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*Jay Hind mittro kaise ho aap sabhi log my new video Delhi to Morni hills EP- 3 can you please support subscribe my channel like and share*
 

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NDTV: Rare Orchid Found For The First Time In Uttarakhand.




 

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This video series shot during 30 days of our continuous travel of 5000 km on treacherous roads of interior Kashmir, Leh Ladakh scaling Umling-La, Lahaul & Spiti is presented to keen travellers to get first hand information and details of the terrain & natives.
Stay Tuned.
The vlog is second part of my 4th day adventure travel to Kashmir viz, 'Roads Less Travelled'. Leaving TRC Guest House, Gurez Kashmir on 19 September at 9.30 AM we reached Sheikhpora, Tulail by 11.00AM. Had a village walk, interviewed people, studied their life style and cooked our food, too. This is a small beautiful hamlet having 20 houses only. The houses are constructed by using logs locked with each other having no nails.
We ventured the 'Roads Less Travelled' of Interior Kashmir, Leh Ladakh, Lahaul Spiti including the highest motorable road of the world- Umling La at the altitude of 19,300 feet. World's second highest observatory at Hanle was also visited.
Please Like, Subscribe and share our youtube channel, Mission KABERI, that's much to motivate me to present more raw adventure and information about unexplored terrain of India.
Hemant Kumar Uppal
 

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पहाड़ पर चढ़ने के बाद हमें थकावट महसूस क्यों नहीं होती है






पहाड़ पर चढ़ने के बाद हमें थकावट महसूस क्यों नहीं होती है - INTERESTING SCIENCE IN HINDI
पहाड़ पर चढ़ने के बाद हमें थकावट महसूस क्यों नहीं होती है - INTERESTING SCIENCE IN HINDI


Bhopal Samachar September 11, 2020
Why do we not feel tired after climbing the mountain



जब भी पहाड़ पर चढ़ने की बात हो हमारे दिमाग में सबसे पहले हिमालय का ही नाम आता है। पहाड़ पर चढ़ना अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है परंतु पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के विरुद्ध ऊंचाई पर चढ़ना आसान नहीं है। इसके लिए विषय प्रकार की ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है।


ऊंचाई पर जाने पर मानव शरीर में क्या बदलाव होते हैं
• जैसे-जैसे हम ऊंचाई पर जाते हैं दाब (Pressure) कम होता जाता है, जबकि हमारे शरीर का दाब वही रहता है। इस कारण कई बार नाक से खून भी बाहर आने लगता है।
• ऊंचाई पर जाने पर ऑक्सीजन की मात्रा में भी कमी हो जाती है, जिसे Hypoxia कहा जाता है जिसके कारण हमें अवायुवीय श्वसन (Anerobic respiration) करना पड़ता है।
• जिसके कारण हमारी पेशियों या (muscles) में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है।
• लैक्टिक एसिड या लेक्टेट अवायुवीय श्वसन का एक रासायनिक सहउत्पाद (byproduct) है।
• लैक्टिक एसिड का इस प्रकार पेशियों में इकट्ठा हो जाना मसल स्पैम्स (muscle spasms )या मसल क्रैंप्स ( muscle cramps) कहलाता है।

पहाड़ चढ़ते समय थकान महसूस क्यों होती है
ऊंचाई पर जाने पर जब हमें सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की कम मात्रा उपलब्ध होती है। इस कारण हमें कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। जिन्हें सम्मिलित रूप से माउंटेन सिकनेस या altitude sickness कहा जाता है। इसके कारण कई प्रकार की समस्याएं जैसे सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ ,चक्कर आना, उल्टी होना आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

क्योंकि पहाड़ पर चढ़ना भी एक कठिन शारीरिक व्यायाम है (Heavy physical exercise) है जिसके लिए हमारी पेशियों (Muscles) को अत्यधिक कार्य करना पड़ता है। इस कार्य को करने के लिए हमारी पेशियों को 70 से 80% ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और चूँकि ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी होती है। इसके कारण पेशियों में थकान (muscle fatigue) उत्पन्न हो जाती है)।

पहाड़ पर चढ़ने के बाद थकान क्यों नहीं होती
चूँकि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है तथा RBC की संख्या बढ़ जाती है। जब हम चढ़ाई पूरी करके अपने लक्ष्य पर पहुंच जाते हैं तब तक हमारा शरीर उपलब्ध ऑक्सीजन के लिए कंफर्टेबल हो चुका होता है और मसल्स को भी चढ़ते-चढ़ते अपने आप को उस परिस्थिति के अनुकूल बनाने की आदत हो जाती है, इसे muscle learning कहा जाता है। इसलिए हमें रिलैक्स फील होता है।

पहले की रिसर्च मै ऐसा माना जाता था की लैक्टिक एसिड पेशियों मे जमा होकर थकान उत्पन्न करता है परंतु अब हुई नई साइंटिफिक रिसर्च के अनुसार लैक्टिक एसिड, बैड बॉय की तरह नहीं बल्कि गुड बॉय की तरह भूमिका निभाता है और मसल्स में जमा होकर, टूट जाता है और उन्हें ऊर्जा प्रदान करता है। इसी कारण पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिल जाने के कारण पहाड़ों पर चढ़ने के बाद थकान महसूस नहीं होती।


लेखिका श्रीमती शैली शर्मा मध्यप्रदेश के विदिशा में साइंस की टीचर हैं।


#INTERESTINGSCIENCE

 
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