटिव मिलने की बात फर्जी निकली। क्‍वारंटाइन सेंटर के वीडियो को फर्जी दावों के साथ वायरल किया जा रहा है।
  • CLAIM REVIEW : सुल्तानपुरी एस ब्लॉक में 48 पेशेंट कोरोना के पॉजिटिव मिले हैं जो जमात वाले है
  • CLAIMED BY : फेसबुक यूजर प्रवीण माथुर
  • FACT CHECK : झूठ


Fact Check : दिल्‍ली के सुल्‍तानपुरी के क्‍वारंटाइन सेंटर के वीडियो को झूठे दावे से किया गया वायरल - Vishvas News
 

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Quick Fact Check: साधु-संतों का यह वीडियो प्रयागराज कुंभ का है, लॉकडाउन से नहीं है कोई संबंध

By Vishvas NewsUpdated: April 24, 2020






नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर साधु-संतों का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर यह भ्रम फैल रहा है कि यह वीडियो देश में जारी लॉकडाउन के बीच का है। बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमण की रोकथाम के लिए तीन मई तक देश में लॉकडाउन लागू है।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। साधु-संतों की भीड़ का यह वीडियो प्रयागराज कुंभ मेला के दौरान महाकाल की बारात का है। प्रयागराज में कुंभ का आयोजन 15 जनवरी से 4 मार्च 2019 के बीच किया गया था।


क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘Ziyaa Mahi’ ने वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, ”YHH KOON LOOG HAI???”
पोस्ट पर की गई टिप्पणियों के मुताबिक, यह वीडियो लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र का है और इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों में कोरोना वायरस फैल सकता है। कई अन्य यूजर्स ने इसे सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन बताया है, जिसे लेकर मीडिया में चुप्पी है। पोस्ट पर की गई टिप्पणियों से यह भ्रम फैल रहा है कि यह वीडियो लॉकडाउन के दौरान हुए किसी धार्मिक आयोजन का है।

वायरल पोस्ट पर की गई टिप्पणी
पड़ताल
इससे पहले भी यह वीडियो सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ वायरल हो चुका है। पूर्व में इस वीडियो को नागरिकता संसोधन अधिनियम (CAA) के पक्ष में नागा साधुओं की रैली बताकर वायरल किया गया था। विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में इस वीडियो को गलत पाया था। विश्वास न्यूज की विस्तृत पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।

यह वीडियो 15 जनवरी से 4 मार्च 2019 के बीच प्रयागराज में हुए कुंभ मेले का है। ‘जय हिंदू राष्ट्र’ नामक यू-ट्यूब चैनल पर इस वीडियो 5 मार्च 2019 को अपलोड किया गया था।

यानी यह वीडियो भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के दस्तक देने से लगभग एक साल पहले का है। दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला चीन के वुहान में दिसंबर 2019 में सामने आया था।




वायरल वीडियो शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब 37 हजार लोग फॉलो करते हैं।



Disclaimer: कोरोनावायरसफैक्ट डाटाबेस रिकॉर्ड फैक्ट-चेक कोरोना वायरस संक्रमण (COVID-19) की शुरुआत से ही प्रकाशित हो रही है। कोरोना महामारी और इसके परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं और जो डाटा शुरू में एक्यूरेट लग रहे थे, उसमें भी काफी बदलाव देखने को मिले हैं। आने वाले समय में इसमें और भी बदलाव होने का चांस है। आप उस तारीख को याद करें जब आपने फैक्ट को शेयर करने से पहले पढ़ा था।
निष्कर्ष: कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के बीच साधु-संतों की रैली के दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो 2019 में आयोजित प्रयागराज कुंभ मेले का है, जो भारत में इस वायरस के संक्रमण के दस्तक देने के लगभग एक साल पहले आयोजित हुआ था।
  • CLAIM REVIEW : लॉकडाउन में हुई साधु संतों की सभा
  • CLAIMED BY : FB User-Ziyaa Mahi
  • FACT CHECK : झूठ


Quick Fact Check: साधु-संतों का यह वीडियो प्रयागराज कुंभ का है, लॉकडाउन से नहीं है कोई संबंध - Vishvas News
 

