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Aapkidukan Himalayn Pine Nuts (Chilgoza) - 50Gms with Soft Shell Noosa Neoza Neja -100% Natural & Wild

by Aapkidukan
2.0 out of 5 stars 3 ratings



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Available from these sellers.

https://www.amazon.in/Aapkidukan-Himalayn-Pine-Nuts-Chilgoza/dp/B07QPSHNG3#
1 offer from ₹ 550.00

This is a Vegetarian product.
  • Freshness: We keep our pine nuts in shell - their natural "packaging". This preserves all their goodness and flavor.
  • 100% Natural & Wild. You get our pine nuts as they come from the tree
  • Rich depth of flavour
  • Chilgoza pine
  • Fresh and enriched taste.



Aapkidukan Himalayn Pine Nuts (Chilgoza) - 50Gms with Soft Shell Noosa Neoza Neja -100% Natural & Wild: Amazon.in: Grocery & Gourmet Foods
 

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असली-नकली पंछी पेठा ऐसे पहचानें | Agra | The Lallantop
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•Dec 27, 2017



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Produced By: The Lallantop Edited By: Varun Sharma

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Change In The Weather Cycle Is Dangerous
मौसम चक्र बदलना, खतरे की घंटी
Updated Wed, 06 Nov 2019 12:12 AM IST

केरल से बागेश्वर पहुंचे बाइक सवार क्रिस्टी रोडर गॉज।

केरल से बागेश्वर पहुंचे बाइक सवार क्रिस्टी रोडर गॉज। - फोटो : BAGESHWAR


बागेश्वर। केरल के कुच्छी गांव निवासी 42 साल के क्रिस्टी रोडर गॉज मंगलवार को बागेश्वर पहुंचे। इस दौरान उनका माउंटेनियरों ने स्वागत किया। वे पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि धरती का मौसम चक्र का बिगड़ना मानव सभ्यता के लिए खतरे की घंटी है।

क्रिस्टी रोडर गॉज ने बताया कि वे 22 सितंबर से बाइक यात्रा पर हैं। हरी-भरी धरती के मिशन पर निकले क्रिस्टी तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल होकर उत्तराखंड पहुंचे हैं। कोच्चि से नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, यूरोप तक यात्रा करना उनका उनका लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों की औसतन आयु घट रही है। यह पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम परिवर्तन हो रहा है। केरल में इस साल पूरे आठ माह तक बारिश रही लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश न होने के कारण लोग बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे मंगलवार की रात चौकोड़ी पहुंचेंगे और वहां से आगे की यात्रा तय करेंगे।
---
हमें यह जीवन मिला है और यदि इसे सुरक्षित रखना है तो बढ़ रहे प्रदूषण को कम करना होगा। इसके लिए लोगों को अभी से संघर्ष करना होगा। नदी और जंगल सिमट रहे हैं। धरती का मौसम चक्र बिगड़ गया है। यह मानव सभ्यता के लिए खतरे की घंटी है। लोगों को जागरूक कर यात्रा कर रहा हूं। - क्रिस्टी रोडर गॉज


Change In The Weather Cycle Is Dangerous
मौसम चक्र बदलना, खतरे की घंटी
Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Wed, 06 Nov 2019 12:12 AM IST

केरल से बागेश्वर पहुंचे बाइक सवार क्रिस्टी रोडर गॉज।

केरल से बागेश्वर पहुंचे बाइक सवार क्रिस्टी रोडर गॉज। - फोटो : BAGESHWAR


बागेश्वर। केरल के कुच्छी गांव निवासी 42 साल के क्रिस्टी रोडर गॉज मंगलवार को बागेश्वर पहुंचे। इस दौरान उनका माउंटेनियरों ने स्वागत किया। वे पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि धरती का मौसम चक्र का बिगड़ना मानव सभ्यता के लिए खतरे की घंटी है।

क्रिस्टी रोडर गॉज ने बताया कि वे 22 सितंबर से बाइक यात्रा पर हैं। हरी-भरी धरती के मिशन पर निकले क्रिस्टी तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल होकर उत्तराखंड पहुंचे हैं। कोच्चि से नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, यूरोप तक यात्रा करना उनका उनका लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों की औसतन आयु घट रही है। यह पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम परिवर्तन हो रहा है। केरल में इस साल पूरे आठ माह तक बारिश रही लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश न होने के कारण लोग बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे मंगलवार की रात चौकोड़ी पहुंचेंगे और वहां से आगे की यात्रा तय करेंगे।
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हमें यह जीवन मिला है और यदि इसे सुरक्षित रखना है तो बढ़ रहे प्रदूषण को कम करना होगा। इसके लिए लोगों को अभी से संघर्ष करना होगा। नदी और जंगल सिमट रहे हैं। धरती का मौसम चक्र बिगड़ गया है। यह मानव सभ्यता के लिए खतरे की घंटी है। लोगों को जागरूक कर यात्रा कर रहा हूं। - क्रिस्टी रोडर गॉज
 

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*ओशो...*

मैंने एक कहानी सुनी है।
एक फकीर रात सोया। उस ने एक सपना देखा कि वह स्वर्ग पहुंच गया, और बड़ी भीड़— भड़क्का है; स्वर्ग बड़ा सजा है और बड़ा जुलूस निकल रहा है—शोभायात्रा! उस ने पूछा—वह भी खड़ा हो गया भीड़ में —कि क्या बात है? किसीने कहा, आज भगवान का जन्मदिन है, किसी राहगीर ने कहा, उत्सव मनाया जा रहा है। उस ने कहा अच्छे भाग्य मेरे कि ठीक दिन आया स्वर्ग। जुलूस निकलते हैं। निकले रामचंद्र जी धनुष—बाण लिए और लाखों—करोड़ों लोग उनके पीछे। फिर निकले मुहम्मद अपनी तलवार लिए, और लाखों—करोड़ों लोग उनके भी पीछे। और फिर निकले बुद्ध, और फिर निकले महावीर, और जरथुस्त्र, और निकलते गए, निकलते गए और अखीर मे जब सब निकल गए तो एक आदमी एक बूढ़े—से मरियल—से घोड़े पर सवार निकला। जनता भी जा चुकी थी, लोग भी जा चुके थे, उत्सव समाप्त होने के करीब था, आधी रात हो गयी, इस फकीर को इस आदमी को देख कर हंसी आने लगी कि यह भी सज्जन खूब हैं, यह काहे के लिए निकल रहे हैं अब! और इनके पीछे कोई भी नहीं। उस ने पूछा, आप कौन हैं और घोड़े पर किसलिए सवार हैं? और यह कैसी शोभायात्रा है, आपके पीछे कोई नहीं! उस ने कहा, मैं क्या करूं, मैं भगवान हूं। कुछ लोग हिंदुओं के साथ हो गए हैं, कुछ बौद्धों के साथ, कुछ ईसाइयों के साथ, कुछ मुसलमानों के साथ, कोई भी नहीं, मैं अकेला हूं। मेरा जन्मदिन मनाया जा रहा है, तुम्हें मालूम नहीं? घबड़ाहट मे फकीर की नींद खुल गयी।

*_____तुम भी सोचोगे तो घबड़ाहट में तुम्हारी भी नींद खुल जाएगी।*

 

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Senior Billi
One report says customer was drunk and aggressive. I suppose it is often a problem for those workers. Maybe also for Uber/etc. drivers. ...btw, Uber sending msgs offering food delivery.
 
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