Who's awake right now?

cat

Senior Billi
I think it is not cleaner.
But burried as History of this Era for future Generations !
LOL !

Turning one thing inot other is a form of transfer of things to a different kindof problem.
It may surface after sometime only.
That is what AC Bhaktivedanta Swami said. (Refer to car crashes and so on.) And air pollution...originally, burning coal and wood, people thought it just blows away, like into space. But actually everything stays here. Transformations of material energy, but none is really created or destroyed.


Environment is no more like it was in 1950s anyhow.
Time is to move on like this only.
We have not much options left.
Technology will come to handle future problems then.
I hope for best.

Zindagi chalne ka naam hai !
Yes. ...Technology to degrade radioactive waste seems to be lagging behind. (btw, Greenpeace protestors in Russia now. Found another train bringing Uranium tailings waste from Germany, to store in Siberia. And apparently it is getting stored in open [or above ground] containers, not even buried.

The sea, plastic in the sea...the bigger problem is plastic particles, the tiny pellets used in manufacturing of plastic things. You can pick up the rubbish plastic but no technology is going to filter the seas. They find it in the flesh of sea creatures.

But what was said in that article, stop using plastic packaging and so on; that is not going to happen. If you look and consider what all...how dependent we are now on plastic packaging.
We need biodegradeable plastic.
 

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T




Yes. ...Technology to degrade radioactive waste seems to be lagging behind. (btw, Greenpeace protestors in Russia now. Found another train bringing Uranium tailings waste from Germany, to store in Siberia. And apparently it is getting stored in open [or above ground] containers, not even buried.
India gave too much money for all this Uranium issue ?????




INDIA

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India to Give $1 Billion Loan for Development of Russia's Far East, Says PM Modi

Addressing the plenary session of Eastern Economic Forum, PM Modi said the friendship between India and Russia was not restricted to governmental interactions in capital cities, but is about people and close business relations.

News18.com

Updated: September 5, 2019, 2:10 PM IST

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PM Narendra Modi at 5th Eastern Economic Forum


Vladivostok: Prime Minister Narendra Modi on Thursday said India will walk shoulder-to-shoulder with Russia in its development of the Far East and announced a USD 1 billion line of credit for the development of the resource-rich region.

Addressing the plenary session of the 5th Eastern Economic Forum here, prime minister Modi said the friendship between India and Russia was not restricted to governmental interactions in capital cities, but was about people and close business relations.

"India's connection to Russia's Far East go back a long way. India was the first country to open a Consulate in Vladivostok," he said. "For the development of Far East, India will give line of credit worth USD 1 billion. My government has actively engaged East Asia as part of its 'Act East' policy. I firmly believe that today's announcement will add a new dimension to the economic diplomacy of the two countries," Modi said at a packed house here.

The Prime Minister, in the presence of Russian President Vladimir Putin, also unveiled the "Act Far East" policy to boost India's engagement with Russia's Far East region. "Let us deepen the bond between India and Russia even further. India is proud of the achievements of the Indian diaspora. I am sure here in the Russian Far East too the Indian diaspora will make an active contribution towards the region's progress," Modi said.

"India is a proud and active participant in the various activities of the Eastern Economic Forum. Participation has come from top levels of government and industry," he said.

Indian firms have invested over USD 7 billion in taking stake in Russian oil and gas fields. India ventured into Russia when its flagship overseas firm ONGC Videsh in 2001 acquired a 20 per cent stake in Sakhalin-1 oil and gas field in Far East Russia.

OVL later bought Imperial Energy, which has fields in Siberia, as also stakes in Vankor oilfield in eastern Siberia. IOC and its partners have picked up 29.9 per cent stake in a separate Taas Yuryakh oilfield in East Siberia.

Russian oil firm Rosneft in 2017 bought Essar Oil, which operates in Vadinar oil refinery in Gujarat and some 5,500 petrol pumps, for USD 12.9 billion.

Modi appreciated the vision of Putin for the welfare for Russia's Far East, saying the President has opened up investment opportunities for India in the region. "By declaring the development of the Russian Far East a 'national priority for the 21st century', President Putin has taken a holistic approach towards improving everything ranging from economy, education, health to sports, culture or communication," he said.

Prime Minister Modi also emphasised on India's commitment to become a five trillion dollar economy by 2024. Modi, who arrived in Russia on a two-day visit on Wednesday, is the first Indian prime minister to visit to the Russian Far East Region.

He arrived here to participate in the 20th India-Russia annual summit with President Putin and the fifth meeting of the Eastern Economic Forum (EEF).

The forum focuses on development of business and investment opportunities in the Russian Far East Region, and presents enormous potential for developing close and mutually beneficial cooperation between India and Russia in the region.

(With inputs from PTI)



 
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Protest Against Uttarakhand Chardham Shrine Board
श्राइन बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहित, कहा विश्वास में लिए बिना सदन में नहीं आना चाहिए विधेयक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 30 Nov 2019 11:59 PM IST

संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक

संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक - फोटो : फाइल फोटो


खास बातें
  • संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक से मिला तीर्थ पुरोहितों का प्रतिनिधिमंडल
  • कौशिक ने सीएम से बात करने का आश्वासन दिया, सुझाव देने को भी कहा
  • विधानसभा घेराव और सीएम आवास कूच की तैयारी शुरू की पुरोहितों ने
  • चारों धामों के पुरोहित परिवारों और पंचायतों को देहरादून पहुंचने को कहा