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A person at Petrol Pump throwing money is trying to spread Corona.
Such video is viral.
investigation is done.,
This Muslim Person's one hand (Right Hand) is numb / not working.
He had no idea that the currency fell down.
Check all in detail :

Muslim in Petrol | Pump | Viral | Video | Exposed | Musalmaano K Liye बड़ी खुशखबरी



792,469 views
•Apr 27, 2020

48K
2K


Mr Reaction Wala

377K subscribers

Muslim in Petrol | Pump | Viral | Video | Exposed | Musalmaano K Liye बड़ी खुशखबरी
 

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Sambit Patra को Faridabad Police ने जवाब दिया फिर Tweet Delete कर दिया


146,221 views•Apr 25, 2020
5.2K
307

The Lallantop
13.1M subscribers
बीजेपी इस बार मणिशंकर को मिस कर रही थी, 84 पर बयान देकर सैम पित्रोदा ने उनकी कमी पूरी कर दी...

BJP spokesperson Sambit Patra had quoted a story from the Indian Express on an alleged attack on two ASHA workers in Faridabad by one Jaan Mohammad. The BJP spokesperson wrote, “In Faridabad, Jaan Mohammad and his people mercilessly beat up ASHA workers, who were collecting data on corona. They spread the news in the entire neighbourhood that the government was collecting data for the NRC. Police are looking for Jaan Mohammad and his associates to arrest them.” Patra’s tweet went viral. The Faridabad police wrote Sir namaskar, the incident involving ASHA workers that you are stating is not from Faridabad, but letter deleted the tweet.
 

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A Viral video is getting mixed with other videos and pics from Chhattisgarh.

Video of Agricultural Land is from Vietnam only.

Other videos are of Chhtisgarh.
Though some of them may be old videos also, as seen them earlier.


Fact Check: Viral Video of Hailstorm in Chhattisgarh is Actually From Vietnam
Image credits: Twitter/YouTube.


Image credits: Twitter/YouTube.

Claiming to be from Pendra in Chhattisgarh, the video showed hailstorms in a field, producing the same visual effect as someone tossing stones into a body of water.
Raka Mukherjee
  • NEWS18.COM
  • LAST UPDATED: APRIL 27, 2020, 8:33 AM IST

As India battles a global pandemic, with the highest single-day surge of confirmed cases on Sunday, fake news, which is ever-present in your WhatsApp forwards, still continued to spread.
On Saturday night and Sunday, parts of North-India received heavy rail-fall, with it also affecting crop season in several rural areas.

A video claiming to be from the storm started going viral shortly after. Claiming to be from Pendra in Chhattisgarh, the video showed hailstorms in a field, producing the same visual effect as someone tossing stones into a body of water.
The video which went viral on WhatsApp was shared on Twitter by an IAS officer, who is currently posted in Kabirdham in Chhattisgarh.
Some were left really amused by the video.
However, the video is fake. Dating from a few days ago, the video was uploaded on YouTube on April 23rd, four days before India's hail storm. The video tags the location as Cao Bang in Vietnam. It was also shared on Twitter by a different user with the same location, much before India's storm.
The video source of the clip is on YouTube, posted on 23 April, and described as "This was captured early morning 23/04/2020 in Cao Bang Vietnam, there were several reports of similar incident in nearby cities."
This wasn't the only video with matching footage. A different video uploaded on YouTube on April 26 by a travel channel, showing 'Hail in Cao Bang,' with 8-hour long footage of the after-math of hail in the area, included a clip of the viral video in that footage.
A local Vietnamese publication also reported on the story on April 24th, showing a clip of the video.

While whether the exact date of the video shot in Vietnam is still uncertain, it was certainly before it was the bad weather in northern India, and is certainly not from Chhattisgarh.

Fact Check: Viral Video of Hailstorm in Chhattisgarh is Actually From Vietnam

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Fact Check: Hailstorm like firing bullets from sky. Video is not from India, Actually from Vietnam
1,191 views
•Apr 27, 2020



5
2



Madhaw Tiwari TV Anchor
1.26K subscribers


Fact Check:
Viral Video of Hailstorm in Chhattisgarh is Actually From Vietnam

Claiming to be from Pendra in Chhattisgarh, the video showed hailstorms in a field, producing the same visual effect as someone tossing stones into a body of water.

As India battles a global pandemic, with the highest single-day surge of confirmed cases on Sunday, fake news, which is ever-present in your WhatsApp forwards, still continued to spread.

On Saturday night and Sunday, parts of North-India received heavy rail-fall, with it also affecting crop season in several rural areas.

A video claiming to be from the storm started going viral shortly after. Claiming to be from Pendra in Chhattisgarh, the video showed hailstorms in a field, producing the same visual effect as someone tossing stones into a body of water.

The video which went viral on WhatsApp was shared on Twitter by an IAS officer, who is currently posted in Kabirdham in Chhattisgarh.

However, the video is fake. Dating from a few days ago, the video was uploaded on YouTube on April 23rd, four days before India's hail storm. The video tags the location as Cao Bang in Vietnam. It was also shared on Twitter by a different user with the same location, much before India's storm.

The video source of the clip is on YouTube, posted on 23 April, and described as "This was captured early morning 23/04/2020 in Cao Bang Vietnam, there were several reports of similar incident in nearby cities."

This wasn't the only video with matching footage. A different video uploaded on YouTube on April 26 by a travel channel, showing 'Hail in Cao Bang,' with 8-hour long footage of the after-math of hail in the area, included a clip of the viral video in that footage.

A local Vietnamese publication also reported on the story on April 24th, showing a clip of the video.

While whether the exact date of the video shot in Vietnam is still uncertain, it was certainly before it was the bad weather in northern India, and is certainly not from Chhattisgarh.
 

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Images from Myanmar viral as social distancing in Mizoram vegetable market
Kinjal
1st May 2020
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Kinjal@HereisKinjal
Mahesh Vikram Hegde, founder of fake news website Postcard News, shared two images claiming that they depict vegetable markets in Mizoram where vendors and customers are practising social distancing. “Pictures are from Mizoram. People who are violating social distancing must definitely learn from this!” he wrote.

789 people are talking about this



Author Shunali Shroff also shared the images, drawing over 8,000 likes and 2,000 retweets. Other prominent handles which promoted the same claim were – author Shobha De, editorial director of Newsweek Group Danish Manzoor and retired air marshal Anil Chopra.

Even on Reddit, the images are floating as scenes from Mizoram.

Photos from Myanmar
A reverse-image search on Google led us to a tweet by VSK Assam which claimed that the photographs are from Myanmar. A subsequent keyword search on Twitter redirected us to an April 24 tweet by Burmese historian Thant Myint-U. He wrote, “The market in Kalaw, a beautiful hill station in Myanmar, 4,500 ft above sea level.”

Thant Myint-U

✔@thantmyintu

https://twitter.com/thantmyintu/status/1253589132900577280

The market in Kalaw, a beautiful hill station in Myanmar, 4,500 ft above sea level, still with zero known #COVID19 #pandemic cases, but where authorities are taking #SocialDistancing seriously.
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488

13:08 - 24 Apr 2020
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A hoarding in one of the images carries the words ‘High Class’. This is a brand of whiskey by Seagram’s supplied in Myanmar.

Filipino media group ABS-CBN News had tweeted the images on April 20, crediting photographer Jain Weraphong.

ABS-CBN News

✔@ABSCBNNews

https://twitter.com/ABSCBNNews/status/1252263308851179521

LOOK: Vendors and buyers practice physical distancing in a public market in Myanmar.

As of April 20, 2020, Myanmar has 111 confirmed cases of #COVID19, with 7 recoveries and 5 deaths.

Jain Weraphong | via @goldiesaurin
View image on TwitterView image on TwitterView image on Twitter

1,273

21:20 - 20 Apr 2020
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284 people are talking about this



One of the viral images was also featured in an article on Thailand-based media outlet The Nation Thailand.

Photographs of social distancing being practised at a vegetable market in Myanmar was shared by prominent Indian social media users as Mizoram.