श्राइन बोर्ड के विरोध में मुखर तीर्थ पुरोहितों ने शनिवार को संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक से साफ कहा कि श्राइन बोर्ड विधेयक को किसी भी कीमत पर विधानसभा में पेश होने नहीं दिया जाए। विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए तीर्थ पुरोहितों ने अब चारों धामों के पुरोहित परिवारों और समर्थकों को देहरादून पहुंचने के लिए भी कह दिया है। शनिवार को ही आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए कोर कमेटी का गठन भी कर दिया गया।

कोर कमेटी के संयोजक सुरेश सेमवाल के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक से उनके यमुना कालोनी आवास पर मिला। सेमवाल के मुताबिक संसदीय कार्यमंत्री को यह साफ बता दिया गया है कि श्राइन बोर्ड विधेयक को किसी भी कीमत पर विधानसभा में पेश नहीं किया जाए।

सदन में यह विधेयक तीर्थ पुरोहितों को विश्वास में लिए बिना नहीं रखा जाना चाहिए। मदन कौशिक ने तीर्थ पुरोहितों को मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया और कहा कि पुरोहित अपने सुझाव सरकार को दे सकते हैं। सेमवाल के मुताबिक पुरोहितों ने सुझाव देने से साफ मना कर दिया है।

इसी के साथ तीन दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास और चार दिसंबर को विधानसभा घेराव के लिए चारो धामों के पुरोहित परिवारों और अन्य समर्थकों को देहरादून पहुंचने को भी कहा गया है। देवभूमि तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी के मुताबिक चारों धामों में 25 हजार से अधिक परिवार तो सिर्फ तीर्थ पुरोहितों के ही हैं। सिर्फ बदरीनाथ में ही हकदारों की 33 से अधिक पंचायतें हैं।

चारों धामों की अपनी अलग-अलग मान्यताएं, एक एक्ट कैसे

महामंत्री हरीश डिमरी के मुताबिक चारों धामों की अपनी विशिष्ट पूजा पद्धतियां हैं। धार्मिक से लेकर अन्य मान्यताओं में भी अंतर है। एक ही अधिनियम से इन चारों धामों का संचालन कैसे किया जा सकता है। बड़ी बात यह है कि सरकार ने पुरोहितों को विश्वास में लिए बिना ही यह विधेयक लाने का फैसला किया है। सरकार पहले श्राइन बोर्ड को लेकर सबकी सहमति ले।

कोर कमेटी का गठन, सुरेश सेमवाल संयोजक

आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए महापंचायत ने सुरेश सेमवाल को संयोजक बनाते हुए कोर कमेटी का गठन कर दिया है। कोर कमेटी मेें विनोद शुक्ला, कृष्णकांत कोठियाल, हरीश डिमरी, लक्ष्मी नारायण जुगरान, संजीव सेमवाल, जगमोहन उनियाल, कृतेश्वर उनियाल, बृजेश सती, रविंद्र सेमवाल, उमेश सती आदि को शामिल किया गया है।

उक्रांद ने किया चारधाम श्राइन बोर्ड के गठन का विरोध
उत्तराखंड क्रांति दल ने चारधाम श्राइन बोर्ड के गठन का विरोध करते हुए इसके खिलाफ चार दिसंबर को प्रदेश भर में धरने का एलान किया है। वहीं इस दिन दल के केंद्रीय संरक्षक त्रिवेंद्र पंवार भराड़ीसैंण में 24 घंटे के उपवास पर बैठेंगे। दल के केंद्रीय संरक्षक ने शनिवार को दल के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से वार्ता में कहा कि उत्तराखंड में तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूकों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। सरकार श्राइन बोर्ड को खत्म करे।

दल के केंद्रीय संरक्षक ने कहा कि सरकार पंडा पुरोहितों के हक हकूकधारियों और अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकार ने पहाड़ के मंदिरों को इसमें शामिल किया है। जबकि नीलकंठ और मंसा देवी मंदिर को इससे अलग रखा गया है। मीडिया से वार्ता के दौरान दल के केंद्रीय संरक्षक भाजपा और कांग्रेस दोनों पर जमकर बरसे।

उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस सत्ता में रही तब तक गैरसैंण उसके लिए गैर रहा, लेकिन विपक्ष में आते ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को गैरसैंण अपुणसैंण नजर आने लगा है। ठीक यही स्थिति भाजपा की है।

भाजपा गैरसैंण को लेकर कई दावे करती रही है, लेकिन वर्तमान में उसकी ओर से किए गए सभी दावे भुला दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन दलों के लिए गैरसैंण मात्र एक राजनीतिक मुद्दा है। गैरसैंण में अधिक ठंड लगने की बात पर उन्होंने कहा कि इस तरह के लोग उत्तराखंड की राजनीति से सन्यास लें।


श्राइन बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहित, कहा विश्वास में लिए बिना सदन में नहीं आना चाहिए विधेयक
 

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ट्रेन में चाय, नाश्ता और खाना हो रहा महंगा
लाखों रेल यात्रियों के लिए ये खबर किसी झटके से कम नहीं है। अब ट्रेनों में चाय और खाना महंगा होने जा रहा है। यानी ट्रेन में चाय और भोजन के लिए अब आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। इस संदर्भ में रेलवे बोर्ड में पर्यटन एवं खान-पान विभाग के निदेशक की तरफ से सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। सर्कुलर के मुताबिक, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में चाय, नाश्ता और खाना महंगा होने जा रहा है। बता दें कि इन ट्रेनों की टिकट लेते वक्त ही चाय, नाश्ते और खाने का पैसा देना होता है। साथ ही दूसरी ट्रेनों के यात्रियों को भी महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। नया मेन्यू और शुल्क दिसंबर में अपडेट हो जाएगा।






 
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