Images from Myanmar viral as social distancing in Mizoram vegetable market - Alt News
 

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Fact-check: Did a 26-member Muslim family test positive in Delhi’s Jahangirpuri?
Archit Mehta
29th April 2020
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Archit MehtaArchitMeta
On April 18, Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal gave a 10-minute speech on the coronavirus situation in New Delhi. It was also live-streamed on YouTube. At the 2:00 mark, Kejriwal pointed out that some people in coronavirus hotspots area continue to step out on streets and visit their neighbours. He said in Hindi (from 2:00 to 2:44), “Yesterday in a containment zone at Jahangirpuri, 26 members from one community (translated from कुनबा) tested positive for corona… all members are from one family. Their homes were next to each other — thus they went to each other’s homes despite containment.”

Since then the media has reported —
1. 26-members from a family were infected in Jahangirpuri, quoting CM Kejriwal [The Free Press Journal, Hindustan Times, The Outlook(IANS syndicated copy) and NDTV]
2. 31 people tested positive in Jahangirpuri out of which 26 members were from one family [Scroll, The Indian Express and Kalinga TV(IANS syndicated copy)]
3. 31 members of an extended family tested positive for Covid-19 in Jahangirpuri [India Today (PTI syndicated copy) and ABP News]
On April 19, The Indian Express reported 60 samples were taken as part of the government’s community testing efforts in Jahangirpuri, a coronavirus hotspot. Out of these, 31 people tested positive, including 26 from the same family.
As per the report, the source of the infection was a 60-year-old woman who succumbed to coronavirus on April 5. As per the sources in the health department, the 26-member family are relatives of the elderly woman.
On April 18, North District Magistrate Shinde Deepak Arjun told ANI, “These 31 people, who were tested positive with COVID-19, are either members of the family of an old woman who died after being infected with coronavirus or have visited her.” It is pertinent to note that Arjun did not state that a 26-member family was infected.
On April 22, The Print published a ground report from Jahangirpuri. The report stated that Ajiman Bibi was the woman who passed away due to coronavirus on April 5. According to the report, the result came four days after her death.
Fact-check
The scope of this fact-check is limited to —
1. Verification of the number of members in Ajiman Bibi’s family.
2. Circumstances that led to Ajiman Bibi’s death.
Alt News spoke with Ajiman Bibi’s son
Noor Mohammed’s family had 16 members. This was until 5 pm, April 5 when he lost his 52-year-old mother: “My mother hasn’t been healthy for the past 10 years. But the pain and discomfort she experienced in the days leading up to her death were unlike anything she had had to bear.”
Alt News has a copy of Ajiman Bibi’s Aadhaar card which states she was born in 1968. Thus, the media had botched-up Ajiman Bibi’s age as well.
Mohammed, who works as an electrician, informed, “Since March 30, my mother had a fever and trouble breathing. We visited three different hospitals multiple times on April 3 and April 4; none of them bothered to test her for coronavirus.” Mohammed and his family are a resident of ward 21, Jahangirpuri.
State failure: Why wasn’t Ajiman Bibi tested for coronavirus when she was alive and showed symptoms?
According to Mohammed, he took his mother for a health check-up to the following hospitals on April 3 and 4 — Babu Jagjivan Ram Memorial Hospital, Dr Baba Saheb Ambedkar Hospital, Rajan Babu TB Hospital and Dr Ram Manohar Lohia Hospital. The Print’s report that carries statements of neighbours corroborates the same.
Mohammed shared documents which confirm that he visited some of the hospitals mentioned above. The image below shows a form of the Department of Radiodiagnosis at Baba Saheb Ambedkar Hospital on April 3.

Despite having the symptoms for coronavirus, according to Mohammed, the government hospitals didn’t test his mother when she was alive. On April 5, she passed away at Dr Ram Manohar Lohia Hospital around 5 pm.
Mohammed was allowed to take his mother’s dead body home after a couple of hours. The next day, Mohammed and 35 others — family members and neighbours — paid respects to Ajiman Bibi at her funeral.
Alt News spoke with Poonam Ashwini Bagri, Jahangirpuri ward 21 municipal councillor. “On April 9, I received an official document which listed new COVID-19 positive cases — alive and deceased. As per this document, Ajiman Bibi’s coronavirus test report arrived on April 7. So why did Dr Ram Manohar Lohia Hospital allow Mohammed’s family to take Ajiman Bibi’s dead body on April 5? That has severely put my ward at risk.”
Alt News has a copy of the said document. It is pertinent to note that Block ‘B’ Jahangirpuri was one of the first 22 containment zones in Delhi announced on April 8. Block ‘C’ (Ajiman Bibi’s block) was also added to the list on April 10, once the authorities realised Ajiman Bibi had tested positive.
On April 10, Noor collected his mother’s reports from Dr RML Hospital which confirmed that she was coronavirus positive. “I can’t help but wonder, why did the hospital allow us to take her home if they were yet to confirm that she had contracted the infection,” questioned Noor.
How many family members does Noor have?
Mohammed and his family have been quarantined since April 10 at Delhi Development Authority (DDA) flats in Narela. “My family includes — my father, uncle, five brothers (of which three are married), three women and five children,” he said. This a total of 15 people.
As of April 27, Mohammed’s family is quarantined in two separate facilities. “Eight of us were shifted in a building where people who have tested negative are quarantined. The remaining seven are in a different building where people who have tested positive are quarantined,” said Noor who has tested negative.
According to Noor, out of the seven — six have tested positive. “The seventh member, who tested negative, is my sister-in-law’s baby. My sister-in-law tested positive but since the baby needs to be breastfed, she insisted to keep the baby in her custody.” Noor pointed out doctors have not given a hard copy of their test results.
Official document listing other positive cases
A Delhi-based journalist (identity concealed at request) shared an image of an excel sheet with Alt News that was provided by a government official. The document lists the names, ages and addresses of 31 people from Jahangirpuri who tested positive. Alt News has attached the image after concealing personal details.

Noor said, “Since I work as an electrician in the area, I know all 31 people on the list. In fact, I must have visited their house at some point in the past. Out of the 31, 13 are a part of my extended family.” Noor informed that the 13 members from his extended family include his sister and her in-laws. While they stay nearby they aren’t a part of his 15-member immediate family.
Alt News spoke with three people (identity concealed at request) from the list of 31 patients. Each of them confirmed that the people listed on the document do not belong to one family. They also informed at least one of the names and the addresses has been inaccurately recorded.
According to Noor, two people from this list attended the funeral on April 6. At that time, none of them was aware that Ajiman Bibi (wrongly spelt in the list as ‘Ajeewan’) was infected with coronavirus.
Simply put, six members of Noor’s immediate family have tested positive and 13 members of his extended family (sister and her in-laws) have tested positive. Since the hospital hasn’t provided the test reports to Noor, we were unable to independently verify the results. However, it is clear that 26 members of a single-family did not test positive.
Additionally, municipal councillor Bagri also confirmed that the 31-member list does not include a 26-member family. “I’m not sure why CM Kejriwal felt the need to highlight the 26-member family despite the data collected shows no such family,” she said.
Delhi CM Kejriwal’s statement that a 26-member family was tested positive for coronavirus in Jahangirpuri was therefore inaccurate. The media was also at fault for not verifying the data and instead, sensationalising that a 26-member family tested positive. Kejriwal blamed the family for not adhering to lockdown guidelines. The media failed to report that Noor took his mother, Ajiman Bibi, to multiple hospitals and despite showing symptoms she was neither admitted nor tested until it was too late. Dr RML Hospital allowed the family to take Ajiman Bibi’s dead body home without first confirming if she had the infection. The family held a funeral which was attended by several people. Inaccurate media reports overlooked the state’s failure and held the family responsible for contracting the infection.
Jahangirpuri incident communalised on social media
On April 18, Twitter account @India_Policy, which claims to inform on topics related to public policy and governance, tweeted, “#BREAKING : 26 members of a single family found #COVID19 positive in Jahangirpuri area of Delhi, including Husband, his 2 wives, 12 daughters, 7 sons and more…”(archive link)
@India_Policy has over one lakh followers and its post was retweeted by 3,500 people. BJP Delhi spokesperson Tajinder Pal Singh Bagga quote-tweeted the tweet drawing 2,000 retweets (archive link). Alt News has debunked several instances in the past when Bagga promoted misinformation.
Right-wing outlet The Frustrated Indian published an article which cited the tweet by @India_Policy. The article said, “Not only does this development serve as a clarion call for the government to bring in legislation on the lines of a population control bill, but it is all the more reason as to why a Uniform Civil Code is the need of the hour. How can anyone have 19 children, even if from different wives?” (archive link)
Alt News also found that there is a WhatsApp image being circulated based on @India_Policy’s tweet.

Just like the media reports, social media latched on “26-member family” to target the Muslim community. Noor confirmed that no one from his family or extended family has engaged in polygamy. BJP Delhi spokesperson Tajinder Pal Singh Bagga retweeted communal misinformation and promoted the stereotype that Muslim families are polygamous and have many children. The rumour was originally shared by @India_Policy, an anonymous Twitter account.


Fact-check: Did a 26-member Muslim family test positive in Delhi's Jahangirpuri? - Alt News
 

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No, Delhi Health Minister did not say no one from Nizamuddin Markaz tested positive for COVID-19
Archit Mehta
15th April 2020
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Archit MehtaArchitMeta
A 16-second clip of Delhi’s Health Minister Satyendra Jain has gone viral on social media. On April 14, Facebook page ‘Mohsin Rfi Khan sp’ posted the viral video along with the Hindi text, “Now where has the paid media drowned? Delhi’s Health Minister Satyendra Jain said out of 30,000 not a single was tested positive for coronavirus in Markaz except a beggar who was sitting outside (अब कहां डूब के मरे गी यह दलाल मीडिया Satyendra Jain *दिल्ली के स्वास्थ्य मत्रीं सत्येन्द्र जैन ने कहा 30 हजार में से एक भी नही मिला मरकज़ में कोरोना पाॅजिटिव,मरकज के बाहर बैठा एक भिखारी निकला पाॅजिटिव*).” This post has been shared close to 700 times. (archive link)

In the video, we can hear Jain saying that no one out of 30,000 people in Nizamuddin has tested positive for coronavirus. “Only a beggar sitting outside the Markaz was tested positive,” he states. We also see ANI’s mic in the viral video. Several Facebook and Twitter users have shared this clip. Additionally, it has also been shared on WhatsApp in the form of a TikTok video – presumably made by TikTok user @shariqmaliksm – which is no longer available.

Fact-check
Using the ANI logo on the mic as a clue, Alt News performed a keyword search on ANI’s YouTube account and found a one-minute video interview of Delhi Health Minister Satyendra Jain. ANI published this video on April 10. The viral video is clipped from the 38-second mark.

While talking about testing strategies, Jain says, “In Nizzamudin, we scanned 30,000 people in 6,000 households. Each one of them has been scanned and we found that one person was tested positive because of the Markaz and that person used to sit outside the Markaz and beg for alms. No one else has been found.” (Translated from: “जैसे निज़ामुद्दीन है, वहां पे 6000 घरों मे 30,000 लोगों को स्कैन किया. एक-एक आदमी को स्कैन किया और वहां पर हमें जो मरकज़ की वजह से एक आदमी पॉज़िटिव मिला जो मरकज़ के बाहर बैठके भीख मांगता था. बाकी कोई नहीं मिला अभी तक.”
The readers should note that on April 8 Livemint reported that the Delhi government announced a five-point plan to deal with coronavirus, including treating up to 39,000 patients and conducting “rapid random” testing in hotspots. According to an Indian Express report, the tests will begin from Nizamuddin and Dilshad Garden area. The report quoted Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal saying, “We have ordered testing for around 50,000 people, and we have also ordered rapid testing rounds for 1 lakh people, which will begin from Friday.”
Jain’s statement to ANI has been placed out of context.
1. He doesn’t refer to the Markaz in the interview but says 30,000 people have been tested in Nizamuddin, out of which one who used to beg outside the Markaz has tested positive.
2. Jain was talking about rapid random tests done for 30,000 people in 6,000 households in the area. The Delhi government is testing residents of Nizamuddin at random since the Tablighi Jamaat headquarter – Nizamuddin Markaz – is located in the area.
3. This is above and beyond the contact tracing and testing of members of the Jamaat who visited the Markaz in mid-March.
On April 9, ANI published a report in which Jain was quoted as saying, “Till now, there are 669 COVID19 positive cases including 426 cases from Markaz, in Delhi.” Therefore, several positive cases have been linked to the Markaz. The video has been shared to falsely portray that no one from Nizamuddin Markaz has tested positive and the media has concealed the health minister’s statement.


No, Delhi Health Minister did not say no one from Nizamuddin Markaz tested positive for COVID-19 - Alt News
 
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